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सरकारी नौकरी से पहले उजड़ा घर! खेसरहा हत्याकांड का 24 घंटे में खुलासा, चार गिरफ्तार

सिद्धार्थनगर।
खेसरहा थाना क्षेत्र के बहुचर्चित और सनसनीखेज हत्याकांड का सिद्धार्थनगर पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर बड़ी सफलता हासिल की है। सरकारी नौकरी मिलने से ठीक पहले एक नवयुवक की बेरहमी से हत्या के मामले में पुलिस ने चार अभियुक्तों को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त आला-ए-क़त्ल व मोटरसाइकिल बरामद की है।


यह दर्दनाक घटना खेसरहा थाना क्षेत्र के बनुहिया बुजुर्ग गांव की है, जहां निवासी मनोज कुमार की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी। मनोज के पिता सफाईकर्मी थे, जिनका कुछ समय पूर्व निधन हो गया था। पिता की मृत्यु के बाद मनोज को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी मिलने की प्रक्रिया अंतिम चरण में थी, लेकिन उससे पहले ही एक परिवार की उम्मीदें हमेशा के लिए टूट गईं।
परिजनों के अनुसार, मनोज कुमार सुबह दूध देने के लिए घर से निकले थे। गांव के दक्षिण दिशा में स्थित बाग के पास पुरानी रंजिश को लेकर उन पर जानलेवा हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल मनोज को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद गांव में आक्रोश और शोक का माहौल बन गया था।
इस चुनौतीपूर्ण मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद के नेतृत्व तथा क्षेत्राधिकारी बांसी सुश्री रोहिणी यादव के पर्यवेक्षण में विशेष पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने वैज्ञानिक, तकनीकी व इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर तेज़ और सटीक कार्रवाई करते हुए चार अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया।

इस कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम में रहे:
अनूप कुमार मिश्र – थानाध्यक्ष, खेसरहा
उप निरीक्षक हरेंद्र चौहान – प्रभारी सर्विलांस सेल (मय टीम)
उप निरीक्षक राघवेन्द्र प्रताप यादव – थाना खेसरहा
उप निरीक्षक रवि प्रताप सिंह सेंगर – थाना खेसरहा
हेड कांस्टेबल राहुल सिंह
हेड कांस्टेबल रामकिशुन
हेड कांस्टेबल धर्मेंद्र कुमार
कांस्टेबल अजीत कुमार
कांस्टेबल अनिल कुमार
महिला कांस्टेबल संगीता देवी

पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान अभियुक्तों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। सभी अभियुक्तों को कानूनी प्रक्रिया के तहत माननीय न्यायालय भेज दिया गया है, जबकि पुलिस आगे की विधिक कार्रवाई में जुटी हुई है।

यह घटना समाज के लिए एक कड़ा संदेश है कि आपसी रंजिश और हिंसा का अंत केवल पछतावे, बर्बादी और जेल तक ही पहुंचता है।

सरकारी नौकरी से पहले उजड़ा घर! खेसरहा हत्याकांड का 24 घंटे में खुलासा, चार गिरफ्तार

सिद्धार्थनगर।
खेसरहा थाना क्षेत्र के बहुचर्चित और सनसनीखेज हत्याकांड का सिद्धार्थनगर पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर बड़ी सफलता हासिल की है। सरकारी नौकरी मिलने से ठीक पहले एक नवयुवक की बेरहमी से हत्या के मामले में पुलिस ने चार अभियुक्तों को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त आला-ए-क़त्ल व मोटरसाइकिल बरामद की है।


यह दर्दनाक घटना खेसरहा थाना क्षेत्र के बनुहिया बुजुर्ग गांव की है, जहां निवासी मनोज कुमार की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी। मनोज के पिता सफाईकर्मी थे, जिनका कुछ समय पूर्व निधन हो गया था। पिता की मृत्यु के बाद मनोज को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी मिलने की प्रक्रिया अंतिम चरण में थी, लेकिन उससे पहले ही एक परिवार की उम्मीदें हमेशा के लिए टूट गईं।
परिजनों के अनुसार, मनोज कुमार सुबह दूध देने के लिए घर से निकले थे। गांव के दक्षिण दिशा में स्थित बाग के पास पुरानी रंजिश को लेकर उन पर जानलेवा हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल मनोज को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद गांव में आक्रोश और शोक का माहौल बन गया था।
इस चुनौतीपूर्ण मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद के नेतृत्व तथा क्षेत्राधिकारी बांसी सुश्री रोहिणी यादव के पर्यवेक्षण में विशेष पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने वैज्ञानिक, तकनीकी व इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर तेज़ और सटीक कार्रवाई करते हुए चार अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया।

