फ्रेंड्स टाइम्स
Breaking News
सिद्धार्थनगर महोत्सव: इतिहास से आधुनिक गौरव तक का रोमांचक सफर

सिद्धार्थनगर, उत्तर प्रदेश – उत्तर प्रदेश के जनपद सिद्धार्थनगर का सांस्कृतिक गौरव, सिद्धार्थनगर महोत्सव, जिसकी नींव 1992 में कपिलवस्तु महोत्सव के रूप में रखी गई थी, आज भी सांस्कृतिक विरासत, रंग-बिरंगे आयोजन और लोकप्रियता के लिए जाना जाता है।
शुरुआत और शानदार प्रारंभिक स्वरूप
महोत्सव की शुरुआत नौगढ़ तहसील के प्रांगण से हुई थी। इसकी कोर कमेटी 11 सदस्यों की थी, जिसकी अध्यक्षता तत्कालीन जिला अधिकारी करते थे। कार्यक्रम का संचालन सदस्यों की समर्पित मेहनत और जुनून के दम पर होता था।
प्रमुख सदस्यों में शामिल थे:
मधुरमा सिंह – तत्कालीन सीडीओ की पत्नी और प्रख्यात कवयित्री, कोर कमेटी की संयोजक।
नजीर मलिक – वरिष्ठ पत्रकार, सह संयोजक।
सत्य प्रकाश गुप्ता – राष्ट्रीय सहारा के ब्यूरो चीफ।
स्वर्गीय डॉक्टर सुरेंद्र मिश्रा – बुद्ध विद्यापीठ पीजी कॉलेज प्रवक्ता।
स्वर्गीय प्रहलाद पांडे – बुद्ध विद्यापीठ पीजी कॉलेज प्रोफेसर।
साधना श्रीवास्तव – नेहरू युवा केंद्र प्रभारी। चंद्र प्रकाश श्रीवास्तव प्रबंधक जय किसान इंटर  कालेज सकतपुर सनई

स्वर्गीय लालता चतुर्वेदीरा,मनरेश मिश्रा प्रवक्ता बुद्ध विद्यापीठ पीजी कॉलेज सिद्धार्थ नगर

इसके अलावा कई वरिष्ठ अधिकारी और बुद्धिजीवी महोत्सव के हर पहलू में योगदान देते थे, जिससे यह कार्यक्रम सामाजिक और सांस्कृतिक समरसता का प्रतीक बन गया।
सांस्कृतिक रंग और लोकपसंद कार्यक्रम
शुरू में महोत्सव तीन दिन का होता था, बाद में इसे पाँच दिन तक का भव्य आयोजन बनाया गया। उद्घाटन हमेशा कपिलवस्तु के स्तूप से पूजा-अर्चना के साथ होता।
मुख्य आकर्षण थे:
मुशायरे और कवि सम्मेलन – देश-विदेश के कवि और कलाकार मंच पर अपनी कला का जादू बिखेरते।
स्थानीय और बॉलीवुड कलाकारों के कार्यक्रम, जो दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देते।
बच्चों के खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियाँ, पूरे परिवार के लिए आकर्षण का केंद्र।
दूर-दराज के लोग स्थानीय और हस्तशिल्प स्टॉल लगाकर महोत्सव में अपनी उपस्थिति दर्ज कराते।
यह महोत्सव न केवल सांस्कृतिक मंच, बल्कि लोकप्रिय उत्सव और सामूहिक मिलन का अवसर बन गया।
वर्तमान स्वरूप और बदलाव
समय के साथ महोत्सव सरकारी स्वरूप लेने लगा। पारंपरिक कवि सम्मेलन, मुशायरे और बच्चों के खेलकूद में कमी आई, लेकिन महोत्सव की महत्वपूर्ण सांस्कृतिक पहचान आज भी कायम है।
तात्कालिक जिलाधिकारी जगन्नाथ सिंह ने इस महोत्सव को आधुनिक स्वरूप और सरकारी संरक्षण देकर इसे और मजबूती दी। आज सिद्धार्थनगर महोत्सव न केवल जिले बल्कि देश और विदेश में सांस्कृतिक पहचान बना चुका है।
भविष्य की दिशा और संभावनाएँ
महोत्सव की सांस्कृतिक विविधता और पारंपरिक पहचान को पुनः उजागर करना आवश्यक है। इसके लिए:
बच्चों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी बढ़ाई जाए।
पारंपरिक कवि सम्मेलन और मुशायरे को फिर से शामिल किया जाए।
स्थानीय और दूरदराज के कलाकारों के लिए मंच सुनिश्चित किया जाए।
यह महोत्सव सांस्कृतिक विरासत, सामूहिक उत्सव और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बना रहे और आने वाली पीढ़ियों तक अपनी चमक बनाए रखे।

