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सरकारी नौकरी से पहले उजड़ा घर! खेसरहा हत्याकांड का 24 घंटे में खुलासा, चार गिरफ्तार

सिद्धार्थनगर।
खेसरहा थाना क्षेत्र के बहुचर्चित और सनसनीखेज हत्याकांड का सिद्धार्थनगर पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर बड़ी सफलता हासिल की है। सरकारी नौकरी मिलने से ठीक पहले एक नवयुवक की बेरहमी से हत्या के मामले में पुलिस ने चार अभियुक्तों को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त आला-ए-क़त्ल व मोटरसाइकिल बरामद की है।


यह दर्दनाक घटना खेसरहा थाना क्षेत्र के बनुहिया बुजुर्ग गांव की है, जहां निवासी मनोज कुमार की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी। मनोज के पिता सफाईकर्मी थे, जिनका कुछ समय पूर्व निधन हो गया था। पिता की मृत्यु के बाद मनोज को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी मिलने की प्रक्रिया अंतिम चरण में थी, लेकिन उससे पहले ही एक परिवार की उम्मीदें हमेशा के लिए टूट गईं।
परिजनों के अनुसार, मनोज कुमार सुबह दूध देने के लिए घर से निकले थे। गांव के दक्षिण दिशा में स्थित बाग के पास पुरानी रंजिश को लेकर उन पर जानलेवा हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल मनोज को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद गांव में आक्रोश और शोक का माहौल बन गया था।
इस चुनौतीपूर्ण मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद के नेतृत्व तथा क्षेत्राधिकारी बांसी सुश्री रोहिणी यादव के पर्यवेक्षण में विशेष पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने वैज्ञानिक, तकनीकी व इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर तेज़ और सटीक कार्रवाई करते हुए चार अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया।

इस कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम में रहे:
अनूप कुमार मिश्र – थानाध्यक्ष, खेसरहा
उप निरीक्षक हरेंद्र चौहान – प्रभारी सर्विलांस सेल (मय टीम)
उप निरीक्षक राघवेन्द्र प्रताप यादव – थाना खेसरहा
उप निरीक्षक रवि प्रताप सिंह सेंगर – थाना खेसरहा
हेड कांस्टेबल राहुल सिंह
हेड कांस्टेबल रामकिशुन
हेड कांस्टेबल धर्मेंद्र कुमार
कांस्टेबल अजीत कुमार
कांस्टेबल अनिल कुमार
महिला कांस्टेबल संगीता देवी

पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान अभियुक्तों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। सभी अभियुक्तों को कानूनी प्रक्रिया के तहत माननीय न्यायालय भेज दिया गया है, जबकि पुलिस आगे की विधिक कार्रवाई में जुटी हुई है।

यह घटना समाज के लिए एक कड़ा संदेश है कि आपसी रंजिश और हिंसा का अंत केवल पछतावे, बर्बादी और जेल तक ही पहुंचता है।

सरकारी नौकरी से पहले उजड़ा घर! खेसरहा हत्याकांड का 24 घंटे में खुलासा, चार गिरफ्तार

सिद्धार्थनगर।
खेसरहा थाना क्षेत्र के बहुचर्चित और सनसनीखेज हत्याकांड का सिद्धार्थनगर पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर बड़ी सफलता हासिल की है। सरकारी नौकरी मिलने से ठीक पहले एक नवयुवक की बेरहमी से हत्या के मामले में पुलिस ने चार अभियुक्तों को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त आला-ए-क़त्ल व मोटरसाइकिल बरामद की है।


यह दर्दनाक घटना खेसरहा थाना क्षेत्र के बनुहिया बुजुर्ग गांव की है, जहां निवासी मनोज कुमार की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी। मनोज के पिता सफाईकर्मी थे, जिनका कुछ समय पूर्व निधन हो गया था। पिता की मृत्यु के बाद मनोज को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी मिलने की प्रक्रिया अंतिम चरण में थी, लेकिन उससे पहले ही एक परिवार की उम्मीदें हमेशा के लिए टूट गईं।
परिजनों के अनुसार, मनोज कुमार सुबह दूध देने के लिए घर से निकले थे। गांव के दक्षिण दिशा में स्थित बाग के पास पुरानी रंजिश को लेकर उन पर जानलेवा हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल मनोज को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद गांव में आक्रोश और शोक का माहौल बन गया था।
इस चुनौतीपूर्ण मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद के नेतृत्व तथा क्षेत्राधिकारी बांसी सुश्री रोहिणी यादव के पर्यवेक्षण में विशेष पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने वैज्ञानिक, तकनीकी व इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर तेज़ और सटीक कार्रवाई करते हुए चार अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया।

इस कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम में रहे:
अनूप कुमार मिश्र – थानाध्यक्ष, खेसरहा
उप निरीक्षक हरेंद्र चौहान – प्रभारी सर्विलांस सेल (मय टीम)
उप निरीक्षक राघवेन्द्र प्रताप यादव – थाना खेसरहा
उप निरीक्षक रवि प्रताप सिंह सेंगर – थाना खेसरहा
हेड कांस्टेबल राहुल सिंह
हेड कांस्टेबल रामकिशुन
हेड कांस्टेबल धर्मेंद्र कुमार
कांस्टेबल अजीत कुमार
कांस्टेबल अनिल कुमार
महिला कांस्टेबल संगीता देवी

पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान अभियुक्तों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। सभी अभियुक्तों को कानूनी प्रक्रिया के तहत माननीय न्यायालय भेज दिया गया है, जबकि पुलिस आगे की विधिक कार्रवाई में जुटी हुई है।

यह घटना समाज के लिए एक कड़ा संदेश है कि आपसी रंजिश और हिंसा का अंत केवल पछतावे, बर्बादी और जेल तक ही पहुंचता है।