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पूर्वोत्तर रेलवे में सेवानिवृत्त कर्मियों को दी गई विदाई

लखनऊ। 04 फरवरी 2026। पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मण्डल के मण्डल रेल प्रबन्धक श्री गौरव अग्रवाल के मार्गदर्शन एवं वरिष्ठ मण्डल कार्मिक अधिकारी श्री राहुल यादव के नेतृत्व में आज मण्डल रेल प्रबन्धक कार्यालय, लखनऊ के ’बहुउद्देशीय हाल’ में समापक भुगतान कार्यक्रम में मण्डल वित्त प्रबंधक श्री उमेश कुमार एवं सहायक मण्डल कार्मिक अधिकारी श्री प्रमोद कुमार भारती/द्वितीय द्वारा सेवानिवृत्त रेलवे कर्मचारियों के स्थान पर रिक्त हुये पद के विरुद्ध तत्काल 12 पात्र कार्यरत कर्मचारियों को पदोन्नति आदेश प्रदान किया गया। कार्यरत कर्मचारी के सेवानिवृत्त होने पर उसके स्थान पर तत्काल पदोन्नति का लाभ प्राप्त होने पर रेलवे कर्मचारियों ने हर्ष व्यक्त किया है।

इस दौरान 23 रेल कर्मचारियों को सेवानिवृृत्त होने पर भाव भीनी विदाई देते हुए सहायक मण्डल कार्मिक अधिकारी श्री प्रमोद कुमार भारती/द्वितीय ने समापक भुगतान के रूप में समापक राशि का प्रपत्र एवं सेवानिवृत्ति प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उनकी रेलवे के प्रति समर्पण, निष्ठा एवं अतुलनीय योगदान के लिए आभार व्यक्त किया गया। उन्होंने सेवानिवृत्त हुए रेलकर्मियों के दीर्घायु की कामना की। इस अवसर पर अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

 

 

 

 

108 एंबुलेंस सेवा ने बचाई फिर से एक व्यक्ति की जान

सिद्धार्थनगर। जिले के ब्लॉक लोटन के विलोहा क्षेत्र में 108 एंबुलेंस सेवा की तत्परता से एक व्यक्ति तीर्थराम उम्र 77 वर्ष की जान बचाई गई। जानकारी के अनुसार, क्षेत्र के एक व्यक्ति तीर्थराम को अचानक सांस लेने में अत्यधिक दिक्कत होने लगी, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई।

108 पर मांगी सहायता

मरीज की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए परिजनों ने तुरंत 108 एंबुलेंस सेवा पर कॉल कर सहायता मांगी। सूचना मिलते ही 108 एंबुलेंस समय पर मौके पर पहुंची और मरीज को एंबुलेंस में शिफ्ट किया गया।

अस्पताल पहुंचाया

एंबुलेंस में मौजूद मेडिकल टेक्नीशियन (एमटी) प्रदीप कुमार और पायलट दुर्गेश ने मरीज की स्थिति को देखते हुए तुरंत ऑक्सीजन की सुविधा उपलब्ध कराई और लगातार देखरेख करते हुए उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) लोटन अस्पताल पहुंचाया।

लोगों ने की सराहना

समय पर मिली चिकित्सा सहायता के कारण मरीज की हालत में सुधार हुआ और फिलहाल वह स्वस्थ बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने 108 एंबुलेंस सेवा की त्वरित कार्रवाई और कर्मचारियों की सराहना की है।

