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यूपी बोर्ड परीक्षा में सेंध! फर्जी एडमिट कार्ड से चार गिरफ्तार, गोरखपुर में ‘सॉल्वर गैंग’ का खुलासा

गोरखपुर | FT News Digital विशेष रिपोर्ट
Gorakhpur के थाना पिपराइच क्षेत्र में यूपी बोर्ड परीक्षा के दौरान कथित रूप से फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस ने चार युवकों को गिरफ्तार किया है, जिन पर आरोप है कि वे कूटरचित एडमिट कार्ड और आधार कार्ड के जरिए वास्तविक परीक्षार्थियों की जगह परीक्षा दे रहे थे।
यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर के निर्देश पर चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान के तहत की गई। पुलिस अधीक्षक (उत्तरी) के मार्गदर्शन, क्षेत्राधिकारी चौरी-चौरा के पर्यवेक्षण और प्रभारी निरीक्षक पिपराइच के नेतृत्व में चेकिंग के दौरान संदिग्ध युवकों को हिरासत में लिया गया।
परीक्षा केंद्र पर खुलासा कैसे हुआ?
घटना 23 फरवरी 2026 की बताई जा रही है। थाना पिपराइच क्षेत्र स्थित महाराणा प्रताप कृषक इंटर कॉलेज में यूपी बोर्ड परीक्षा चल रही थी। परीक्षा के दौरान दस्तावेजों की जांच में कथित रूप से गड़बड़ी सामने आई। पुलिस के अनुसार, कुछ युवक वास्तविक परीक्षार्थियों के स्थान पर परीक्षा देते पाए गए।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूछताछ के बाद चारों को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से कथित रूप से फर्जी एडमिट कार्ड और आधार कार्ड बरामद किए गए हैं।
किन धाराओं में मुकदमा?
प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना पिपराइच में मुकदमा अपराध संख्या 89/26 दर्ज किया गया है। प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं एवं परीक्षा अध्यादेश 2024 के तहत अभियोग पंजीकृत कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
गिरफ्तार अभियुक्त (पुलिस के अनुसार)
पुलिस द्वारा जारी जानकारी के मुताबिक गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान निम्न रूप में बताई गई है:
अभिषेक चौहान (निवासी थाना शाहपुर क्षेत्र)
सौरभ कुमार (निवासी थाना शाहपुर क्षेत्र)
करन सोनकर (निवासी थाना गोरखनाथ क्षेत्र)
सूरज कुमार (निवासी थाना एम्स क्षेत्र)
(नोट: सभी अभियुक्तों के विरुद्ध आरोपों की जांच जारी है। न्यायालय में दोष सिद्ध होने तक सभी आरोपित निर्दोष माने जाते हैं।)
पुलिस का बयान
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा की शुचिता से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। भविष्य में भी परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी ताकि इस प्रकार की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
विश्लेषण
यूपी बोर्ड जैसी बड़ी परीक्षा में इस तरह की कथित अनियमितता न केवल शिक्षा व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगाती है, बल्कि मेहनत से परीक्षा देने वाले छात्रों के साथ भी अन्याय है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो यह एक संगठित सॉल्वर गैंग की ओर इशारा कर सकता है।
FT News Digital इस प्रकरण की हर अपडेट पर नजर बनाए हुए है।

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