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एम्बुलेंस माफिया पर बड़ा एक्शन” बीआरडी के प्रधानाचार्य की तहरीर पर केस, मरीजों को गुमराह कर प्राइवेट अस्पताल भेजने वाला गिरोह धराया, 6 गिरफ्तार

गोरखपुर। गोरखपुर में मरीजों की मजबूरी को “मौका” बनाकर खेल रहे एम्बुलेंस माफिया पर आखिरकार पुलिस का शिकंजा कस गया। थाना गुलरिहा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मरीजों को बहला-फुसलाकर प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़ कर 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई को स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर चल रहे संगठित “दलाली तंत्र” पर बड़ी चोट के रूप में देखा जा रहा है।

यह पूरा मामला तब सामने आया जब बीआरडी मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. राम कुमार जायसवाल ने लिखित तहरीर देकर मरीजों को गुमराह किए जाने की शिकायत दर्ज कराई। वहीं, अस्पताल परिसर में तैनात सैनिक सुपरवाइजर केदार कुमार पांडे की सतर्कता और सूझबूझ से संदिग्ध गतिविधियों की पहचान हुई, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

घटना का संक्षिप्त विवरण

14 अप्रैल को बीआरडी मेडिकल के 500 बेड वाली बिल्डिंग पर सरकारी एंबुलेंस से एक बच्चे को लेकर परिजन पहुंचे। वहां तैनात कर्मचारी ने बेड खाली न होने की बात कही। आरोप है कि इसके बाद सरकारी एंबुलेंस चालक ने प्राइवेट अस्पताल के मैनेजर को फोन किया जिसके बाद एम्बुलेंस पहुंची और बीआरडी के मुख्य गेट के पास स्थित शौचालय के पास आ कर खड़ी हो गई। दलाल परिजनों को पैदल ही ले जा रहे थे। शक होने पर ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा कर्मियों ने पूछताछ की जिसके बाद एम्बुलेंस चालक और परिजन अलग अलग बयान देने लगे। जहां एम्बुलेंस चालक ने घर ले जाने की बात कही, वहीं परिजन प्राइवेट अस्पताल जाने की बात बताए। जिसके बाद मेडिकल पुलिस चौकी को इसकी सूचना दी गई और संदिग्धों को हिरासत में ले लिया गया।

कैसे काम करते है मरीज माफिया?

गैंग में शामिल लोग खासतौर पर बाहर से आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को निशाना बनाता है।

मरीज की स्थिति को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाता है, सरकारी अस्पतालों की सुविधाओं को कमतर बताया जाता और डर का माहौल बनाकर उन्हें तत्काल “बेहतर इलाज” के नाम पर प्राइवेट अस्पताल भेजने के लिए तैयार किया जाता।

एम्बुलेंस पहले से तैयार रहती है और मरीज को सीधे तयशुदा अस्पतालों में भर्ती कराया जाता है। जहां से इस पूरे नेटवर्क को मोटा कमीशन मिलता है।

गिरफ्तार अभियुक्तों का नाम व पता

गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान वेदप्रकाश पुत्र मुन्नीलाल, निवासी भागलपुर, थाना पीपीगंज, जनपद गोरखपुर,

राहुल पुत्र रामअनुज, निवासी कटुई, थाना ललिया, जनपद बलरामपुर,

गुंजेश यादव पुत्र झिंगुरी यादव, निवासी बंधवा, थाना रामकोला, जनपद कुशीनगर,

अमन पाण्डेय पुत्र राजकुमार पाण्डेय, निवासी घोरही, थाना महुली, जिला संतकबीरनगर,

अंकित शुक्ला पुत्र मोहन शुक्ला, निवासी पकड़ी मिसराइन, थाना कटया, जिला गोपालगंज (बिहार),

राहुल शर्मा पुत्र सुनील शर्मा, निवासी गाईबेला, थाना सिकरीगंज, जनपद गोरखपुर के रूप में हुई है।

गिरफ्तारी में ये रहे शामिल

उपनिरीक्षक मदन मोहन मिश्रा के नेतृत्व में टीम ने आरोपियों को पकड़ने में सफलता हासिल की। टीम में उ.नि

विकास कुमार मिश्रा, उ.नि. राहुल कुमार, हेड कांस्टेबल सदानंद यादव सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।

बड़ा सवाल

इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या यह सिर्फ कुछ दलालों का काम है या इसके पीछे एक बड़ा संगठित नेटवर्क काम कर रहा है?