वन विभाग द्वारा मझौली सागर तट पर आर्द्रभूमि दिवस का हुआ आयोजन

सिद्धार्थनगर: सामाजिक वानिकी बन प्रभाग सिद्धार्थनगर द्वारा मझौली सागर के सुरम्य तट पर विश्व आर्द्रभूमि दिवस का आयोजन किया गया। जिसके मुख्य अतिथि मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि, प्रकृति में वेटलैंड्स का परम महत्व है।मझौली सागर वेटलैंड्स के संरक्षण,संवर्धन,वा विकास पर हम सभी को ध्यान देना चाहिए़,अध्यक्षता में डीएफओ नीला एम ने कहा मझौली सागर वेटलैंड्स एक प्राकृतिक है। यहां प्रति वर्ष काफी संख्या में प्रवासी पक्षी आते है। जो सागर की शोभा बढ़ाते है। इनका शिकार ना करें। मझौली सागर में इको टूरिज्म की प्रवल संभावना है। जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, प्राकृतिक वैटलैंड का संरक्षण भी होगा,उन्होंने एक जनपद एक वेटलैंड्स के तहत मझौली सागर के चयन पर बल दिया, वही सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभागाध्यक्ष डा आशुतोष कुमार वर्मा ,विभागाध्यक्ष जंतु विज्ञान आशुतोष श्रीवास्तव ने मझौली सागर वेटलैंड्स की प्राकृतिक वा ऐतिहासिक महत्ता पर प्रकाश डाला।उन्होंने कहा मझौली सागर में हर वर्ष बीस हजार विदेशी पक्षी मेहमान के आने की बात कही। उक्त अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिता कराई गयी। क्विज प्रतियोगिता में प्रथम स्थान फरहान अहमद,द्वितीय गोपाल कन्नौजिया,वा तृतीय मो इमरान, चित्रकला में साक्षी जायसवाल प्रथम, राबिश द्वितीय, खुशी जायसवाल तृतीय।

प्रतियोगिता हुई संपन्न 

फोटोग्राफी प्रतियोगिता में सिद्धार्थ विश्वविद्यालय से प्रथम प्रीति कुशवाहा,द्वितीय हर्षिता सिंह, तृतीय सोनी यादव को सीडीओ बलराम सिंह,डीएफओ नीला एम ने प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। अधिकारियों तथा स्कूली छात्रों ने मझौली सागर तट पर दूरबीन के माध्यम से बर्ड वाचिंग भी किया।कार्य क्रम का संचालन सिद्धार्थ शंकर ने किया। कार्यक्रम का आयोजन क्षेत्रीय वन अधिकारी नौगढ़ राजेश कुमार कुशवाहा ने किया। इस दौरान शिवकुमार गुप्ता क्षेत्रीय वन अधिकारी बांसी, मोहम्मद इलियास खान क्षेत्रीय वन अधिकारी इटवा ,राजेश कुमार डिप्टी रेंजर ,फॉरेस्टर देवेश मिश्रा ,अमजद अली, अतुल कुमार तिवारी, महेश यादव,शैलेन्द्र यादव, शिवम शुक्ला, सुजीत कुमार सिंह आदि उपस्थित रहे।

सिद्धार्थनगर सिविल कोर्ट में ‘राम द्वार’ का भव्य उद्घाटन, जिला जज अजय कुमार श्रीवास्तव ने दिया सामाजिक संदेश

जनपद सिद्धार्थनगर के सिविल कोर्ट परिसर में बने “राम द्वार” का विधिवत उद्घाटन तृतीय जनपद न्यायाधीश अजय कुमार श्रीवास्तव द्वारा फीता काटकर किया गया। यह अवसर पूरे न्यायालय परिसर के लिए उत्सव जैसा बन गया, जहाँ अधिवक्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई और शुभकामनाएं दीं।

धार्मिक और सांस्कृतिक भावनाओं से जुड़ा आयोजन

राम द्वार के उद्घाटन समारोह में न्यायिक गरिमा के साथ-साथ सांस्कृतिक आस्था की झलक भी देखने को मिली। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे और इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने। आयोजन के बाद भंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें सभी ने प्रसाद ग्रहण किया।

मेरे लिए यह गर्व का क्षण: जिला जज 

उद्घाटन के दौरान तृतीय जनपद न्यायाधीश अजय कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि:

“यह मेरे लिए अत्यंत गर्व व हर्ष का विषय है कि मुझे राम द्वार का उद्घाटन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। हम सभी को प्रभु श्रीराम के आदर्शों का अनुकरण करना चाहिए। साथ ही अधिवक्ताओं से अनुरोध है कि अनावश्यक हड़ताल से बचें और न्याय व्यवस्था को सुचारु रूप से चलने दें।”

