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सांसद कार्यालय पर हुआ डिजिटल जनगणना जागरूकता कार्यक्रम

सिद्धार्थनगर। देश की 16वीं जनगणना को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। पहली बार पूरी तरह डिजिटल माध्यम से होने जा रही जनगणना को लेकर सिद्धार्थनगर में जागरूकता अभियान शुरू कर दिया गया है। इसी क्रम में डुमरियागंज सांसद जगदंबिका पाल के सिद्धार्थनगर मुख्यालय स्थित आवास एवं कार्यालय पर स्वयं जनगणना जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

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कार्यक्रम में उप जिलाधिकारी सदर कल्याण सिंह मौर्य, जिला जनगणना अधिकारी नागेंद्र यादव तथा नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर के अधिशासी अधिकारी अजय कुमार सिंह की मौजूदगी में सांसद जगदंबिका पाल ने अपने परिवार का पूरा विवरण डिजिटल माध्यम से दर्ज कराया तथा जनगणना आईडी प्राप्त की।

इस अवसर पर सांसद ने कहा कि कोविड महामारी के बाद लगभग 15 वर्षों के अंतराल पर देश में जनगणना प्रक्रिया प्रारंभ हो रही है। उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि अधिक से अधिक लोग स्वयं अपने मोबाइल फोन के माध्यम से पंजीकरण कर इस राष्ट्रीय अभियान को सफल बनाएं। उन्होंने कहा कि यह देश की पहली पूर्ण डिजिटल जनगणना होगी और आगामी चरणों में जातिगत आंकड़ों का भी समावेश किया जाएगा।

अधिकारियों ने जानकारी दी कि भारत की 16वीं जनगणना का पहला चरण 1 अप्रैल 2026 से शुरू होकर सितंबर 2026 तक चलेगा। यह प्रक्रिया दो चरणों—हाउस लिस्टिंग एवं जनगणना—में संपन्न होगी। डिजिटल व्यवस्था के माध्यम से आंकड़ों का संग्रहण अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से किया जाएगा।

कार्यक्रम में सांसद प्रतिनिधि एसपी अग्रवाल, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष जाहिर सिद्दीकी, सभासद अखंड प्रताप सिंह, रिंकू पाल सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

सांसद जगदंबिका पाल की पहल से तराई क्षेत्र को बड़ी रेल सौगात

नई अमृत भारत रेल सेवा सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मिली रफ्तार, क्षेत्र में खुशी की लहर

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डुमरियागंज/सिद्धार्थनगर।

डुमरियागंज सांसद  जगदंबिका पाल ने अपने आवास कार्यालय पर आयोजित पत्रकार वार्ता में सिद्धार्थनगर समेत पूरे तराई क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं और नई रेल सेवाओं की जानकारी देकर क्षेत्रवासियों को बड़ी सौगात दी। सांसद ने कहा कि क्षेत्र के विकास और जनसुविधाओं को लेकर लगातार किए जा रहे प्रयासों का सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगा है।

सांसद ने बताया कि दिल्ली से गोरखपुर होते हुए सिद्धार्थनगर, बलरामपुर और गोंडा मार्ग पर नई अमृत भारत रेल सेवा के संचालन को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। इस नई रेल सेवा के शुरू होने से सिद्धार्थनगर सहित आसपास के जिलों के यात्रियों को राजधानी तक बेहतर और सुगम यात्रा सुविधा मिल सकेगी।

इसके साथ ही गोरखपुर नकहा जंगल से बढ़नी होते हुए लखनऊ तक नई यात्री रेल सेवा के संचालन को भी मंजूरी मिल गई है। सांसद ने कहा कि इससे प्रतिदिन यात्रा करने वाले छात्रों, व्यापारियों, कर्मचारियों और आम यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।

पत्रकार वार्ता के दौरान सांसद जगदंबिका पाल ने केंद्रीय रेल मंत्री  अश्विनी वैष्णव द्वारा भेजे गए पत्रों को सार्वजनिक करते हुए बताया कि बहुप्रतीक्षित बहराइच-श्रावस्ती-बलरामपुर-खलीलाबाद नई रेल लाइन परियोजना पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि परियोजना के लिए लगभग पचास प्रतिशत भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है तथा वन भूमि से संबंधित आवश्यक कार्रवाई भी अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।

