यूपी के 15 लाख से अधिक शिक्षक,शिक्षामित्र,अनुदेशक व अन्य कर्मचारियों को कैशलैस चिकित्सा की सुविधा
उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए एक बड़ी स्वास्थ्य सुविधा का ऐलान किया है। अब बेसिक और माध्यमिक शिक्षा से जुड़े लाखों कर्मचारी और उनके परिवार निजी अस्पतालों में भी कैशलेस इलाज की सुविधा प्राप्त कर सकेंगे। यह व्यवस्था आयुष्मान भारत योजना की तर्ज पर लागू की जा रही है, जिससे सरकारी शिक्षा तंत्र से जुड़े कर्मियों को इलाज के लिए आर्थिक चिंता से राहत मिलेगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा शिक्षक दिवस 2025 पर घोषित इस योजना को गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में औपचारिक स्वीकृति दे दी गई।
अनुदेशक, शिक्षामित्र को भी लाभ
इस योजना का सबसे बड़ा दायरा बेसिक शिक्षा परिषद से जुड़े कर्मियों को कवर करता है। इसमें शामिल हैं:
परिषद के विद्यालयों के शिक्षक
मान्यता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षक
शिक्षामित्र
विशेष शिक्षक
अनुदेशक
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की वार्डेन और शिक्षक
प्रधानमंत्री पोषण योजना (मिड-डे मील) से जुड़े रसोइये
उपरोक्त सभी के आश्रित
बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने बताया कि इस श्रेणी में 11.95 लाख से अधिक शिक्षक और कर्मचारी लाभान्वित होंगे। सरकार प्रति कर्मी लगभग 3000 रुपये वार्षिक प्रीमियम के आधार पर इस हिस्से पर 358.61 करोड़ रुपये सालाना खर्च का अनुमान लगा रही है।
माध्यमिक के शिक्षकों को भी लाभ
माध्यमिक शिक्षा विभाग के दायरे में आने वाले कई वर्गों को इस योजना में शामिल किया गया है। इनमें शामिल हैं:
अनुदानित एवं स्ववित्तपोषित विद्यालयों के शिक्षक
व्यावसायिक शिक्षा से जुड़े विषय विशेषज्ञ
मानदेय शिक्षक
संस्कृत शिक्षा परिषद से मान्यता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षक
संबंधित कर्मचारियों के आश्रित परिवारजन भी होंगे लाभान्वित
यह योजना सिर्फ कर्मचारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके आश्रित परिवारजनों को भी इसमें शामिल किया गया है। इससे लाखों परिवारों को सीधे तौर पर स्वास्थ्य सुरक्षा कवच मिलेगा।
सत्यपाल सिंह कौशिक को कंटेंट लेखन, स्क्रिप्ट लेखन का लंबा अनुभव है। वर्तमान में कौशिक जी FT NEWS DIGITAL में डिजिटल मीडिया सह- संपादक के पद पर कार्यरत हैं।
