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सिद्धार्थनगर में ‘मिशन शक्ति’ की गूंज, महिला पुलिस की बाइक रैली से जागा सुरक्षा का संदेश

सिद्धार्थनगर, 20 मार्च 2026।
चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर जनपद सिद्धार्थनगर में महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण को लेकर एक सराहनीय पहल देखने को मिली। मिशन शक्ति अभियान (फेज 5.0) के द्वितीय चरण का शुभारम्भ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन द्वारा पुलिस लाइन से महिला पुलिस कर्मियों की बाइक रैली को हरी झंडी दिखाकर किया गया।
30 दिन तक चलेगा सशक्तिकरण का विशेष अभियान


यह 30 दिवसीय अभियान पूरे जिले में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और न्याय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाया जाएगा। नवरात्रि के दौरान मंदिरों, मेलों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर महिला पुलिस की विशेष तैनाती की गई है, जिससे महिलाओं को सुरक्षित माहौल मिल सके।
एंटी-रोमियो स्क्वॉड की सख्ती
अभियान के तहत एंटी-रोमियो स्क्वॉड को सक्रिय किया गया है, जो लगातार गश्त करते हुए छेड़छाड़ और उत्पीड़न करने वालों के खिलाफ मौके पर ही कड़ी कार्रवाई करेगा।
संवेदनशील स्थानों पर फुट पेट्रोलिंग, पीआरवी गश्त और सीसीटीवी निगरानी को भी बढ़ाया गया है।
गांव-गांव जागरूकता, स्कूलों में विशेष कार्यक्रम
पुलिस की मिशन शक्ति टीमें अब गांवों और स्कूलों में चौपाल लगाकर महिलाओं और छात्राओं को जागरूक करेंगी।
हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी
आत्मरक्षा के गुर
सरकारी योजनाओं का प्रचार
इन सबके माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाने की पहल की जा रही है।
महिला सुरक्षा कानूनों की दी जा रही जानकारी
अभियान के दौरान महिलाओं को विभिन्न महत्वपूर्ण कानूनों की जानकारी भी दी जाएगी, जैसे—
घरेलू हिंसा से संरक्षण अधिनियम
दहेज प्रतिषेध कानून
पॉक्सो एक्ट
कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न निवारण
बाल विवाह और बाल श्रम से जुड़े कानून
📞 1090 और मिशन शक्ति केंद्र का प्रचार तेज
महिलाओं की सुरक्षा के लिए वीमेन पावर लाइन 1090 और मिशन शक्ति केंद्रों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है, ताकि ज्यादा से ज्यादा महिलाएं इन सुविधाओं का लाभ उठा सकें।
प्रशासन की पहल बनी मिसाल
सिद्धार्थनगर पुलिस की यह पहल न केवल महिला सुरक्षा के प्रति सजगता दर्शाती है, बल्कि समाज में एक मजबूत संदेश भी देती है कि अब महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा।

“चिल्हिया में ‘भगत सिंह चौराहा’ का भूमिपूजन, विकास को मिली नई रफ्तार”


सिद्धार्थनगर, 20 मार्च 2026।
जनपद के शोहरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत चिल्हिया चौराहे को अब नई पहचान मिलने जा रही है।
यह चौराहा अब शहीद भगत सिंह चौराहा के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसके सौंदर्यीकरण कार्य का शुभारंभ आज भव्य भूमिपूजन कार्यक्रम के साथ हुआ।
यह कार्यक्रम मुख्य अतिथि विधायक शोहरतगढ़ विनय वर्मा की गरिमामयी उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।


इस अवसर पर जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन, पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन एवं मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
20 लाख से बदलेगी चौराहे की तस्वीर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक विनय वर्मा ने बताया कि
विधायक विकास निधि से लगभग 20 लाख 22 हजार रुपये की लागत से इस चौराहे का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यह कार्य उनके उस संकल्प का हिस्सा है,
जिसके तहत शोहरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र को सुंदर, सुसज्जित और विकसित बनाया जा रहा है।


सिडको करेगी निर्माण कार्य
जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने बताया कि यह कार्य विधायक निधि से कराया जा रहा है
और इसकी कार्यदायी संस्था सिडको (SIDCO) है, जो निर्माण कार्य को पूरा करेगी।
भव्य आयोजन, उमड़ा जनसैलाब
भूमिपूजन कार्यक्रम बेहद भव्य और गरिमामय माहौल

टीईटी अनिवार्यता पर बवाल, शिक्षकों का दिल्ली कूच 4 अप्रैल को”