उनके इस संदेश को उपस्थित अधिवक्ताओं ने गंभीरता से सुना और सराहा।

अधिवक्ता संघ की भी रही सक्रिय भागीदारी

कार्यक्रम में सिद्धार्थ सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अखण्ड प्रताप सिंह भी मौजूद रहे। उन्होंने इस अवसर को न्यायालय परिवार के लिए गौरवपूर्ण बताते हुए कहा कि, “इस तरह के निर्माण न्यायिक परिसर की गरिमा बढ़ाते हैं और अधिवक्ताओं को एकता का संदेश देते हैं।”

न्यायाधीशगणों की रही मौजूदगी

इस अवसर पर अरविंद राय (न्यायाधीश मोटर दुर्घटना न्यायालय), मो.रफी (अपर जनपद न्यायाधीश प्रथम), विशेष न्यायाधीश विरेंद्र, न्यायालय एससी-एसटी मनोज तिवारी भी मौजूद रहे।

भंडारे का हुआ आयोजन 

उद्घाटन के बाद आयोजित भंडारे में अधिवक्ताओं और अन्य उपस्थित लोगों ने सहभागिता की। पूरे वातावरण में उल्लास और सौहार्द का माहौल रहा।

सुप्रीम कोर्ट में अनुदेशकों की बड़ी जीत..1 अप्रैल 2026 से 17 हजार मानदेय देने की बात कोर्ट ने कही

UP News: उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में तैनात 25000 अनुदेशकों के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक निर्णय दिया है। 5 महीने से फैसले का इंतजार कर रहे अनुदेशकों में आज खुशी की लहर दौड़ गई, जब कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया कि, अनुदेशकों को 1 अप्रैल 2026 से 17000 का मानदेय दे और 2017 से एरियर का भुगतान अगले 6 महीने के अंदर करे।

जानिए कोर्ट ने क्या कहा 

उत्तर प्रदेश में अंशकालिक (पार्ट-टाइम) शिक्षकों की नियुक्ति, अवधि समाप्त होने के बाद अब संविदात्मक (contractual) नहीं रह गई है। उन्हें अन्यत्र नौकरी करने से रोका गया था। ऐसे पद स्वतः सृजित (automatically created) माने जाते हैं। मानदेय में संशोधन न करना (7,000 रुपये) अनुचित प्रथा (unfair practices) के बराबर है।

उपरोक्त के आलोक में यह निर्धारित है कि:

उत्तर प्रदेश में पार्ट-टाइम शिक्षक 2013 में निर्धारित मानदेय के संशोधन के हकदार हैं।

यह संशोधन समय-समय पर, यदि वार्षिक नहीं, तो किया जाना चाहिए।

17-18 से प्रभावी, संशोधन होने तक 17,000 रुपये प्रति माह का भुगतान करें।

1.04.2026 से नया भुगतान शुरू करें।

बकाया राशि (Arrears) आज से 6 महीने के भीतर भुगतान की जाए। 

काला हूं… पर टिकाऊ हूं!” सिद्धार्थनगर महोत्सव के मंच से पवन सिंह का मज़ेदार बयान, शादी के सवाल पर छिड़ी चर्चा

सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जनपद में आयोजित सिद्धार्थ महोत्सव उस वक्त चर्चा का केंद्र बन गया, जब भोजपुरी सिनेमा के चर्चित स्टार पवन सिंह मंच पर अपने स्टेज शो के दौरान एक हल्के-फुल्के बयान को लेकर सुर्खियों में आ गए।

कहां और कब हुआ मामला?

स्थान: सिद्धार्थनगर जनपद, उत्तर प्रदेश

मौका: सिद्धार्थ महोत्सव

कार्यक्रम: लाइव स्टेज शो

समय: महोत्सव के दौरान हालिया आयोजन

बताया जा रहा है कि पवन सिंह मंच पर मौजूद दर्शकों और कलाकारों से बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान शादी को लेकर माहौल मज़ाकिया हुआ, तो पवन सिंह ने हँसते-हँसते कहा—

काला हूं, पर टिकाऊ हूं!”

