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गोरखपुर जर्नलिस्ट प्रेस क्लब 2026 चुनाव संपन्न, परिणाम घोषित

गोरखपुर जर्नलिस्ट प्रेस क्लब 2026 के चुनाव में

*अध्यक्ष ओंकार धर द्विवेदी*

*उपाध्यक्ष धनेश कुमार*

*मंत्री पंकज श्रीवास्तव*

*संयुक्त मंत्री महेंद्र गौड़ *

*कोषाध्यक्ष दुर्गेश यादव*

*पुस्तकालय मंत्री संजय कुमार*

*कार्यकारणी सदस्य रजनीश त्रिपाठी*

हुए निर्वाचित।

 

रमेश वर्मा के नेतृत्व में 40 दीपों से अमर शहीदों को नमन, गूंजा भारत माता का जयघोष

सिद्धार्थनगर। भारत माता चौक पर पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए 40 वीर जवानों की पावन स्मृति में समाजसेवी रमेश वर्मा के नेतृत्व में भावपूर्ण श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। भारत माता की स्थापित प्रतिमा के नीचे 40 दीपक प्रज्वलित कर अमर शहीदों को नमन किया गया।

कार्यक्रम की अगुवाई करते हुए अक्षय तिवारी ने कहा कि शहीदों का सर्वोच्च बलिदान देशवासियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। उनकी वीरता और त्याग को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की और राष्ट्र की एकता एवं अखंडता बनाए रखने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर पूर्व जिला पंचायत सदस्य एवं समाजसेवी सीता देवी, ब्रह्मर्षि बावरा सिद्धार्थ ममता गृह जगमोहनी के व्यवस्थापक सुनील पाल, धर्मेंद्र यादव, मोहम्मद हुसैन, प्रिंस श्रीवास्तव, आकर्ष श्रीवास्तव, पंकज यादव, रजत जायसवाल, आलोक पाठक, राममिलन विश्वकर्मा सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

कार्यक्रम से पूर्व धर्मेंद्र यादव ने भारत माता चौक की साफ-सफाई कर 40 तिरंगे चौक के चारों ओर लगाए। तत्पश्चात दीप प्रज्वलन कर “भारत माता की जय” के जयघोष के साथ वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई।

देश अपने अमर शहीदों के त्याग और पराक्रम को सदैव नमन करता रहेगा।

पुलिस को चकमा देकर इनामी आरोपी ने किया सरेंडर

खेसरहा, सिद्धार्थनगर
सिद्धार्थनगर के खेसरहा थाना क्षेत्र के बनोहिया बुजुर्ग गांव में हुए चर्चित मनोज गौतम हत्याकांड में मुख्य आरोपी हरिओम ने पुलिस को चकमा देते हुए न्यायालय में सरेंडर कर दिया। आरोपी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही थी, लेकिन वह गिरफ्त से बाहर रहा और अंततः कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया।
यह सनसनीखेज वारदात 7 फरवरी की सुबह हुई थी, जब बनोहिया बुजुर्ग निवासी 33 वर्षीय मनोज कुमार गौतम को लोहे की रॉड से पीटकर मौत के घाट उतार दिया गया। घटना के दूसरे दिन ही पुलिस ने एक महिला समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जबकि मुख्य आरोपी हरिओम फरार चल रहा था।
🟥 क्या था पूरा मामला?
करीब एक माह पहले हरिओम और मनोज के बीच एक मामूली विवाद हुआ था। जानकारी के अनुसार, हरिओम अपनी परिचित कलावती को इलाहाबाद स्नान के लिए छोड़कर लौट रहा था। इसी दौरान मनोज के ई-रिक्शा से उसकी बाइक की टक्कर हो गई, जिससे दोनों के बीच कहासुनी और रंजिश बढ़ गई।
पुलिस जांच में सामने आया कि इसी रंजिश के चलते हरिओम ने अपने पिता अनिल और मुंबई में रहने वाले भाई सुजीत को बुलाकर मनोज की हत्या की साजिश रची। 7 फरवरी की सुबह जब मनोज रोज की तरह दूध बेचने निकला, तो रास्ते में एक महिला सहित पांच लोगों ने उसे घेर लिया और सिर पर लोहे की रॉड से वार किए। गंभीर रूप से घायल मनोज को आरोपी मरा समझकर मौके पर छोड़कर फरार हो गए। कुछ देर बाद मनोज ने दम तोड़ दिया।
🟥 10 हजार का इनाम घोषित
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी में तेजी लाने के लिए पुलिस अधीक्षक ने हरिओम पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। इसके बावजूद पुलिस को चकमा देते हुए उसने बृहस्पतिवार को न्यायालय में सरेंडर कर दिया।
इस संबंध में खेसरहा थाना प्रभारी अनूप कुमार मिश्र ने बताया कि आरोपी पर घोषित इनाम की कार्रवाई की गई थी और अब न्यायालय की प्रक्रिया के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

