फ्रेंड्स टाइम्स
Breaking News
EVM, VVPAT सहित निर्वाचन संबंधी उपकरणों का DM ने किया निरीक्षण

सिद्धार्थनगर 12 अक्टूबर 2026/आगामी निर्वाचन की तैयारियों के क्रम में आज से इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनों(EVM), जिसमें कण्ट्रोल यूनिट(CU),बैलट यूनिट(BU)और VVPAT शामिल हैं,की प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी) का जिला निर्वाचन अधिकारी/जिला मजिस्ट्रेट श्री शिवशरणप्पा जीएन द्वारा जिला निर्वाचन कार्यालय का निरीक्षण किया गया।

जिला निर्वाचन अधिकारी/जिला मजिस्ट्रेट श्री शिवशरणप्पा जीएन द्वारा भारत निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त प्रेक्षक/सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजस्थान श्री नरेंद्र कुमार मीणा के साथ ई0वी0एम0 वेयर को राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के समक्ष खोला गया। भारत निर्वाचन आयोग के द्वारा EVM के निर्माता कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक लिमिटेड(BEL) के अभियंता नामित किए गयेे हैं। जिले के 2239 मतदेय स्थलों के सापेक्ष 135 प्रतिशत मशीनों की जांच कराई जाएगी। पूरी प्रक्रिया सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में हो रही है। जांच के दौरान मशीनों को आगामी विधानसभा निर्वाचन हेतु तैयार किया जायेगा और उसमें डमी निर्वाचन चिह्न दर्ज अपलोड कर उनकी क्रियाशीलता भी चेक की चेक की जाएगी। इसके बाद मशीनों को भारत निर्वाचन आयोग के ईएमएस पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा। जांच में खराब पाई जाने वाली मशीनों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आयोग द्वारा निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत निर्माता कंपनी को भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान मशीनों की कार्यक्षमता परखने के लिए नमूना मतदान भी कराया जाएगा। बैलट यूनिट में उपलब्ध 16 बटनों की जांच के लिए छह-छह मत दर्ज कराकर उनकी कार्यप्रणाली देखी जाएगी। इसके अतिरिक्त एक प्रतिशत मशीनों पर 1200 मत, दो प्रतिशत पर 1000 मत और दो प्रतिशत मशीनों पर 500-500 मत दर्ज कराकर परीक्षण किया जाएगा। जिलाधिकारी ने बताया कि सीसीटीवी निगरानी की जानकारी और आई पी एड्रेस मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को भी उपलब्ध कराया गया है, जिससे प्रक्रिया की निगरानी सुनिश्चित हो सके।

इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) गौरव श्रीवास्तव, ए0आई0जी0 स्टाम्प ज्ञानेन्द्र कुमार सिंह, अधिशासी अभियन्ता सिंचाई निर्माण खण्ड सतीश कुमार व अन्य संबधित अधिकारीगण उपस्थित थे।

एशियन स्तर की कबड्डी प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक विजेता प्रदीप चौरसिया को कन्हैया पासवान ने किया सम्मानित

सिद्धार्थनगर। विधानसभा क्षेत्र कपिलवस्तु अंतर्गत ग्राम सैनुआ निवासी युवा कबड्डी खिलाड़ी प्रदीप चौरसिया ने एशियन स्तर की कबड्डी प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक प्राप्त कर क्षेत्र एवं जनपद सिद्धार्थनगर का नाम गौरवान्वित किया है।

