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भाजपा स्थापना दिवस पर बांसी में जोश: विधायक जय प्रताप सिंह ने फहराया ध्वज, जनसेवा का दिया संदेश

बांसी, सिद्धार्थनगर। भारतीय जनता पार्टी के 47वें स्थापना दिवस के अवसर पर पूरे क्षेत्र में उत्साह, ऊर्जा और संगठन के प्रति समर्पण का माहौल देखने को मिला। पूर्व कैबिनेट मंत्री व वर्तमान विधायक बांसी राजा जय प्रताप सिंह ने अपने आवास राजमहल बांसी पर पार्टी का ध्वज फहराया।

संगठन के मूल्यों को किया याद

ध्वजारोहण के दौरान जय प्रताप सिंह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के संकल्प से जुड़ा एक मजबूत संगठन है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे पार्टी की विचारधारा को आत्मसात करते हुए जनसेवा में सक्रिय भूमिका निभाएं।

राष्ट्र सेवा और सुशासन का संकल्प

उन्होंने कहा कि भाजपा विश्व का सबसे बड़ा राजनीतिक संगठन है, जो राष्ट्र सेवा, लोक-कल्याण, सुशासन और गरीबों के उत्थान के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रहा है। स्थापना दिवस हमें यह प्रेरणा देता है कि हम अपने कर्तव्यों के प्रति और अधिक जिम्मेदार बनें और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखें।

उन्होंने कहा कि, “भाजपा केवल एक राजनीतिक संगठन नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का एक मजबूत माध्यम है, जो सेवा, सुशासन और समर्पण के पथ पर निरंतर आगे बढ़ रहा है।”

संकल्प से संगठन 

भाजपा का स्थापना दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि संगठन की विचारधारा, सेवा भावना और राष्ट्र के प्रति समर्पण को पुनः याद करने का अवसर है। इस मौके पर लिए गए संकल्प ही पार्टी को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा तय करते हैं।

विशुनपुर मुस्तहकम में निकली स्कूल चलो अभियान रैली, ‘हर बच्चा स्कूल में’ का दिया संदेश

सिद्धार्थनगर। खेसरहा विकासखंड के कंपोजिट विद्यालय विशुनपुर मुस्तहकम में स्कूल चलो अभियान के तहत एक प्रेरणादायक जागरूकता रैली निकाली गई, जिसने पूरे गांव में शिक्षा के प्रति नई चेतना जगाई। रैली का उद्देश्य क्षेत्र के प्रत्येक बच्चे को विद्यालय से जोड़ना और शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करना रहा।

बच्चे ने लगाए नारे 

विद्यालय से शुरू हुई यह रैली गांव के विभिन्न मार्गों से होकर गुजरी और पुनः स्कूल परिसर में समाप्त हुई। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने हाथों में आकर्षक तख्तियां लेकर “शिक्षा है अधिकार, नहीं किसी का उपकार”, “बिना पढ़े जीवन अधूरा” जैसे नारे लगाते हुए ग्रामीणों को शिक्षा के महत्व का संदेश दिया। बच्चों का उत्साह और अनुशासन रैली का मुख्य आकर्षण रहा।

बच्चों को नियमित भेजें स्कूल

प्रधानाचार्य नीरज मिश्र ने कहा कि स्कूल चलो अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजें, ताकि वे शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर बन सकें।

पहल की हुई सराहना

इस मौके पर शिक्षकगण—निर्मल, महेश, सत्यपाल, विकास, हेमलता, सुजीता सहित अन्य स्टाफ मौजूद रहे और रैली को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ग्रामीणों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए विद्यालय के प्रयासों को सराहा।

शिक्षा के प्रति जागरूकता का संदेश

यह आयोजन शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने और समाज को सकारात्मक दिशा देने की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है।

राम लला के दर्शन हेतु अयोध्या पहुंची श्री राम बिलास इंस्टिट्यूट ऑफ नर्सिंग की शैक्षणिक टीम

सिद्धार्थनगर। श्री राम बिलास इंस्टिट्यूट ऑफ़ नर्सिंग एंड मेडिकल साइंसेज, बांसी, सिद्धार्थ नगर की शैक्षणिक टीम ने पवित्र नगरी अयोध्या पहुंचकर भगवान रामलला के दर्शन किए। विश्व कल्याण की कामना की गयी, हनुमान गढ़ी मे महाप्रभु से आशीर्वाद लिया इस धार्मिक यात्रा में संस्थान के समस्त स्टाफ एवं सदस्य श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ शामिल हुए।

यात्रा के दौरान सभी भक्तों ने विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रभु श्रीराम का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर संस्थान के स्टाफ में विशेष उत्साह और आध्यात्मिक ऊर्जा देखने को मिली।

