फ्रेंड्स टाइम्स
Breaking News
56 लाख फॉलोअर्स वाला मशहूर यूट्यूबर गांजा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार

सोशल मीडिया की चमक-दमक के पीछे छिपे एक खौफनाक सच का पर्दाफाश छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में हुआ है। पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ऐसे चर्चित यूट्यूबर को गिरफ्तार किया है, जिसके यूट्यूब चैनल पर करीब 56 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर हैं।

ओडिसा से लेकर महाराष्ट्र तक था नेटवर्क

बताया जा रहा है कि आरोपी यूट्यूबर सांपों के रेस्क्यू से जुड़े वीडियो बनाकर खुद को समाजसेवी के रूप में पेश करता था और इसी लोकप्रियता की आड़ में ओडिशा से महाराष्ट्र तक गांजा तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का संचालन कर रहा था।

पुलिस के अनुसार, हाल ही में महासमुंद में एक एंबुलेंस से भारी मात्रा में गांजा बरामद किया गया था। जांच आगे बढ़ी तो इस पूरे नेटवर्क की कड़ियाँ उक्त यूट्यूबर तक जा पहुँचीं। पूछताछ में सामने आया कि तस्करी के लिए अलग-अलग तरीकों और वाहनों का इस्तेमाल किया जा रहा था, ताकि किसी को शक न हो।

पुलिस का दावा

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी सोशल मीडिया पर भरोसेमंद छवि बनाकर लोगों की नजरों से बचता रहा, लेकिन पर्दे के पीछे अवैध धंधे को पूरी योजना के साथ अंजाम दे रहा था। गांजे की खेप, नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग और वित्तीय लेन-देन की भी गहन जांच की जा रही है।

बड़ा सवाल

यह मामला एक बार फिर सोचने पर मजबूर करता है कि

क्या सोशल मीडिया की लोकप्रियता किसी की सच्चाई की गारंटी होती है?

कानून ने साफ संदेश दे दिया है कि पहचान चाहे जितनी बड़ी हो, अपराध करने वाला कानून से ऊपर नहीं।

फिलहाल पुलिस आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।

 

जहाँ ज़िंदा होना भी अपराध बन जाए: काग़ज़ों में मृत घोषित की गई वृद्धा

सिद्धार्थनगर।
सिस्टम की एक चौंकाने वाली लापरवाही ने इंसान और सरकारी काग़ज़ों के बीच की सच्चाई पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
ज़िले के शोहरतगढ़ ब्लॉक अंतर्गत सुजकुंडिया गांव के टोला मोहम्मदपुर में एक वृद्ध महिला ज़िंदा है, चलती-फिरती है, बोलती है — लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में उसे मृत घोषित कर दिया गया।
यह मामला आज का नहीं, बल्कि दो से तीन वर्ष पुराना बताया जा रहा है।
जब वृद्ध महिला वृद्धा पेंशन के लिए आवेदन कराने पहुँची, तो सिस्टम में उसका नाम देखकर कहा गया कि आप तो पहले ही मृत घोषित की जा चुकी हैं।
महिला के लिए यह जवाब किसी सदमे से कम नहीं था।
जिसके पास खुद का अस्तित्व है, वही जब काग़ज़ों में खत्म कर दिया जाए — तो सवाल सिर्फ़ पेंशन का नहीं, इंसाफ़ और भरोसे का बन जाता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार महिला के पति और संतान पहले ही गुजर चुके हैं।
वृद्धा पेंशन ही उसके जीवन का एकमात्र सहारा है।
हैरानी की बात यह है कि महिला के बैंक खाते में हाल के वर्षों तक लेन-देन दर्ज है, जो उसके जीवित होने की पुष्टि करता है, लेकिन विभागीय रिकॉर्ड कुछ और कहानी कहता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि बिना किसी भौतिक सत्यापन और मौके की जांच के ही महिला को मृत दर्शा दिया गया।
अब सवाल यह उठता है कि अगर एक ज़िंदा इंसान काग़ज़ों में मारा जा सकता है, तो आम आदमी की सुरक्षा सिस्टम में कितनी मज़बूत है?
मामले पर मुख्य विकास अधिकारी, सिद्धार्थनगर बलराम सिंह का कहना है कि शिकायत संज्ञान में आई है और जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल यह मामला न सिर्फ़ प्रशासनिक लापरवाही की ओर इशारा करता है, बल्कि यह भी बताता है कि सरकारी रिकॉर्ड की एक गलती किसी ज़िंदा इंसान को कैसे “काग़ज़ी मौत” दे सकती है।