प्रदीप चौरसिया की इस उपलब्धि पर भाजपा गोरखपुर क्षेत्र के क्षेत्रीय मंत्री कन्हैया पासवान ने सैनुआ स्थित उनके आवास पर पहुंचकर उन्हें सम्मानित किया तथा इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर कन्हैया पासवान ने कहा कि प्रदीप चौरसिया ने अपनी प्रतिभा, परिश्रम और लगन के बल पर एशियन स्तर पर स्वर्ण पदक जीतकर सिद्धार्थनगर सहित पूरे कपिलवस्तु क्षेत्र को गौरवान्वित किया है। उनकी यह उपलब्धि क्षेत्र के अन्य युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणादायक है।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण अंचल में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता है कि ऐसी प्रतिभाओं को उचित अवसर, प्रोत्साहन और मंच उपलब्ध कराया जाए। प्रदीप चौरसिया की सफलता इस बात का प्रमाण है कि कठिन परिश्रम और निरंतर अभ्यास के बल पर ग्रामीण क्षेत्र का युवा भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकता है।

कन्हैया पासवान ने प्रदीप चौरसिया के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि वह आने वाले समय में भी इसी तरह उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए देश,प्रदेश और जनपद का नाम रोशन करें।

इस दौरान पूर्व मंडल अध्यक्ष दृग नारायण सिंह,पूर्व जिला मीडिया प्रभारी निशांत पांडेय,भाजपा नेता मयंक श्रीवास्तव,संतोष शुक्ला,सूरज त्रिपाठी, अनुराग कसौधन,अजय सिंह एवं क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

148 करोड़ की छात्रवृत्ति का लाइव प्रसारण हुआ

सिद्धार्थनगर। मा0 मुख्यमंत्री उ0प्र0 श्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा अल्प आय वर्ग के पूर्वदशम(कक्षा 9-10) तथा दशमोत्तर कक्षाओं के 4.60 लाख छात्र-छात्राओं को रू0 148 करोड़ से अधिक की छात्रवृत्ति सीधे डीबीटी के माध्यम से लोकभवन लखनऊ से प्रेषित किया गया, जिसका लाइव प्रसारण मा0 विधायक कपिलवस्तु श्री श्यामधनी राही, मा0 सांसद डुमरियागंज प्रतिनिधि एस0पी0अग्रवाल के साथ राजकीय कन्या इण्टर कालेज तेतरी बाजार में देखा गया।

जिला विद्यालय निरीक्षक अरूण कुमार एवं जिला समाज कल्याण अधिकारी महिपाल सिंह द्वारा मा0 विधायक कपिलवस्तु श्री श्यामधनी राही एवं मा0 सांसद डुमरियागंज प्रतिनिधि एस0पी0अग्रवाल को पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया गया।

मा0 विधायक कपिलवस्तु श्री श्यामधनी राही ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि सबका साथ सबका विकास के साथ सरकार काम कर रही है। छात्रवृत्ति वितरण कार्यक्रम में सभी का स्वागत करते हुए कहा कि मा मुख्यमंत्री जी द्वारा आज छात्रों को सीधे डीबीटी के माध्यम से सीधे खाते में धनराशि भेजी गई है। सभी छात्रों को इस धनराशि से अपने लिए पुस्तके खरीद कर अपने ज्ञान को बढ़ाए। इस विद्यालय का भवन बहुत जर्जर था मा मुख्यमंत्री जी के प्रयास से इस विद्यालय भवन का पुनः निर्माण कराया गया। विद्यालय की शिक्षिकाओ द्वारा छात्राओं को तैयार कर सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रतिभाग करते है। छात्रों को छात्रवृत्ति एवं ड्रेस, पाठ्य पुस्तके, दिया जा रहा है। आप लोग कक्षाओं में आकर शिक्षा ग्रहण करे। अपने गुरुओं का सम्मान करे।

मा0 सांसद डुमरियागंज प्रतिनिधि एस0पी0अग्रवाल ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि मा0 मुख्यमंत्री जी द्वारा छात्रों को सीधे डीबीटी के माध्यम से छात्रवृत्ति दिया गया है। आप सभी लोग मन लगाकर अच्छे से पढ़ाई करे। सभी को बधाई दिया।

इस अवसर पर मा0 विधायक कपिलवस्तु श्री श्यामधनी राही, मा0 सांसद डुमरियागंज प्रतिनिधि एस0पी0अग्रवाल एवं अन्य अधिकारियों द्वारा छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया।