सांसद ने कहा कि यह परियोजना आने वाले समय में पूरे तराई क्षेत्र के विकास की नई आधारशिला साबित होगी तथा रोजगार, व्यापार और आवागमन को नई गति मिलेगी।

उन्होंने यह भी बताया कि कानपुर से गोरखपुर चलने वाली चौरी-चौरा रेल सेवा को बढ़नी तक विस्तारित करने तथा गोरखपुर से आनंद विहार चलने वाली हमसफर रेल सेवा का प्रतिदिन संचालन शुरू कराने की मांग पर रेलवे स्तर पर परीक्षण प्रक्रिया जारी है। परीक्षण पूर्ण होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि जनता की हर मांग को गंभीरता से केंद्र सरकार तक पहुंचाया जा रहा है और क्षेत्र के विकास के लिए लगातार प्रयास जारी रहेंगे।

इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य, फतेह बहादुर सिंह सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। पत्रकार वार्ता के दौरान क्षेत्र में रेल विकास को लेकर उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिला।

बांसी तहसील में गरजी आजाद अधिकार सेना, गैस संकट और बढ़ती कीमतों पर सरकार से मांगा जवाब

सिद्धार्थनगर जिले की बांसी तहसील में आजाद अधिकार सेना ने जिलाध्यक्ष उपेन्द्र चतुर्वेदी के नेतृत्व में जोरदार जनजागरूकता अभियान चलाते हुए रसोई गैस संकट को लेकर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की। संगठन ने उपजिलाधिकारी बांसी के माध्यम से भारत की राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर गैस आपूर्ति व्यवस्था में सुधार और बढ़ती कीमतों पर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया कि देश में रसोई गैस की भारी कमी, लंबी वेटिंग, कालाबाजारी और आपूर्ति बाधित होने से आम नागरिक परेशान हैं। कई क्षेत्रों में गैस सिलेंडर समय से नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिससे लोगों में असुरक्षा और अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन रही है।
संगठन ने आरोप लगाया कि मई 2026 में 19 किलो के कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में 933 रुपये और 5 किलो वाले छोटे सिलेंडर में 261 रुपये की बढ़ोतरी ने छोटे व्यापारियों और गरीब परिवारों की कमर तोड़ दी है।
आजाद अधिकार सेना ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि खराब योजना, दूरदर्शिता की कमी, बफर स्टॉक का अभाव और पारदर्शिता में कमी के कारण यह संकट और गहरा हुआ है।
संगठन ने मांग की कि केंद्र सरकार तत्काल श्वेत पत्र जारी करे, सर्वदलीय समिति का गठन करे, गैस आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए और कालाबाजारी पर कड़ी कार्रवाई करे। साथ ही रसोई गैस की कीमतों में आगे बढ़ोतरी रोकने की मांग भी उठाई गई।
कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि आम जनता की समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री द्वारा शिक्षामित्रों को बढ़े मानदेय का चेक वितरण का सिद्धार्थनगर में लाइव प्रसारण

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गोरखपुर से शिक्षामित्रों के सम्मान एवं बढ़े हुए मानदेय वितरण कार्यक्रम का लाइव प्रसारण सिद्धार्थनगर के लोहिया कला भवन में देखा गया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में हुआ कार्यक्रम

कार्यक्रम में सांसद जगदम्बिका पाल, विधायक जय प्रताप सिंह, श्यामधनी राही, विनय वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्या, जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन और मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह मौजूद रहे।

सभी अतिथियों ने सरस्वती प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

शिक्षामित्रों के मानदेय में ऐतिहासिक वृद्धि

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में बताया कि पहले शिक्षामित्रों को ₹3500 मानदेय मिलता था, जिसे पहले बढ़ाकर ₹10,000 किया गया और अब ₹8000 की बढ़ोतरी के साथ ₹18,000 प्रति माह कर दिया गया है। यह बढ़ा हुआ मानदेय 1 अप्रैल से लागू कर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के करीब 1.43 लाख शिक्षामित्रों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