इस कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम में रहे:
अनूप कुमार मिश्र – थानाध्यक्ष, खेसरहा
उप निरीक्षक हरेंद्र चौहान – प्रभारी सर्विलांस सेल (मय टीम)
उप निरीक्षक राघवेन्द्र प्रताप यादव – थाना खेसरहा
उप निरीक्षक रवि प्रताप सिंह सेंगर – थाना खेसरहा
हेड कांस्टेबल राहुल सिंह
हेड कांस्टेबल रामकिशुन
हेड कांस्टेबल धर्मेंद्र कुमार
कांस्टेबल अजीत कुमार
कांस्टेबल अनिल कुमार
महिला कांस्टेबल संगीता देवी

पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान अभियुक्तों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। सभी अभियुक्तों को कानूनी प्रक्रिया के तहत माननीय न्यायालय भेज दिया गया है, जबकि पुलिस आगे की विधिक कार्रवाई में जुटी हुई है।

यह घटना समाज के लिए एक कड़ा संदेश है कि आपसी रंजिश और हिंसा का अंत केवल पछतावे, बर्बादी और जेल तक ही पहुंचता है।

सिद्धार्थनगर में कानून व्यवस्था पर सवाल: व्यापारी से मारपीट के बाद कार्रवाई न होने पर व्यापारियों का सदर थाने पर घंटों प्रदर्शन

सिद्धार्थनगर नगर क्षेत्र में हाल ही में हुए एक विवाद ने शहर की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक व्यापारी के साथ कथित मारपीट की घटना के बाद जब अपेक्षित पुलिस कार्रवाई नहीं हुई, तो व्यापारिक संगठनों में रोष व्याप्त हो गया।
शनिवार को व्यापारियों ने पहले पीड़ित के आवास पर बैठक की, जिसके बाद संगठित रूप से सदर थाने पहुंचकर शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया। यह प्रदर्शन कई घंटों तक चला, जिसमें व्यापारियों ने अपनी नाराज़गी जताते हुए पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।
व्यापारियों का पक्ष
व्यापारियों का कहना है कि यदि किसी भी नागरिक के साथ सार्वजनिक स्थान या प्रतिष्ठान में इस प्रकार की घटना होती है, तो उस पर त्वरित कार्रवाई होना जरूरी है।
उनका यह भी कहना है कि व्यापारिक समुदाय कानून का सम्मान करता है, लेकिन अन्याय को मौन रहकर स्वीकार नहीं किया जा सकता।
धरने के दौरान धार्मिक प्रतीक के रूप में हनुमान चालीसा का पाठ किया गया, जिससे प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण बना रहा।
घटनाक्रम क्या रहा
सूत्रों के अनुसार, शहर के बाजार क्षेत्र में पुराने विवाद को लेकर कुछ युवकों के बीच कहासुनी हुई, जो बाद में हाथापाई में बदल गई।
बताया जा रहा है कि स्थिति उस समय बिगड़ी जब बड़ी संख्या में युवक मौके पर एकत्र हो गए, जिससे कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात को नियंत्रित किया।
 वार्ता के बाद स्थिति सामान्य
शाम के समय दोनों पक्षों के प्रतिनिधि, चिकित्सा संस्थान से जुड़े वरिष्ठ डॉक्टर और प्रशासनिक अधिकारी सदर थाने पर एकत्र हुए।
सीओ स्तर के अधिकारी की मौजूदगी में विस्तृत बातचीत हुई, जिसमें पूर्व घटनाओं, नुकसान की भरपाई और भविष्य में ऐसे विवाद न होने पर सहमति बनी।
आपसी समझ और सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए दोनों पक्षों ने फिलहाल किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई से दूरी बनाए रखने का निर्णय लिया।
प्रशासन का रुख
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में दोनों पक्षों के बीच संवाद स्थापित हो चुका है और वर्तमान में स्थिति पूरी तरह सामान्य है।
प्रशासन का दावा है कि भविष्य में किसी भी तरह की कानून व्यवस्था भंग करने वाली गतिविधि पर सख्त नजर रखी जाएगी।