जहाँ ज़िंदा होना भी अपराध बन जाए: काग़ज़ों में मृत घोषित की गई वृद्धा

सिद्धार्थनगर।
सिस्टम की एक चौंकाने वाली लापरवाही ने इंसान और सरकारी काग़ज़ों के बीच की सच्चाई पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
ज़िले के शोहरतगढ़ ब्लॉक अंतर्गत सुजकुंडिया गांव के टोला मोहम्मदपुर में एक वृद्ध महिला ज़िंदा है, चलती-फिरती है, बोलती है — लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में उसे मृत घोषित कर दिया गया।
यह मामला आज का नहीं, बल्कि दो से तीन वर्ष पुराना बताया जा रहा है।
जब वृद्ध महिला वृद्धा पेंशन के लिए आवेदन कराने पहुँची, तो सिस्टम में उसका नाम देखकर कहा गया कि आप तो पहले ही मृत घोषित की जा चुकी हैं।
महिला के लिए यह जवाब किसी सदमे से कम नहीं था।
जिसके पास खुद का अस्तित्व है, वही जब काग़ज़ों में खत्म कर दिया जाए — तो सवाल सिर्फ़ पेंशन का नहीं, इंसाफ़ और भरोसे का बन जाता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार महिला के पति और संतान पहले ही गुजर चुके हैं।
वृद्धा पेंशन ही उसके जीवन का एकमात्र सहारा है।
हैरानी की बात यह है कि महिला के बैंक खाते में हाल के वर्षों तक लेन-देन दर्ज है, जो उसके जीवित होने की पुष्टि करता है, लेकिन विभागीय रिकॉर्ड कुछ और कहानी कहता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि बिना किसी भौतिक सत्यापन और मौके की जांच के ही महिला को मृत दर्शा दिया गया।
अब सवाल यह उठता है कि अगर एक ज़िंदा इंसान काग़ज़ों में मारा जा सकता है, तो आम आदमी की सुरक्षा सिस्टम में कितनी मज़बूत है?
मामले पर मुख्य विकास अधिकारी, सिद्धार्थनगर बलराम सिंह का कहना है कि शिकायत संज्ञान में आई है और जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल यह मामला न सिर्फ़ प्रशासनिक लापरवाही की ओर इशारा करता है, बल्कि यह भी बताता है कि सरकारी रिकॉर्ड की एक गलती किसी ज़िंदा इंसान को कैसे “काग़ज़ी मौत” दे सकती है।

बड़ौत में अविका ब्यूटी पार्लर का हुआ शुभारंभ

बागपत। विवेक जैन। बडौत के बिनोली रोड स्थित वर्धा ज्योति कॉलोनी में अविका मेकओवर ब्यूटी पार्लर का शुभारंभ हो गया। इस मौके पर यू-टयूबर पारूल चौधरी व इंटरनेशनल अवार्डी व महामहिम राष्ट्रपति व उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सम्मानित सीनियर जर्नलिस्ट विपुल जैन अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। उन्होंने फीता काटकर अविका मेकओवर ब्यूटीपार्लर का शुभारंभ किया। उनका यहाँ पहुँचने पर अविका मेकओवर मेघा गुप्ता, प्रवीण तोमर व निखिल चौहान ने फूल माला पहनाकर व फूल बुग्गा भेंट कर सम्मान किया। इस मौके पर मेघा गुप्ता ने कहा कि उनके ब्यूटीपार्लर में मेकअप से जुड़े हर कार्य बहुत ही रियायती दरों पर किये जाएंगे। कस्टमर की संतुष्टि ही उनका पहला उद्देश्य होगा। बताया कि उनके ब्यूटी पार्लर द्वारा होम सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिये पहले फोन से बुकिंग करानी होगी और उसके बाद घर पर जाकर ही मेकअप से जुड़े सभी कार्य किए जाएंगे। ब्यूटी पार्लर का शुभारंभ करने पर उन्हें पारूल चौधरी व विपुल जैन ने बधाई दी और उनके पार्लर की दिन दोगुनी रात चौगुनी तरक्की करने की कामना की। इस मौके पर संजीव गुप्ता, रेखा गुप्ता, बबीता देवी, तनु देवी आदि समेत काफी संख्या में लोग मौजूद रहे।

