गड्ढे ने निगली दो मासूम जिंदगियां, लापरवाही पर उठे बड़े सवाल
सिद्धार्थनगर के डोकम अमया गांव में दर्दनाक हादसा, पूरे इलाके में मातम
सिद्धार्थनगर | FT News Digital
सिद्धार्थनगर जिले के त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र के डोकम अमया गांव में एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। गांव के पास बने गहरे और पानी से भरे गड्ढे में डूबने से दो किशोरों की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना ने न केवल परिवारों को तोड़कर रख दिया है, बल्कि पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है।
मृतकों की पहचान साहिल रज़ा (17 वर्ष) और तहारत (12 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों एक ही गांव के रहने वाले थे और आपस में परिचित भी बताए जा रहे हैं।
कैसे हुआ हादसा? (ग्राउंड रिपोर्ट)
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, गांव के बाहर काफी समय से एक गहरा गड्ढा बना हुआ था, जिसमें बारिश और अन्य स्रोतों से पानी भर गया था। यह गड्ढा बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के खुला पड़ा था।
बताया जा रहा है कि दोनों किशोर खेलते-खेलते उसी स्थान पर पहुंच गए। इसी दौरान अचानक उनका संतुलन बिगड़ा और वे गहरे पानी में गिर गए। गहराई ज्यादा होने और बचाव के अभाव में दोनों बाहर नहीं निकल सके।
जब तक आसपास के लोग कुछ समझ पाते, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
मातम में डूबा गांव, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
घटना के बाद गांव का माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया है। हर घर में सन्नाटा पसरा हुआ है। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
महिलाएं बदहवास हालत में
बच्चे सहमे हुए
पुरुषों की आंखें भी नम
पूरा गांव इस हादसे को अपनी आंखों के सामने हुई त्रासदी के रूप में याद कर रहा है।
प्रशासन पर गंभीर आरोप
ग्रामीणों ने प्रशासन पर सीधा आरोप लगाया है कि यह हादसा पूरी तरह लापरवाही का नतीजा है।
गड्ढा लंबे समय से खुला पड़ा था
कोई चेतावनी बोर्ड नहीं लगाया गया
न ही बैरिकेडिंग की गई
लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस गड्ढे को भर दिया जाता या सुरक्षा इंतजाम कर दिए जाते, तो शायद आज दो जिंदगियां बचाई जा सकती थीं।
राजनीतिक हलचल, नेता प्रतिपक्ष पहुंचे मौके पर
घटना की सूचना मिलते ही नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पाण्डेय मौके पर पहुंचे। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत कर घटना की जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
बड़े सवाल, जिनका जवाब जरूरी
यह हादसा कई गंभीर सवाल खड़े करता है—
आखिर खतरनाक गड्ढे खुले क्यों छोड़े गए?
क्या स्थानीय प्रशासन को इसकी जानकारी नहीं थी?
यदि जानकारी थी, तो कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
क्या हर हादसे के बाद ही सिस्टम जागेगा?
मांग: कार्रवाई और मुआवजा
ग्रामीणों ने मांग की है कि—
पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए
जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो
गांव में ऐसे खतरनाक स्थलों को तुरंत सुरक्षित किया जाए
FT News Digital का नजरिया (Editorial Touch)
यह सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि सिस्टम की लापरवाही का आईना है।
जब तक जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई नहीं होगी, ऐसे गड्ढे यूं ही जिंदगियां निगलते रहेंगे।
दो मासूम चले गए, अब और कितनी जानें जाएंगी?
सिद्धार्थनगर के डोकम अमया गांव में गहरे गड्ढे में डूबने से दो किशोरों की मौत। घटना के बाद गांव में मातम, प्रशासन पर लापरवाही के आरोप। पूरी ग्राउंड रिपोर्ट पढ़ें।
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