महिला शिक्षामित्रों को मिलेगी नजदीकी तैनाती

मुख्यमंत्री ने महिला शिक्षामित्रों के लिए राहत की बात करते हुए कहा कि उन्हें उनके घर के नजदीक विद्यालयों में तैनाती देने की दिशा में सरकार काम कर रही है। इससे उनकी कार्यक्षमता और सुविधा दोनों बढ़ेगी।

गुणवत्तापूर्ण और डिजिटल शिक्षा पर जोर

मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से अपील की कि वे सकारात्मक सोच के साथ बच्चों को डिजिटल और तकनीकी शिक्षा दें। उन्होंने कहा कि अभिभावक अपने बच्चों को विश्वास के साथ स्कूल भेजते हैं, इसलिए शिक्षकों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।

स्कूल चलो अभियान’ से ड्रॉपआउट खत्म करने का लक्ष्य

प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘स्कूल चलो अभियान’ के तहत ड्रॉपआउट बच्चों को फिर से शिक्षा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।

विद्यालयों में सुविधाओं का विस्तार

सरकार द्वारा बेसिक शिक्षा के स्कूलों में स्मार्ट क्लास, फर्नीचर, पेयजल, शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही 1.60 करोड़ बच्चों को यूनिफॉर्म, किताबें, जूते-मोजे और बैग दिए जा रहे हैं, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ कम हो।

जनप्रतिनिधियों ने दी शुभकामनाएं

सांसद जगदम्बिका पाल ने कहा कि शिक्षामित्र शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ हैं और उन्हें पूरी निष्ठा से कार्य करना चाहिए।

विधायक जय प्रताप सिंह ने कहा कि शिक्षामित्रों की भूमिका ग्रामीण शिक्षा में बेहद महत्वपूर्ण है।

अन्य विधायकों ने भी इस निर्णय को सराहनीय बताते हुए शिक्षामित्रों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने की अपील की।

प्रतीकात्मक चेक वितरण और सांस्कृतिक कार्यक्रम

कार्यक्रम के दौरान 10 शिक्षामित्रों को बढ़े हुए मानदेय का प्रतीकात्मक चेक वितरित किया गया।

बेसिक शिक्षा विभाग के बच्चों ने सरस्वती वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम को सांस्कृतिक रंग दिया।

अधिकारियों का संदेश

जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने शिक्षकों से समय पर विद्यालय पहुंचने और एआई जैसी नई तकनीकों की जानकारी बच्चों को देने की अपील की। उन्होंने सभी शिक्षामित्रों को बधाई दी।

कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित

इस दौरान सांसद प्रतिनिधि एस.पी. अग्रवाल, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेष कुमार, खंड शिक्षा अधिकारी, शिक्षामित्र एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री द्वारा शिक्षामित्रों को बढ़े मानदेय का चेक वितरण का सिद्धार्थनगर में लाइव प्रसारण

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गोरखपुर से शिक्षामित्रों के सम्मान एवं बढ़े हुए मानदेय वितरण कार्यक्रम का लाइव प्रसारण सिद्धार्थनगर के लोहिया कला भवन में देखा गया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में हुआ कार्यक्रम

कार्यक्रम में सांसद जगदम्बिका पाल, विधायक जय प्रताप सिंह, श्यामधनी राही, विनय वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्या, जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन और मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह मौजूद रहे।

सभी अतिथियों ने सरस्वती प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

शिक्षामित्रों के मानदेय में ऐतिहासिक वृद्धि

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में बताया कि पहले शिक्षामित्रों को ₹3500 मानदेय मिलता था, जिसे पहले बढ़ाकर ₹10,000 किया गया और अब ₹8000 की बढ़ोतरी के साथ ₹18,000 प्रति माह कर दिया गया है। यह बढ़ा हुआ मानदेय 1 अप्रैल से लागू कर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के करीब 1.43 लाख शिक्षामित्रों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

महिला शिक्षामित्रों को मिलेगी नजदीकी तैनाती

मुख्यमंत्री ने महिला शिक्षामित्रों के लिए राहत की बात करते हुए कहा कि उन्हें उनके घर के नजदीक विद्यालयों में तैनाती देने की दिशा में सरकार काम कर रही है। इससे उनकी कार्यक्षमता और सुविधा दोनों बढ़ेगी।

