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फर्जी डिग्री, जेल और वेतन का खेल? रिटायर्ड शिक्षक पर दोहरी जांच से मचा हड़कंप

सिद्धार्थनगर | विशेष रिपोर्ट |
सिद्धार्थनगर जनपद में शिक्षा विभाग से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें खेसरहा ब्लॉक के कछार क्षेत्र स्थित एक पूर्व माध्यमिक विद्यालय में तैनात रहे सेवानिवृत्त सहायक अध्यापक पर दो बड़े आरोप लगे हैं—पहला, फर्जी बीएड डिग्री व अंकपत्र के आधार पर नौकरी प्राप्त करना; दूसरा, जेल में निरुद्ध रहने के दौरान भी विद्यालय से वेतन लेना।
(कानूनी कारणों से शिक्षक का नाम प्रकाशित नहीं किया जा रहा है।)
🧾 मामला कैसे खुला?
ग्राम झुड़िया बुजुर्ग निवासी एक शिकायतकर्ता द्वारा जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया कि संबंधित शिक्षक के शैक्षिक प्रमाणपत्रों में पहले भी गंभीर अनियमितताएं पाई गई थीं।
बताया जाता है कि डिग्री सत्यापन के दौरान दस्तावेजों पर सवाल खड़े हुए, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और शिक्षक को एक प्रकरण में जेल भी जाना पड़ा था।
अब सवाल यह उठ रहा है कि जिस अवधि में वह जेल में निरुद्ध थे, उस दौरान विद्यालय की उपस्थिति पंजिका और वेतन आहरण कैसे जारी रहा?
वेतन आहरण पर गंभीर प्रश्न
शिकायत में दावा किया गया है कि निरुद्ध अवधि के दौरान भी संबंधित शिक्षक के खाते में वेतन का भुगतान हुआ। यदि जांच में यह तथ्य सही पाया जाता है, तो यह न केवल सेवा नियमों का उल्लंघन होगा बल्कि सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला भी बन सकता है।
प्रशासन ने क्या किया?
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी Shivsharanappa GN ने तत्काल दो सदस्यीय जांच टीम गठित की है।
टीम में संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों को शामिल किया गया है। जांच टीम ने विद्यालय के प्रधानाचार्य से निम्न अभिलेख तलब किए हैं—
नियुक्ति से जुड़े दस्तावेज
बीएड डिग्री व अंकपत्र की प्रमाणित प्रतियां
उपस्थिति पंजिका
वेतन भुगतान रजिस्टर
जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी।
संभावित कार्रवाई क्या हो सकती है?
यदि आरोप प्रमाणित होते हैं, तो—
अवैध रूप से आहरित वेतन की वसूली
फर्जी दस्तावेज पर नौकरी का आपराधिक मामला
विभागीय दंडात्मक कार्रवाई
जैसे कदम उठाए जा सकते हैं।
बड़ा सवाल
क्या वर्षों तक सिस्टम में खामियों का फायदा उठाया गया?
क्या जेल अवधि में वेतन निर्गत होना विभागीय लापरवाही का परिणाम है?
इन तमाम बिंदुओं की जांच अब प्रशासनिक स्तर पर की जा रही है। अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगा।
संक्षेप
खेसरहा ब्लॉक के विद्यालय से जुड़ा मामला
फर्जी बीएड डिग्री का आरोप
पूर्व में जेल निरुद्ध रहने की बात
जेल अवधि में वेतन लेने का दावा
डीएम द्वारा दो सदस्यीय जांच टीम गठित
रिपोर्ट आने के बाद तय होगी कार्रवाई

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