Union Budget 2026: दवाई, कपड़ा हुआ सस्ता तो शराब हुआ महंगा..जानिए बजट में सस्ती और महंगी चीजों की पूरी लिस्ट
Union Budget 2026-27: लोकसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को Union Budget 2026-27 पेश किया। यह उनके मोदी सरकार में लगातार नौवें बजट भाषण के रूप में आया है, जिसमें कस्टम ड्यूटी और टैक्स संबंधी कई बड़े फैसले लिए गए हैं।
इस बार बजट में खास तौर पर कस्टम ड्यूटी में छूट और कुछ वस्तुओं पर टैक्स सुधार का ऐलान किया गया है, जिसका असर सीधे आम आदमी की जेब पर पड़ेगा। आइए जानते हैं कौन-सी चीजें सस्ती होंगी और कौन-सी महंगी हो सकती हैं।
बजट में सस्ती होने वाली चीजें
रोजमर्रा के उत्पाद सस्ती होंगे
कपड़े और टेक्सटाइल उत्पाद — कस्टम ड्यूटी में कमी, इससे तैयार कपड़ों पर असर पड़ेगा।
लेदर आइटम (चमड़े के उत्पाद) — कस्टम ड्यूटी घटने से उत्पादों के दाम में राहत मिलने की संभावना।
सिंथेटिक फुटवियर — फुटवियर पर कस्टम ड्यूटी में कटौती।
स्वास्थ्य और टेक्नोलॉजी
कैंसर-शुगर की 17 दवाएं — इन्हें अब ड्यूटी फ्री किया गया है, जिससे उपचार लागत कम हो सकती है।
लिथियम-आयन सेल और मोबाइल बैटरियां — इलेक्ट्रिक वाहनों और ऊर्जा स्टोरेज के लिए जरूरी बैटरियों पर कस्टम ड्यूटी में कमी।
सोलर ग्लास तथा ऊर्जा संबंधी उपकरण — स्वच्छ ऊर्जा पर छूट, जिससे सोलर प्रोजेक्ट सस्ते होंगे।
अन्य सस्ती सेवाएँ
विदेश यात्रा से जुड़े खर्च — कुछ मामलों में टैरिफ/टैक्स में कटौती से महंगे खर्चों पर राहत।
विमानों का ईंधन और संबद्ध उपकरण — कस्टम ड्यूटी में राहत।
इन सभी बदलावों से आयातित सामानों और मैन्युफैक्चर किये जाने वाले कुछ इलेक्ट्रॉनिक्स पर उपयोगकर्ताओं को सस्ता अनुभव हो सकता है।
बजट में महंगी होने वाली चीजें
वहीं कुछ सेक्टरों में कस्टम ड्यूटी बढ़ाने के कारण कीमतें बढ़ सकती हैं:
महंगी शराब और स्क्रैप
शराब उत्पादों पर कस्टम ड्यूटी बढ़ी — शराब पर टैक्स बढ़ने से दुकानों में कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना है।
स्क्रैप और खनिज सामग्री — इन पर भी ड्यूटी बढ़ाई गई है, जिससे उद्योगों में लागत बढ़ सकती है।
लक्ज़री और अन्य महंगे उत्पाद
कुछ विश्लेषकों के अनुसार लक्ज़री घड़ियाँ, हाई-एंड फुटवियर और डिज़ाइनर वस्त्रों पर ड्यूटी वृद्धि से उनकी कीमत में इजाफा संभव है। �
यह महंगाई उन वस्तुओं में दिखाई दे सकती है जो आयात पर अधिक निर्भर रहती हैं।
विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बजट उत्पादकों और उपभोक्ताओं के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करता है — सस्ते इनपुट को बढ़ावा देकर भारत में निर्माण और निर्यात को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जबकि कुछ महंगे सेगमेंट में ड्यूटी बढ़ाकर घरेलू उद्योगों को बचाया जा रहा है।
सत्यपाल सिंह कौशिक को कंटेंट लेखन, स्क्रिप्ट लेखन का लंबा अनुभव है। वर्तमान में कौशिक जी FT NEWS DIGITAL में डिजिटल मीडिया सह- संपादक के पद पर कार्यरत हैं।
