नाले में गिरा हिरण का शावक, ग्रामीणों और प्रशासन की तत्परता से बची जान
सिद्धार्थनगर। नगर पालिका परिषद सिद्धार्थ नगर अंतर्गत साड़ी गांव के वीर सावरकर नगर मोहल्ले में आज एक मार्मिक दृश्य देखने को मिला। जंगलों की अंधाधुंध कटाई और प्राकृतिक आवास के खत्म होने का असर अब आबादी वाले क्षेत्रों में साफ दिखने लगा है। इसी कड़ी में एक हिरण का शावक नाले में गिरा हुआ ग्रामीणों को दिखाई दिया, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया।
जंगलों की कटाई से बढ़ रहा वन्यजीवों का संकट
पेड़ों की कटाई और जंगलों के समाप्त होने से वन्य जीव अब सुरक्षित ठिकानों की तलाश में रिहायशी इलाकों की ओर रुख कर रहे हैं। छायादार वृक्षों और प्राकृतिक आवास के अभाव में वन्यजीवों का शहरों की ओर आना एक गंभीर संकेत है।
ग्रामीणों ने दिखाई सजगता, तुरंत पहुंचा प्रशासन
नाले में गिरे हिरण के बच्चे को देखते ही ग्रामीणों ने तत्काल सफाई नायक दुर्गेश और सभासद इमरान को सूचना दी। सूचना मिलते ही दोनों मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों की मदद से हिरण के शावक को सुरक्षित बाहर निकाला।
पशुपालन विभाग की टीम ने किया उपचार
सूचना पाकर पशुपालन विभाग की ओर से पशुधन प्रसार अधिकारी अरुण कुमार प्रजापति अपनी टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने हिरण के बच्चे का प्राथमिक उपचार किया और उसकी स्थिति को स्थिर किया।
धेन्सा पौधशाला में रखा जाएगा सुरक्षित
वन विभाग के कर्मचारियों ने बताया कि हिरण के शावक को धेन्सा पौधशाला ले जाकर सुरक्षित रखा जाएगा, जहां उसकी देखभाल की जाएगी।
सामूहिक प्रयास से बची वन्यजीव की जान
सभासद इमरान, ग्रामीणों और पशुपालन विभाग की सक्रियता के कारण हिरण के शावक की जान बचाई जा सकी। यह घटना जहां एक ओर पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता को उजागर करती है, वहीं दूसरी ओर मानवीय संवेदनशीलता की मिसाल भी पेश करती है।
सत्यपाल सिंह कौशिक को कंटेंट लेखन, स्क्रिप्ट लेखन का लंबा अनुभव है। वर्तमान में कौशिक जी FT NEWS DIGITAL में डिजिटल मीडिया सह- संपादक के पद पर कार्यरत हैं।