इस पूरे महोत्सव की अध्यक्षता वर्तमान के जिलाधिकारी की होती है

गोरखपुर: किशोरी शोषण मामला — सिस्टम और समाज को झकझोरती कहानी

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में सामने आया एक ऐसा मामला जिसने प्रशासन, पुलिस और समाज के हर हिस्से को झकझोर दिया है।


घटना की शुरुआत
5 जनवरी को गोरखनाथ थाना क्षेत्र से एक 13‑15 वर्षीय किशोरी लापता हो गई। परिवार ने तुरंत गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। प्रारंभिक जांच में यह पता चला कि किशोरी की सोशल मीडिया पर दोस्ती हुई थी, जिसने उसे मिलने का बहाना देकर एक होटल तक पहुँचाया।
🏨 होटल और स्पा नेटवर्क — दर्दनाक सच
जाँच में सामने आया कि किशोरी को पहले एक होटल में तीन दिन तक रखा गया। बाद में उसे एक अवैध स्पा सेंटर में भेजा गया। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, यह सिलसिला लगभग 15‑22 दिनों तक चला। इस दौरान किशोरी के साथ मानसिक और शारीरिक शोषण की घटनाएँ हुईं।
यह एक संगठित चेन थी — जिसमें होटल, स्पा और मानव‑व्यापार के तार जुड़े हुए थे।


प्रशासनिक कार्रवाई
इस पूरे समय किशोरी की तलाश और सुरक्षा में पुलिस की देरी पर सवाल उठे। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी राजकरण अय्यर ने तुरंत छह पुलिस अधिकारियों को निलंबित किया।
निलंबित पुलिस अधिकारियों की सूची:
इंस्पेक्टर – शशिभूषण राय (गोरखनाथ)
फर्टिलाइज़र चौकी इंचार्ज – प्रशांत पाठक
बेतियाहाता चौकी प्रभारी – अमरेश सिंह
बड़हलगंज कस्बा इंचार्ज – राजीव तिवारी
उनवल चौकी प्रभारी – आदित्य उपाध्याय
विकास नगर चौकी इंचार्ज – अनूप सिंह
एसएसपी का संदेश स्पष्ट था: “हमारी सिस्टम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।”


कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ POCSO Act, अपहरण और अन्य गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया। अब तक पाँच आरोपी गिरफ्तार और जेल भेजे जा चुके हैं, जिसमें होटल मालिक, मैनेजर और स्पा संचालक शामिल हैं। एक मुख्य आरोपी अभी फरार है और उसकी तलाश जारी है।


सीख और संदेश
यह घटना केवल अपराध की कहानी नहीं है, बल्कि समाज के लिए चेतावनी है:
सोशल मीडिया दोस्ती कभी‑कभी खतरनाक चेन में बदल सकती है।
कानून में देरी अपराधियों को बढ़ावा देती है।
सिस्टम में खामियां बच्चों की सुरक्षा पर असर डालती हैं।
संदेश: बच्चों की सुरक्षा, पुलिस, प्रशासन और समाज का सर्वोच्च कर्तव्य है।


अगला कदम
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी
स्पा नेटवर्क के पूरे गिरोह का खुलासा
पुलिस विभाग में सुधार और विभागीय जांच
पीड़ित परिवार को न्याय और सुरक्षा

डोडा में सेना का वाहन दुर्घटनाग्रस्त: पहाड़ी सड़क पर खाई में गिरा, कई जवान शहीद व घायल | रेस्क्यू जारी