इस अवसर पर उपरोक्त के अतिरिक्त जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी नीरज अग्रवाल, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी राजन एवं अन्य संबधित अधिकारीगण उपस्थित थे।

विद्यालय में पॉक्सो अधिनियम 2012 के संबंध में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित।

उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशों एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सिद्धार्थनगर के तत्वावधान में दिनांक 25 सितम्बर 2026 से 01 अक्टूबर 2026 तक विद्यालयों में पॉक्सो अधिनियम 2012 के प्रावधानों एवं विधिक परिणामों के प्रति विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
इसी क्रम में आज दिनांक 30-09-2026 को प्रातः 07ः30 बजे से राजकीय इंटर कालेज नौगढ़ सिद्धार्थनगर में छात्र/छात्राओं के मध्य विशेष जागरूकता कार्यक्रम श्री श्रेय कुमार वर्मा, सिविल जज (जू0डि0½एफ0टी0सी0- प्रथम सिद्धार्थनगर की अध्यक्षता में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में श्री श्रेय कुमार वर्मा सिविल जज (जू0डि0½एफ0टी0सी0-प्रथम सिद्धार्थनगर द्वारा छात्र/छात्राओं को पॉक्सो अधिनियम 2012 के प्रमुख प्रावधानों बच्चों के विरुद्ध लैंगिक अपराधों से संरक्षण तथा ऐसे अपराधों के विधिक परिणामों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई। उन्होंने छात्राओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा किसी भी प्रकार की अनुचित घटना अथवा अपराध की स्थिति में तत्काल अपने अभिभावक, शिक्षक संबंधित सक्षम प्राधिकारी चाइल्ड हेल्फ लाइन 1098 अथवा आपात कालीन पुलिस सेवा -112 को सूचना देने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में श्री दयाशंकर यादव प्रधानाचार्य राजकीय इंटर कालेज नौगढ़ सिद्धार्थनगर का विशेष सहयोग रहा। विद्यालय के छात्र/छात्राओं ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया तथा पॉक्सो अधिनियम से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं। कार्यक्रम में पी0एल0वी0 श्री अभय कुमार द्विवेदी द्वारा भी सहयोग प्रदान किया गया।
सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सिद्धार्थनगर द्वारा बताया गया कि अभियान के अंतर्गत जनपद के विभिन्न विद्यालयों में न्यायिक अधिकारियों के माध्यम से प्रातः कालीन सभा के दौरान बच्चों को पॉक्सो अधिनियम के प्रावधानों एवं विधिक परिणामों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

दिनांक 30-09-2026
संलग्नक-फोटोग्राफ्स। SD-30-09-2026
सचिव
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण
सिद्धार्थनगर।

सिद्धार्थनगर में बारिश का असर: राप्ती-बूढ़ी राप्ती समेत नदियों के जलस्तर पर प्रशासन की पैनी नजर डीएम-एसपी ने बांसी और ककरही पहुंचकर लिया जायजा, सिंचाई विभाग को बंधों की लगातार निगरानी के निर्देश

सिद्धार्थनगर में बारिश का असर: राप्ती-बूढ़ी राप्ती समेत नदियों के जलस्तर पर प्रशासन की पैनी नजर

डीएम-एसपी ने बांसी और ककरही पहुंचकर लिया जायजा, सिंचाई विभाग को बंधों की लगातार निगरानी के निर्देश

सिद्धार्थनगर, 26 सितंबर 2026। जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच प्रशासन ने नदियों और तटबंधों की निगरानी तेज कर दी है। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन और पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन ने शनिवार को राप्ती नदी के बांसी क्षेत्र और बूढ़ी राप्ती नदी के ककरही क्षेत्र का मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। अधिकारियों ने नदी के बढ़ते जलस्तर और तटबंधों की स्थिति का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को लगातार निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए।

