दहेज की दहलीज़ पर बुझी ज़िंदगी: दो माह के मासूम से छिना मां का साया, गोल्हौरा में पंचायत सहायक की संदिग्ध मौत
Dowry Death Shock in Golhaura
सिद्धार्थनगर।
जनपद सिद्धार्थनगर के गोल्हौरा थाना क्षेत्र अंतर्गत जोगीकुंड गांव में शनिवार को उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक विवाहिता का शव कमरे के पंखे से लटका मिला। मृतका की पहचान चंद्रकला यादव के रूप में हुई है, जो पंचायत सहायक के पद पर कार्यरत थीं। इस हृदय विदारक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।
परिवार की ओर से दी गई तहरीर में गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मृतका के पिता बजरंगी यादव, निवासी सौरहवा ग्रांट, ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2020 में उन्होंने अपनी पुत्री का विवाह अजय यादव, निवासी कोटखास जोगीकुंड, के साथ किया था। शुरुआती समय सामान्य रहा, लेकिन कुछ वर्षों बाद कथित रूप से अतिरिक्त धन की मांग को लेकर ससुराल पक्ष द्वारा प्रताड़ना शुरू कर दी गई।
तहरीर में आरोप है कि घटना के दिन चंद्रकला की गला दबाकर हत्या की गई और बाद में उसे आत्महत्या का रूप देने के लिए पंखे से लटका दिया गया। पिता ने सास, पति और अन्य परिजनों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 85 व 80 तथा दहेज प्रतिषेध अधिनियम, 1961 की धारा 3 व 4 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। क्षेत्राधिकारी इटवा, थाना पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य संकलित किए। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
सबसे मार्मिक पहलू…
चंद्रकला यादव पंचायत सहायक के रूप में चौराहा ग्रांट में तैनात थीं। वे शिक्षित, आत्मनिर्भर और अपने परिवार की जिम्मेदार बेटी थीं। लेकिन अब उनके पीछे रह गया है दो माह का मासूम बच्चा — जिसने अभी दुनिया को देखना शुरू ही किया था कि उसकी मां का साया उठ गया।
यह घटना सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि समाज के सामने एक कड़वा सवाल भी है — क्या दहेज की मानसिकता आज भी बेटियों की जान ले रही है? क्या कानून की सख्ती के बावजूद लालच का अंत नहीं हो पा रहा?
जांच जारी, न्याय की प्रतीक्षा
पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच पूरी होना आवश्यक है।
समाज के नाम संदेश:
दहेज लेना और देना दोनों अपराध हैं। एक शिक्षित और कामकाजी महिला की संदिग्ध मौत यह संकेत देती है कि सामाजिक जागरूकता और कानूनी सख्ती दोनों को और मजबूत करने की जरूरत है।
FT NEWS DIGITAL इस मामले की हर अपडेट आप तक पहुंचाता रहेगा।
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