अयोध्या:—- *बीकापुर की 2 ग्राम पंचायतों में आयोजित हुई ग्राम चौपाल।*
अयोध्या:—-
*बीकापुर की 2 ग्राम पंचायतों में आयोजित हुई ग्राम चौपाल।*
मनोज तिवारी ब्यूरो चीफ अयोध्या
बीकापुर विकासखंड क्षेत्र के लुत्फाबाद बछौली और गुन्नधौर ग्राम पंचायत के पंचायत भवन पर ग्राम विकास विभाग द्वारा ग्राम चौपाल का आयोजन किया गया। शासन के प्राथमिकता में शामिल ग्राम चौपाल के दौरान कुछ विभागों की उदासीनता देखने को मिली। राजस्व विभाग, पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कर्मचारी ग्राम चौपाल से नदारद रहे। आयोजित की गई ग्राम चौपाल में ग्राम पंचायत में कराए गए विकास कार्यों का सत्यापन किया गया। जरूरतमंदों को मिल रहे जन कल्याणकारी योजनाओं की भी समीक्षा की गई। मनरेगा योजना के अंतर्गत कराए गए कार्यों का भी सत्यापन किया। 15 वे वित्त के कार्यों का भी लेखा जोखा प्रस्तुत किया गया। राज्य आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूह के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार उपलब्ध कराने, निशुल्क बोरिंग, वृद्धा, विकलांग, विधवा पेंशन, प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री आवास, किसान सम्मान निधि, शौचालय निर्माण, पेयजल के लिए हैंडपंप सहित गांव में चल रही अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की गई। ग्राम प्रधान लवकुश यादव द्वारा जल जीवन मिशन योजना के अंतर्गत हर घर नल योजना में कार्यदाई संस्था के ठेकेदारों द्वारा गांव में पाइप डालने के लिए संपर्क मार्गों की खुदाई करके क्षतिग्रस्त करने का मुद्दा उठाया गया। और बताया गया कि ठेकेदार आधा अधूरा कार्य छोड़कर चले जाते हैं जिससे लोगों को आवागमन में काफी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। ग्रामीणों द्वारा गांव की जन समस्याओं को भी नोट कराया गया। जिसे दूर करने का अधिकारियों द्वारा आश्वासन दिया गया। ग्राम चौपाल में एडीओ पंचायत अजय तिवारी, अवनीश शुक्ला, प्रधान लवकुश यादव, सीमा वर्मा, ग्राम पंचायत अधिकारी जयप्रकाश वर्मा, भीम सिंह रौनक, राजाराम वर्मा, परिषदीय स्कूल के शिक्षक अनूप दिवेदी, प्रधानाध्यापक सुरेश कुमार, रोजगार सेवक फूलचंद, पंचायत सहायक, आंगनबाड़ी कर्मी, सफाई कर्मी आदि उपस्थित रहे।
पत्रकारिता के मूल स्वरूप और उद्देश्य को बचाना सभी की जिम्मेदारी— बलराम तिवारी तिवारी
अयोध्या:—-
*मिल्कीपुर में आयोजित किया गया पत्रकारों का सम्मान समारोह।*
*पत्रकारिता के मूल स्वरूप और उद्देश्य को बचाना सभी की जिम्मेदारी— बलराम तिवारी तिवारी।*
मनोज तिवारी ब्यूरो चीफ अयोध्या
भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महा संगठन अयोध्या के तहसील ईकाई मिल्कीपुर के पदाधिकारियों एवं सदस्यों का सम्मान समारोह एवं संगठन के राष्ट्रीय अधिवेशन को लेकर तैयारी बैठक आयोजित की गई। कार्यक्रम में मौजूद संगठन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों को राष्ट्रीय अधिवेशन को सफल बनाने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए गए। मिल्कीपुर तहसील परिसर स्थित अधिवक्ता सभागार में शनिवार को भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महा