तिरुपति लड्डू घी प्रकरण: CBI की चार्जशीट से उठा आस्था और व्यवस्था पर बड़ा सवाल
नई दिल्ली / तिरुपति।
देश के सबसे प्रतिष्ठित और आस्था से जुड़े धार्मिक स्थलों में शामिल तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) से जुड़ा एक गंभीर मामला अब न्यायिक प्रक्रिया के अगले चरण में पहुंच गया है। लड्डू प्रसाद निर्माण में उपयोग किए गए घी की आपूर्ति को लेकर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने विस्तृत जांच के बाद अपनी चार्जशीट दाखिल कर दी है।
यह मामला इसलिए भी संवेदनशील माना जा रहा है क्योंकि तिरुपति मंदिर में वितरित होने वाला लड्डू प्रसाद न केवल धार्मिक आस्था से जुड़ा है, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं का प्रतीक भी माना जाता है।
जांच में क्या सामने आया
CBI-SIT की जांच के अनुसार, प्रसाद निर्माण के लिए वर्षों तक जिस घी की आपूर्ति की गई, उसकी गुणवत्ता, स्रोत और आपूर्ति प्रक्रिया को लेकर कई स्तरों पर अनियमितताएं पाई गईं।
जांच एजेंसी का कहना है कि घी की सप्लाई तय मानकों और प्रक्रियाओं के अनुरूप नहीं थी।
बताया गया है कि यह आपूर्ति लंबे समय तक और बड़ी मात्रा में की गई, जिसकी कुल मात्रा लाखों किलोग्राम तक बताई जा रही है। इसी आपूर्ति श्रृंखला में गड़बड़ी के संकेत मिलने के बाद मामला CBI तक पहुंचा।
चार्जशीट और आगे की प्रक्रिया
CBI ने अपनी जांच पूरी कर संबंधित अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है।
चार्जशीट में आपूर्तिकर्ताओं, संबंधित व्यक्तियों और व्यवस्था से जुड़े कुछ जिम्मेदार पक्षों की भूमिका का उल्लेख किया गया है। हालांकि, जांच एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि अंतिम निर्णय अदालत द्वारा ही किया जाएगा।
CBI सूत्रों के अनुसार, मामले में दस्तावेज़ी साक्ष्य, आपूर्ति रिकॉर्ड और गुणवत्ता जांच रिपोर्ट को आधार बनाया गया है।
आस्था से जुड़ा मामला, इसलिए संवेदनशीलता अधिक
तिरुपति मंदिर में लड्डू प्रसाद की एक विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान है। ऐसे में इस मामले ने आस्था, पारदर्शिता और सार्वजनिक विश्वास जैसे मुद्दों को भी केंद्र में ला दिया है।
हालांकि, मंदिर प्रशासन की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि वर्तमान में प्रसाद निर्माण और वितरण व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रित और सुरक्षित है, तथा भविष्य में ऐसी किसी भी संभावना को रोकने के लिए सप्लाई सिस्टम को और सख्त किया गया है।
आधिकारिक पक्ष
CBI और प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि
चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब मामला अदालत के विचाराधीन है और आगे की कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार होगी।
फिलहाल किसी भी व्यक्ति या संस्था को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा।नि
ष्कर्ष
तिरुपति लड्डू घी से जुड़ा यह प्रकरण केवल एक आपूर्ति विवाद नहीं, बल्कि आस्था से जुड़े सिस्टम में पारदर्शिता और जवाबदेही का मामला बन गया है।
CBI की चार्जशीट के बाद अब सभी की निगाहें अदालत की कार्यवाही और आगे सामने आने वाले तथ्यों पर टिकी हैं।

