“देश में जनगणना 2027 का बिगुल बजा: पहली बार डिजिटल तरीके से होगी गिनती, यूपी में 22 मई से शुरू होगा बड़ा अभियान!”
:ऑनलाइन खुद भर सकेंगे जानकारी, फरवरी 2027 में होगी असली जनसंख्या गणना
नई दिल्ली/लखनऊ। देश में जनगणना 2027 की औपचारिक शुरुआत का संकेत 1 अप्रैल 2026 से मिल गया है। लगभग एक दशक से अधिक समय के बाद होने जा रही यह जनगणना इस बार कई मायनों में खास होने वाली है। पिछली जनगणना वर्ष 2010-11 में आयोजित हुई थी, जबकि अब नई जनगणना पूरी तरह डिजिटल और आधुनिक तकनीक से लैस होगी।
सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत जनगणना को दो चरणों में पूरा किया जाएगा, जिससे हर नागरिक की सटीक और पारदर्शी गिनती सुनिश्चित की जा सके।
दो चरणों में होगी पूरी प्रक्रिया
पहला चरण – गृह सूचीकरण (House Listing Operations):
यह चरण 1 अप्रैल से 30 सितंबर 2026 के बीच सभी राज्यों में अलग-अलग 30 दिनों की अवधि में पूरा किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश में यह चरण 22 मई से 20 जून 2026 तक चलेगा।
दूसरा चरण – जनसंख्या गणना (Population Enumeration):
यह मुख्य चरण पूरे देश में 9 फरवरी से 28 फरवरी 2027 के बीच आयोजित होगा, जिसमें हर व्यक्ति की गिनती की जाएगी।
पहली बार डिजिटल जनगणना, खुद भर सकेंगे डेटा
इस बार की जनगणना की सबसे बड़ी खासियत है इसका डिजिटल स्वरूप।
अब नागरिकों को मिलेगा Self-enumeration (स्व-गणना) का विकल्प—
✔️ परिवार खुद अपनी जानकारी ऑनलाइन भर सकेंगे
✔️ एक यूनिक कोड जनरेट होगा
✔️ इस कोड को प्रगणक (Enumerator) के साथ साझा करना होगा
उत्तर प्रदेश में स्व-गणना की सुविधा 7 मई से 21 मई 2026 तक उपलब्ध रहेगी।
क्यों है यह जनगणना बेहद अहम?
जनगणना केवल आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि देश की नीतियों, योजनाओं और संसाधनों के वितरण की रीढ़ होती है।
इसी के आधार पर तय होते हैं—
विकास योजनाएं
सरकारी बजट
शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की रणनीति
क्या बोले अधिकारी?
सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस बार जनगणना को तेज, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने पर खास जोर दिया जा रहा है, ताकि डेटा अधिक सटीक और तुरंत उपलब्ध हो सके।
निष्कर्ष
करीब 16 साल बाद हो रही यह जनगणना देश के भविष्य की दिशा तय करेगी। डिजिटल पहल से जहां प्रक्रिया आसान होगी, वहीं नागरिकों की जिम्मेदारी भी बढ़ेगी कि वे सही और समय पर जानकारी दें।