आगे की कार्रवाई?

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि किन-किन प्राइवेट अस्पतालों से इनका सीधा संपर्क था।

गोरखपुर में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, आरोपी की ‘बी’ हिस्ट्रीशीट खोली गई

गोरखपुर | 13 अप्रैल 2026
गोरखपुर। (संवाददाता)
जनपद में अपराध नियंत्रण अभियान के तहत पुलिस ने सख्त कदम उठाते हुए थाना पीपीगंज क्षेत्र के एक व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की है।
पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, अभिषेक श्रीवास्तव पुत्र शैलेन्द्र श्रीवास्तव, निवासी टीचर कॉलोनी, कस्बा पीपीगंज, के विरुद्ध दर्ज मामलों के आधार पर उसे ‘दुराचारी’ की श्रेणी में रखते हुए उसकी ‘बी’ हिस्ट्रीशीट खोली गई है।
पुलिस के मुताबिक, संबंधित व्यक्ति के खिलाफ धोखाधड़ी, अमानत में खयानत, जालसाजी एवं धमकी जैसी धाराओं में कई मामले दर्ज हैं। इन मामलों को ध्यान में रखते हुए यह कार्रवाई की गई है।
हिस्ट्रीशीट खुलने के बाद अब संबंधित व्यक्ति की गतिविधियों पर नियमित निगरानी रखी जाएगी। पुलिस का कहना है कि जनपद में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराध पर अंकुश लगाने के लिए इस प्रकार की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
प्रमुख बिंदु:
पुलिस प्रेस नोट के आधार पर कार्रवाई
‘बी’ श्रेणी की हिस्ट्रीशीट खोली गई
कई मामलों को देखते हुए लिया गया निर्णय
अब गतिविधियों पर रहेगी कड़ी नजर


 “यह कार्रवाई पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस नोट के आधार पर की गई है।”

बालिका सशक्तिकरण की मिसाल: नरायनपुर विद्यालय में साइकिल सम्मान समारोह, छात्राओं में बढ़ा आत्मविश्वास

गोरखपुर। चरगावां विकास क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय नरायनपुर में 6 अप्रैल 2026 को आयोजित साइकिल सम्मान समारोह ने बालिका शिक्षा को नई दिशा देने का संदेश दिया। प्रातः 9:00 बजे शुरू हुए इस कार्यक्रम में छात्राओं को साइकिल प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य के प्रति समाज की प्रतिबद्धता को दर्शाया गया।

गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ कार्यक्रम

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में खंड शिक्षा अधिकारी विजय कुमार गुप्ता उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि एडवोकेट पूजा गुप्ता (महानगर मंत्री, भाजपा महिला मोर्चा), कार्यक्रम अध्यक्ष ग्राम प्रधान गोपाल भारद्वाज तथा विशेष अतिथि वरिष्ठ अधिवक्ता प्रवीण चंद मिश्रा ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

काजल और प्रियंका को साइकिल देकर किया गया सम्मानित

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की मेधावी छात्राओं काजल एवं प्रियंका को साइकिल प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस पहल से न केवल बालिकाओं को विद्यालय आने-जाने में सुविधा मिलेगी, बल्कि उनके भीतर शिक्षा के प्रति आत्मविश्वास और लगन भी बढ़ेगी।

अतिथियों का सम्मान और स्वागत

विद्यालय परिवार द्वारा सभी अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया और श्री रामलला की तस्वीर भेंट कर उन्हें सम्मानित किया गया। इस दौरान अभिभावकों और ग्रामीणों की भी उल्लेखनीय सहभागिता रही।

संचालक विक्रम सिंह का प्रेरणादायक वक्तव्य

कार्यक्रम के संयोजक एवं संचालक, अनुदेशक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विक्रम सिंह ने अपने संबोधन में कहा