संगठन के राष्ट्रीय महासचिव एवं जिला अध्यक्ष अयोध्या बलराम तिवारी की अध्यक्षता एवं तहसील इकाई अध्यक्ष वेद प्रकाश तिवारी के नेतृत्व में सांगठनिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में मौजूद पदाधिकारियों एवं सदस्यों को संगठन का परिचय पत्र प्रदान करते हुए उन्हें अंग वस्त्र भेंट कर सम्मानित भी किया गया। बैठक को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष बलराम तिवारी ने कहा कि सभी सम्मानित पत्रकार साथी कोई ऐसा कार्य न करें, जिससे संगठन को शर्मसार होना पड़े। उन्होंने मौजूद पत्रकार साथियों को बताया कि आगामी जून माह के अंतिम सप्ताह में संगठन का राष्ट्रीय अधिवेशन अयोध्या धाम में आयोजित किया जाएगा। जिसमें सभी अपनी जिम्मेदारी समझते हुए सहयोग करें। उन्होंने ऐलान किया कि मिल्कीपुर तहसील मुख्यालय पर जब भी जिस भी महीने में जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाला संपूर्ण समाधान दिवस आयोजित होगा, उसी दिन तहसील इकाई की बैठक आयोजित होगी।जिसमें सभी सदस्यों का उपस्थित होना अनिवार्य होगा। बैठक को संगठन के प्रदेश संयुक्त सचिव नरसिंह, प्रदेश कार्यकारिणी प्रचार मंत्री राजेश उपाध्याय, मंडल सचिव दिनेश जायसवाल, जिला महासचिव रमानिवास पांडे, तहसील अध्यक्ष वेद प्रकाश तिवारी, महेंद्र तिवारी, सत्यनारायण तिवारी एवं शिव कुमार पाण्डेय सहित मौजूद लोगों ने भी संबोधित किया। बैठक में प्रमुख रूप से विजय पाठक, रामेंद्र भूषण पांडे, राहुल कुमार, दुर्गेश मिश्रा, अशोक कुमार मिश्रा, उमाशंकर तिवारी, एम हसन, रवि शुक्ला, मनोज मिश्रा, बृजेश उपाध्याय, मंसाराम, धर्मेंद्र तिवारी, बृजेश मिश्रा, विजय, डॉ अनिल तिवारी, रामबाबू तिवारी, मोहम्मद इरफान, दिनेश कुमार गौड़, राकेश कुमार मिश्र, योगेंद्र प्रताप सिंह व रमेश कुमार मिश्रा सहित दर्जनों पत्रकार मौजूद रहे।
Black Money : सरकारी दफ्तर की अलमारी से बरामद हुए 2000-500 के करोड़ों के नोट
Black Money : सरकारी दफ्तर की अलमारी से बरामद हुए 2000-500 के करोड़ों के नोट
Black Money : बताया जा रहा है कि अलमारी से 2 करोड़ 31 लाख 49 हजार 500 रुपये नकद, एक किलो सोने के बिस्किट बरामद हुए हैं.ये सभी नोट 2000 और 500 रुपये के हैं. इस संबंध में जांच चल रही है। शक के आधार पर 7-8 लोगों से पूछताछ की जा रही है।
2000 Rs Note : देश में शुक्रवार को 2 हजार के नोटों को बंद करने का फैसला आया, उसी दिन राजस्थान की राजधानी जयपुर के एक सरकारी डिपार्टमेंट के बेसमेंट में रखी एक अलमारी से कुबेर का खजाना निकल आया. योजना भवन के सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DOIT) में भारी मात्रा में नकदी बरामद हुई है. इस मामले को लेकर शुक्रवार रात प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई गई, जिसमें जयपुर पुलिस कमिश्नर आनंद श्रीवास्तव ने कहा कि बरामद राशि का कोई मालिक सामने नहीं आया है.
बताया जा रहा है कि अलमारी से 2 करोड़ 31 लाख 49 हजार 500 रुपये की नकदी, एक किलो सोना का एक बिस्किट बरामद हुआ है.ये सारे नोट 2000 और 500 रुपये के हैं. इस मामले की जांच जारी है. 7-8 लोगों को संदेह के आधार पर पकड़कर पूछताछ की जा रही है.