फर्जी तरीके से वोट कटवाने का षडयंत्र कर रही भाजपा-माता प्रसाद पांडेय

बढ़नी, सिद्धार्थ नगर। भाजपा बहुत डरी हुई है।वह आज ही अपनी हार मान चुकी है।इसलिए जीत सुनिश्चित करने के लिए तमाम असंवैधानिक तरीका अपना रही है।फर्जी तरीके से वोट कटवाने का प्रयास किया जा रहा है।जो बीएलओ फर्जी करेगा उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई कराई जाएगी।

नेता प्रतिपक्ष ने दी जानकारी

उक्त जानकारी नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने इटवा तहसील में विरोध प्रदर्शन के अवसर पर दी ।उन्होंने कहा कि जब बीएलओ ने पहले ही मृतक और बाहर रहने वालों का नाम काट दिया।

तब किसका नाम और काटने की साजिश की जा रही है।उन्होंने भाजपा के लोगों पर आरोप लगाते हुए कहा कि फर्जी हस्ताक्षर करके समाजवादी पार्टी के परम्परागत वोटों को कटवाने के लिए फॉर्म 7 का वितरण किया जा रहा है।इसके लिए सड़क से न्यायालय तक लड़ाई लड़ी जाएगी।सभी कार्यकर्ता इसे लेकर पूरी तरह से सतर्क रहें।

MLA सैय्यदा खातून ने कहा कि,

विधायक डुमरियागंज सैय्यदा खातून ने कहा कि सरकार हमारे वोट देने का अधिकार छीनना चाहती है।चोरी छिपे नाम कटवानने का प्रयास कर रही है।सभी लोग अपने बूथों पर सतर्क हो जांय।हम अपने हक और अधिकार के लिए सड़क पर संघर्ष करेंगे।

समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष लालजी यादव ने कहा कि पीडीए और अल्पसंख्यक तथा परम्परागत मतों को निशाना बनाकर वोट कटवाने की साजिश की जा रही है।समाजवादी ऐसा कत्तई नहीं होने देंगे।

मनेंद्र मिश्रा ने कहा कि भाजपा महंगाई और बेरोजगारी सहित किसी भी जनता के मुद्दे पर चुनाव न लड़कर वोट चोरी करने पर तुली हुई है।पार्टी के प्रदेश सचिव बेचई यादव ने कहा कि सपा संघर्ष से पैदा हुई है। इसलिए धमकी से डरने वाले नहीं हैं।कमरुज्जमा खां ने कहा कि भाजपा की केंद्र और प्रदेश सरकार पूरी तरह से जनविरोधी है।यह धर्म और जाति का जहर घोलकर सभी वर्ग को लड़ाना चाहती है।आने वाले 2027 में पूर्ण बहुमत से उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी।

अंत मे निर्वाचन आयोग को सम्बोधित एक ज्ञापन कार्रवाई के लिए उपजिलाधिकारी इटवा को देकर कार्रवाई की मांग की गई।इस मौके पर जुबैदा चौधरी,जिला अध्यक्ष लालजी यादव,जिला पंचायत सदस्य बेचई यादव,मनेंद्र मिश्र, जुबैदा चौधरी ,कमरुज्जमा खां, उदयभान तिवारी,कमाल अहमद,प्रतीक राय शर्मा,अफसर रिजवी,बबलू खान,अब्दुल लतीफ,सुशील तिवारी ,एजाज शाह सहित सैकड़ों पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

अवशेष मिलने की सूचना, पुलिस जांच में जुटी

इलाके में मचा हड़कंप, सूचना पर पहुंची पुलिस व पशु चिकित्सक टीम


सिद्धार्थनगर।
जनपद सिद्धार्थनगर के सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत देवपुर गांव के पास स्थित एक प्राचीन कुएं से मवेशी के अवशेष मिलने की सूचना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन हरकत में आ गया और मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दुर्जनपुर गांव पंचायत के देवपुर गांव में स्थित एक पुराने कुएं में मवेशी के अवशेष पड़े होने की जानकारी कुछ स्थानीय संगठनों के पदाधिकारियों और ग्रामीणों को मिली। इसके बाद तत्काल इसकी सूचना सदर थाना पुलिस को दी गई।
सूचना के आधार पर क्षेत्राधिकारी विश्वजीत सौरयान पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस द्वारा कुएं की जांच के दौरान मवेशी का सिर और खाल बरामद होने की पुष्टि की गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पशु चिकित्सक को भी मौके पर बुलाया गया है ताकि अवशेषों की जांच कराई जा सके।
इस संबंध में गांव के प्रधान की ओर से थाने में तहरीर दी गई है, जिसमें पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई की मांग की गई है।
पुलिस का बयान
मामले को लेकर क्षेत्राधिकारी विश्वजीत सौरयान ने बताया कि सूचना प्राप्त हुई थी कि देवपुर गांव के एक कुएं में मवेशी के अवशेष पड़े हैं। जांच के लिए पशु चिकित्सक को बुलाया गया है। जांच रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है। तहरीर मिल चुकी है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। वहीं, किसी भी तरह की अफवाह से बचने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा नजर रखी जा रही है।