जम्मू-कश्मीर | डोडा
जम्मू-कश्मीर के डोडा ज़िले में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहाँ ड्यूटी पर तैनात भारतीय सेना का एक वाहन भद्रवाह-चंबा मार्ग पर खन्नी टॉप के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वाहन पहाड़ी क्षेत्र की संकरी सड़क पर अनियंत्रित होकर सड़क से फिसल गया और गहरी खाई में जा गिरा।
इस दुर्भाग्यपूर्ण हादसे में कुछ जवानों के शहीद होने और कई अन्य के घायल होने की सूचना है। हालांकि, जवानों की संख्या और स्थिति को लेकर अंतिम आधिकारिक पुष्टि का इंतज़ार किया जा रहा है।

रेस्क्यू और राहत कार्य
घटना की सूचना मिलते ही सेना, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीमों ने मौके पर पहुँचकर बचाव अभियान शुरू किया। दुर्गम पहाड़ी इलाका और कठिन रास्तों के कारण रेस्क्यू कार्य चुनौतीपूर्ण रहा, फिर भी घायलों को प्राथमिकता के आधार पर बाहर निकाला गया।
घायल जवानों को पहले भद्रवाह के अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया। गंभीर रूप से घायल जवानों को बेहतर इलाज के लिए उधमपुर स्थित सैन्य अस्पताल भेजा गया है, जहाँ विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार जारी है।

देश में शोक की लहर
इस हादसे की खबर सामने आने के बाद देशभर में शोक की लहर है। प्रशासनिक और सैन्य स्तर पर स्थिति पर लगातार नज़र रखी जा रही है। अधिकारियों ने शहीद जवानों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है।

वीरों को नमन
यह दुर्घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि भारतीय सेना के जवान कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी देश की सेवा में डटे रहते हैं। पहाड़ों, दुर्गम रास्तों और जोखिम भरे इलाकों में ड्यूटी निभाते हुए उनका समर्पण और बलिदान देश के लिए अमूल्य है।

FT NEWS DIGITAL शहीद जवानों को नमन करता है और घायल जवानों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता है।

यह रिपोर्ट प्रारंभिक व आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। विस्तृत विवरण एवं अंतिम पुष्टि संबंधित विभाग द्वारा जारी किए जाने के बाद अपडेट की जाएगी।

ISL 2026 फिक्स्चर: AIFF ने संभावित लिस्ट जारी की

ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन द्वारा आज जारी की गई संभावित फिक्स्चर लिस्ट के अनुसार, 2025-26 इंडियन सुपर लीग सीज़न 14 फरवरी को कोलकाता में शुरू होगा, जिसमें मोहन बागान केरल ब्लास्टर्स की मेज़बानी करेगा।

91 मैचों की यह लीग 17 मई को खत्म होने वाली है, जिसमें आखिरी गेमवीक के सभी सात मैच एक साथ खेले जाएंगे। फिक्स्चर लिस्ट अभी भी संभावित है, AIFF ने इसे फेडरेशन के ब्रॉडकास्ट राइट्स RFP के लिए संभावित बोली लगाने वालों के सवालों के जवाब में स्पष्टीकरण के हिस्से के रूप में जारी किया है।

ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन द्वारा आज जारी की गई संभावित फिक्स्चर लिस्ट के अनुसार, 2025-26 इंडियन सुपर लीग सीज़न 14 फरवरी को कोलकाता में शुरू होगा, जिसमें मोहन बागान केरल ब्लास्टर्स की मेज़बानी करेगा।

91 मैचों की यह लीग 17 मई को खत्म होने वाली है, जिसमें आखिरी गेमवीक के सभी सात मैच एक साथ खेले जाएंगे। फिक्स्चर लिस्ट अभी भी संभावित है, AIFF ने इसे फेडरेशन के ब्रॉडकास्ट राइट्स RFP के लिए संभावित बोली लगाने वालों के सवालों के जवाब में स्पष्टीकरण के हिस्से के रूप में जारी किया है।