प्रशासन में मच गया हड़कंप
DOIT के UID विभाग के बेसमेंट में मिली नकदी नई मुद्रा नहीं है बल्कि ये सभी इस्तेमाल किए हुए नोट हैं. दरअसल पुलिस को विभाग के ही एक अधिकारी ने अलमारी की रखी नकदी और सोने के बिस्किट की सूचना दी थी. जैसे ही योजना भवन के बेसमेंट में करोड़ों रुपये की नकदी मिलने की बात सामने आई तो प्रशासन व पुलिस में हड़कंप मच गया. जिस अलमारी में करोड़ों रुपये मिले हैं, वह फाइलों के डिजिटलीकरण के काम को लेकर कई दिनों से बंद थी.
मामले का खुलासा होने के बाद मुख्य सचिव उषा शर्मा, डीजीपी उमेश मिश्रा, एडीजी क्राइम दिनेश एमएन और जयपुर पुलिस कमिश्नर आनंद श्रीवास्तव ने शॉर्ट नोटिस पर प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई और पूरे मामले की जानकारी दी. पुलिस कमिश्नर ने जानकारी देते हुए कहा कि योजना भवन के DOIT डिपार्टमेंट के बेसमेंट से यह राशि बरामद हुई है. आधार कार्ड का कामकाज देखने वाले यूआईडी विभाग की अलमारी में यह रकम रखी हुई थी.
लैपटॉप बैग और ट्रॉली वाले सूटकेस से यह पैसा और सोना निकला है, जो 500 और 2000 रुपये की शक्ल में है.इसके अलावा सोने का बिस्किट भी मिला है. अब इस रकम और अलमारी के जिम्मेदारी लेने को कोई तैयार नहीं है.
कई दिनों से नहीं मिल रही थी चाबी
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि योजना भवन में फाइलों को स्कैन कर डिजिटल करने का काम चल रहा है. इसी के तहत डीओआईटी के यूआईटी विभाग की फाइल भी स्कैन होनी थी. सैकड़ों अलमारियों में रखी फाइलों को स्कैन करने का काम किया जा चुका है. लेकिन UID विभाग के बेसेमेंट में रखी दो अलमारियों की चाबी कई दिनों से नहीं मिल रही थी. इस कारण इनमें रखी फाइलें स्कैन नहीं हो सकी थी.
इसी के चलते तकनीकी विशेषज्ञों को बुलाकर अलमारियों को खुलवाया गया तो इनमें से एक अलमारी से फाइलें निकलीं जबकि दूसरी अलमारी से सिर्फ एक लैपटॉप बैग व एक ट्रॉली सूटकेस निकला. जब इनको खोलकर देखा गया तो इसमें से नकदी व सोना निकला. इसको देखते ही कर्मचारियों के हाथ-पैर फूल गए. इसके बाद DOIT में तैनात एडिशनल डायरेक्टर महेश गुप्ता ने पहले मुख्य सचिव को मामले के बारे में बताया फिर पुलिस को जानकारी दी.
पुलिस अब पूरे मामले की जांच में जुट गई है.
7-8 लोगों से पूछताछ जारी
श्रीवास्तव ने बताया कि इस मामले में कौन लोग शामिल हैं, अभी इसका खुलासा नहीं हो सका है. मामले की जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की गई है जो मालूम करेगी कि ये पैसा किसका था. हालांकि अभी तक इस पैसे की जिम्मेदारी किसी ने नहीं ली है. हालांकि पुलिस 7 से 8 कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है और यहां लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है.
पुलिस इस पहलू पर जांच कर रही है कि किस कर्मचारी की पहुंच यहां तक थी और कौन लोग इसके मेंटेनेंस और चाबी रखने की जिम्मेदारी संभालते थे. मामले में किसी बड़े अधिकारी का हाथ भी हो सकता है, पुलिस इस पहलू को भी ध्यान में रखकर भी जांच कर रही है.