नौकरी मिलने से पहले उजड़ गया परिवार: सफाईकर्मी के बेटे की हत्या, पीछे रह गए दो मासूम

सिद्धार्थनगर।
जनपद सिद्धार्थनगर के खेसरहा थाना क्षेत्र अंतर्गत बनुहिया बुजुर्ग गांव में हुई घटना ने न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि एक ऐसे परिवार को गहरे दुख में डाल दिया है, जो पहले ही संघर्षों से जूझ रहा था। पुरानी रंजिश में हुए कथित हमले में एक युवक की मौत हो गई, जिसकी कुछ ही दिनों में सरकारी नौकरी लगने वाली थी।
जानकारी के अनुसार, मृतक मनोज कुमार (पुत्र स्व. दयाराम) के पिता पूर्व में सफाईकर्मी के पद पर कार्यरत थे, जिनका कुछ समय पहले निधन हो गया था। पिता की मृत्यु के बाद अनुकंपा के आधार पर मनोज कुमार को नौकरी मिलने की प्रक्रिया अंतिम चरण में थी। बताया जा रहा है कि कुछ ही दिनों में उसकी तैनाती होने वाली थी, लेकिन उससे पहले ही यह दर्दनाक घटना हो गई।
सुबह दूध देने निकला था युवक
परिजनों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, मनोज कुमार शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे दूध देने के लिए मोटरसाइकिल से घर से निकले थे। तभी गांव के दक्षिण दिशा में स्थित बाग के पास कुछ लोगों ने उन्हें रोक लिया।
मृतक की मां सुमित्रा देवी द्वारा थाने में दी गई तहरीर के अनुसार, आरोप है कि पुरानी रंजिश को लेकर मनोज कुमार के साथ गाली-गलौज की गई और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए उन पर लोहे की रॉड और धारदार हथियार से हमला किया गया। हमले में मनोज कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए और खून से लथपथ होकर खेत में गिर पड़े।
शोर सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक हमलावर कथित तौर पर धमकी देते हुए फरार हो चुके थे। घटनास्थल पर मनोज कुमार की टूटी हुई मोटरसाइकिल भी पाई गई।
अस्पताल पहुंचते-पहुंचते बुझ गया घर का चिराग
घायल मनोज कुमार को पहले सीएचसी खेसरहा ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने हालत गंभीर बताते हुए जिला चिकित्सालय सिद्धार्थनगर रेफर कर दिया। हालांकि, इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मनोज कुमार अपने परिवार का एकमात्र सहारा बताया जा रहा था। वह दो छोटे बच्चों का पिता था। उसकी मौत के बाद दो मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया, जबकि पहले ही परिवार पिता को खो चुका था।
मां की तहरीर पर दर्ज हुआ मुकदमा
घटना के संबंध में मृतक की मां सुमित्रा देवी की तहरीर पर खेसरहा थाने में अनिल यादव, सुजीत यादव, हरिओम यादव, चइता, कलावती सहित कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर कार्रवाई की जाएगी।
गांव में मातम और आक्रोश
घटना के बाद बनुहिया बुजुर्ग गांव में मातम पसरा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि एक ऐसा युवक, जो जल्द ही अपने परिवार को स्थिर जीवन देने वाला था, उसकी इस तरह मौत होना बेहद दुखद है। पुलिस बल को गांव में तैनात किया गया है।
फिलहाल पुलिस का कहना है कि जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सिद्धार्थनगर में सनसनी: सीकरी नाले के पास मिली किशोरी की लाश, बाद में हुई 12 वर्षीय अंशिका के रूप में शिनाख्त

