सिद्धार्थनगर में भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों का दर्शन, Brij Lal IPS हुए भावुक
सिद्धार्थनगर:
31 जनवरी 2026 को राय पिथौरा फोर्ट स्थित नेशनल म्यूजियम में जनपद के लिए एक गौरवपूर्ण और आध्यात्मिक पल देखने को मिला। पूर्व पुलिस अधिकारी और वर्तमान सांसद Brij Lal IPS (Retd) ने अपनी पत्नी सरोज जी के साथ भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों का दर्शन किया।
इस म्यूजियम में प्रदर्शित वस्तुओं में सबसे बड़ा आकर्षण पिपरहवा (कपिलवस्तु) स्तूप से प्राप्त भगवान बुद्ध के अवशेष और रत्न हैं। पिपरहवा स्तूप की पहली खुदाई 1898 में विलियम क्लस्ट्रेन पे पे (पी पी साहब) ने की थी, और उस समय का एक हिस्सा विदेश ले जाया गया था। इसे उनकी तीसरी पीढ़ी 7 मई 2025 को हांगकांग में नीलाम करने जा रही थी।
Brij Lal IPS ने 5 मई 2025 को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर नीलामी रोकने और रेलिक्स को भारत वापस लाने का आग्रह किया। इस प्रयास को उन्होंने अपनी पुस्तक “मेरा जीवन संघर्ष” में भी शामिल किया है। प्रधानमंत्री ने 13 मई 2025 को हस्ताक्षरित पत्र के माध्यम से उनके प्रयास की सराहना की थी। इस खबर को Times of India ने भी प्रकाशित किया था।
इसके बाद, 1972 में डॉ. के एम. श्रीवास्तव के नेतृत्व में दूसरी खुदाई हुई, जिसमें प्राप्त रेलिक्स आज म्यूजियम में प्रदर्शित हैं। Brij Lal IPS ने कहा कि भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों का दर्शन कर वे अत्यंत भावुक और अभिभूत हैं।
विलियम पे पे द्वारा निकाले गए पवित्र अवशेषों का विस्तृत विवरण Brij Lal IPS अगले दिन, 1 फरवरी 2026, को साझा करेंगे।
ॐ नमो बुद्धाय! बुद्धम शरणम् गच्छामी।