फौजी प्रवीण तोमर को मिला राष्ट्रीय गौरव अवार्ड

बागपत। विवेक जैन। नेताजी सुभाष चंद्र बोस के पराक्रम दिवस पर दिल्ली के रोहिणी में स्थित टेक्निया इंस्टिट्यूट ऑफ़ एडवांस्ड स्टडीस में भारत गौरव अवार्ड समारोह-2026 का शानदार आयोजन किया गया। इस मौके पर बागपत के वाजिदपुर गांव के रहने वाले फौजी प्रवीण तोमर के कार्यों को देखते हुए उन्हें राष्ट्रीय गौरव अवॉर्ड- 2026 से पुरस्कृत किया गया और उनके कार्यों की भूरी-भूरी प्रशंसा की गई। फौजी प्रवीण तोमर जेसलमेर राजस्थान में तैनात है और देश की सेवा में लगे हुए है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर व ऑपरेशन पुलवामा में भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है। हर कोई व्यक्ति उनके कार्यों की सराहना कर रहा है और उनसे प्रेरणा लेने की बात कह रहा है। उन्हें राष्ट्रीय गौरव अवार्ड- 2026 से पुरस्कृत होने पर उन्हें अनेक लोगों ने बधाई दी है। इस मौके पर कैप्टन योगेंद्र सिंह यादव परमवीर चक्र विजेता, एडवोकेट कूमर इंद्रनील कॉर्डिनेटर, डॉ भरत झा कनवेनर, जतिन राणा को-कनवेनर, डीएफएस के पूर्व चीफ व तीन बार के राष्ट्रपति पदक विजेता डॉ धर्मपाल भारद्वाज, इंटरनेशनल अवार्डी व महामहिम राष्ट्रपति व उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सम्मानित सीनियर जर्नलिस्ट विपुल जैन समेत काफी लोग मौजूद रहे।

माघ मेला देखकर लौट रहे युवकों पर कहर, अज्ञात वाहन की टक्कर से एक की मौत, दूसरा गंभीर घायल

सिद्धार्थनगर।
जनपद सिद्धार्थनगर के कोतवाली बंसी क्षेत्र में रविवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। माघ मेला बंसी देखकर घर लौट रहे मोटरसाइकिल सवार दो युवक अज्ञात वाहन की चपेट में आ गए, जिसमें एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका चचेरा भाई गंभीर रूप से घायल हो गया।
घटना का पूरा विवरण
यह हादसा 1 फरवरी 2026, दिन रविवार की रात लगभग 10:30 बजे हुआ। जानकारी के अनुसार, दोनों युवक माघ मेले की रौनक देखकर मोटरसाइकिल से अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में तेज रफ्तार से आए अनियंत्रित अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी और चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया।
मृतक व घायल की पहचान
हादसे में इंद्रेश (20 वर्ष), पुत्र सुकी प्रसाद लोधी की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
वहीं उसके चचेरे भाई सतीश कुमार लोधी (19 वर्ष), पुत्र सुरेश कुमार लोधी गंभीर रूप से घायल हो गए।
दोनों युवक कोतवाली जोगिया क्षेत्र के ग्राम सनौरा, जनपद सिद्धार्थनगर के निवासी बताए जा रहे हैं।
स्थानीय लोगों की तत्परता
हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने मानवता दिखाते हुए तुरंत पुलिस को सूचना दी और दोनों युवकों को इलाज के लिए अस्पताल पहुँचाया। अस्पताल पहुँचते ही चिकित्सकों ने इंद्रेश को मृत घोषित कर दिया।
घायल का इलाज जारी
घायल सतीश कुमार की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया, जहाँ उसका इलाज चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार उसकी हालत फिलहाल स्थिर और खतरे से बाहर बताई जा रही है।
पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली बंसी पुलिस मौके पर पहुँची और मृतक के परिजनों को सूचित किया। इसके बाद पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
फिलहाल पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश में जुटी हुई है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कर रही है। मामले में विधिक कार्रवाई जारी है।
गांव में शोक का माहौल
जैसे ही हादसे की खबर गांव पहुँची, परिवार में कोहराम मच गया। एक ही परिवार के दो युवकों के हादसे का शिकार होने से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।

