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साध्वी प्रेम बाइसा मौत मामला: नौ सदस्यीय SIT की गहन जांच, इंजेक्शन और सोशल मीडिया विवाद पर उठे सवाल

विशेष रिपोर्ट: साध्वी प्रेम बाइसा मौत मामला – शुरुआत से आज तक का पूरा सच

जोधपुर / राजस्थान: नौ सदस्यीय SIT हर पहलू की गहन जांच कर रही है; पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट से ही खुलेगा असली सच

घटना की पूरी कहानी — शुरुआत से अब तक
जोधपुर, राजस्थान –
23 वर्षीय साध्वी प्रेम बाइसा, जोधपुर के पारेऊ गांव की कथावाचिका और आध्यात्मिक वक्ता, की मौत 28 जनवरी 2026 को आश्रम में हुई।
शुरुआत में मौत स्वाभाविक स्वास्थ्य कारणों से मानी गई, लेकिन परिवार और अनुयायियों के संदेह के चलते मामला संदिग्ध बन गया।
साध्वी की तबीयत अचानक बिगड़ी और कई इंजेक्शन लगाए गए। इसके बाद अस्पताल ले जाने पर उन्हें मृत घोषित किया गया। परिवार के सदस्यों ने शुरुआती दिनों में पोस्टमार्टम पर रोक लगाई, जिसके बाद विवाद बढ़ गया।
घटना के शुरुआती चरण से ही सवाल उठने लगे कि क्या मौत स्वाभाविक थी या कोई बाहरी कारण मौजूद था।

SIT की जांच – पूरा अपडेट
राजस्थान सरकार ने मामला गंभीरता से लेते हुए 9 सदस्यीय SIT गठित की। टीम का नेतृत्व एसीपी छवि शर्मा कर रही हैं।
जांच के मुख्य बिंदु
परिवार और आश्रम से जुड़े लोगों से पूछताछ
इंजेक्शन और मेडिकल रिकॉर्ड की जांच
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक/विसरा रिपोर्ट की पड़ताल
सोशल मीडिया पोस्ट और डिजिटल रिकॉर्ड की पुष्टि
SIT ने अब तक जांच में पाया कि इंजेक्शन के बाद अचानक स्वास्थ्य बिगड़ना, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अस्पष्टता, और पिता के व्यवहार ने मामले को और जटिल बना दिया।

पहले उठे सवाल और आज तक का एंगल
मौत स्वाभाविक थी या किसी बाहरी वजह से हुई?
इंजेक्शन/चिकित्सा प्रक्रिया का क्या प्रभाव था?
आश्रम और अस्पताल के दस्तावेज़ और डिजिटल रिकॉर्ड सही हैं या नहीं?
पिता और परिवार के बयान कितना सुसंगत हैं?
सोशल मीडिया पोस्ट और पुराने ब्लैकमेल विवाद का क्या असर था?
SIT इन सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है और कोई निष्कर्ष अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया।

इंसाफ़ और कानूनी सुरक्षा
अभी तक कोर्ट या पुलिस ने किसी पर आरोप नहीं लगाया है।
पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट ही तय करेगी कि मौत स्वाभाविक थी या अनप्राकृतिक।
खबर पूरी तरह सत्यापित और निष्पक्ष स्रोतों पर आधारित है।
भाषा और प्रस्तुति कानूनी जोखिम से सुरक्षित रखी गई है।
किसी भी व्यक्ति या संस्था को दोषी ठहराना अभी असमय होगा।

आज तक का सारांश
घटना: 28 जनवरी 2026, साध्वी प्रेम बाइसा की मौत
प्रारंभिक विवाद: पोस्टमार्टम और पिता का व्यवहार
SIT जांच: 9 सदस्यीय टीम, पूछताछ और फॉरेंसिक जाँच
इंजेक्शन और स्वास्थ्य एंगल
सोशल मीडिया और ब्लैकमेलिंग विवाद
आज तक: जांच जारी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

निष्कर्ष
साध्वी प्रेम बाइसा की मौत सिर्फ़ व्यक्तिगत दुखद घटना नहीं, बल्कि सिस्टम की जवाबदेही, न्याय और समाज की सुरक्षा से जुड़ा मामला बन गया है।
SIT की जांच अभी जारी है और पोस्टमार्टम/फोरेंसिक रिपोर्ट निर्णायक होंगी।
इस खबर का धारदार हेडिंग बनाकर के दिन