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मिशन पैदल भारत यात्रा पैरों से नाप रहे हैं भारत, दिलों को जोड़ रहे हैं सनोज कुमार कुशवाहा

सिद्धार्थनगर / कुशीनगर।
आज के दौर में जहाँ लोग सुविधाओं के आदी हो चुके हैं, वहीं उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जनपद के एक युवक ने भारत को जानने और जोड़ने के लिए ऐसा रास्ता चुना है, जो हर किसी को सोचने पर मजबूर कर देता है। यह कहानी है सनोज कुमार कुशवाहा की—जो पैरों से भारत नाप रहे हैं और दिलों को जोड़ने का काम कर रहे हैं।
सनोज कुमार कुशवाहा, निवासी धर्मपुर पर्वत, जनपद कुशीनगर, ने
21 अक्टूबर 2022 को अरुणाचल प्रदेश से एक असाधारण यात्रा की शुरुआत की।
इस यात्रा का नाम है—
“मिशन पैदल भारत यात्रा”


28 हजार किलोमीटर से ज्यादा का सफर, वो भी पैदल
अब तक सनोज कुमार


28,200 किलोमीटर से अधिक की दूरी


29 राज्यों


सैकड़ों जिलों और हजारों गांवों
को पूरी तरह पैदल तय कर चुके हैं।
वर्तमान समय में वे उत्तर प्रदेश के 26 जनपदों की यात्रा पर हैं और हर जिले में भारतीय संस्कृति, आपसी भाईचारे और एकता का संदेश दे रहे हैं।
सिर्फ यात्रा नहीं, भारत को समझने का मिशन
सनोज कुमार कहते हैं कि यह यात्रा केवल दूरी तय करने के लिए नहीं है।
इसका असली उद्देश्य है—
भारत की संस्कृति और सभ्यता को करीब से समझना
अलग-अलग राज्यों की भाषा, खान-पान और परंपराओं को जानना
लोगों के बीच आपसी प्रेम और भाईचारे को मजबूत करना
यात्रा के दौरान वे लोगों के घरों में रुकते हैं, उनके साथ भोजन करते हैं और आम जनजीवन को बहुत नजदीक से देखते-समझते हैं।
किताब में सहेज रहे हैं भारत की आत्मा
इस ऐतिहासिक यात्रा के अनुभवों को
सनोज कुमार एक किताब के रूप में लिख रहे हैं।
इस पुस्तक का नाम होगा—
“भारतीय संस्कृति (Indian Culture)”
इस किताब में भारत के हर कोने से जुड़ी
संस्कृति, जीवनशैली, परंपराएं और अनुभव
सरल भाषा में दर्ज किए जाएंगे, ताकि आने वाली पीढ़ियाँ भारत को और गहराई से समझ सकें।


सुविधाएँ कम, हौसला बेहद बड़ा
सनोज कुमार की यात्रा किट बहुत साधारण है—
कुछ कपड़े, जरूरी दवाइयाँ और कैंप लगाने का सामान।
सुविधाएँ सीमित हैं, लेकिन हौसला और उद्देश्य बहुत विशाल।
उन्होंने बताया कि इस पूरी यात्रा के दौरान


प्रशासन का सहयोग


आम लोगों का स्नेह
उन्हें लगातार मिलता रहा है।
सिद्धार्थनगर में हुआ भव्य स्वागत
आज जनपद सिद्धार्थनगर के
नगर पालिका परिषद क्षेत्र, गांधीनगर वार्ड में
सनोज कुमार कुशवाहा का भव्य स्वागत किया गया।
स्थानीय नागरिकों ने फूल-मालाओं से उनका सम्मान किया।
इस अवसर पर नगर के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे, जिन्होंने इस अद्भुत यात्रा की सराहना की और युवक का उत्साह बढ़ाया।
आगे की योजना
उत्तर प्रदेश के शेष जनपदों की यात्रा पूरी करने के बाद
सनोज कुमार कुछ समय का विश्राम करेंगे।
इसके बाद वे आगे की यात्राओं की योजना बनाएंगे, ताकि
भारत को जोड़ने का यह मिशन लगातार आगे बढ़ता रहे।
FT News DParagraphigital विशेष
सनोज कुमार कुशवाहा की यह पदयात्रा हमें यह सिखाती है कि—


भारत को जानने के लिए बड़ी गाड़ियों की नहीं


बल्कि बड़े हौसले और सच्चे इरादों की जरूरत होती है।
यह सिर्फ एक यात्रा नहीं,
बल्कि भारतीय संस्कृति को समझने और जोड़ने का जीवंत प्रयास है।