“बालिका शिक्षा समाज की प्रगति की आधारशिला है। जब एक बेटी पढ़ती है, तो पूरा परिवार शिक्षित होता है। यह साइकिल केवल एक साधन नहीं, बल्कि बेटियों के सपनों को उड़ान देने का माध्यम है। हम सभी का दायित्व है कि हर बालिका को शिक्षा से जोड़ें और उसे आगे बढ़ने का अवसर दें।”

उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

बालिका शिक्षा को मिला नया आयाम

समारोह का समापन सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुआ, जहां सभी ने एक स्वर में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। यह आयोजन न केवल छात्राओं के लिए प्रेरणादायक रहा, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक सशक्त कदम भी साबित हुआ।

16 दिन में इंसाफ का धमाका: 6 साल की मासूम से दरिंदगी करने वाला उम्रकैद, मां को भी जेल!

गोरखपुर में ऑपरेशन कनविक्शन का असर — फास्ट ट्रैक सुनवाई में कोर्ट का कड़ा फैसला

गोरखपुर | रिपोर्ट: धनेश कुमार (ब्यूरो)

गोरखपुर से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने एक बार फिर साबित कर दिया कि अगर सिस्टम चाहे तो इंसाफ में देरी नहीं, तेजी भी संभव है।

थाना पीपीगंज क्षेत्र में 6 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ हुए जघन्य अपराध के मामले में अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपी को पूरे जीवनकाल के लिए उम्रकैद की सजा सुनाई है।

इतना ही नहीं, इस मामले में साक्ष्य छिपाने की दोषी पाई गई आरोपी की मां को भी 4 साल की कठोर सजा सुनाई गई है।

16 दिन में फैसला — बना मिसाल

पुलिस ने महज 5 दिनों में साक्ष्य जुटाकर चार्जशीट दाखिल की

 अदालत ने 16 कार्य दिवस में गवाही और बहस पूरी की

 और फिर आया कड़ा फैसला — सीधे उम्रकैद

यह पूरी कार्रवाई उत्तर प्रदेश पुलिस के “ऑपरेशन कनविक्शन” के तहत की गई, जो अब तेजी से न्याय दिलाने का बड़ा जरिया बनता जा रहा है।

 क्या था पूरा मामला?

20/21 फरवरी 2026 की रात, एक शादी समारोह के दौरान 6 साल की मासूम बच्ची के साथ यह दिल दहला देने वाला अपराध हुआ।

पीड़िता के परिवार की तहरीर पर थाना पीपीगंज में मुकदमा दर्ज किया गया, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी और उसकी मां को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

मजबूत पैरवी, सख्त सजा

इस केस में पुलिस की सटीक जांच और अभियोजन पक्ष की मजबूत पैरवी ने अहम भूमिका निभाई।

ADGC राघवेन्द्र राम त्रिपाठी

 ADGC अरविन्द्र कुमार श्रीवास्तव

के प्रयासों से अदालत में केस मजबूती से पेश किया गया, जिसका नतीजा यह कड़ा फैसला रहा।

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यह फैसला उन सभी अपराधियों के लिए सख्त चेतावनी है, जो कानून को हल्के में लेते हैं — अब अपराध के बाद बच निकलना आसान नहीं।

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गोरखपुर जिला कारागार में एक भव्य कवि सम्मेलन एवं भजन संध्या का आयोजन किया गया |

अपना ट्रस्ट एवं गोरखपुर कारागार के संयुक्त तत्वधान में गोरखपुर जिला कारागार में एक भव्य कवि सम्मेलन एवं भजन संध्या का आयोजन किया गया |

कार्यक्रम के अध्यक्षता करते हुआ महामंडलेश्वर कनकेश्वरी नंद गिरी ने कहा कि साहित्यकार समाज का आईना होता है |

विशेष आमंत्रित अतिथि उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारु चौधरी ने संबोधित करते हुआ कहा कि भजन और भक्ति के जरिए ईश्वर को पाया जा सकता है यह उसका एक मार्ग है | कार्यक्रम का संचालन करते हुआ |

