सेना के कैप्टन की सड़क दुर्घटना में मौत पर न्याय का बड़ा संदेश: MACT सिद्धार्थनगर ने ₹1.55 करोड़ से अधिक प्रतिकर का आदेश
सड़क हादसे में सेना के कैप्टन की मौत पर न्याय की बड़ी जीत, पीड़ित परिवार को आर्थिक सुरक्षा का संबल
उत्तर प्रदेश जनपद सिद्धार्थनगर
सड़क दुर्घटना मामलों में पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और प्रेरक निर्णय सामने आया है।
मोटर दुर्घटना प्रतिकर न्यायाधिकरण (MACT), जनपद सिद्धार्थनगर ने एक सड़क दुर्घटना से जुड़े प्रतिकर वाद में मृतक के परिजनों को ₹1,55,61,250/- (एक करोड़ पचपन लाख इकसठ हजार दो सौ पचास रुपये) प्रतिकर एवं उस पर 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दिए जाने का आदेश पारित किया है।
यह आदेश पीठासीन अधिकारी माननीय अरविन्द राय (एम.जे.एस.) द्वारा दिनांक 03 फरवरी 2026 को पारित किया गया, जिसमें संबंधित ट्रक की बीमा कंपनी टाटा ए.आई.जी. जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को नियमानुसार भुगतान करने का निर्देश दिया गया है।
न्यायालयीन अभिलेखों में दर्ज तथ्य
न्यायालय के रिकॉर्ड के अनुसार मृतक श्रृजन पाण्डेय भारतीय सेना में देहरादून में कैप्टन पद पर कार्यरत थे। दुर्घटना के समय उनकी आयु लगभग 28 वर्ष तथा मासिक वेतन ₹1,25,262/- दर्शाया गया।
अभिलेखों में उल्लेख है कि दिनांक 10/11 अक्टूबर 2023 की रात्रि वह भोजन के उपरांत अपनी बोलेनो कार (UP55 Q 1112) से अपने मित्र के साथ आवास की ओर जा रहे थे। इसी दौरान देहरादून क्षेत्र में ट्रक संख्या KA-53 B-3418 से टक्कर की घटना घटित हुई, जिसमें उनकी मृत्यु हो गई।
परिवार व दावा वाद
न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत विवरण के अनुसार मृतक ग्राम पड़रिया, पोस्ट–परसा, तहसील शोहरतगढ़, जनपद सिद्धार्थनगर के निवासी थे।
उनके परिवार में पिता, माता एवं एक बहन आश्रित के रूप में बताए गए हैं।
मृतक के परिजनों द्वारा वर्ष 2023 में मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण, सिद्धार्थनगर में वाद संख्या 306/2023 दाखिल किया गया था।
अधिवक्ताओं की प्रभावी पैरवी
न्यायालयीन कार्यवाही के दौरान याचीगण (पीड़ित परिवार) की ओर से
सीनियर अधिवक्ता इम्तियाज अली एडवोकेट एवं उनके सहायक अजय कुमार यादव एडवोकेट द्वारा मामले की पैरवी की गई।
न्यायालय के समक्ष आवश्यक अभिलेख, साक्ष्य एवं आय से संबंधित विवरण प्रस्तुत किए गए, जिनके आधार पर न्यायाधिकरण द्वारा यह निर्णय पारित किया गया।
सामाजिक सरोकार से जुड़ा न्यायालयीन संदेश
यह आदेश सड़क दुर्घटना मामलों में पीड़ित परिवारों के अधिकारों, भविष्य की सुरक्षा एवं विधिक प्रक्रिया के महत्व को रेखांकित करता है।
न्यायालय ने उपलब्ध रिकॉर्ड व साक्ष्यों के आधार पर प्रतिकर निर्धारित करते हुए यह स्पष्ट किया है कि भुगतान नियमानुसार बीमा कंपनी द्वारा किया जाएगा।

