अवैध हथियार की नुमाइश बनी मौत की वजह, गोरखपुर में दोस्ती का दर्दनाक अंत
गोरखपुर | थाना: चिलुआताल
गोरखपुर के चिलुआताल क्षेत्र में दोस्तों के बीच बैठकी उस समय मातम में बदल गई, जब अवैध पिस्टल का प्रदर्शन एक युवक की जान ले बैठा। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
घटना में इस्तेमाल की गई 32 बोर पिस्टल, आठ जिंदा कारतूस, तीन मोटरसाइकिल और एक अर्टिगा कार बरामद की गई है।
क्या हुआ था उस रात?
पुलिस के अनुसार मृतक अरुण अपने करीबी दोस्तों के साथ बैठा था। बातचीत के दौरान विशाल सिंह ने अपने पास मौजूद अवैध पिस्टल निकालकर दोस्तों को दिखाना शुरू किया।
बताया जा रहा है कि सभी युवक पिस्टल को घेरे में खड़े होकर देख रहे थे। इसी दौरान अचानक ट्रिगर दब गया और गोली सीधे अरुण को जा लगी।
गोली लगते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घायल युवक को बचाने की कोशिश की गई, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर टीम गठित की गई।
तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर सभी सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने बताया कि इस मामले में बीएनएस की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है और आर्म्स एक्ट की धाराएं भी जोड़ी गई हैं।
प्रेस वार्ता में खुलासा
मामले का खुलासा पुलिस लाइन स्थित सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में किया गया।
इस दौरान ज्ञानेंद्र (पुलिस अधीक्षक उत्तरी),
दिनेश कुमार पुरी (पुलिस अधीक्षक दक्षिणी)
और अनुराग सिंह (क्षेत्राधिकारी कैंपियरगंज) मौजूद रहे।
अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि अवैध हथियार रखना और उसका प्रदर्शन करना गंभीर अपराध है।
कानूनी स्थिति
हत्या से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज
आर्म्स एक्ट की धाराएं जोड़ी गईं
सभी आरोपी न्यायालय में पेश किए जा रहे हैं
आपराधिक इतिहास की जांच जारी
युवाओं के लिए चेतावनी
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि
“एक पल की लापरवाही ने एक युवक की जान ले ली और कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया।”
यह घटना युवाओं के लिए सबक है कि अवैध हथियारों का शौक जानलेवा साबित हो सकता है।
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