उत्तर प्रदेश में पहली बार सफल हृदय प्रत्यारोपण, 41 वर्षीय महिला को मिला नया जीवन
लखनऊ के संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान में 9 घंटे चली सर्जरी, दिल्ली से ग्रीन कॉरिडोर बनाकर पहुंचाया गया दिल
लखनऊ | विशेष संवाददाता
उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं के इतिहास में रविवार का दिन स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया, जब लखनऊ स्थित संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान में पहली बार सफल हृदय प्रत्यारोपण किया गया। इस जटिल सर्जरी के जरिए 41 वर्षीय महिला को नया जीवन मिला है।
चिकित्सकों के अनुसार, महिला डायलेटेड कार्डियोमायोपैथी नामक गंभीर बीमारी से पीड़ित थी, जिसमें हृदय की मांसपेशियां अत्यधिक कमजोर हो जाती हैं और रक्त संचार प्रभावित होता है। ऐसे में हृदय प्रत्यारोपण ही जीवन बचाने का अंतिम विकल्प था।
अंगदान से मिली तीन जिंदगियों को नई उम्मीद
दिल्ली स्थित राम मनोहर लोहिया अस्पताल में डोनर की मृत्यु के बाद उनके परिजनों ने अंगदान का निर्णय लिया। इस निर्णय से तीन लोगों को नया जीवन मिला—लिवर और किडनी का प्रत्यारोपण दिल्ली में किया गया, जबकि हृदय को विशेष एयर एम्बुलेंस के जरिए लखनऊ भेजा गया।
ग्रीन कॉरिडोर बना जीवन का रास्ता
लखनऊ एयरपोर्ट से एसजीपीजीआई तक ट्रैफिक पुलिस के सहयोग से ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया, जिससे एम्बुलेंस महज 20 मिनट में अस्पताल पहुंच गई। तत्पश्चात डॉक्टरों की टीम ने करीब 9 घंटे तक चली सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
संस्थान के निदेशक के अनुसार, यह उपलब्धि प्रदेश में मल्टी-ऑर्गन ट्रांसप्लांट प्रणाली के नए युग की शुरुआत है। वर्तमान में मरीज की स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
सरकार ने दी बधाई
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस उपलब्धि को प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण बताया। वहीं उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब जटिल चिकित्सा सेवाओं में भी आत्मनिर्भर बन रहा है।
निष्कर्ष
एक परिवार के अंगदान ने तीन जिंदगियों को बचाया और उत्तर प्रदेश को चिकित्सा के क्षेत्र में नई पहचान दिलाई।
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