स्टेज पर छाया हंसी-मज़ाक का माहौल

इस बयान के बाद:

पंडाल में मौजूद दर्शकों के बीच हंसी गूंज उठी

मंच पर मौजूद एक्ट्रेस और अन्य कलाकार भी मुस्कुराते नजर आए

पूरा माहौल मनोरंजन और मस्ती से भर गया

यह संवाद पूरी तरह स्टेज शो और मनोरंजन के क्रम में सामने आया, जिसे दर्शकों ने एक हल्के-फुल्के अंदाज़ के रूप में लिया।

सोशल मीडिया पर क्यों हो रही चर्चा?

महोत्सव से जुड़ा यह स्टेज मोमेंट जैसे ही सोशल मीडिया पर पहुंचा, वैसे ही:

फैंस ने पवन सिंह के बिंदास और बेबाक अंदाज़ की तारीफ की

कई लोगों ने इसे स्टेज शो का मज़ेदार पल बताया

हालांकि, इस पूरे मामले को लेकर किसी भी तरह की आधिकारिक घोषणा या निजी प्रस्ताव की पुष्टि नहीं की गई है।

महोत्सव में स्टारडम का असर

सिद्धार्थ महोत्सव जैसे सांस्कृतिक आयोजनों में बड़े कलाकारों की मौजूदगी दर्शकों का उत्साह बढ़ाती है। पवन सिंह की एंट्री और उनका देसी अंदाज़ कार्यक्रम को और यादगार बना गया।

 

राजधानी दिल्ली से लापता लोगों के चौंकाने वाले आंकड़े, बच्चों की संख्या ने बढ़ाई चिंता

देश की राजधानी दिल्ली में साल 2026 की शुरुआत ने सुरक्षा व्यवस्था और सामाजिक तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आधिकारिक पुलिस रिकॉर्ड और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2026 के पहले 27 दिनों में 807 लोगों के लापता होने के मामले दर्ज किए गए, जिनमें बड़ी संख्या में बच्चे शामिल हैं।

आंकड़े क्या कहते हैं?

उपलब्ध जानकारी के मुताबिक—

कुल लापता मामले: 807

अब तक ट्रेस किए गए लोग: 235

अब भी लापता: 538

लापता बच्चों की संख्या: 137

इन आंकड़ों का विश्लेषण किया जाए तो यह सामने आता है कि राजधानी में हर दिन औसतन 27 लोग लापता हुए, जबकि करीब 9 लोगों को प्रतिदिन ट्रेस किया गया।

बच्चों की बढ़ती संख्या बनी सबसे बड़ी चिंता

लापता मामलों में बच्चों की संख्या को लेकर विशेषज्ञों और सामाजिक संगठनों ने चिंता जताई है। बाल अधिकारों से जुड़े जानकारों का कहना है कि नाबालिगों के मामलों में शुरुआती 24 से 48 घंटे बेहद अहम होते हैं, ऐसे में समय पर सूचना और सतर्कता की भूमिका और भी बढ़ जाती है।

पुलिस की कार्रवाई और प्रयास

दिल्ली पुलिस द्वारा लापता व्यक्तियों की तलाश के लिए तकनीकी संसाधनों, डेटाबेस और फील्ड लेवल सर्च ऑपरेशन का सहारा लिया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि कई मामलों में लोग स्वेच्छा से घर छोड़ने, मानसिक तनाव, या रोजगार संबंधी कारणों से भी लापता पाए जाते हैं और उन्हें सुरक्षित वापस परिजनों से मिलाया जा रहा है।

यह आंकड़े दर्ज मामलों पर आधारित हैं, जिनमें जांच और तलाश की प्रक्रिया लगातार जारी रहती है।