नगर पंचायत अध्यक्ष और ईओ के झगड़े में पिस रही है बढ़नी की जनता

सिद्धार्थनगर। नगर पंचायत बढ़नी में इधर कुछ महीनो से नगर पंचायत अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत बढ़नी के बीच अपने अधिकार और कार्यपणाली को लेकर गुपचुप तरीके से अनवन चल रही है जिसके चलते जनता को नगर पंचायत कार्यालय से ना तो कोई कागज या प्रमाण पत्र उपलब्ध हो पा रहा है और ना ही नगर पंचायत में विकास कार्य गति पकड़ रहा है

नगर पंचायत अध्यक्ष सुनील अग्रहरि की व्यवस्था के बारे में लोगों का कहना है कि ऐसे नगर पंचायत अध्यक्ष हैं जिनकीअधिशासी – अधिकारी से ताल मेल नहीं बैठ पा रहा हे इनकी कार्य प्रणाली पर प्रश्न चिन्ह खड़ा करते हुए यहां के सभासदों ने पहले ही जिलाधिकारी सिद्धार्थ नगर को अपना त्यागपत्र दे दिया था

विगत दिनों बढनी पुलिस चौकी के दो सिपाहियों का सनांतरण तथा एक चौकी इचार्ज का स्थानांतरण की बात भी लोगों के जेहन में बैठीहई है

स्थानीय विधायक से नगर अध्यक्ष का संबंध किसी से छुपा हुआ नहीं है 

इस प्रकार यह देखा जाए तो अध्यक्ष महोदय के व्यवहार और कार्यशैली से यहां के सभासद ‘ गण वेतन नपा ने के कारण कर्मचारी तमाम मूलभूत समस्याओं से ग्रस्त यहांकी जनता के साथ विधायक से जुड़े लोग इनसे संतुष्ट नहीं हैं

एक प्रेस वार्ता में नगर पंचायत अध्यक्ष सुनील अग्रहरि ने नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी पर आरोप लगाते हुए वित्तीय – अनियमितता, विकास कार्यमें बाधा, सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों और आमजन से जुड़े कायीं में लापरवाही जैसे मुद्दे उठाए।अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि ‘हरजी ट्रेडर्स’ फर्म द्वारा कन्हा गौशाला से संबंधित एक टेंडर में लगभग 11.92 लाख रुपये की कथित फर्जी एफडीआर लगाई गई।

उनका कहना है कि बैंक स्तर से इस संबंध में पुष्टि होने के बावजूद अब तक कठोर कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने – कहा कि यदि यह मामला सत्य पाया जाता है तो यह नगर पंचायत की पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन पर गंभीर प्रशनचह है।

अध्यक्ष ने संबंधित अभिलेखों – की जांच कर दोषियों के विरुद्ध – कार्रवाई की मांग की। प्रेसवाती – में अध्यक्ष ने सरकारी भूमि विशेषकर पशुचर और अन्य

सार्वजनिक उपयोग की श्रेणी की जमीन पर अवैध कब्जों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया।

उनका आरोप है कि नगर क्षेत्र में कई स्थानों पर अतिक्रमण की शिकायतें की गई, परंतु प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इससे सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा और नगर की व्यवस्था प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो सार्वजनिक हित को नुकसान पहुंच सकता है।

विकास कार्यों को लेकर भी अध्यक्ष ने प्रशासनिक शिथिलता का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि नगर में चल रहे कई कायीं में अनावश्यक देरी हो रही है और ठेकेदारों की लापरवाही के बावजूद कठोर कार्रवाई नहीं की जा रही।

उनके अनुसार कई बार निर्देश दिए गए, लेकिन उनका अनुपालन नहीं हुआ, जिससे विकास की गति प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि नगर की जनता बेहतर आधारभूत सुविधाओं की अपेक्षा रखती है और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि कार्य समयबद्ध ढंग से पूर्ण हों।अध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने में अनावश्यक देरी की जा रही है तथा सुविधा शुल्क की शिकायतें सामने आ रही है। उन्होंने कहा कि यदि नागरिकों को मूलभूत सेवाओं के लिए बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ें तो यह गंभीर प्रशासनिक विफलता है। कर्मचारियों के संदर्भ में उन्होंने कहा कि उनके विरुद्ध भ्रम फैलाया जा रहा है, जबकि उन्होंने स्पष्ट रूप से अधिकांश कर्मचारियों का वेतन जारी करने की सहमति दी थी। उनका कहना है कि कर्मचारियों को अनावश्यक रूप से गुमराह किया जा रहा है ताकि वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाया जा सके।

अध्यक्ष ने बताया कि इन सभी बिंदुओं की जानकारी पूर्व में ही उच्चाधिकारियों को दी जा चुकी है और लिखित रूप से जांच की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो वह शासन स्तर तक मामले को उठाएंगे। इस संबंध में अधिशासी अधिकारी अजय कुमार ने लगाए गए आरोपों को निराधार बताया। उनका कहना है कि नगर पंचायत के सभी कार्य शासनादेश और नियमानुसार संचालित हो रहे है।

अब देखना यह है कि आरोप-प्रत्यारोप के बीच उच्चाधिकारी क्या रुख अपनाते है और नगर पंचायत बढ़नी बाजार में प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर आगे क्या निणय लिए जाते हैं