तेज रफ्तार बाइक की टक्कर से 60 वर्षीय अधेड़ की मौत, आरोपी फरार

सिद्धार्थनगर।
जनपद सिद्धार्थनगर के थाना मोहाना क्षेत्र में रविवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे में 60 वर्षीय अधेड़ की मौत हो गई। हादसा इतना गंभीर था कि बेहतर इलाज के लिए रेफर किए जाने के दौरान रास्ते में ही घायल ने दम तोड़ दिया। घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
मृतक की पहचान अब्दुल रशीद (60 वर्ष) पुत्र स्वर्गीय अब्दुल रऊफ, निवासी बर्डपुर नंबर–5, हरडिहवा, थाना मोहाना, जनपद सिद्धार्थनगर के रूप में हुई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार शाम करीब 6:30 बजे अब्दुल रशीद अपने घर से अमवा चौराहा की ओर जा रहे थे। इसी दौरान पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार बाइक सवार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही बाइक सवार मौके से फरार हो गया।
हादसे में गंभीर रूप से घायल अब्दुल रशीद को स्थानीय लोगों की मदद से तत्काल सीएचसी पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद हालत नाजुक बताते हुए उन्हें माधव प्रसाद मेडिकल कॉलेज, सिद्धार्थनगर रेफर कर दिया। मेडिकल कॉलेज में भी स्थिति गंभीर बनी रहने पर डॉक्टरों ने घायल को बीआरडी मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर भेजा, लेकिन गोरखपुर ले जाते समय रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है और फरार बाइक सवार की तलाश की जा रही है।
इस हादसे के बाद क्षेत्र में शोक की लहर है और ग्रामीणों ने सड़क पर तेज रफ्तार वाहनों पर रोक लगाने की मांग की है।

कंपोजिट विद्यालय विशुनपुर में चला कुष्ठ रोग जागरूकता अभियान

सिद्धार्थनगर,खेसरहा। जिले के विकास खंड खेसरहा अंतर्गत कंपोजिट विद्यालय विशुनपुर मुस्तहकम में स्वास्थ्य विभाग द्वारा कुष्ठ रोग जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान का उद्देश्य स्कूली बच्चों के माध्यम से समाज में कुष्ठ रोग के प्रति फैली भ्रांतियों को दूर करना और समय पर उपचार के प्रति जागरूक करना था।

कार्यक्रम के दौरान सीएचसी खेसरहा की एएनएम राजेश श्रीवास्तव ने विद्यालय के बच्चों को कुष्ठ रोग (Leprosy) के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने सरल भाषा में समझाया कि कुष्ठ रोग एक संक्रमणजनित लेकिन पूरी तरह से इलाज योग्य बीमारी है और सरकार द्वारा इसका उपचार पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराया जाता है।

कुष्ठ रोग के लक्षणों की दी जानकारी

एएनएम ने बच्चों को बताया कि यदि शरीर पर ऐसे सफेद या तांबे रंग के धब्बे दिखाई दें जिनमें सुन्नपन हो, या हाथ-पैरों में झनझनाहट और संवेदना में कमी महसूस हो, तो यह कुष्ठ रोग का प्रारंभिक संकेत हो सकता है। ऐसे लक्षण दिखने पर डरने की जरूरत नहीं है, बल्कि तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच करवानी चाहिए।

भ्रम दूर करने पर जोर

कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि कुष्ठ रोग छूने मात्र से नहीं फैलता और मरीजों से भेदभाव करना गलत है। समय पर इलाज मिलने से रोग पूरी तरह ठीक हो जाता है और मरीज सामान्य जीवन जी सकता है।

राजेश श्रीवास्तव ने बच्चों से अपील की कि वे अपने गांव और घर में यदि किसी व्यक्ति में ऐसे लक्षण देखें तो उसे छिपाएं नहीं, बल्कि सीएचसी खेसरहा या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में ले जाकर जांच और इलाज कराएं।

बच्चों ने दिखाई रुचि

विद्यालय के छात्रों ने इस जागरूकता कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और स्वास्थ्य से जुड़े कई प्रश्न भी पूछे। शिक्षकों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों को स्वास्थ्य के प्रति सजग बनाते हैं।

स्वास्थ्य विभाग की पहल सराहनीय

स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में कुष्ठ रोग उन्मूलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जागरूकता के माध्यम से ही इस बीमारी को जड़ से समाप्त किया जा सकता है।

इस दौरान शिक्षक महेश विश्वकर्मा, निर्मल, सुजीता, सत्यपाल, अनुराधा रसोइया शंकर तथा अन्य लोग उपस्थित रहे