मिन्नत गोरखपुरी ने पढ़ा

सब की श्रद्धा और सम्मान है इस नाम के साथ

भगवान श्री राम का जिक्र होता है हनुमान के नाम के साथ

जिस पर सभी ने तालियां बजा करके जोरदार स्वागत किया |

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राकेश श्रीवास्तव एवं विशिष्ट अतिथि प्रमोद चोखानी व शिवयोगी ने भजन प्रस्तुत किया और पूरा माहौल भक्ति में हो गया |

आसिया गोरखपुरी ने सरस्वती वंदना के साथ कवि सम्मेलन का आरंभ किया |

इसके बाद कवियों ने एक करके अपनी प्रस्तुति दी |

गौतम गोरखपुरी ने पढ़ा,

गीता और कुरान से बाहर आ गए

हिंदू मुसलमान से बाहर आ गए

प्रतिभा गुप्ता ने पढ़ा,

हरे-भरे दरख्तों को उजाड़ कर इंसान

विरानियों में सुकून भरा आयाम ढूँढ़ता है।

आसिया गोरखपुरी ने पढ़ा,

मोहम्मद माते ए जा अपनी

राम भी राम है हमारे लिए

साथ ही साथ उत्कर्ष पाठक उत्पल,तनिष्क हरि अग्रवाल,आदित्य राज अंकुर सच्चर आदि ने भी काव्य पाठ किया |

इस अवसर पर जेलर अरुण कुमार , वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कारागारर डी.के पांडेय, शाहिना शेख,रवीश मिश्रा,दीपक, आजाद पांडेय आदि उपस्थित रहे |

कार्यक्रम की संयोजिका स्वेच्छा श्रीवास्तव ने सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया |

भाजपा नेता हत्याकांड का बड़ा खुलासा, साजिश में शामिल 6 आरोपी गिरफ्तार, एक बाल अपचारी भी शामिल

गोरखपुर से इस वक्त की बड़ी खबर…

भाजपा पार्षद प्रतिनिधि हत्याकांड में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है।

हत्या की साजिश रचने और साक्ष्यों से छेड़छाड़ करने के आरोप में पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक बाल अपचारी को भी हिरासत में लिया गया है।

बताया जा रहा है कि इस सनसनीखेज मामले में पुलिस पहले ही दो मुख्य आरोपियों को जेल भेज चुकी है… और अब सर्विलांस और वैज्ञानिक जांच के आधार पर इस साजिश की परतें लगातार खुलती जा रही हैं।

पुलिस के अनुसार, घटना के बाद से ही कई टीमें लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी थीं।

फॉरेंसिक जांच और तकनीकी साक्ष्यों के जरिए संदिग्धों के बीच हुई बातचीत को ट्रैक किया गया… जिसके बाद इन गिरफ्तारियों तक पुलिस पहुंची।

इस हत्याकांड के बाद से इलाके में राजनीतिक और सामाजिक हलचल भी तेज हो गई थी… और मामले को लेकर लगातार दबाव बना हुआ था।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है… और यह पता लगाने की कोशिश में जुटी है कि इस साजिश के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।

SP उत्तरी का कहना है कि


“घटना के अनावरण के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार काम कर रही थीं।

तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई है।

फिलहाल गिरफ्तार सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।”


संवाददाता – धनेश कुमार | लोकेशन – गोरखपुर

 

मॉर्निंग वॉक बनी मौत का सफर: पारिवारिक रंजिश में बीजेपी नेता की हत्या, मुख्य आरोपी गिरफ्तार

