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“भक्ति में डूबा सिद्धार्थनगर: भव्य कलश यात्रा से ‘अमृतमयी श्रीराम कथा महोत्सव’ का शुभारंभ”

सिद्धार्थनगर | विशेष रिपोर्ट
सिद्धार्थनगर। शहर स्थित नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर के अवेद्यनाथ सभागार में शुक्रवार को अमृतमयी श्रीराम कथा महोत्सव का शुभारंभ भव्य एवं दिव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। इस विशाल शोभायात्रा ने पूरे शहर को भक्तिमय रंग में रंग दिया।


कलश यात्रा कथा स्थल से प्रारंभ होकर हनुमानगढ़ी, सिद्धार्थ तिराहा होते हुए श्री सिहेंश्वरी देवी मंदिर पर जाकर संपन्न हुई। यात्रा के दौरान हर ओर “जय श्रीराम”, “बजरंगबली की जय” और “हर-हर महादेव” के उद्घोष से वातावरण गूंजता रहा।


भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम
यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं, युवतियां और बालिकाएं सिर पर कलश धारण कर शामिल हुईं। भक्ति गीतों की मधुर धुन पर झूमती श्रद्धालुओं की टोली ने पूरे नगर को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। पुरुषों की भी उल्लेखनीय भागीदारी रही, जिससे यह आयोजन जनसहभागिता का जीवंत उदाहरण बन गया।


 रथ यात्रा बनी आकर्षण का केंद्र
शोभायात्रा का मुख्य आकर्षण भव्य रथ यात्रा रही, जिसमें अंतरराष्ट्रीय कथावाचक संत गौरव कृष्ण शास्त्री विराजमान रहे। उनके दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला और जगह-जगह स्वागत भी किया गया।
जनप्रतिनिधियों व गणमान्य लोगों की उपस्थिति


इस अवसर पर सदर विधायक श्याम धनी राही, नगर पालिका अध्यक्ष गोविंद माधव, शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष राधेरमण त्रिपाठी, क्रीड़ा भारती के अध्यक्ष डॉ. अरुण कुमार प्रजापति, सत्य प्रकाश राही सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
इसके अलावा शहर के प्रमुख व्यवसायी एवं समाजसेवी—
मुरलीधर अग्रहरी, अजय कसौंधन, भीमचंद्र कसौंधन, मिट्ठू कसौंधन, श्रीचंद्र कसौंधन, राणा प्रताप सिंह, श्रीप्रकाश, रवि अग्रहरी, इंद्रसेन सिंह समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
आयोजन समिति की सराहनीय भूमिका
कार्यक्रम के सफल संचालन में शिवदत्त अग्रहरी, नीरज श्रीवास्तव, मनीष शुक्ला, रजनीश उपाध्याय, शुभम श्रीवास्तव, संदीप जायसवाल, अनिल वर्मा, शेखर दास, सुनील त्रिपाठी, पप्पू चौबे, श्रीश श्रीवास्तव, पंकज पासवान, राघवेंद्र यादव, रमेश गुप्ता सहित अन्य सदस्यों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
वहीं महिलाओं की व्यवस्था, तिलक एवं राम नाम पटका वितरण में डॉ. सीमा मिश्रा, आशा उपाध्याय, सुधा त्रिपाठी, कंचन श्रीवास्तव, साधना श्रीवास्तव, अंजली मौर्या, सुनीता जायसवाल, शीला जायसवाल, मोनी अग्रहरी, सोनू कसौंधन समेत अनेक महिलाओं की भूमिका सराहनीय रही।
प्रभु श्रीराम के बाल्यकाल का भावपूर्ण वर्णन
महोत्सव के प्रथम दिन अयोध्या धाम से पधारे अंतरराष्ट्रीय कथावाचक संत गौरव कृष्ण शास्त्री ने भगवान श्रीराम के जन्म, बाल्यकाल और उनके आदर्शों का विस्तारपूर्वक वर्णन किया।
उन्होंने कहा कि श्रीराम का जीवन त्याग, मर्यादा, सेवा और सत्य का प्रतीक है, जिससे हर व्यक्ति को प्रेरणा लेनी चाहिए।
उनके ओजस्वी और मधुर प्रवचनों को सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और पूरा पंडाल भक्ति में डूब गया।

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