विशेषज्ञों की राय

सामाजिक विश्लेषकों का मानना है कि महानगरों में—

जनसंख्या घनत्व

आर्थिक दबाव

पारिवारिक तनाव

डिजिटल और सामाजिक बदलाव

जैसे कारण भी लापता मामलों की संख्या को प्रभावित करते हैं। ऐसे में जनजागरूकता, समय पर शिकायत और सामुदायिक सहयोग बेहद जरूरी है।

प्रशासन और समाज की साझा जिम्मेदारी

यह मामला केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज, परिवार और प्रशासन — तीनों की साझा जिम्मेदारी को दर्शाता है। बच्चों और कमजोर वर्ग की सुरक्षा को लेकर सतर्कता और संवाद की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक महसूस की जा रही है।

 

गाजियाबाद में दिल दहला देने वाली घटना: तीन नाबालिग बहनों की सामूहिक मौत से मचा हड़कंप

गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश।
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे प्रदेश को स्तब्ध कर दिया है। यहां एक रिहायशी बहुमंजिला इमारत की नौवीं मंजिल से कूदकर तीन नाबालिग बहनों की मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है और हर कोई गहरे सदमे में है।
मृतक बच्चियों की पहचान निशिका (16 वर्ष), प्राची (14 वर्ष) और पाखी (12 वर्ष) के रूप में हुई है। तीनों सगी बहनें थीं और एक ही परिवार के साथ उक्त सोसाइटी में रह रही थीं।
मौके पर पहुंची पुलिस, शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस, फॉरेंसिक टीम और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटनास्थल को सील कर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
हर एंगल से जांच, डिजिटल गतिविधियों की भी पड़ताल
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह मामला सामूहिक आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन इसके पीछे के कारणों को लेकर अभी कोई आधिकारिक निष्कर्ष नहीं निकाला गया है।
प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि बच्चियां मोबाइल फोन और ऑनलाइन गतिविधियों से जुड़ी हो सकती हैं, हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि गेमिंग ऐप या किसी डिजिटल प्लेटफॉर्म की भूमिका की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
मोबाइल फोन, कॉल डिटेल, ऐप उपयोग, परिवारिक परिस्थितियों और मानसिक स्थिति—सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। माता-पिता और परिजन सदमे में हैं और किसी से बात करने की स्थिति में नहीं हैं। पड़ोसियों और स्थानीय लोगों के अनुसार, परिवार सामान्य और शांत स्वभाव का था, जिससे यह घटना और भी चौंकाने वाली बन गई है।
पुलिस का आधिकारिक बयान
पुलिस अधिकारियों का कहना है—
“मामले की जांच बेहद संवेदनशील तरीके से की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, डिजिटल साक्ष्य और परिजनों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अभी किसी भी कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।”
समाज के लिए गंभीर चेतावनी
इस दर्दनाक घटना ने बच्चों की मानसिक सेहत, डिजिटल दुनिया की निगरानी और अभिभावकीय सतर्कता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों से नियमित संवाद और उनकी ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर बेहद जरूरी है।
यदि आप या कोई मानसिक तनाव में है
तो परिवार, दोस्तों या विशेषज्ञों से बात करना बेहद जरूरी है। सहायता के लिए स्थानीय हेल्पलाइन और काउंसलिंग सेवाएं उपलब्ध हैं।

सिद्धार्थनगर में बाल विवाह के खिलाफ बड़ी पहल, मोहाना पुलिस ने शुरू किया जागरूकता अभियान

