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सिद्धार्थनगर कलेक्ट्रेट में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का ज़ोरदार प्रदर्शन

 एकदिवसीय धरना देकर सरकार को चेताया, लंबित मांगों पर कार्रवाई की गुहार


सिद्धार्थनगर।
उत्तर प्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की वर्षों से लंबित मांगों को लेकर शनिवार को जनपद सिद्धार्थनगर के कलेक्ट्रेट परिसर में बड़ा आंदोलन देखने को मिला।
आंगनबाड़ी संयुक्त मोर्चा उत्तर प्रदेश के आह्वान पर जिले की सैकड़ों आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं एकजुट होकर पहुँचीं और एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ अपनी आवाज़ बुलंद की।
धरना स्थल पर “आंगनबाड़ी एकता ज़िंदाबाद” और “संयुक्त मोर्चा ज़िंदाबाद” जैसे नारों से पूरा परिसर गूंज उठा। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि देश के नौनिहालों के भविष्य को संवारने वाली आंगनबाड़ी कर्मियों को आज भी अल्प मानदेय, असुरक्षित सेवा शर्तों और शोषण का सामना करना पड़ रहा है।

सदर तहसीलदार को सौंपा गया ज्ञापन

धरना समाप्ति के बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के प्रतिनिधिमंडल ने सदर तहसीलदार के माध्यम से मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता वर्ष 1975 से मातृ-शिशु पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सेवाओं की रीढ़ बनी हुई हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें न तो स्थायित्व मिला और न ही सम्मानजनक वेतन।

 सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला

प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेशों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को ग्रेच्युटी का हकदार माना गया है, बावजूद इसके अब तक जमीनी स्तर पर इस आदेश का लाभ नहीं दिया गया, जो न्यायालय के निर्देशों की अवहेलना है।

प्रमुख मांगें जो उठाईं गईं

आंदोलन के दौरान आंगनबाड़ी संयुक्त मोर्चा ने सरकार के सामने कई अहम मांगें रखीं, जिनमें प्रमुख हैं—
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को स्थायी कर्मचारी का दर्जा
प्रतिमाह सम्मानजनक वेतन/मानदेय सुनिश्चित किया जाए
ग्रेच्युटी और पेंशन जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं
फेस रिकॉग्निशन (फेस कैप्चर) प्रणाली को समाप्त किया जाए
पोषण आहार की मात्रा और गुणवत्ता में वृद्धि
डिजिटल कार्य के लिए उपयुक्त मोबाइल और रिचार्ज सुविधा

“सरकार ने नहीं सुनी तो आंदोलन होगा तेज”

धरना स्थल से नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ठोस निर्णय नहीं लिया, तो आने वाले समय में आंदोलन को और व्यापक स्तर पर तेज किया जाएगा।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह लड़ाई केवल वेतन की नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और भविष्य की है।

सरकार से उम्मीद

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने उम्मीद जताई कि उत्तर प्रदेश सरकार उनकी जायज़ मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी और वर्षों से उपेक्षित इन महिला कर्मियों को न्याय दिलाएगी।