सिद्धार्थनगर की ऐतिहासिक धरती पर विकास का महोत्सव: मुख्यमंत्री योगी ने किया सिद्धार्थनगर महोत्सव-2026 का भव्य उद्घाटन

सिद्धार्थनगर | 28 जनवरी 2026
भगवान गौतम बुद्ध की तपोभूमि और राजकुमार सिद्धार्थ के नाम से पहचाने जाने वाले सिद्धार्थनगर की ऐतिहासिक धरती पर आज विकास, संस्कृति और विरासत का भव्य संगम देखने को मिला। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फीता काटकर एवं दीप प्रज्ज्वलित कर सिद्धार्थनगर महोत्सव-2026 का औपचारिक शुभारंभ किया।
इस अवसर पर श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर, सांसद जगदम्बिका पाल, विधायक माता प्रसाद पाण्डेय, विधायक श्यामधनी राही, विधायक सैय्यदा खातून, एमएलसी ध्रुव कुमार त्रिपाठी, जिला पंचायत अध्यक्ष शीतल सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि मंचासीन रहे। मुख्यमंत्री का स्वागत आयुक्त अखिलेश सिंह एवं आईजी संजीव त्यागी द्वारा पुष्पगुच्छ भेंट कर किया गया।

संस्कृति से सजी शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत बेसिक शिक्षा विभाग की शिक्षिकाओं के स्वागत गीत और शिवपति इंटर कॉलेज की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत कपिलवस्तु गीत से हुई, जिसने पूरे वातावरण को सांस्कृतिक रंगों से भर दिया।

बुद्ध भूमि से विकास का संदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महात्मा गौतम बुद्ध की धरती को नमन करते हुए सिद्धार्थनगरवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह वही भूमि है जहाँ से सत्य, ज्ञान और शांति का संदेश पूरी दुनिया में गया। मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के आकस्मिक निधन पर श्रद्धांजलि भी अर्पित की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि
“शक्ति यदि दुष्टों के हाथ में जाती है तो विनाश होता है, और यदि सज्जनों के हाथ में जाती है तो उत्थान होता है। डबल इंजन सरकार इसी उत्थान का माध्यम बनी है।”

1052 करोड़ की विकास सौगात
मुख्यमंत्री ने सिद्धार्थनगर को 1052 करोड़ रुपये की 229 परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।
इनमें सड़क, पुल, सिंचाई, मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, छात्रावास, ऑडिटोरियम सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं।

किसान, गरीब और युवाओं पर फोकस
किसानों के लिए सिंचाई सुविधाओं का विस्तार
मनरेगा में अब 125 दिन का रोजगार
हर पात्र को आवास, राशन, आयुष्मान कार्ड
मत्स्य संपदा योजनाओं से मछली उत्पादन को बढ़ावा
मेडिकल कॉलेज से बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश अब उपद्रव से उत्सव की ओर बढ़ चुका है और इसे बनाए रखना हम सबकी जिम्मेदारी है।

जनप्रतिनिधियों ने रखी बात
सांसद जगदम्बिका पाल ने कहा कि 2017 से पहले जिले की पहचान बाढ़ से थी, आज काला नमक चावल, हाईवे और विकास से है।
विधायक माता प्रसाद पाण्डेय ने स्थानीय उद्योगों की स्थापना की मांग रखी।
विधायक श्यामधनी राही ने बाईपास और सेतु निर्माण की आवश्यकता बताई।

सामाजिक सरोकार
कार्यक्रम के दौरान गर्भवती महिलाओं की गोदभराई एवं शिशुओं का अन्नप्राशन भी कराया गया, जो सरकार की संवेदनशील सोच को दर्शाता है।

स्मृति चिह्न भेंट
जनप्रतिनिधियों द्वारा भगवान श्रीराम मंदिर का प्रतीक एवं जिला प्रशासन की ओर से भगवान गौतम बुद्ध का प्रतीकात्मक अस्थि कलश मुख्यमंत्री को भेंट किया गया।
कार्यक्रम में जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन., पुलिस अधीक्षक अभिषेक महाजन, सीडीओ बलराम सिंह सहित बड़ी संख्या में अधिकारी, जनप्रतिनिधि और नागरिक मौजूद रहे।