सिद्धार्थनगर।

जनपद सिद्धार्थनगर के कठेला थाना क्षेत्र अंतर्गत कठेला जनूबी गांव स्थित सीकरी नाले के पास संदिग्ध परिस्थितियों में एक किशोरी का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। शव देखे जाने के बाद ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया।
सूचना मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी कठेला समेत भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। घटनास्थल की बारीकी से जांच के लिए फोरेंसिक टीम को बुलाया गया, जिसने मौके से साक्ष्य संकलित किए। इसके साथ ही डॉग स्क्वाड की मदद से आसपास के इलाके में सघन तलाशी अभियान चलाया गया।
पहले दिन नहीं हुई थी शिनाख्त
पुलिस के अनुसार, शव मिलने के समय मृतका की पहचान नहीं हो सकी थी। प्रारंभिक जांच में शरीर पर किसी भी प्रकार के बाहरी चोट के स्पष्ट निशान नहीं पाए गए, जिससे मामला और भी संवेदनशील हो गया। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था और सभी संभावित पहलुओं से जांच शुरू कर दी गई थी।
दूसरे दिन सामने आई पहचान
इस खबर के प्रकाशित होने के अगले दिन सुबह पोस्टमार्टम के दौरान मृतका की पहचान हो सकी। मृतका की पहचान जनपद सिद्धार्थनगर की इटवा तहसील, थाना कठेला क्षेत्र के ग्राम धोबहा टोला पठान डिह निवासी 12 वर्षीय अंशिका, पुत्री स्वर्गीय पटवारी, के रूप में हुई।
परिवारिक पृष्ठभूमि
बताया जा रहा है कि अंशिका के माता-पिता दोनों का पहले ही निधन हो चुका था। अंशिका और उसकी एक बहन का पालन-पोषण उसके चाचा द्वारा किया जा रहा था, जबकि उसकी दूसरी बहन अपने ननिहाल में रहती है। परिजनों के अनुसार, मंगलवार को दिन में करीब 1:30 बजे अंशिका घर पर नहीं दिखाई दी, तब यह मान लिया गया कि वह अपनी नानी के घर गई होगी। इसी बीच उन्हें सूचना मिली कि सीकरी नाले के पास एक किशोरी का शव मिला है।
जांच जारी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतज़ार
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। फिलहाल पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू से जांच कर रही है और आसपास के गांवों में पूछताछ भी जारी है।
पुलिस का दावा है कि जांच पूरी होने के बाद मामले से जुड़ी पूरी सच्चाई सार्वजनिक की जाएगी और यदि किसी भी प्रकार की आपराधिक भूमिका सामने आती है तो नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

मेडिकल कॉलेज के छात्रों पर मारपीट का आरोप, ज्वेलर्स की दुकान पर हंगामे से नगर में तनाव

सिद्धार्थनगर।
जिला मुख्यालय स्थित नगर पालिका परिषद के सामने शुक्रवार की शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक ज्वेलर्स व्यापारी ने माधव प्रसाद त्रिपाठी राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय के कुछ छात्रों पर दुकान में घुसकर मारपीट व अभद्रता करने का आरोप लगाया।

घटना के बाद नगर के व्यापारियों में दहशत और नाराजगी का माहौल देखा गया।
घटना शाम करीब 5 से 6 बजे के बीच की बताई जा रही है। पीड़ित के अनुसार, मेडिकल कॉलेज से जुड़े कुछ छात्र अपने अन्य साथियों के साथ श्री धन लक्ष्मी ज्वेलर्स नामक दुकान पर पहुंचे, जहां कहासुनी के बाद विवाद बढ़ गया और मारपीट की स्थिति उत्पन्न हो गई।
पीड़ित व्यापारी का पक्ष


पीड़ित व्यापारी पंकज वर्मा पुत्र झिनक वर्मा, निवासी वार्ड नंबर-24, पूरब पड़ाव, ने बताया कि वह बीते तीन वर्षों से नगर पालिका परिषद के सामने ज्वेलरी की दुकान संचालित कर रहे हैं।
उनका कहना है कि विवाद के दौरान उनके साथ-साथ दुकान में मौजूद कर्मचारियों से भी अभद्रता की गई। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के समय उनकी बुजुर्ग माता, जो दुकान पर मौजूद थीं, उनके साथ भी दुर्व्यवहार हुआ।
पूर्व विवाद से जुड़ा होने की आशंका
पीड़ित व्यापारी का कहना है कि यह मामला 29 जनवरी 2026 को मेडिकल कॉलेज परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान हुए विवाद से जुड़ा हो सकता है। उस समय भी उनके स्टाफ के साथ कहासुनी और मारपीट का आरोप लगाया गया था, जिसकी सूचना थाने में दी गई थी। हालांकि उस मामले में कोई स्पष्ट कार्रवाई सामने नहीं आई थी।
व्यापारियों में रोष