गोरखपुर से धनेश कुमार की रिपोर्ट
गोरखपुर।
चिलुआताल थाना क्षेत्र में बुधवार सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई, जब भारतीय जनता पार्टी से जुड़े स्थानीय नेता राजकुमार चौहान की निर्मम हत्या कर दी गई। इस वारदात ने पूरे इलाके को दहला दिया और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घात लगाकर किया गया हमला
जानकारी के अनुसार, राजकुमार चौहान रोज की तरह सुबह टहलने के लिए घर से निकले थे। इसी दौरान पहले से घात लगाए हमलावरों ने उन्हें निशाना बना लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार—
पहले गोली मारकर गिराया गया
इसके बाद धारदार हथियार से कई वार किए गए
हमला इतना तेज और सुनियोजित था कि मौके पर ही उनकी मौत हो गई
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।
रिश्तों की रंजिश बनी मौत की वजह
पुलिस जांच में सामने आया कि यह हत्या किसी लूट या बाहरी दुश्मनी का मामला नहीं, बल्कि—
 चचेरे भाई (कजिन) से जुड़ा पुराना विवाद
 पारिवारिक रंजिश और तनाव
 बदले की भावना में रची गई साजिश
बताया जा रहा है कि लंबे समय से चल रहा विवाद धीरे-धीरे खूनी अंजाम तक पहुंच गया।
कौन है आरोपी
पुलिस के अनुसार—
इस मामले में मुख्य आरोपी मृतक का रिश्तेदार है
आरोपी उसी इलाके का रहने वाला बताया जा रहा है
पूछताछ में उसने रंजिश के चलते हत्या की साजिश की बात कबूल की है
पुलिस ने कैसे किया खुलासा
घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए—
आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले
स्थानीय लोगों से पूछताछ की
तकनीकी सर्विलांस की मदद से आरोपी तक पहुंच बनाई
इसके बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
इलाके में पुलिस अलर्ट
घटना के बाद स्थिति को देखते हुए—
क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया
अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की

भाजपा महिला मोर्चा की क्षेत्रीय मंत्री चित्रा देवी ने मनोनीत पार्षदों को दी बधाई

गोरखपुर 17 मार्च। भाजपा महिला मोर्चा की क्षेत्रीय मंत्री चित्रा देवी ने उत्तर प्रदेश शासन नगर विकास से नामित/नव नियुक्त गोरखपुर नगर निगम के कुल 10 मनोनीत पार्षद आदरणीय रितेश सिंह , दुर्गेश बजाज , अष्टभुजा श्रीवास्तव , संजय कुमार वैश्य , आलोक सिंह विशेन , वीर सिंह सोनकर , शिवम पांडेय , अरविंद निषाद , चंदन आर्या , ममता जायसवाल को हृदय की गहराईयों से हार्दिक बधाई दी हैं।

उन्होंने कहा कि मनोनीत कर सरकार ने कर्मठ कार्यकर्ताओं का सम्मान किया है । उत्तर प्रदेश सरकार के निर्णय की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए आभार जताया है ।

 

स्कूल जा रही शिक्षिका को तेज रफ्तार ट्रक ने कुचला, मौके पर मौत – बहन गंभीर घायल

गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के Gorakhpur जनपद में शनिवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में निजी विद्यालय की शिक्षिका की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी छोटी बहन गंभीर रूप से घायल हो गई। यह घटना Chauri Chaura थाना क्षेत्र के निबिहवा रेलवे ओवरब्रिज के पास शनिवार सुबह लगभग 8:15 बजे हुई।


मिली जानकारी के अनुसार चौरीचौरा थाना क्षेत्र के ग्राम चौरी, टोला रामनगर निवासी श्रेया विश्वकर्मा (24) फुटहवा इनार स्थित एक निजी विद्यालय में शिक्षिका के पद पर कार्यरत थीं। शनिवार सुबह वह अपनी छोटी बहन खुशी विश्वकर्मा (20) के साथ स्कूटी से स्कूल जा रही थीं।


बताया जाता है कि जब दोनों बहनें निबिहवा रेलवे ओवरब्रिज के नीचे एक धर्मकांटा के पास पहुंचीं, उसी समय गोरखपुर की तरफ से तेज रफ्तार में आ रहे ट्रक ने स्कूटी में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कूटी अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गई और शिक्षिका श्रेया विश्वकर्मा ट्रक की चपेट में आ गईं, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं पीछे बैठी उनकी बहन खुशी विश्वकर्मा गंभीर रूप से घायल हो गईं।


घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गए। स्थानीय लोगों की मदद से घायल युवती को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया।


