स्कूल असेंबली में गूंज रहीं देश-दुनिया की खबरें, छात्रों की बढ़ रही जागरूकता
देशभर के स्कूलों में अब सुबह की प्रार्थना सभा केवल प्रार्थना और अनुशासन तक सीमित नहीं रह गई है। यहां रोज़ाना देश और दुनिया की ताज़ा खबरें सुनाई जा रही हैं, जिससे विद्यार्थियों की सामान्य ज्ञान क्षमता मजबूत हो रही है और वे वर्तमान घटनाक्रम से अपडेट रह रहे हैं।
शिक्षाविदों का मानना है कि स्कूल असेंबली में समाचार वाचन की परंपरा बच्चों को जागरूक नागरिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। राष्ट्रीय घटनाओं से लेकर अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों तक की जानकारी छात्रों को दी जा रही है, ताकि वे व्यापक दृष्टिकोण विकसित कर सकें।
हाल के दिनों में शिक्षा, विज्ञान, खेल, पर्यावरण और तकनीक से जुड़ी खबरें असेंबली का हिस्सा बनी हैं। डिजिटल शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट पर सरकार के बढ़ते फोकस की जानकारी भी विद्यार्थियों को दी जा रही है। साथ ही, खेल जगत में भारतीय खिलाड़ियों की उपलब्धियां बच्चों में प्रेरणा का संचार कर रही हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रही आर्थिक बैठकों, पर्यावरण संरक्षण की पहल और अंतरिक्ष अनुसंधान से जुड़ी खबरों को भी सरल भाषा में प्रस्तुत किया जा रहा है, ताकि छात्र वैश्विक घटनाओं को समझ सकें।
विशेषज्ञों के अनुसार, नियमित समाचार वाचन से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ता है, भाषा कौशल बेहतर होता है और सार्वजनिक मंच पर बोलने की क्षमता विकसित होती है। यही कारण है कि कई विद्यालयों में अब समाचार पढ़ने की जिम्मेदारी छात्रों को ही सौंपी जा रही है।
विद्यालय प्रशासन का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य बच्चों को सिर्फ पाठ्यपुस्तक तक सीमित न रखकर उन्हें समाज और राष्ट्र की गतिविधियों से जोड़ना है।
स्पष्ट है कि स्कूल असेंबली में समाचार वाचन की यह परंपरा विद्यार्थियों को जिम्मेदार, सजग और जागरूक नागरिक बनाने की दिशा में प्रभावी साबित हो रही है।

