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सुबह की सैर बनी मौत! गोरखपुर में पूर्व पार्षद प्रतिनिधि की हत्या से सनसनी

घेरकर किया हमला, गोली और धारदार हथियार से वार — इलाके में तनाव, जांच तेज
गोरखपुर | संवाददाता धनेश कुमार

गोरखपुर जिले के चिलुवाताल थाना क्षेत्र में मंगलवार की सुबह एक सनसनीखेज वारदात सामने आई, जहां टहलने निकले पूर्व पार्षद प्रतिनिधि राजकुमार चौहान की हत्या कर दी गई। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और तनाव का माहौल बन गया।
🧾 क्या है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, राजकुमार चौहान सुबह करीब 5 बजे घर से टहलने के लिए निकले थे। इसी दौरान घर से कुछ दूरी पर कुछ अज्ञात हमलावरों ने उन्हें घेर लिया।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, हमलावरों ने पहले गोली चलाई और फिर धारदार हथियार से ताबड़तोड़ हमला किया। बताया जा रहा है कि हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए।
अस्पताल में मौत की पुष्टि
घायल अवस्था में परिजन उन्हें तत्काल मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इलाके में तनाव, सड़क जाम
घटना की खबर फैलते ही परिजनों और स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। गुस्साए लोगों ने बरगदवा चौराहे पर गोरखपुर–सोनौली मार्ग को जाम कर दिया।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाकर और हल्का बल प्रयोग कर स्थिति को नियंत्रित किया तथा यातायात बहाल कराया।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार, मामले में कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और सभी पहलुओं पर जांच जारी है।
हालांकि, हत्या के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है।
जांच जारी, कई एंगल पर काम
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना के हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।


यह घटना एक बार फिर शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, वहीं पुलिस के सामने इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करना बड़ी चुनौती बन गया है।

गोरखपुर में कार में मिला महाराजगंज के व्यापारी का शव, संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से सनसनी

गोरखपुर ब्यूरो रिपोर्ट
धनेश कुमार


पीपीगंज क्षेत्र में सड़क किनारे खड़ी कार की पिछली सीट पर मिला शव, पुलिस और फॉरेंसिक टीम जांच में जुटी


गोरखपुर जनपद के पीपीगंज थाना क्षेत्र में उस समय सनसनी फैल गई जब सड़क किनारे खड़ी एक कार के अंदर एक व्यक्ति का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई।
जानकारी के अनुसार गोरखपुर–सोनौली हाईवे पर पीपीगंज बाईपास के पास बरहीबारी इलाके में शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे सड़क किनारे एक सिल्वर रंग की हुंडई कार खड़ी दिखाई दी। जब स्थानीय लोगों ने कार के अंदर झांककर देखा तो पिछली सीट पर एक अधेड़ व्यक्ति का शव पड़ा हुआ था। इसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही पीपीगंज थाना पुलिस, क्षेत्राधिकारी कैंपियरगंज अनुराग सिंह और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू कर दी।
पुलिस की जांच में मृतक की पहचान महाराजगंज जनपद के नौतनवा निवासी लगभग 50 वर्षीय गणेश जायसवाल पुत्र गोपीचंद जायसवाल के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि मृतक नौतनवा में कपड़े का व्यवसाय करते थे और गोरखपुर से अपने घर वापस जा रहे थे।
मौके पर खड़ी कार की पिछली सीट पर प्लास्टिक के गिलास, फास्ट फूड, नमकीन और शराब की बोतल भी बरामद हुई है। पुलिस की प्राथमिक जांच में शव पर किसी प्रकार के बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं।
हालांकि पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि घटना के समय कार में अन्य लोग मौजूद थे या नहीं। आशंका जताई जा रही है कि मृतक के साथ अन्य लोग भी हो सकते हैं, जो घटना के बाद मौके से चले गए हों।
पुलिस के अनुसार मौत के कारणों को लेकर फिलहाल स्पष्ट रूप से कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। प्रारंभिक तौर पर अत्यधिक शराब सेवन के बाद हार्ट अटैक की संभावना जताई जा रही है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है।
पुलिस बयान 
क्षेत्राधिकारी कैंपियरगंज अनुराग सिंह ने बताया कि पीपीगंज थाना क्षेत्र के बरहीबारी के पास सड़क किनारे खड़ी एक कार में एक व्यक्ति का शव मिला है। मृतक की पहचान महाराजगंज जनपद के नौतनवा निवासी के रूप में हुई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की जांच की जा रही है।


गोरखपुर से एक सनसनीखेज खबर सामने आई है। यहां पीपीगंज थाना क्षेत्र में सड़क किनारे खड़ी एक कार के अंदर एक व्यक्ति का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान महाराजगंज के नौतनवा निवासी व्यापारी गणेश जायसवाल के रूप में हुई है। पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुटी हुई है। आखिर इस व्यापारी की मौत कैसे हुई, यह फिलहाल जांच का विषय बना हुआ है।
रिपोर्ट देखते हैं।


फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का खुलासा हो सकेगा।

सिद्धार्थनगर में युवक की चाकू मारकर हत्या, इलाके में सनसनी

सिद्धार्थनगर: नादेपार में युवक की चाकू मारकर हत्या, पुलिस जांच में जुटी

सिद्धार्थनगर।जनपद के जोगिया उदयपुर थाना क्षेत्र के नादेपार में मंगलवार शाम एक युवक की चाकू से हमले में मौत हो जाने से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

मिली जानकारी के अनुसार 23 वर्षीय शिवम कसौधन पुत्र इंद्रेश कसौधन, निवासी नादेपार, को मंगलवार शाम लगभग 5:30 बजे किसी विवाद के दौरान चाकू मार दिया गया। घटना के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और घायल युवक को मेडिकल कॉलेज सिद्धार्थनगर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बताया जा रहा है कि मृतक के परिवार की नादेपार में कपड़े की दुकान है। परिजनों के अनुसार दुकान के पास रहने वाले एक परिवार के यहां समारोह का कार्यक्रम था, जिसमें कुछ युवक आए हुए थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हुआ और चाकू से हमला किए जाने की बात सामने आई है।
मृतक के परिजनों ने विनय वर्मा पुत्र पवन वर्मा के रिश्तेदार (बुआ के लड़के) पर हमले का आरोप लगाया है। हालांकि इस मामले में अभी तक पुलिस को कोई लिखित तहरीर प्राप्त नहीं हुई है।
पुलिस का कहना है कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और तहरीर मिलने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी हुई है।

गोरखपुर: होली पर दो पक्षों में खूनी संघर्ष, वीडियो वायरल; पुलिस ने 5 आरोपियों को भेजा जेल

ब्यूरो रिपोर्ट धनेश कुमार 

गोरखपुर, 06 मार्च 2026। जनपद के गुलरिहा थाना क्षेत्र के हरसेवकपुर नंबर-1 में होली के दिन दो पक्षों के बीच हुई मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार होली के दिन दो पक्षों के बीच कहासुनी के बाद विवाद बढ़ गया और देखते ही देखते मामला मारपीट में बदल गया। बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों के लोगों के बीच ईंट-पत्थर चलने लगे, जिसमें करीब पांच लोगों के सिर फट गए और कई अन्य लोग घायल हो गए।
स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
मिली जानकारी के मुताबिक शाहपुर थाना क्षेत्र के छाया टॉकीज के पास रहने वाले अतुल चौहान अपने परिचित सूरज चौहान के घर हरसेवकपुर में होली खेलने आए थे। इसी दौरान दूसरे टोला के कुछ युवक वहां पहुंच गए। बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच पहले से पुरानी रंजिश थी, जिसके चलते कहासुनी के बाद विवाद मारपीट में बदल गया।
इस घटना का मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया।
पुलिस के अनुसार इस मामले में दो नामजद सहित कई अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। कार्रवाई करते हुए पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जिन्हें शुक्रवार को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।
क्षेत्राधिकारी गोरखनाथ रवि कुमार सिंह ने बताया कि यह घटना गुलरिहा थाना क्षेत्र के हरसेवकपुर की है, जहां दो पक्षों के बीच विवाद के बाद मारपीट हुई थी। पुलिस ने गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर पांच लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि अन्य आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

गोरखपुर में शिक्षक आत्महत्या प्रकरण: सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक गिरफ्तार, भ्रष्टाचार व साजिश की धाराएं बढ़ीं

गोरखपुर। गुलरिहा थाना क्षेत्र में सहायक अध्यापक कृष्ण मोहन सिंह की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर मुकदमे में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और आपराधिक साजिश से जुड़ी धाराएं भी जोड़ी गई हैं। मामले की विवेचना अब क्षेत्राधिकारी गोरखनाथ को सौंपी गई है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, 37 वर्षीय कृष्ण मोहन सिंह मूल रूप से कुशीनगर जिले के हरैया बुजुर्ग के निवासी थे और वर्तमान में गुलरिहा क्षेत्र के शिवपुर सहबाजगंज में परिवार के साथ रह रहे थे। वे देवरिया जनपद के गौरीबाजार स्थित एक लघु माध्यमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक के पद पर तैनात थे।
बताया जाता है कि 21 फरवरी की रात उन्होंने फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। परिजनों के अनुसार, उन्होंने चार पन्नों का एक सुसाइड नोट छोड़ा था, जिसमें कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों पर आर्थिक लेन-देन और मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाए गए थे।
जांच में क्या सामने आया?
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मृतक की पत्नी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों (मोबाइल कॉल डिटेल व चैट) के आधार पर यह तथ्य सामने आया कि सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक ने कथित रूप से कुछ शिक्षकों का परिचय बेसिक शिक्षा विभाग कार्यालय के एक लिपिक से कराया था और कथित तौर पर धनराशि तय कराने में मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी।
दो अन्य शिक्षकों से पूछताछ के बाद पुलिस को लेन-देन से जुड़े महत्वपूर्ण इनपुट मिले। इसके बाद आरोपित सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
अन्य आरोपितों की तलाश
पुलिस के अनुसार, मामले में नामजद अन्य संबंधित व्यक्तियों की तलाश जारी है। विभिन्न जनपदों में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। संबंधित विभागीय अधिकारियों के विरुद्ध भी विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है।
पुलिस का आधिकारिक बयान
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जांच साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के अनुसार विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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