लीड | जलस्तर बढ़ा, प्रशासन अलर्ट

लगातार बारिश के कारण सिद्धार्थनगर से होकर गुजरने वाली नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। ड्रेनेज खंड सिद्धार्थनगर की 26 सितंबर शाम 4 बजे की दैनिक बाढ़ रिपोर्ट के मुताबिक कई स्थानों पर जलस्तर खतरे के स्तर से नीचे है, लेकिन कूड़ा नदी के आलमनगर गेज पर जलस्तर 87.20 मीटर दर्ज किया गया, जो निर्धारित खतरे के स्तर 87.20 मीटर के बराबर है। वहीं बूढ़ी राप्ती के ककरही गेज पर जलस्तर 85.60 मीटर दर्ज हुआ, जो खतरे के स्तर 85.65 मीटर से महज 5 सेंटीमीटर नीचे है।

ऐसे में प्रशासन ने निगरानी और सतर्कता बढ़ा दी है।

मौके पर पहुंचे डीएम और एसपी

भारी बारिश के बीच जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन और पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन ने नदी तटों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद संबंधित विभागीय अधिकारियों से जलस्तर और तटबंधों की स्थिति की जानकारी ली।

जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि बंधों की लगातार निगरानी की जाए और किसी भी संभावित समस्या की सूचना तत्काल उच्चाधिकारियों को दी जाए।

प्रशासन की ओर से कहा गया है कि बारिश और नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें।

डीएम की लोगों से अपील

जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने जिले के लोगों से सावधानी बरतने की अपील करते हुए कहा कि आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें। नदी, तटबंध और जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से जाने से बचें।

उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। किसी भी प्रकार की समस्या सामने आने पर तत्काल प्रशासन को सूचना देने की अपील की गई है।

| 26 सितंबर शाम 4 बजे की प्रमुख स्थिति

बांसी राप्ती: 82.91 मीटर — खतरे के स्तर से 1.99 मीटर नीचे

ककरही बूढ़ी राप्ती: 85.60 मीटर — खतरे के स्तर से सिर्फ 0.05 मीटर नीचे

परसौहन बूढ़ी राप्ती: 93.99 मीटर — खतरे के स्तर से 1.56 मीटर नीचे

मुंडेरवा बूढ़ी राप्ती: 89.48 मीटर — खतरे के स्तर से 1.31 मीटर नीचे

कूड़ा नदी आलमनगर: 87.20 मीटर — खतरे के स्तर के बराबर

उसका कूड़ा नदी: 81.40 मीटर — खतरे के स्तर से 2.12 मीटर नीचे

घोंघी लोटन: 84.50 मीटर — खतरे के स्तर से 2.50 मीटर नीचे

तेलार नाला: 86.80 मीटर — खतरे के स्तर से 0.70 मीटर नीचे

जमुआर नाला: 81.25 मीटर — खतरे के स्तर से 3.64 मीटर नीच

बारिश के बीच नदी किनारे पहुंचे डीएम-एसपी, जलस्तर और तटबंधों की स्थिति का लिया जायजा। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और जरूरत होने पर ही घर से निकलने की अपील की।

खतरे के स्तर तक पहुंचा कूड़ा नदी का जलस्तर और ककरही में खतरे के निशान से महज 5 सेंटीमीटर नीचे पानी होने के कारण प्रशासन की निगरानी अहम हो गई है। हालांकि, सभी गेजों की स्थिति एक जैसी नहीं है और कई स्थानों पर जलस्तर खतरे के स्तर से नीचे दर्ज किया गया है।

 

बारिश के बीच मनरेगा कार्यों की ऑनलाइन हाजिरी पर सवाल, बर्डपुर में जमीनी सत्यापन की मांग

सिद्धार्थनगर। जिले में लगातार खराब मौसम और बारिश के बीच विकासखंड बर्डपुर की कुछ ग्राम पंचायतों में मनरेगा कार्यों की ऑनलाइन उपस्थिति को लेकर सवाल उठे हैं। 25 सितंबर 2026 के उपलब्ध NMMS रिकॉर्ड में कई कार्यस्थलों पर बड़ी संख्या में श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज दिखाई दे रही है। वहीं प्राप्त जानकारी में कुछ स्थानों पर मौके पर श्रमिक नहीं मिलने का दावा किया गया है।

ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि ऑनलाइन दर्ज उपस्थिति और कार्यस्थल की वास्तविक स्थिति क्या एक जैसी है? इसकी पुष्टि के लिए संबंधित कार्यस्थलों का भौतिक निरीक्षण और सरकारी अभिलेखों का मिलान जरूरी है।

चार ग्राम पंचायतों के रिकॉर्ड पर सवाल

1. बजहा ग्राम पंचायत

उपलब्ध ऑनलाइन रिकॉर्ड में “जरबी पुल से विजय के खेत तक नाला खुदाई कार्य” दर्ज है। रिकॉर्ड में 69 श्रमिकों की उपस्थिति दिखाई गई है।

प्राप्त जानकारी में मौके पर श्रमिक नहीं मिलने का दावा किया गया है। हालांकि, इसकी वास्तविक पुष्टि संबंधित अधिकारियों के स्थलीय निरीक्षण से ही हो सकेगी।

2. बरगढ़ी ग्राम पंचायत

यहां रिकॉर्ड में “कैलाश के खेत से विजय के खेत तक चकरोड पर मिट्टी पटाई कार्य” दर्ज है।

उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार 79 श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज दिखाई देती है। ऐसे में ऑनलाइन उपस्थिति और मौके पर वास्तविक श्रमिकों की मौजूदगी का मिलान किए जाने की आवश्यकता है।

3. बर्डपुर नंबर-10

रिकॉर्ड में “पुलिया से नोखनिया पोखर तक नाला खुदाई कार्य” दर्ज है।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार यहां 76 श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज है। मौके पर श्रमिकों की मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।

4. बर्डपुर नंबर-7

यहां “पंचम के खेत से बगीचे तक नाला खुदाई कार्य” दर्ज है।

रिकॉर्ड में 59 श्रमिकों की उपस्थिति दिखाई गई है। वहीं प्राप्त जानकारी में मौके पर श्रमिक नहीं मिलने का दावा किया गया है।

🌧️ खराब मौसम के बीच दर्ज हुई हाजिरी

मौसम को लेकर भी तस्वीर महत्वपूर्ण है। भारत मौसम विज्ञान विभाग की 25 सितंबर 2026 की चेतावनी में पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए 25 और 26 सितंबर को अत्यधिक भारी बारिश के साथ मेघगर्जन, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं जैसी स्थितियों की चेतावनी दर्ज थी। �

Mausam

इसी दौरान बर्डपुर क्षेत्र के इन मनरेगा कार्यों में ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज दिखाई दे रही है।

यहीं से सवाल उठता है—

क्या उस समय श्रमिक वास्तव में कार्यस्थल पर मौजूद थे?

क्या निर्धारित कार्य मौके पर हो रहा था?

और—

क्या ऑनलाइन दर्ज उपस्थिति का भौतिक सत्यापन किया गया है?

इन सवालों का जवाब रिकॉर्ड और स्थलीय जांच से ही सामने आएगा।

🔎 सिर्फ ऑनलाइन रिकॉर्ड से निष्कर्ष नहीं

यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि ऑनलाइन उपस्थिति दिखाई देना अपने आप में अनियमितता का प्रमाण नहीं है।

केंद्र सरकार के आधिकारिक MGNREGA पोर्टल पर NMMS के माध्यम से कार्यस्थल की दैनिक उपस्थिति दर्ज किए जाने की व्यवस्था उपलब्ध है। �

NREGA

इसलिए इस मामले में वास्तविक स्थिति जानने के लिए—

NMMS की 25 सितंबर की उपस्थिति,

मस्टर रोल,

संबंधित जॉब कार्ड,

कार्यस्थल का भौतिक निरीक्षण,

कार्य की वास्तविक प्रगति,

माप पुस्तिका और अन्य संबंधित अभिलेख

का मिलान किया जाना महत्वपूर्ण होगा।

❓ प्रशासन के सामने बड़ा सवाल

क्या बर्डपुर की संबंधित ग्राम पंचायतों में दर्ज ऑनलाइन हाजिरी का मौके पर सत्यापन किया गया है?

