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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सिद्धार्थनगर द्वारा 78 निःशुल्क मेडिकल कैंपों का होगा आयोजन:राजीव नयन

सिद्धार्थनगर।भारत नेपाल सीमा पर जनपद सिद्धार्थनगर में एनोवो द्वारा आयोजित गुरु गोरक्षनाथ स्वास्थ शिविर यात्रा का 78 मेडिकल कैंपों का आयोजन होगा मेडिकल कैंप में 20,21,22 फरवरी तीन दिनों का आयोजन है उस आयोजन में कई अन्य मेडिकल कॉलेजो से लगभग 200 से अधिक डॉक्टर इस शिविर को सफल बनाने में सिद्धार्थनगर पहुंचेंगे भारत नेपाल सीमा पर ऐसे 4 ब्लॉकों के कुल 78 गांव निश्चित किए है कहा जहां मरीजों का निःशुल्क परामर्श किया जाएगा।यह कार्यक्रम पूर्ण रूप से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ व उसके ऐसे कुछ जन संगठन जैसे नेशनल मेडिकल,सीमा जागरण मंच,विद्या भारती, विश्व हिंदू परिषद व भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता गांव गांव इसकी तैयारियां जोरो पर कर रहे हैं हर गांव में इसकी समिति बनाई गई है लगभग हर गांव में 9 से 3 बजे तक मेडिकल कैंपों का आयोजन किया जाएगा इसके निम्मित आज जिले में एक बड़े बैठक की आयोजन हुई जिसको संबोधित करते हुए *विभाग प्रचारक राजीव नयन ने कहा कि* सेवा ही परमो धर्मः ऐसे डॉक्टर जिनका बड़े बड़े मेडिकल संस्थानों में समय मिलना मुश्किल होता है ऐसे डॉक्टरों के समूह को भारत नेपाल सीमा पर सेवा देने के लिए बुलाना निश्चित रूप से संगठन की एक महत्वपूर्ण योजना है और ऐसे हमने शताब्दी वर्ष में ये संकल्प लिया है कि सब कोई सुखी हो हर कोई निरोगी हो इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने लगातार छठवीं बार यह मेडिकल कैंप आयोजित किया जा रहा है।

इस मेडिकल कैंप को सफल बनाने के लिए चारों ब्लॉक के 78 गांव से लगभग कुल 400 सभी संगठनों के कार्यकर्ता अपना योगदान दे रहे है।

इस अभियान को सफल बनाने के लिए लोटन बढ़नी खंड से जिला संघ चालक गोकुल गोयल,जिला प्रचारक विशाल,जिला कार्यवाह शिवेंद्र सिंह,प्रधानाचार्य संतोष सिंह,खंड कार्यवाह पंकज श्रीवास्तव, बर्डपुर खंड से अजीत अग्रहरि,जिला मंत्री भाजपा अजय उपाध्याय,जिला महामंत्री विपिन सिंह,अविनाश जायसवाल,लोटन से सह जिला कार्यवाह मनोज शर्मा,प्रधानाचार्य कृष्ण मोहन,मनोज कुमार,अभिषेक,दिनेश कुमार व जैसे तमाम कार्यकर्ता व जिला समन्वय के लिए महादेव जी,मदन मोहन व शंभू प्रसाद आदि ऐसे लोगों को लगाया गया है।

यह पूरा कार्यक्रम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक राजीव नयन के देख रेख में संपन्न होगा।

गोरखपुर में मोतियाबिंद ऑपरेशन बना त्रासदी 30 मरीजों में 18 को गंभीर संक्रमण, 9 की आंखें निकालनी पड़ीं; अस्पताल सील, मजिस्ट्रियल जांच शुरू

