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सिद्धार्थनगर में युवक की चाकू मारकर हत्या, इलाके में सनसनी

सिद्धार्थनगर: नादेपार में युवक की चाकू मारकर हत्या, पुलिस जांच में जुटी

सिद्धार्थनगर।जनपद के जोगिया उदयपुर थाना क्षेत्र के नादेपार में मंगलवार शाम एक युवक की चाकू से हमले में मौत हो जाने से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

मिली जानकारी के अनुसार 23 वर्षीय शिवम कसौधन पुत्र इंद्रेश कसौधन, निवासी नादेपार, को मंगलवार शाम लगभग 5:30 बजे किसी विवाद के दौरान चाकू मार दिया गया। घटना के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और घायल युवक को मेडिकल कॉलेज सिद्धार्थनगर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बताया जा रहा है कि मृतक के परिवार की नादेपार में कपड़े की दुकान है। परिजनों के अनुसार दुकान के पास रहने वाले एक परिवार के यहां समारोह का कार्यक्रम था, जिसमें कुछ युवक आए हुए थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हुआ और चाकू से हमला किए जाने की बात सामने आई है।
मृतक के परिजनों ने विनय वर्मा पुत्र पवन वर्मा के रिश्तेदार (बुआ के लड़के) पर हमले का आरोप लगाया है। हालांकि इस मामले में अभी तक पुलिस को कोई लिखित तहरीर प्राप्त नहीं हुई है।
पुलिस का कहना है कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और तहरीर मिलने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी हुई है।

सिद्धार्थनगर की 2067 गांवों को मिलेगा शुद्ध पेयजल, जलजनित बीमारियों पर लगेगा ब्रेक

सिद्धार्थनगर।
जनपद सिद्धार्थनगर के लिए यह एक बड़ी और राहत देने वाली खबर है। जिले के 2067 गांवों में जल्द ही शुद्ध पेयजल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। इस महत्वाकांक्षी पहल से न केवल लोगों को साफ पानी मिलेगा, बल्कि जलजनित बीमारियों पर भी प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।
सरकार की इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्ता युक्त पेयजल उपलब्ध कराना है। वर्षों से दूषित पानी के कारण उल्टी-दस्त, पीलिया, टायफाइड जैसी बीमारियों से जूझ रहे ग्रामीणों को अब बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
अधिकारियों के अनुसार, परियोजना के तहत आधुनिक तकनीक से पानी की शुद्धता की जांच की जाएगी और हर गांव तक पाइपलाइन के माध्यम से जलापूर्ति की व्यवस्था की जा रही है। इससे महिलाओं और बच्चों को दूर-दराज से पानी लाने की परेशानी से भी निजात मिलेगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यह योजना पूरी तरह लागू हो जाती है, तो यह ग्रामीण जीवन में ऐतिहासिक बदलाव साबित होगी। स्वास्थ्य के साथ-साथ समय और श्रम की भी बचत होगी।
प्रशासन का दावा है कि कार्य को तय समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं और गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

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