नवरात्रि में नारी शक्ति को नमन: DM ने धोए कन्याओं के चरण, ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ का दिया भावनात्मक संदेश
सिद्धार्थनगर, 26 मार्च 2026 | FT News Digital
नवरात्रि के पावन पर्व पर जहां पूरे देश में मां दुर्गा की आराधना हो रही है, वहीं सिद्धार्थनगर में नारी शक्ति को सच्चे अर्थों में सम्मान देने की एक प्रेरणादायक मिसाल सामने आई। जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जीएन ने विकास खंड नौगढ़ के आंगनबाड़ी केंद्र, साड़ी प्रथम में “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान के अंतर्गत आयोजित कन्या पूजन कार्यक्रम में भाग लेकर समाज को एक मजबूत संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने पूरी श्रद्धा और पारंपरिक विधि-विधान के साथ नन्हीं बालिकाओं के चरण धोए, उन्हें तिलक लगाया, पुष्प अर्पित किए और प्रसाद वितरित किया। इतना ही नहीं, उन्होंने सभी कन्याओं को उपहार भेंट कर उनका उत्साहवर्धन भी किया। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के लिए बेहद भावुक और प्रेरणादायक रहा।
जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि नवरात्रि केवल पूजा-अर्चना का पर्व नहीं, बल्कि नारी शक्ति के सम्मान और उनकी महत्ता को पहचानने का अवसर है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि
“बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” केवल एक अभियान नहीं, बल्कि समाज की सोच बदलने का संकल्प है।
उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपनी बेटियों को शिक्षा का अधिकार दें, उन्हें आगे बढ़ने का अवसर दें और आत्मनिर्भर बनाने में हर संभव सहयोग करें।
इस दौरान जिलाधिकारी ने आंगनबाड़ी केंद्र की व्यवस्थाओं का भी गहन निरीक्षण किया। उन्होंने बच्चों को दी जा रही पोषण सेवाओं, शिक्षण सामग्री और साफ-सफाई की स्थिति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि
आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के भविष्य की नींव हैं, इसलिए यहां की व्यवस्थाएं मजबूत और प्रभावी होना बेहद जरूरी है।
कार्यक्रम में जिला प्रोबेशन अधिकारी विनय कुमार सिंह और जिला कार्यक्रम अधिकारी साहब यादव भी मौजूद रहे। दोनों अधिकारियों ने कन्याओं को आशीर्वाद दिया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने बताया कि जनपद में “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान के तहत लगातार जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, जिससे समाज में बेटियों के प्रति सम्मान और सुरक्षा की भावना मजबूत हो रही है।
इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। सभी ने इस आयोजन की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।
कार्यक्रम का समापन कन्याओं को प्रसाद और उपहार वितरण के साथ हुआ, लेकिन यह आयोजन अपने पीछे एक गहरी छाप छोड़ गया—
एक ऐसा संदेश, जो बताता है कि जब बेटियों का सम्मान होगा, तभी समाज सशक्त और समृद्ध बनेगा।
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