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सीतापुर में मासूम से दरिंदगी के बाद हत्या: गांव में दहशत, आरोपी पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार
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सीतापुर, उत्तर प्रदेश | फरवरी 2026
उत्तर प्रदेश के सीतापुर जनपद के बिसवां कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। पांच वर्षीय मासूम बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर दी गई। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है।
कैसे सामने आया मामला
परिवार के अनुसार, सोमवार दोपहर बच्ची घर के बाहर खेल रही थी। कुछ देर बाद जब वह दिखाई नहीं दी तो परिजनों ने तलाश शुरू की। ग्रामीणों की मदद से काफी खोजबीन की गई, लेकिन देर रात गांव के बाहरी हिस्से में एक परित्यक्त झोपड़ी के पास बच्ची का शव बरामद हुआ।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और क्षेत्र को घेराबंदी कर जांच शुरू की।
पोस्टमार्टम में क्या सामने आया
अधिकारिक सूत्रों के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्ची के साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई है तथा गला दबाकर हत्या किए जाने के संकेत मिले हैं। पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
आरोपी की गिरफ्तारी
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विशेष टीम गठित की। जांच के दौरान संदिग्ध की पहचान कर उसे पकड़ने का प्रयास किया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने भागने की कोशिश की, जिसके बाद हुई मुठभेड़ में उसके पैर में गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी का इलाज चल रहा है।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है और जल्द ही चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
कानूनी प्रक्रिया
मामले में भारतीय दंड संहिता और पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि दोषी को सख्त से सख्त सजा दिलाने के लिए प्रभावी पैरवी की जाएगी।
जिले का पूर्व रिकॉर्ड
सीतापुर जिले में पूर्व में भी नाबालिगों के साथ जघन्य अपराध के मामलों में अदालतें कड़ी सजा सुना चुकी हैं। सितंबर 2025 में एक पुराने मामले में दोषी को “दुर्लभतम श्रेणी” मानते हुए मृत्युदंड की सजा दी गई थी। इससे स्पष्ट है कि न्यायालय ऐसे मामलों में कठोर रुख अपनाता रहा है।
सामाजिक सवाल
यह घटना एक बार फिर समाज में बच्चों की सुरक्षा, अभिभावकीय सतर्कता और सामुदायिक जागरूकता पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में त्वरित न्याय और सामाजिक संवेदनशीलता दोनों आवश्यक हैं।

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