गुणवत्तापूर्ण और डिजिटल शिक्षा पर जोर

मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से अपील की कि वे सकारात्मक सोच के साथ बच्चों को डिजिटल और तकनीकी शिक्षा दें। उन्होंने कहा कि अभिभावक अपने बच्चों को विश्वास के साथ स्कूल भेजते हैं, इसलिए शिक्षकों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।

स्कूल चलो अभियान’ से ड्रॉपआउट खत्म करने का लक्ष्य

प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘स्कूल चलो अभियान’ के तहत ड्रॉपआउट बच्चों को फिर से शिक्षा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।

विद्यालयों में सुविधाओं का विस्तार

सरकार द्वारा बेसिक शिक्षा के स्कूलों में स्मार्ट क्लास, फर्नीचर, पेयजल, शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही 1.60 करोड़ बच्चों को यूनिफॉर्म, किताबें, जूते-मोजे और बैग दिए जा रहे हैं, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ कम हो।

जनप्रतिनिधियों ने दी शुभकामनाएं

सांसद जगदम्बिका पाल ने कहा कि शिक्षामित्र शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ हैं और उन्हें पूरी निष्ठा से कार्य करना चाहिए।

विधायक जय प्रताप सिंह ने कहा कि शिक्षामित्रों की भूमिका ग्रामीण शिक्षा में बेहद महत्वपूर्ण है।

अन्य विधायकों ने भी इस निर्णय को सराहनीय बताते हुए शिक्षामित्रों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने की अपील की।

प्रतीकात्मक चेक वितरण और सांस्कृतिक कार्यक्रम

कार्यक्रम के दौरान 10 शिक्षामित्रों को बढ़े हुए मानदेय का प्रतीकात्मक चेक वितरित किया गया।

बेसिक शिक्षा विभाग के बच्चों ने सरस्वती वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम को सांस्कृतिक रंग दिया।

अधिकारियों का संदेश

जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने शिक्षकों से समय पर विद्यालय पहुंचने और एआई जैसी नई तकनीकों की जानकारी बच्चों को देने की अपील की। उन्होंने सभी शिक्षामित्रों को बधाई दी।

कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित

इस दौरान सांसद प्रतिनिधि एस.पी. अग्रवाल, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेष कुमार, खंड शिक्षा अधिकारी, शिक्षामित्र एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

जमीनी विवाद में मौत के बाद सियासत तेज, पीड़ित परिवार से मिले भाजपा नेता—दोषियों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा

सिद्धार्थनगर। जिले के लोटन विकास खंड के कोल्हुआ गांव में जमीनी विवाद में हुई युवक संदीप यादव की मौत के बाद अब सियासी हलचल तेज हो गई है। रविवार सुबह करीब 10 बजे कपिलवस्तु विधायक श्यामधनी राही, नगर पालिका अध्यक्ष गोविंद माधव, भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्या और विधायक प्रतिनिधि सत्य प्रकाश राही पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे।
नेताओं ने मृतक के पिता भोला यादव और परिजनों को ढांढस बंधाते हुए हर संभव मदद का भरोसा दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और मामले में निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
इस दौरान यह भी सामने आया कि घटना में मृतक की मां और बहन भी घायल हुई हैं। मौके पर मौजूद जनप्रतिनिधियों ने तत्काल डॉक्टरों की टीम बुलवाकर उनका स्वास्थ्य परीक्षण कराया और बेहतर इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया, साथ ही दवाइयों की व्यवस्था भी कराई।
नेताओं ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि बीते दो दिनों में कई राजनीतिक दलों के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन उन्होंने केवल बयानबाजी और राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास किया, जबकि घायल महिलाओं की सुध तक नहीं ली।
वहीं, मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों से आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की। इस पर नेताओं ने थाना प्रभारी हरिओम कुशवाहा को निर्देशित करते हुए टीम गठित कर जल्द कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
ग्राउंड रिएक्शन
ग्रामीणों ने भाजपा प्रतिनिधिमंडल के पहुंचने और घायल महिलाओं के इलाज की व्यवस्था कराने की सराहना की। ग्रामीणों का कहना था कि अब तक आए अन्य नेताओं ने केवल औपचारिकता निभाई, जबकि इस प्रतिनिधिमंडल ने वास्तविक स्थिति को समझने और मदद करने का प्रयास किया।
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यह रिपोर्ट स्थानीय सूत्रों और मौके पर मौजूद लोगों से प्राप्त जानकारी पर आधारित है। मामले की जांच जारी है, अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