हादसे की सूचना मिलते ही चौरीचौरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस दुर्घटना के कारण गोरखपुर-देवरिया मार्ग पर लगभग आधे घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही। पुलिस ने लोगों को समझाकर यातायात बहाल कराया।


पुलिस का कहना है कि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि दुर्घटना करने वाले ट्रक और उसके चालक की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जा सके। घटना की जानकारी मिलते ही मृतका के परिवार में कोहराम मच गया और पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई।

MBBS छात्र हादसे की सुर्खियों में दब गया विपिन जायसवाल के परिवार का दर्द– होली के दिन धर्मशाला ओवरब्रिज पर तेज रफ्तार कार की टक्कर से गई थी जान

गोरखपुर : रंगों का पर्व होली आपसी भाईचारे और खुशियों का त्योहार माना जाता है, लेकिन कभी-कभी यही उत्सव लापरवाही और हुड़दंग की वजह से दर्दनाक हादसों में बदल जाता है। ऐसा ही एक हादसा 4 मार्च 2026 को गोरखपुर में हुआ, जिसमें एक परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छिन गईं।

होली के दिन कार की टक्कर से हुए थे घायल

4 मार्च 1996 को जन्मे विपिन कुमार जायसवाल को शायद यह अंदाजा भी नहीं था कि 4 मार्च 2026 का दिन उनकी जिंदगी का आखिरी दिन बन जाएगा। होली के दिन दोपहर करीब 2:30 बजे वह अपने दोस्त सुमित श्रीवास्तव के साथ स्कूटी से धर्मशाला ओवरब्रिज से गुजर रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार मारुति वेगनर कार ने उनकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि विपिन ओवरब्रिज से नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि उनके साथी सुमित श्रीवास्तव भी बुरी तरह घायल हो गए।

इलाज के दौरान चली गई विपिन की जान 

दोनों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान विपिन कुमार जायसवाल ने दम तोड़ दिया। उनकी मौत से परिवार में मातम छा गया, जबकि घायल सुमित श्रीवास्तव का अभी भी इलाज चल रहा है।

उसी रात एमबीबीएस छात्र आकाश पांडे की हुई थी मौत 

उसी दिन रात में चारफाटक मोहद्दीपुर इलाके में हुए एक अन्य सड़क हादसे में एमबीबीएस छात्र आकाश पांडे और उमेश शर्मा की मौत हो गई थी। आरोपी के एक राजनीतिक दल से जुड़े होने की वजह से यह मामला मीडिया में सुर्खियों में छाया रहा। लेकिन उसी दिन दोपहर धर्मशाला ओवरब्रिज पर हुए हादसे में जान गंवाने वाले विपिन जायसवाल के परिवार की पीड़ा कहीं दबकर रह गई।

MBBS छात्र हादसे में दब गई विपिन की मौत

परिजनों का कहना है कि चारफाटक हादसे में मृतकों के परिवारों के घर जनप्रतिनिधि और अधिकारी पहुंचे तथा सरकार की ओर से मुआवजे की घोषणा भी की गई, लेकिन विपिन जायसवाल के परिवार की सुध लेने वाला कोई नहीं पहुंचा। परिजनों के मुताबिक विपिन एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखते थे, शायद यही वजह रही कि उनकी मौत को लेकर न तो किसी अधिकारी ने संज्ञान लिया और न ही किसी जनप्रतिनिधि ने परिवार से मिलकर सांत्वना दी।

घटना की निष्पक्ष जांच की मांग 

घटना के अगले दिन मृतक के पिता राजेंद्र कुमार जायसवाल की तहरीर पर शाहपुर थाने में अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। हालांकि परिवार का आरोप है कि हादसे के बाद कार चालक और उसके साथियों को मौके पर पकड़कर पुलिस के हवाले किया गया था, लेकिन बाद में उन्हें छोड़ दिया गया और अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया।

पीड़ित परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने प्रशासन से न्याय दिलाने की गुहार लगाई है, ताकि विपिन की मौत के जिम्मेदार लोगों को सजा मिल सके।

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