बुलेट बाइक चोरी… लेकिन जीपीएस ने खोल दी पोल! चोर के घर पहुँची पुलिस

(विशेष रिपोर्ट)
शहर में बाइक चोरी की वारदातें आम होती जा रही हैं, लेकिन इस बार चोर की एक छोटी-सी गलती ने पूरे खेल का पर्दाफाश कर दिया। कीमती बुलेट बाइक चोरी कर खुद को सुरक्षित समझने वाला चोर यह भूल गया कि बाइक में GPS ट्रैकिंग सिस्टम लगा हुआ है — और यही उसकी सबसे बड़ी भूल साबित हुई।
चोरी के बाद मालिक ने दिखाया समझदारी का परिचय
बाइक चोरी होने की जानकारी मिलते ही मालिक घबराया नहीं। उसने तुरंत अपने मोबाइल में मौजूद GPS ऐप को खोला और बाइक की लोकेशन ट्रैक करना शुरू कर दिया।
स्क्रीन पर दिख रही लोकेशन धीरे-धीरे एक खास जगह पर स्थिर हो गई, जिससे साफ हो गया कि बाइक कहीं छिपाई नहीं गई, बल्कि किसी के घर पर खड़ी है।
पुलिस और मालिक साथ-साथ पहुँचे लोकेशन पर
बिना देरी किए बाइक मालिक ने पुलिस को सूचना दी। GPS से मिली सटीक लोकेशन के आधार पर पुलिस टीम बाइक मालिक को साथ लेकर मौके पर पहुँची।
जैसे ही पुलिस ने बताए गए पते पर दबिश दी, वहां चोरी की गई बुलेट बाइक खड़ी मिली, जिसे देखकर पुलिस भी हैरान रह गई।
 घर के दरवाजे पर पुलिस… चोर के उड़ गए होश
अचानक पुलिस को सामने देखकर आरोपी घबरा गया। उसके पास न तो कोई जवाब था और न ही भागने का मौका।
पुलिस ने मौके से बाइक बरामद कर आरोपी को हिरासत में ले लिया और उससे पूछताछ शुरू कर दी है।
कानूनी कार्रवाई जारी
पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ चोरी से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी किसी बड़े बाइक चोरी गिरोह से तो नहीं जुड़ा है।
टेक्नोलॉजी ने अपराधियों की बढ़ाई मुश्किल
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि GPS और आधुनिक तकनीक अपराधियों के लिए सबसे बड़ा खतरा बनती जा रही है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वाहन खरीदते समय GPS, लॉकिंग सिस्टम और सुरक्षा उपायों को जरूर अपनाएं।

“सड़क सुरक्षा की शपथ से गूंजा सिद्धार्थनगर, विधायक श्यामधनी राही ने कहा— नियमों का पालन ही जीवन की रक्षा”


सिद्धार्थनगर।
जनपद में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से मनाया गया सड़क सुरक्षा माह 2026 शुक्रवार को अपने समापन पर पहुंच गया। समापन समारोह का आयोजन कार्यालय सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी, सिद्धार्थनगर में किया गया, जहां जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति देखने को मिली।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सदर विधायक एवं कपिलवस्तु विधानसभा से माननीय श्यामधनी राही जी ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि
“सड़क पर थोड़ी-सी लापरवाही पूरे परिवार को जीवनभर का दर्द दे सकती है। हेलमेट, सीट बेल्ट और यातायात नियमों का पालन करना मजबूरी नहीं, बल्कि जीवन की सुरक्षा है।”


विधायक श्यामधनी राही ने आम नागरिकों, वाहन चालकों और युवाओं को सड़क सुरक्षा की शपथ दिलाते हुए नियमों के पालन का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर है और प्रशासन के साथ-साथ जनता की भागीदारी से ही दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है।
इस अवसर पर सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी चम्पा लाल ने सड़क सुरक्षा माह के दौरान किए गए जागरूकता कार्यक्रमों की जानकारी दी और बताया कि पूरे माह जनपद में वाहन जांच, जागरूकता अभियान और यातायात नियमों के प्रचार-प्रसार के माध्यम से लोगों को सतर्क किया गया।
कार्यक्रम में
कमल किशोर (अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग),
विजय कुमार गंगवार (सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक, यूपी रोडवेज),
अमरेश यादव (प्रभारी यातायात),
मुजफ्फर हुसैन सिद्दीकी (यात्री कर अधिकारी),
सुरेंद्र कुमार (मोटर वाहन निरीक्षक)
सहित परिवहन विभाग के समस्त अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
समापन समारोह के दौरान यह संदेश स्पष्ट रूप से दिया गया कि सड़क सुरक्षा केवल एक अभियान नहीं, बल्कि निरंतर चलने वाली सामाजिक जिम्मेदारी है, जिसमें हर नागरिक की सहभागिता जरूरी है।

error: कोई भी कंटेंट कॉपी न करें, नहीं तो आप पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।