सिद्धार्थनगर | विशेष रिपोर्ट
सिद्धार्थनगर।
जनपद में शिक्षकों के बीच टीईटी अनिवार्यता को लेकर असंतोष तेज होता नजर आ रहा है।
2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी लागू करने के विरोध में अब आंदोलन की रणनीति तैयार हो चुकी है।
इसी क्रम में टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया (टीएफआई) के नेतृत्व में
आगामी 4 अप्रैल को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित धरना प्रदर्शन को लेकर
जिला मुख्यालय स्थित एक होटल में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में बनी रणनीति, आंदोलन होगा तेज
बैठक में पदाधिकारियों ने शिक्षकों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
संपर्क अभियान को तेज करने, आवागमन की व्यवस्था बनाने और संगठनात्मक एकजुटता बनाए रखने पर विशेष चर्चा हुई।
“अन्यायपूर्ण है टीईटी लागू करना” – शिक्षक नेता
बैठक को संबोधित करते हुए टीएफआई के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं शिक्षक नेता
राधेरमण त्रिपाठी ने स्पष्ट कहा कि—
2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्यता थोपना पूरी तरह अन्यायपूर्ण है
उन्होंने कहा कि उस समय भर्ती प्रक्रिया में टीईटी की कोई शर्त नहीं थी,
ऐसे में अब इसे लागू करना शिक्षकों के अधिकारों का हनन है।
साथ ही केंद्र सरकार से इस मुद्दे पर तत्काल समाधान निकालने की मांग की गई,
ताकि शिक्षकों पर अनावश्यक मानसिक दबाव न पड़े।
दिल्ली में होगा शक्ति प्रदर्शन
बैठक में शिक्षकों से बड़ी संख्या में दिल्ली पहुंचकर
धरना प्रदर्शन को सफल बनाने का आह्वान किया गया।
सभी पदाधिकारियों और शिक्षकों ने एक स्वर में
आंदोलन को सफल बनाने का संकल्प लिया।
ये रहे मौजूद प्रमुख लोग
बैठक में अभय श्रीवास्तव, शिवाकांत दूबे, इन्द्रसेन सिंह, लालजी यादव, सुधाकर मिश्र, दिनेश सिंह, अरुण सिंह, रामशंकर पांडेय, आशुतोष उपाध्याय, अनिल पांडेय, सुशील सिंह, प्रमोद त्रिपाठी सहित कई शिक्षक मौजूद रहे।


अब देखना होगा कि शिक्षकों का यह आंदोलन क्या सरकार तक अपनी आवाज मजबूती से पहुंचा पाता है या नहीं…

“भक्ति में डूबा सिद्धार्थनगर: भव्य कलश यात्रा से ‘अमृतमयी श्रीराम कथा महोत्सव’ का शुभारंभ”

सिद्धार्थनगर | विशेष रिपोर्ट
सिद्धार्थनगर। शहर स्थित नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर के अवेद्यनाथ सभागार में शुक्रवार को अमृतमयी श्रीराम कथा महोत्सव का शुभारंभ भव्य एवं दिव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। इस विशाल शोभायात्रा ने पूरे शहर को भक्तिमय रंग में रंग दिया।


कलश यात्रा कथा स्थल से प्रारंभ होकर हनुमानगढ़ी, सिद्धार्थ तिराहा होते हुए श्री सिहेंश्वरी देवी मंदिर पर जाकर संपन्न हुई। यात्रा के दौरान हर ओर “जय श्रीराम”, “बजरंगबली की जय” और “हर-हर महादेव” के उद्घोष से वातावरण गूंजता रहा।


भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम
यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं, युवतियां और बालिकाएं सिर पर कलश धारण कर शामिल हुईं। भक्ति गीतों की मधुर धुन पर झूमती श्रद्धालुओं की टोली ने पूरे नगर को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। पुरुषों की भी उल्लेखनीय भागीदारी रही, जिससे यह आयोजन जनसहभागिता का जीवंत उदाहरण बन गया।


 रथ यात्रा बनी आकर्षण का केंद्र
शोभायात्रा का मुख्य आकर्षण भव्य रथ यात्रा रही, जिसमें अंतरराष्ट्रीय कथावाचक संत गौरव कृष्ण शास्त्री विराजमान रहे। उनके दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला और जगह-जगह स्वागत भी किया गया।
जनप्रतिनिधियों व गणमान्य लोगों की उपस्थिति


