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एक साथ गूंजे 331 शहनाइयों के स्वर: मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में सजे 331 घर, कई मां-बाप के सिर से उतरा बेटियों की शादी का बोझ

सांसद जगदम्बिका पाल सहित जनप्रतिनिधियों व प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में भव्य आयोजन, हर वधू के खाते में 60 हजार की DBT और गृहस्थी का पूरा सामान


सिद्धार्थनगर | 14 मार्च 2026
सिद्धार्थनगर में शनिवार को एक ऐसा भावुक और भव्य दृश्य देखने को मिला, जिसने सैकड़ों गरीब परिवारों की आंखों में खुशी के आंसू ला दिए। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के बगल स्थित मैदान में 331 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न कराया गया।
जब एक साथ सैकड़ों जोड़ों की शहनाइयां गूंजीं, तो कई माता-पिता के दिल का वर्षों पुराना बोझ हल्का हो गया। जिन परिवारों के लिए बेटियों की शादी एक बड़ी चिंता थी, उनके लिए यह आयोजन किसी वरदान से कम नहीं रहा।


कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डुमरियागंज सांसद जगदम्बिका पाल, कपिलवस्तु विधायक श्यामधनी राही, शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य, जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. तथा पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
इस दौरान जिला प्रशासन द्वारा जनप्रतिनिधियों का बुके देकर स्वागत किया गया।
331 जोड़ों का हुआ विवाह
इस भव्य आयोजन में कुल 331 जोड़े विवाह बंधन में बंधे।
हिंदू समुदाय – 238 जोड़े
बौद्ध धर्म – 74 जोड़े
मुस्लिम समुदाय – 19 जोड़े
हिंदू जोड़ों का विवाह पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ सम्पन्न कराया गया, जबकि मुस्लिम जोड़ों का निकाह मौलाना द्वारा पढ़वाया गया और बौद्ध समुदाय के जोड़ों का विवाह उनके धर्मानुसार कराया गया।
यह दृश्य सामाजिक समरसता और एकता का प्रतीक बन गया, जहां अलग-अलग धर्मों के लोग एक मंच पर विवाह बंधन में बंधे।
सरकार ने दिया आर्थिक सहारा
जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. ने बताया कि योजना के अंतर्गत प्रत्येक वधू के बैंक खाते में 60 हजार रुपये डीबीटी के माध्यम से भेजे जा रहे हैं।


इसके अलावा लगभग 25 हजार रुपये का गृहस्थी का सामान और 15 हजार रुपये बारात स्वागत के लिए खर्च किए गए।
नवविवाहित जोड़ों को गृहस्थी की शुरुआत के लिए कई आवश्यक वस्तुएं दी गईं, जिनमें प्रमुख रूप से –
साड़ी-ब्लाउज, पेटीकोट, चुनरी
पैंट-शर्ट का कपड़ा
चांदी की पायल और बिछिया
डिनर सेट और बर्तन
कूकर, कड़ाही, ट्रॉली बैग
सीलिंग फैन, प्रेस, घड़ी
गद्दा, कंबल, तकिया
सूखे मेवे और मिठाई
जैसी उपयोगी सामग्री शामिल रही।
सांसद ने की रोजगार दिलाने की घोषणा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद जगदम्बिका पाल ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में गरीब परिवारों की बेटियों की शादी सम्मानपूर्वक कराना सरकार की प्राथमिकता है।


उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि नवविवाहित जोड़ों को रोजगार और प्लेसमेंट के अवसर दिलाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि वे अपनी नई जिंदगी को मजबूती से आगे बढ़ा सकें।
उन्होंने कहा कि जो युवा उद्योग, कालानमक चावल, कंप्यूटर या अन्य क्षेत्रों में काम करना चाहते हैं, उन्हें ऋण उपलब्ध कराकर स्वरोजगार से जोड़ा जाएगा।


विधायकों ने योजना को बताया सराहनीय
विधायक श्यामधनी राही और विनय वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री की यह योजना गरीब परिवारों के लिए किसी संबल से कम नहीं है।
इस योजना के माध्यम से बेटियों की शादी गरिमा और सम्मान के साथ कराई जा रही है और उन्हें नई जिंदगी की शुरुआत के लिए आवश्यक सहायता भी दी जा रही है।


भावुक हुए माता-पिता
कार्यक्रम के दौरान कई ऐसे माता-पिता भी दिखे जिनकी आंखों में खुशी के आंसू थे।
उनका कहना था कि
“अगर यह योजना न होती तो बेटियों की शादी करना हमारे लिए बहुत कठिन था।”
आज जब उनकी बेटियां दुल्हन बनकर विदा हुईं, तो उन्हें लगा जैसे वर्षों का बोझ उतर गया हो।


एक साथ 331 घरों में जली खुशियों की लौ
सिद्धार्थनगर में आयोजित यह सामूहिक विवाह कार्यक्रम केवल एक सरकारी आयोजन नहीं रहा, बल्कि यह उन गरीब परिवारों के लिए सम्मान, सहारा और उम्मीद का उत्सव बन गया, जहां एक साथ 331 घरों में खुशियों की नई शुरुआत हुई।

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