यदि जांच में रिकॉर्ड और मौके की स्थिति में अंतर सामने आता है, तो संबंधित नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई का प्रश्न उठेगा।

लेकिन जब तक जांच पूरी नहीं होती, किसी व्यक्ति, ग्राम पंचायत या अधिकारी पर अनियमितता अथवा फर्जी हाजिरी का आरोप तथ्य के रूप में लगाना उचित नहीं होगा।

📌 प्रशासन से जांच की मांग

मामले में प्रशासन द्वारा यदि जांच कराई जाती है तो चारों कार्यस्थलों का स्थलीय निरीक्षण, NMMS उपस्थिति और मस्टर रोल का मिलान तथा कार्य की वास्तविक प्रगति की जांच तस्वीर को स्पष्ट कर सकती है।

साथ ही खराब मौसम के दौरान कार्यस्थल पर श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति भी जांच का हिस्सा हो सकती है।

बर्डपुर ब्लॉक की चार ग्राम पंचायतों के कुछ मनरेगा कार्यों में 25 सितंबर की ऑनलाइन उपस्थिति को लेकर सवाल उठे हैं। उपलब्ध रिकॉर्ड में बजहा में 69, बरगढ़ी में 79, बर्डपुर नंबर-10 में 76 और बर्डपुर नंबर-7 में 59 श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज दिखाई देती है। वहीं कुछ स्थानों पर मौके पर श्रमिक नहीं मिलने का दावा सामने आया है।

ऐसे में मामला आरोप लगाने से ज्यादा ऑनलाइन रिकॉर्ड और जमीनी हकीकत के मिलान का है। प्रशासनिक जांच होने पर ही स्पष्ट हो सकेगा कि रिकॉर्ड और मौके की स्थिति में कोई अंतर था या नहीं।

 

आपदा से निपटने के लिए मॉक एक्सरसाइज का आयोजन हुआ

भूकम्प, अग्निकांड और अन्य आपदाओं के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी बनाने के लिए जिले में व्यापक स्तर पर मॉक एक्सरसाइज आयोजित की गयी।उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देश पर 18 सितम्बर को जिले की पांच तहसीलों में राज्य स्तरीय मॉक एक्सरसाइज-2026 का आयोजन किया गया। इसके तहत विभिन्न स्थानों पर आपदा की काल्पनिक परिस्थितियां तैयार कर संबंधित विभागों की तैयारियों, त्वरित प्रतिक्रिया और आपसी समन्वय को परखा गया। इस पूर्वाभ्यास में एनसीसी कैडेटों,आपदा मित्र,युवा आपदा मित्र,स्काउट गाइड की अहू भूमिका रही। जिलाधिकारी महोदय, की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार मॉक एक्सरसाइज में नौगढ़, बॉसी, डुमरियागंज,इटवा, और शोहरतगढ़ तहसील को शामिल किया गया।

नौगढ़ के करौंदा मसिना स्थित एक होटल, में अग्निकांड का अभ्यास किया गया। इसी क्षेत्र में आग लगने की काल्पनिक स्थिति बनाकर राहत और बचाव कार्यों का अभ्यास किया गया। इसी तरह बॉसी में तिलक इंटर कॉलेज में अग्निकांड की स्थिति को आधार बनाकर मॉक एक्सरसाइज किया गया। डुमरियागंज तहसील में पूर्व माध्यमिक विद्यालय में भूकंप की स्थिति का अभ्यास किया गया।

