गोरखपुर में शिक्षक आत्महत्या प्रकरण: सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक गिरफ्तार, भ्रष्टाचार व साजिश की धाराएं बढ़ीं
गोरखपुर। गुलरिहा थाना क्षेत्र में सहायक अध्यापक कृष्ण मोहन सिंह की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर मुकदमे में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और आपराधिक साजिश से जुड़ी धाराएं भी जोड़ी गई हैं। मामले की विवेचना अब क्षेत्राधिकारी गोरखनाथ को सौंपी गई है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, 37 वर्षीय कृष्ण मोहन सिंह मूल रूप से कुशीनगर जिले के हरैया बुजुर्ग के निवासी थे और वर्तमान में गुलरिहा क्षेत्र के शिवपुर सहबाजगंज में परिवार के साथ रह रहे थे। वे देवरिया जनपद के गौरीबाजार स्थित एक लघु माध्यमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक के पद पर तैनात थे।
बताया जाता है कि 21 फरवरी की रात उन्होंने फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। परिजनों के अनुसार, उन्होंने चार पन्नों का एक सुसाइड नोट छोड़ा था, जिसमें कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों पर आर्थिक लेन-देन और मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाए गए थे।
जांच में क्या सामने आया?
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मृतक की पत्नी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों (मोबाइल कॉल डिटेल व चैट) के आधार पर यह तथ्य सामने आया कि सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक ने कथित रूप से कुछ शिक्षकों का परिचय बेसिक शिक्षा विभाग कार्यालय के एक लिपिक से कराया था और कथित तौर पर धनराशि तय कराने में मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी।
दो अन्य शिक्षकों से पूछताछ के बाद पुलिस को लेन-देन से जुड़े महत्वपूर्ण इनपुट मिले। इसके बाद आरोपित सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
अन्य आरोपितों की तलाश
पुलिस के अनुसार, मामले में नामजद अन्य संबंधित व्यक्तियों की तलाश जारी है। विभिन्न जनपदों में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। संबंधित विभागीय अधिकारियों के विरुद्ध भी विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है।
पुलिस का आधिकारिक बयान
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जांच साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के अनुसार विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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