24 घंटे में हत्या का खुलासा: 1 आरोपी गिरफ्तार, 3 बाल अपचारी अभिरक्षा में

जनपद सिद्धार्थनगर के थाना मोहाना क्षेत्र में हुई हत्या की घटना का पुलिस ने महज़ 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार करते हुए तीन बाल अपचारीगण को अभिरक्षा में लिया है। सभी के विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्यवाही पूरी कर उन्हें न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।

पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के आदेश, अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार के निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी सदर विश्वजीत सौरयान (IPS) के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी सुरेन्द्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में की गई।

बताया गया कि थाना मोहाना में दर्ज मुकदमा संख्या 63/2026, धारा 103(1)/3(5) बीएनएस से संबंधित इस प्रकरण में पुलिस टीम ने सक्रियता दिखाते हुए मोहाना पुल के पास स्थित अमरूद के बाग से आरोपी वजीर अहमद पुत्र जलाल मोहम्मद निवासी मधुबनी टोला जिगनिहवा को गिरफ्तार किया। साथ ही तीन बाल अपचारीगण को भी अभिरक्षा में लिया गया।

घटना में प्रयुक्त एक लकड़ी का टेढ़ा डंडा (आलाकत्ल) भी पुलिस ने बरामद किया है।

पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है तथा सभी तथ्यों की गहन जांच की जा रही है।


यह खबर पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस नोट के आधार पर प्रसारित की जा रही है।


मामले की अंतिम पुष्टि न्यायालय के निर्णय के अधीन होगी।

 

🚨 सिद्धार्थनगर में सनसनीखेज मामला! किशोर की संदिग्ध मौत से मचा हड़कंप 🚨

 

जनपद सिद्धार्थनगर के मोहाना थाना क्षेत्र के शिवपतिनगर टोला मोहाना चौक थाना मोहाना मार्ग पर उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक किशोर का शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ।

📍 मृतक की पहचान सगीर पुत्र कलीमुल्लाह के रूप में हुई है, जिसका शव घर से महज कुछ मीटर दूरी पर मिला।

⚠️ शव पर गंभीर चोटों के निशान – मुंह, नाक और सिर पर गहरी चोटें मिलने से मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है।

👨‍👩‍👦 परिजनों का आरोप – गांव के ही 4 युवकों पर हत्या का आरोप लगाया गया है। परिजनों का कहना है कि सगीर की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी।

❓ बड़ा सवाल – आखिर एक मासूम किशोर की जान किसने और क्यों ली?

🚔 प्रशासन से मांग – निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

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सिद्धार्थनगर में दर्दनाक हादसा: जर्जर पानी की टंकी बनी मौत का कारण, एक मासूम की जान गई

सीढ़ी टूटने से 100 फीट नीचे गिरे 3 बच्चे, 2 का इलाज जारी, 2 टंकी पर फंसे—रेस्क्यू ऑपरेशन जारी


उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले से एक बेहद दर्दनाक और चिंताजनक घटना सामने आई है, जिसने सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सदर थाना क्षेत्र स्थित कांशीराम आवास योजना के पास बनी एक पुरानी और परित्यक्त पानी की टंकी अचानक हादसे का कारण बन गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह टंकी करीब दो दशक पहले ही अनुपयोगी घोषित की जा चुकी थी, बावजूद इसके वहां पर्याप्त सुरक्षा या घेराबंदी नहीं थी।

शनिवार दोपहर, 5 बच्चे खेलते हुए टंकी पर चढ़ गए। इनमें से 2 बच्चे ऊपर पहुंच गए, जबकि 3 बच्चे जैसे ही ऊपर पहुंचने वाले थे, तभी बीच की सीढ़ी अचानक टूटकर नीचे लटक गई। इसके बाद लगभग 100 फीट की ऊंचाई से तीन बच्चे नीचे गिर पड़े।

घटना की तेज आवाज सुनकर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और तुरंत पुलिस व प्रशासन को सूचना दी। घायलों को तत्काल मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया, जहां 14 वर्षीय सिद्धार्थ को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। वहीं 13 वर्षीय गोलू और 11 वर्षीय सनी का उपचार जारी है।