यहां भूकंप के दौरान भवन में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और तत्काल राहत पहुंचाने की तैयारियोें को जांचा गया। वहीं इटवा में माता प्रसाद इंटर कॉलेज में बडे़ भवन, से जुड़ी भूकंप की काल्पनिक स्थिति तैयार की किया गया। शोहरतगढ़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अग्निकांड के दौरान अस्पताल में उत्पन्न होने वाली आपदा स्थिति को आधार बनाकर मॉक एक्सरसाइज किया गया।

जिले में समस्त तहसील के उपजिलाधिकारी/तहसीलदार तथा नायब तहसीलदार उपस्थिति रह कर मॉक एक्सरसाइज को सम्पन्न कराया गया। इसी क्रम में जिले से इमरजेंसी ऑपरेशन सेन्टर से जिला अधिकारी महोदय व अपर जिलाधिकारी के निर्देश के अनुसार आपदा विशेषज्ञ और उनकी टीम जिला इमरजेंसी ऑपरेशन सेन्टर से समस्त तहसील में मॉक एक्सरसाइज का आयोजन तथा विडियों कॉनफ्रेसिंग के माध्यम से निगरानी और मॉक अभ्यास का सफल आयोजन कराया गया।

सिद्धार्थनगर में बिजली संकट: इटवा में रात भर गुल रहती है बिजली, नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने ऊर्जा मंत्री को लिखा पत्र

लखनऊ/सिद्धार्थनगर: जनपद सिद्धार्थनगर के इटवा विधानसभा क्षेत्र और आसपास के इलाकों में जारी अघोषित बिजली कटौती का मुद्दा अब सियासी रूप ले चुका है। उत्तर प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने क्षेत्र में रात के समय हो रही भारी बिजली कटौती पर कड़ी नाराजगी जताते हुए प्रदेश के ऊर्जा मंत्री को पत्र लिखा है।

नेता प्रतिपक्ष ने अपने पत्र में ऊर्जा मंत्री का ध्यान सिद्धार्थनगर की चरमराती बिजली व्यवस्था की ओर आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि विधानसभा क्षेत्र 305-इटवा के अंतर्गत आने वाले सब-स्टेशनों—इटवा ग्रामीण, कठौतिया, तरहर, बेलवा, खुनियांव और भिलौरी सहित कई अन्य उपकेंद्रों से अधिकांशतः रात के समय बिजली सप्लाई बंद कर दी जा रही है।

रात में घंटों बिजली गायब रहने के कारण भीषण गर्मी और उमस में स्थानीय जनता, बच्चों व बुजुर्गों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

माता प्रसाद पांडेय ने जनहित का हवाला देते हुए ऊर्जा मंत्री से मांग की है कि संबंधित अधिकारियों को तत्काल आदेश जारी कर इन क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती बंद कराई जाए और निर्बाध रूप से सामान्य विद्युत आपूर्ति बहाल की जाए।

जिलाधिकारी ने सेवा संकल्प अभियान के तहत की बैठक

सिद्धार्थनगर 10 सितम्बर 2026/सेवा संकल्प अभियान की तैयारियों के संबध में जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जीएन की अध्यक्षता एवं मुख्य विकास अधिकारी श्री बलराम सिंह की उपस्थिति में कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक सम्पन्न हुई।

जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जीएन ने बताया कि दिनांक 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर 2026 तक सेवा संकल्प अभियान का शुभारंभ किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों को जन-जन तक पहुंचाना तथा सेवा, सहभागिता और जनकल्याण की भावना को मजबूत करना है। उन्होंने बताया कि 17 सितम्बर को आशीर्वाद का दीया अभियान आयोजित किया जाएगा। इसके तहत जिले के प्रमुख मंदिरों, घाटों, महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजनाओं और विभिन्न सरकारी योजनाओं से लाभान्वित परिवारों के घरों पर दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को कार्यक्रम की प्रभावी तैयारी और व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग को विद्यालयों में भाषण और रंगोली प्रतियोगिताएं आयोजित कराने को कहा। साथ ही बुद्धिजीवियों के माध् यम से युवाओं के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें विकास, नवाचार, सेवा और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने पर जोर दिया। जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया कि 25 सितम्बर से 07 अक्टूबर तक प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर तीन दिवसीय संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। इनमें हेल्दी बेबी प्रतियोगिता, उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं का सम्मान तथा बच्चों को कॉमिक बुक्स, पौष्टिक फल और मिठाई का वितरण कराया जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं से लाभान्वित होकर जिन नागरिकों के जीवन में उल्लेखनीय सकारात्मक बदलाव आया है, उनकी सफलता की कहानियों को अभियान के दौरान प्रमुखता से सामने लाया जाए। इसके लिए लाभार्थियों की शॉर्ट फिल्म और रील तैयार कर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित करने के निर्देश दिए गए, ताकि योजनाओं के वास्तविक प्रभाव की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके। सभी ग्राम पंचायतों और वार्डों में सेवा संकल्प अभियान को व्यापक स्तर पर आयोजित करने तथा अधिकारियों को निर्धारित कार्यक्रमों की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभियान के आयोजन में किसी भी स्तर पर शिथिलता नहीं होनी चाहिए। उन्होंने पर्यटन, ग्राम्य विकास, सूचना, पंचायतीराज, नगर विकास, बेसिक शिक्षा और माध्यमिक शिक्षा समेत सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार कार्यक्रमों का सफल आयोजन सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही कार्यक्रमों के फोटो और वीडियो शासन द्वारा उपलब्ध कराए गए लिंक पर समय से साझा करने के निर्देश दिए।

बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा0 संजय कुमार दोहरे, अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) गौरव श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) ज्ञान प्रकाश, जिला विकास अधिकारी राजमणि वर्मा, डीसी मनरेगा सन्दीप सिंह, पीडी अनिल कुमार, डीसीएनआरएलएम देवनन्दन दूबे, जिला सूचना अधिकारी संतोष कुमार द्विवेदी, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी बीएस यादव, जिला पंचायतराज अधिकारी वाचस्पति झा, बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेष कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक अरूण कुमार, सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

मझौली सागर को रामसर वेटलैंड घोषित करने पर हुई चर्चा

सिद्धार्थनगर के मझौली सागर को रामसर वेटलैंड घोषित करवाने हेतु सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो.कविता शाह के निर्देशन में सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग के प्रोफेसर आशुतोष वर्मा तथा शोध छात्राएं कु. अनामिका सिंह एवं हर्षिता सिंह द्वारा तैयार किए गए रामसर इनफॉरमेशन सीट (RIS)पर जिलाधिकारी व प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी वन प्रभाग सिद्धार्थनगर की उपस्थिति में चर्चा की गई तथा तैयार किए गए रामसर इनफॉरमेशन सीट को प्रोफेसर आशुतोष वर्मा वनस्पति विज्ञान विभाग द्वारा जिलाधिकारी व प्रभागीय निदेशक सामाजिक सिद्धार्थनगर को सौंपा गया ।इस अवसर पर सिंचाई विभाग, कृषि विभाग, मत्स्य विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। रामसर इनफॉरमेशन सीट के अवलोकनोपरान्त जिलाधिकारी शिव शरणप्पा जी.एन. ने बताया कि सिद्धार्थ विश्वविद्यालय व वन विभाग के संयुक्त वैज्ञानिक प्रयास से मझौली सागर में जैव विविधता का संरक्षण व प्रबंधन प्रभावी रूप से सुनिश्चित होगा। डी.एफ.ओ. नीला एम. ने बताया कि रामसर साइट घोषित होने से मझौली सागर में इको टूरिज्म की काफी संभावनाएं व पर्यटकीय विकास होगा। उन्होंने इस कार्य में सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की कुलपति महोदया वनस्पति विज्ञान विभाग के प्रोफेसर तथा शोध छात्राएं का आभार व्यक्त किया

error: कोई भी कंटेंट कॉपी न करें, नहीं तो आप पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।