राजधानी दिल्ली से लापता लोगों के चौंकाने वाले आंकड़े, बच्चों की संख्या ने बढ़ाई चिंता
देश की राजधानी दिल्ली में साल 2026 की शुरुआत ने सुरक्षा व्यवस्था और सामाजिक तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आधिकारिक पुलिस रिकॉर्ड और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2026 के पहले 27 दिनों में 807 लोगों के लापता होने के मामले दर्ज किए गए, जिनमें बड़ी संख्या में बच्चे शामिल हैं।
आंकड़े क्या कहते हैं?
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक—
कुल लापता मामले: 807
अब तक ट्रेस किए गए लोग: 235
अब भी लापता: 538
लापता बच्चों की संख्या: 137
इन आंकड़ों का विश्लेषण किया जाए तो यह सामने आता है कि राजधानी में हर दिन औसतन 27 लोग लापता हुए, जबकि करीब 9 लोगों को प्रतिदिन ट्रेस किया गया।
बच्चों की बढ़ती संख्या बनी सबसे बड़ी चिंता
लापता मामलों में बच्चों की संख्या को लेकर विशेषज्ञों और सामाजिक संगठनों ने चिंता जताई है। बाल अधिकारों से जुड़े जानकारों का कहना है कि नाबालिगों के मामलों में शुरुआती 24 से 48 घंटे बेहद अहम होते हैं, ऐसे में समय पर सूचना और सतर्कता की भूमिका और भी बढ़ जाती है।
पुलिस की कार्रवाई और प्रयास
दिल्ली पुलिस द्वारा लापता व्यक्तियों की तलाश के लिए तकनीकी संसाधनों, डेटाबेस और फील्ड लेवल सर्च ऑपरेशन का सहारा लिया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि कई मामलों में लोग स्वेच्छा से घर छोड़ने, मानसिक तनाव, या रोजगार संबंधी कारणों से भी लापता पाए जाते हैं और उन्हें सुरक्षित वापस परिजनों से मिलाया जा रहा है।
यह आंकड़े दर्ज मामलों पर आधारित हैं, जिनमें जांच और तलाश की प्रक्रिया लगातार जारी रहती है।
विशेषज्ञों की राय
सामाजिक विश्लेषकों का मानना है कि महानगरों में—
जनसंख्या घनत्व
आर्थिक दबाव
पारिवारिक तनाव
डिजिटल और सामाजिक बदलाव
जैसे कारण भी लापता मामलों की संख्या को प्रभावित करते हैं। ऐसे में जनजागरूकता, समय पर शिकायत और सामुदायिक सहयोग बेहद जरूरी है।
प्रशासन और समाज की साझा जिम्मेदारी
यह मामला केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज, परिवार और प्रशासन — तीनों की साझा जिम्मेदारी को दर्शाता है। बच्चों और कमजोर वर्ग की सुरक्षा को लेकर सतर्कता और संवाद की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक महसूस की जा रही है।
सत्यपाल सिंह कौशिक को कंटेंट लेखन, स्क्रिप्ट लेखन का लंबा अनुभव है। वर्तमान में कौशिक जी FT NEWS DIGITAL में डिजिटल मीडिया सह- संपादक के पद पर कार्यरत हैं।