गोरखपुर/सिकरीगंज | रिपोर्ट: धनेश कुमार
गोरखपुर के सिकरीगंज स्थित न्यू राजेश हाइटेक हॉस्पिटल में आयोजित आई कैंप के बाद बड़ा स्वास्थ्य संकट सामने आया है। 1 फरवरी को लगाए गए कैंप में 30 मरीजों का मोतियाबिंद ऑपरेशन किया गया था। आरोप है कि ऑपरेशन के 24 घंटे के भीतर ही कई मरीजों की आंखों में तेज दर्द, सूजन, खून और मवाद की शिकायत शुरू हो गई।
स्वास्थ्य विभाग की प्रारंभिक जांच और कल्चर रिपोर्ट में संक्रमण की पुष्टि हुई है। जानकारी के अनुसार 18 मरीजों में गंभीर इंफेक्शन पाया गया, जबकि 9 मरीजों की हालत इतनी बिगड़ गई कि उन्हें आंख निकालनी पड़ी। कई मरीजों का इलाज लखनऊ, वाराणसी और दिल्ली के सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों में जारी है।
पीड़ित परिवारों का दर्द
इन्दारी निवासी संजय सिंह ने बताया कि उनके पिता का ऑपरेशन इसी अस्पताल में हुआ था। ऑपरेशन के बाद आंख से लगातार खून बहने लगा। पहले वाराणसी और फिर दिल्ली ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने स्थिति गंभीर बताते हुए आंख निकालने की सलाह दी।
एक अन्य पीड़िता की बहू रेखा ने बताया कि ऑपरेशन के बाद आंख में असहनीय दर्द और मवाद की समस्या शुरू हो गई। अब दवाइयों के सहारे इलाज चल रहा है।
प्रशासनिक कार्रवाई
मामला सामने आते ही गोरखपुर के जिलाधिकारी दीपक मीणा ने अस्पताल को सील करने और मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी विधिक कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ी तो रजिस्ट्रेशन भी निरस्त किया जाएगा।
वहीं सीएमओ डॉ राजेश झा ने बताया कि 4 फरवरी को जानकारी मिलने के बाद जिला स्तरीय जांच कमेटी गठित की गई। बीआरडी मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी टीम द्वारा भी जांच की गई है। प्रथम दृष्टया मामला संक्रमण का प्रतीत होता है। एहतियातन अस्पताल के नेत्र विभाग को सील कर दिया गया है।
सियासी प्रतिक्रिया
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि गोरखपुर में लोगों की आंखों की रोशनी चली गई और जिम्मेदार लोग मौन हैं।
बड़े सवाल
क्या ऑपरेशन थिएटर में संक्रमण नियंत्रण के मानकों का पालन नहीं हुआ?
क्या उपकरण या दवाएं संक्रमित थीं?
क्या आई कैंप की निगरानी में चूक हुई?
यह घटना प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। फिलहाल जांच जारी है और पीड़ित परिवार न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
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सिद्धार्थनगर में ट्रैफिक का बड़ा अभियान: 42 वाहनों का चालान, ₹55,500 वसूले गए

जनपद सिद्धार्थनगर में यातायात नियमों की अनदेखी करने वालों पर पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के आदेश पर विशेष अभियान चलाते हुए यातायात पुलिस ने शहर के प्रमुख चौराहों और कस्बों में व्यापक चेकिंग अभियान चलाया।
अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद के निर्देशन और क्षेत्राधिकारी यातायात सुजीत राय के पर्यवेक्षण में प्रभारी यातायात अमरेश कुमार अपनी टीम के साथ साड़ी तिराहा, पावर हाउस तिराहा, सिद्धार्थ तिराहा, पेट्रोल पम्प तिराहा और कस्बा बांसी सहित विभिन्न स्थानों पर सक्रिय रहे।
🔊 पीए सिस्टम के माध्यम से आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया गया।
शराब पीकर वाहन चलाने वालों की विशेष जांच की गई।
बिना हेलमेट, तीन सवारी, सीट बेल्ट न लगाने और गलत दिशा में वाहन चलाने वालों पर सख्ती दिखाई गई।
सड़क किनारे अवैध रूप से खड़े बड़े वाहनों को हटवाकर एमवी एक्ट के तहत चालान किया गया।
रात्रि दुर्घटनाओं से बचाव हेतु वाहनों पर रिफ्लेक्टिव टेप भी लगाए गए।
अभियान का परिणाम:
शराब पीकर वाहन चलाने की चेकिंग में 10 वाहन चेक
 01 वाहन का चालान (शराब पीकर वाहन चलाना)
 कुल 42 वाहनों का चालान
 ₹55,500 शमन शुल्क की वसूली
यातायात पुलिस ने सभी वाहन चालकों को हर परिस्थिति में नियमों का पालन करने की सख्त हिदायत दी, ताकि सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में भारी कमी लाई जा सके।
FT News Digital अपील करता है:
सुरक्षित रहें, नियमों का पालन करें — क्योंकि घर पर कोई आपका इंतज़ार कर रहा है।