सिद्धार्थनगर।
जनपद में बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को जड़ से खत्म करने की दिशा में पुलिस और सामाजिक संस्थाओं ने मिलकर एक सराहनीय कदम उठाया है। मंगलवार को थाना मोहाना परिसर से बाल विवाह मुक्ति वैन (जागरूकता रथ) को थानाध्यक्ष जितेंद्र सिंह ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
यह जागरूकता रथ आगामी 30 दिनों तक जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में भ्रमण करेगा और लोगों को बाल विवाह के गंभीर दुष्परिणामों, कानून की जानकारी और बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूक करेगा।
पुलिस का सख्त संदेश—बाल विवाह अपराध है
इस मौके पर थानाध्यक्ष जितेंद्र सिंह ने कहा कि बाल विवाह केवल एक सामाजिक बुराई ही नहीं, बल्कि कानूनन गंभीर अपराध है। इससे बच्चों के शारीरिक, मानसिक और शैक्षणिक विकास पर गहरा नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने समाज के हर वर्ग से अपील की कि इस कुप्रथा के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाई जाए।
गांव-गांव पहुंचेगा जागरूकता का संदेश
बाल विवाह मुक्ति रथ के माध्यम से—
पोस्टर और बैनर
पंपलेट वितरण
ऑडियो संदेश
नुक्कड़ सभाओं
के जरिए लोगों को यह बताया जाएगा कि बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत बाल विवाह कराने, उसे बढ़ावा देने या उसमें सहयोग करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।
Child Marriage Awareness Van Flagged Off in Siddharthnagar
इस कार्यक्रम का आयोजन मानव सेवा संस्थान एवं पुलिस विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। यह पहल न केवल कानून व्यवस्था को मजबूत करती है, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में भी एक मजबूत प्रयास मानी जा रही है।
जनता में बढ़ रहा भरोसा
स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे अभियानों से समाज में जागरूकता बढ़ेगी और बाल विवाह जैसी कुरीतियों पर प्रभावी रोक लगेगी।

सिद्धार्थनगर: बाजार में घात लगाकर हमला, हत्या के प्रयास का आरोपी गिरफ्तार

सिद्धार्थनगर।
जनपद के थाना खेसरहा क्षेत्र में बाजार के दौरान जानलेवा हमले का एक गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस ने हत्या के प्रयास के आरोप में वांछित चल रहे एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर उसके पास से हमला करने में प्रयुक्त लोहे का पाइप भी बरामद किया है।
क्या है पूरा मामला? (पूरी कहानी)
पुलिस के अनुसार, दिनांक 02 फरवरी 2026 की शाम जगदीश उर्फ टक्कल कस्बा घोसियारी में रोजमर्रा की खरीदारी के लिए आए थे। उसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे आरोपी कन्हैया तिवारी ने अचानक उन पर लोहे के पाइप से सिर पर हमला कर दिया।
हमले की मंशा जान से मारने की बताई जा रही है। अचानक हुए इस हमले से जगदीश उर्फ टक्कल गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तत्काल इलाज के लिए ले जाया गया, जहाँ से हालत गंभीर होने पर उन्हें गोरखपुर रेफर किया गया। फिलहाल उनका इलाज जारी है।
पुलिस की कार्रवाई
घटना के बाद थाना खेसरहा में मुकदमा दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू की गई।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डा. अभिषेक महाजन के निर्देश पर चलाए जा रहे अपराधियों के खिलाफ अभियान के तहत—
अपर पुलिस अधीक्षक प्रशान्त कुमार प्रसाद
क्षेत्राधिकारी बाँसी सुश्री रोहिनी यादव
के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष अनूप कुमार मिश्र के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई की।
दिनांक 03 फरवरी 2026 को आरोपी कन्हैया तिवारी को लक्ष्मीगंज तिराहा से गिरफ्तार कर लिया गया। उसके कब्जे से लोहे का पाइप बरामद हुआ, जिसे हमले में प्रयुक्त बताया जा रहा है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
गिरफ्तार अभियुक्त का विवरण
नाम: कन्हैया तिवारी
पिता: रामउजागिर तिवारी
निवासी: अवाँरी, थाना खेसरहा, जनपद सिद्धार्थनगर
अपराध का पुराना इतिहास भी सामने आया
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी के खिलाफ पहले से कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें—
महिला उत्पीड़न
यौन अपराध
गुंडा एक्ट
गंभीर आपराधिक धाराएँ
शामिल रही हैं। पुलिस इसे एक हिस्ट्रीशीटर प्रवृत्ति का व्यक्ति मानकर आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।
पुलिस का संदेश
पुलिस का कहना है कि जनपद में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।

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