घटना के बाद नगर के व्यापारियों में रोष व्याप्त है। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों का कहना है कि यदि बाजार क्षेत्र में इस तरह की घटनाएं होंगी, तो व्यापारियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े होंगे। व्यापारियों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस का पक्ष


इस संबंध में क्षेत्राधिकारी सदर ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी मिली है। तहरीर प्राप्त होने और तथ्यों की जांच के बाद कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों की बात सुनकर और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है।
जांच के बाद होगी स्थिति स्पष्ट


फिलहाल मामला जांचाधीन बताया जा रहा है। प्रशासनिक और पुलिस स्तर पर जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद की वास्तविक वजह क्या थी और इसमें किस पक्ष की क्या भूमिका रही।

जमुवार जंगल पर बनेगी सुरक्षा की दीवार, जंगली जानवरों से किसानों को मिलेगी आज़ादी

सांसद-निधि से 2 KM लंबी बाउंड्री-वाल, फसलें बचेंगी, किसानों की चिंता खत्म

सिद्धार्थनगर जनपद के शोहरतगढ़ ब्लॉक में किसानों के लिए एक ऐतिहासिक और राहत भरा कदम उठाया गया है। जमुवार जंगल के किनारे सांसद-निधि से 2 किलोमीटर से अधिक लंबी और 1.80 मीटर ऊँची पक्की सुरक्षा दीवार का निर्माण किया जा रहा है, जिसके ऊपर कंसर्टिना वायर लगाया जाएगा। यह दीवार वर्षों से जंगली जानवरों की मार झेल रहे किसानों के लिए सुरक्षा कवच साबित होगी।
जमुवार जंगल, गुजरौलिया खालसा, गुजरौलिया ग्रांट, हरनाहिया, कपिया खालसा और कपिया ग्रांट गांवों से सटा हुआ है। इसी घने जंगल के बीच से जमुवार नदी बहती है, जिसके दोनों ओर फैला सघन वन क्षेत्र जंगली जानवरों का प्राकृतिक आश्रय है।
इस जंगल में नीलगाय, जंगली सुअर, शाही (परक्युपाइन), हजारों बंदर, लंगूर, गीदड़, फिशिंग कैट और कई प्रजातियों के सांप खुलेआम विचरण करते हैं। इनके कारण किसानों की दलहनी फसलें, आलू, शकरकंद, चना, मटर पूरी तरह बर्बाद हो चुकी थीं। हालात ऐसे थे कि किसानों ने इन फसलों की बुआई तक बंद कर दी थी। गेहूं और धान भी सुरक्षित नहीं रह पा रहे थे।
अब बाउंड्री-वाल के निर्माण से जंगली जानवरों की घुसपैठ रुकेगी, जिससे किसानों को राहत मिलेगी और खेत फिर से हरे-भरे होंगे। गांवों में इस कार्य को लेकर भारी उत्साह और उम्मीद का माहौल है। किसानों का कहना है कि यह दीवार उनके लिए फसल की ढाल और भविष्य की गारंटी है।

ब्रिज लाल, आईपीएस (सेवानिवृत्त)
पूर्व पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश
सांसद, राज्यसभा
दिनांक: 05 फरवरी 2026

सिद्धार्थनगर में सनसनी: सीकरी नाले के पास संदिग्ध हालात में किशोरी का शव बरामद, शिनाख्त नहीं

सिद्धार्थनगर।
जनपद सिद्धार्थनगर के कठेला थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां कठेला जनूबी गांव स्थित सीकरी नाले के पास एक किशोरी का शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद होने से इलाके में हड़कंप मच गया।


स्थानीय ग्रामीणों ने जब नाले के पास शव देखा तो तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी कठेला समेत पुलिस बल मौके पर पहुंचा। इसके साथ ही फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए।
पुलिस सूत्रों के अनुसार मृतका की उम्र करीब 21 वर्ष आंकी जा रही है, हालांकि अब तक शव की शिनाख्त नहीं हो सकी है। प्रारंभिक जांच में शरीर पर किसी भी प्रकार के बाहरी चोट के निशान नहीं पाए गए हैं, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।


घटनास्थल की जांच को और गहराई से करने के लिए डॉग स्क्वाड को भी मौके पर बुलाया गया। खोजी कुत्तों की मदद से आसपास के इलाके में सघन जांच की गई, ताकि किसी अहम सुराग तक पहुंचा जा सके।
पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।


फिलहाल पुलिस मामले को हर एंगल से खंगाल रही है और आसपास के गांवों में पूछताछ भी जारी है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही मामले से जुड़ी अहम जानकारी सामने लाई जाएगी।