14 माह बाद रानी कसौधन हत्याकांड का खुलासा, मुख्य आरोपी गिरफ्तार

राजनीतिक साज़िश का भी पर्दाफाश, पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद
सिद्धार्थनगर / शोहरतगढ़
करीब 14 महीने पहले हुई 16 वर्षीय रानी कसौधन की सनसनीखेज हत्या के मामले में थाना शोहरतगढ़ पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी आशीष उर्फ राम आशीष निवासी मसिना को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया है।
पुलिस ने आरोपी को हत्या, अपहरण और साक्ष्य मिटाने जैसी गंभीर धाराओं में गिरफ्तार किया है। इस गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है, वहीं पीड़ित परिवार को अब न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।
थाना प्रभारी नवीन कुमार सिंह ने बताया कि मामले में गहन जांच, साक्ष्य संकलन और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आरोपी की गिरफ्तारी की गई है और उसे न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया गया है।
क्या था पूरा मामला?
बताया जाता है कि 28 नवंबर 2024 की रात शोहरतगढ़ कस्बे के एक वार्ड की निवासी 16 वर्षीय रानी कसौधन एक विवाह समारोह में शामिल होने गई थी, लेकिन देर रात तक घर वापस नहीं लौटी।
1 दिसंबर 2024 को उसका शव वार्ड नंबर 7, मोहल्ला सुभाष नगर स्थित NH-730 शोहरतगढ़-बाणगंगा रोड पर अग्रवाल पेट्रोल पंप के सामने झाड़ियों में मिला था। शव पर चोट और सूजन के निशान पाए गए थे, जिससे हत्या की आशंका प्रबल हुई थी।
घटना के बाद परिजनों ने काफी प्रयास किया, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। बाद में पीड़िता की मां शीला ने न्यायालय का सहारा लिया। कोर्ट के आदेश पर 26 जनवरी को थाना शोहरतगढ़ में प्राथमिकी दर्ज की गई और पुलिस ने जांच शुरू की।
साज़िश का भी खुलासा
जांच के दौरान यह भी स्पष्ट हुआ कि इस मामले में नगर पंचायत शोहरतगढ़ की अध्यक्ष उमा अग्रवाल के प्रतिनिधि रवि अग्रवाल को फंसाने की कथित साज़िश रची गई थी। कुछ लोगों द्वारा न्यायालय के माध्यम से उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराने का प्रयास किया गया था।
पुलिस जांच में यह आरोप निराधार पाए गए। इस खुलासे के बाद यह साफ हो गया कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के तहत छवि खराब करने की कोशिश की गई थी, जो अब निष्फल साबित हुई।
परिवार को न्याय की आस
14 माह तक चली कानूनी प्रक्रिया और जांच के बाद आरोपी की गिरफ्तारी से पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद जगी है। क्षेत्र में इस कार्रवाई को लेकर संतोष भी देखा जा रहा है।
पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।

अवैध हथियार की नुमाइश बनी मौत की वजह, गोरखपुर में दोस्ती का दर्दनाक अंत

गोरखपुर | थाना: चिलुआताल
गोरखपुर के चिलुआताल क्षेत्र में दोस्तों के बीच बैठकी उस समय मातम में बदल गई, जब अवैध पिस्टल का प्रदर्शन एक युवक की जान ले बैठा। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
घटना में इस्तेमाल की गई 32 बोर पिस्टल, आठ जिंदा कारतूस, तीन मोटरसाइकिल और एक अर्टिगा कार बरामद की गई है।
क्या हुआ था उस रात?
पुलिस के अनुसार मृतक अरुण अपने करीबी दोस्तों के साथ बैठा था। बातचीत के दौरान विशाल सिंह ने अपने पास मौजूद अवैध पिस्टल निकालकर दोस्तों को दिखाना शुरू किया।
बताया जा रहा है कि सभी युवक पिस्टल को घेरे में खड़े होकर देख रहे थे। इसी दौरान अचानक ट्रिगर दब गया और गोली सीधे अरुण को जा लगी।
गोली लगते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घायल युवक को बचाने की कोशिश की गई, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर टीम गठित की गई।
तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर सभी सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने बताया कि इस मामले में बीएनएस की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है और आर्म्स एक्ट की धाराएं भी जोड़ी गई हैं।
प्रेस वार्ता में खुलासा
मामले का खुलासा पुलिस लाइन स्थित सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में किया गया।
इस दौरान ज्ञानेंद्र (पुलिस अधीक्षक उत्तरी),
दिनेश कुमार पुरी (पुलिस अधीक्षक दक्षिणी)
और अनुराग सिंह (क्षेत्राधिकारी कैंपियरगंज) मौजूद रहे।
अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि अवैध हथियार रखना और उसका प्रदर्शन करना गंभीर अपराध है।
कानूनी स्थिति
हत्या से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज
आर्म्स एक्ट की धाराएं जोड़ी गईं
सभी आरोपी न्यायालय में पेश किए जा रहे हैं
आपराधिक इतिहास की जांच जारी
युवाओं के लिए चेतावनी
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि
“एक पल की लापरवाही ने एक युवक की जान ले ली और कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया।”
यह घटना युवाओं के लिए सबक है कि अवैध हथियारों का शौक जानलेवा साबित हो सकता है।