इस बीच, टंकी के ऊपर फंसे 2 अन्य बच्चों को सुरक्षित नीचे उतारने के लिए राहत और बचाव दल ने मोर्चा संभाल लिया है।

घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन सक्रिय हो गया। जिलाधिकारी सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी शुरू कर दी गई। अधिकारियों के अनुसार, डिजास्टर रिस्पॉन्स टीम को भी अलर्ट कर दिया गया है और समन्वय के साथ बचाव कार्य तेज किया गया है।


क्या इस परित्यक्त और जर्जर टंकी को सुरक्षित नहीं किया जाना चाहिए था?

क्या ऐसे खतरनाक ढांचे बच्चों की पहुंच में खुले छोड़ना बड़ी लापरवाही नहीं है?


फिलहाल प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा है और पूरे मामले की जांच की बात कही जा रही है। यह घटना एक चेतावनी की तरह है कि समय रहते खतरनाक संरचनाओं को सुरक्षित करना बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके।

— FT News Digital

रोडवेज कर्मचारियों का उबाल: 9 सूत्रीय मांगों पर सरकार को अल्टीमेटम, आंदोलन होगा और तेज

 

19 सितंबर तक समाधान नहीं तो प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी, कर्मचारियों ने उठाई अपनी पीड़ा


सिद्धार्थनगर

उत्तर प्रदेश रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद की सिद्धार्थनगर डिपो शाखा के तत्वावधान में आयोजित धरना-प्रदर्शन ने कर्मचारियों की बढ़ती बेचैनी और असंतोष को खुलकर सामने ला दिया। प्रदेश स्तरीय आह्वान पर हुए इस प्रदर्शन में कर्मचारियों की एकजुटता और अपनी मांगों को लेकर गंभीरता स्पष्ट रूप से दिखाई दी।

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कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वाई पी यादव (अध्यक्ष, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तर प्रदेश) उपस्थित रहे। उनके साथ शिवाकांत पांडे (जिला मंत्री), गोविंद ओझा (वरिष्ठ उपाध्यक्ष), रत्नेश दुबे (कोषाध्यक्ष) भी मौजूद रहे, जिन्होंने कर्मचारियों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।

धरना-प्रदर्शन की अध्यक्षता दिनेश चंद्र मिश्र ने की, जबकि कार्यक्रम का संचालन अष्टभुजा पांडे (शाखा मंत्री) द्वारा किया गया।

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धरना स्थल पर वक्ताओं ने कहा कि कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित समस्याओं पर यदि समय रहते ध्यान नहीं दिया गया, तो इसका असर न केवल कर्मचारियों बल्कि परिवहन व्यवस्था पर भी पड़ सकता है। उन्होंने सरकार से अपेक्षा जताई कि कर्मचारियों के हितों को प्राथमिकता देते हुए समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं।

इस दौरान कर्मचारियों ने अपनी 9 सूत्रीय मांगों को लेकर एक विस्तृत ज्ञापन सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक विजय शंकर गंगवार को सौंपा और जल्द समाधान की मांग की।

कार्यक्रम में बृजेश पांडे (फार्मासिस्ट), विजय मिश्रा, सुरेश चंद्र, गणेश शंकर मिश्रा, गोरखनाथ पांडे, मोहम्मद अशरफ, अमित मिश्रा, दीपक गौड़ सहित अन्य कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी रही। वहीं राजकुमार यादव, रिजवान मुल्ला, मनोज सिंह, रामायण उपाध्याय, अल्लाह हुसैन, विनोद मिश्रा, लवकुश शुक्ला, जितेंद्र उपाध्याय, सत्य प्रताप सिंह समेत बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।

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धरना-प्रदर्शन में यह स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की गई कि कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर गंभीर हैं, लेकिन उन्होंने लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का रास्ता चुना है।

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संतुलित निष्कर्ष (चैनल सुरक्षा)

कर्मचारियों द्वारा अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया गया है। शासन-प्रशासन से अपेक्षा जताई गई है कि वह कर्मचारियों की समस्याओं पर संवेदनशीलता के साथ विचार करे। इस संबंध में संबंधित विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सकी है।

 

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