इस अवसर पर सदर विधायक श्याम धनी राही, नगर पालिका अध्यक्ष गोविंद माधव, शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष राधेरमण त्रिपाठी, क्रीड़ा भारती के अध्यक्ष डॉ. अरुण कुमार प्रजापति, सत्य प्रकाश राही सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
इसके अलावा शहर के प्रमुख व्यवसायी एवं समाजसेवी—
मुरलीधर अग्रहरी, अजय कसौंधन, भीमचंद्र कसौंधन, मिट्ठू कसौंधन, श्रीचंद्र कसौंधन, राणा प्रताप सिंह, श्रीप्रकाश, रवि अग्रहरी, इंद्रसेन सिंह समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
आयोजन समिति की सराहनीय भूमिका
कार्यक्रम के सफल संचालन में शिवदत्त अग्रहरी, नीरज श्रीवास्तव, मनीष शुक्ला, रजनीश उपाध्याय, शुभम श्रीवास्तव, संदीप जायसवाल, अनिल वर्मा, शेखर दास, सुनील त्रिपाठी, पप्पू चौबे, श्रीश श्रीवास्तव, पंकज पासवान, राघवेंद्र यादव, रमेश गुप्ता सहित अन्य सदस्यों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
वहीं महिलाओं की व्यवस्था, तिलक एवं राम नाम पटका वितरण में डॉ. सीमा मिश्रा, आशा उपाध्याय, सुधा त्रिपाठी, कंचन श्रीवास्तव, साधना श्रीवास्तव, अंजली मौर्या, सुनीता जायसवाल, शीला जायसवाल, मोनी अग्रहरी, सोनू कसौंधन समेत अनेक महिलाओं की भूमिका सराहनीय रही।
प्रभु श्रीराम के बाल्यकाल का भावपूर्ण वर्णन
महोत्सव के प्रथम दिन अयोध्या धाम से पधारे अंतरराष्ट्रीय कथावाचक संत गौरव कृष्ण शास्त्री ने भगवान श्रीराम के जन्म, बाल्यकाल और उनके आदर्शों का विस्तारपूर्वक वर्णन किया।
उन्होंने कहा कि श्रीराम का जीवन त्याग, मर्यादा, सेवा और सत्य का प्रतीक है, जिससे हर व्यक्ति को प्रेरणा लेनी चाहिए।
उनके ओजस्वी और मधुर प्रवचनों को सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और पूरा पंडाल भक्ति में डूब गया।

“आस्था की डगर पर मौत का कहर: कलश यात्रा में राप्ती नदी ने निगले दो युवक”

सिद्धार्थनगर।भवानीगंज थाना क्षेत्र के भडरिया गांव में एक धार्मिक आयोजन मातम में बदल गया, जब कलश यात्रा में शामिल होने गए दो युवकों की राप्ती नदी में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई।

बताया जा रहा है कि गांव के दुर्गा मंदिर पर राम कथा का आयोजन चल रहा था। इसी दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु कलश यात्रा निकालकर भडरिया गांव के पास राप्ती नदी के तट पर जल भरने पहुंचे थे। माहौल पूरी तरह धार्मिक और उत्साहपूर्ण था, लेकिन देखते ही देखते खुशी का यह माहौल चीख-पुकार में बदल गया।

कलश भरने के दौरान शिवम (17 वर्ष) और विकास (22 वर्ष) गहरे पानी में चले गए और देखते ही देखते नदी की तेज धारा में समा गए। मौके पर मौजूद लोगों ने बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंची। काफी मशक्कत के बाद दोनों युवकों के शव को बाहर निकाला गया।

इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे भडरिया गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है।


एक धार्मिक आस्था का कार्यक्रम, जो श्रद्धा और विश्वास का प्रतीक था, वह पल भर में दो परिवारों के लिए जिंदगी भर का दर्द बन गया।

 

 

“आधा घंटा जहर?” — सिद्धार्थनगर में मटमैले पानी से जनता परेशान

सिद्धार्थनगर | FT News Digital रिपोर्ट

नगर पालिका की लापरवाही का खामियाजा अब आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।

शहर के शास्त्रीनगर और आसपास के इलाकों में सुबह के समय मटमैला और बदबूदार पानी आना लोगों के लिए रोज की समस्या बन चुका है।

स्थानीय लोगों ने खोली पोल

मोहल्ले के शिवप्रसाद गुप्त, हनुमान रुंगटा, राकेश जायसवाल, पवन जायसवाल और बिल्लू बांका ने बताया—

“सुबह आधे घंटे तक इतना गंदा पानी आता है कि पीना तो दूर, छूने में भी डर लगता है। कई बार बदबू भी आती है।”

लोग मजबूरी में फिल्टर या जार का पानी खरीद रहे हैं

लेकिन अधिकतर परिवार उसी दूषित पानी का इस्तेमाल करने को मजबूर हैं

जांच में क्या मिला?

FT News Digital की ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आया कि

कई जगहों पर पाइपलाइन नालियों के बीच से गुजर रही है

 इससे गंदगी सीधे पानी में मिल रही है

 बड़ा खतरा

सिविल लाइंस इलाके में पहले भी दूषित पानी से लोग बीमार पड़ चुके हैं

अब फिर वही हालात बनते नजर आ रहे हैं।

 सवाल सीधा है…

 क्या नगर पालिका किसी बड़ी बीमारी का इंतजार कर रही है?

 आखिर कब मिलेगा जनता को साफ पानी?

 

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