संस्थान परिवार ने इस पुण्य कार्य के सफल आयोजन के लिए प्रबंधन समिति की प्रबंधक डॉ. अनीता द्विवेदी एवं संरक्षक डॉ. विमल द्विवेदी के प्रति आभार व्यक्त किया। उनके सहयोग और प्रयासों के कारण ही समस्त स्टाफ को रामलला मंदिर में दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।

इस धार्मिक यात्रा ने सभी सदस्यों के मन में नई ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार किया।

खबर का हुआ असर: 25 साल से जर्जर सड़क पर शुरू हुआ निर्माण, बेदौली-खोजीपुर-खरचौला मार्ग पर दौड़ी विकास की रफ्तार

सिद्धार्थनगर। बांसी-डुमरियागंज मार्ग पर स्थित बेदौली-खोजीपुर-खरचौला मार्ग, जो पिछले 25 वर्षों से बदहाली की मार झेल रहा था, अब विकास की राह पर लौटता नजर आ रहा है। 4 दिन पहले इस सड़क की दुर्दशा को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद प्रशासन हरकत में आया और अब यहां निर्माण कार्य तेजी से शुरू कर दिया गया है।

ग्रामीणों को हो रही थी परेशानी 

यह सड़क लंबे समय से गड्ढों, जलभराव और टूट-फूट के कारण स्थानीय लोगों के लिए मुसीबत बनी हुई थी। स्कूली बच्चों, किसानों और मरीजों को रोजाना इस रास्ते से गुजरते समय भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। कई बार शिकायतों और मांगों के बावजूद जब कोई सुनवाई नहीं हुई, तब इस मुद्दे को FT News ने प्रमुखता से प्रकाशित किया।

निर्माण कार्य शुरू हुआ 

खबर के प्रकाशन के बाद प्रशासन ने त्वरित संज्ञान लेते हुए मौके पर टीम भेजी और सड़क निर्माण कार्य शुरू करा दिया। अब जेसीबी मशीनों की गूंज और सड़क पर बिछती नई परतें ग्रामीणों के लिए राहत और उम्मीद का संदेश लेकर आई हैं।

ग्रामीणों में खुशी की लहर 

ग्रामीणों की खुशी अब शब्दों में साफ झलक रही है। स्थानीय निवासी नीरज मिश्र ने कहाकि,

हमने कभी नहीं सोचा था कि खबर का इतना जल्दी असर होगा। 25 साल से हम इस सड़क की बदहाली झेल रहे थे, लेकिन अब काम शुरू होते देख बहुत राहत मिली है।”

वहीं अन्य ग्रामीणों ने कहाकि,

मीडिया ने हमारी आवाज को उठाया, तभी यह संभव हो पाया। अब उम्मीद है कि जल्द ही सड़क पूरी बनकर तैयार होगी और आवागमन आसान हो जाएगा।

इस निर्माण कार्य से न केवल क्षेत्र में आवागमन सुगम होगा, बल्कि व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच भी बेहतर होगी। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि यह पहल क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।

सिद्धार्थनगर में सांसद व डीएम का औचक निरीक्षण: आरोग्य मेले में कम ओपीडी पर नाराजगी, गौशाला व्यवस्थाओं पर दिए सख्त निर्देश

सिद्धार्थनगर। जनपद सिद्धार्थनगर में आयोजित मुख्यमंत्री आरोग्य मेले के तहत जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी एन ने नगरीय स्वास्थ्य केंद्र सनई और विकासखंड उसका क्षेत्र के नए स्वास्थ्य केंद्र महुलानी का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सकों व स्टाफ की उपस्थिति, दवाओं की उपलब्धता और मरीजों को मिल रही सुविधाओं का गहन मूल्यांकन किया गया।

निरीक्षण में दोनों केंद्रों पर ओपीडी में मरीजों की संख्या अपेक्षाकृत कम पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इस योजना का लाभ उठा सकें।

उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक किया जाए। साथ ही मरीजों का समुचित पंजीकरण, आवश्यक जांच, दवाओं की उपलब्धता, साफ-सफाई और उपकरणों की कार्यशीलता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि यह योजना गरीब और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं देने के उद्देश्य से चलाई जा रही है, ऐसे में लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इसी क्रम में आज महारिया गौशाला का निरीक्षण भी मा. सांसद डुमरियागंज जगदंबिका पाल और जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी एन द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। निरीक्षण के दौरान गौवंश के रख-रखाव, साफ-सफाई, चारे-पानी और पशु स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया गया।

सांसद और जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि गौशाला में हरे चारे और स्वच्छ पेयजल की नियमित व्यवस्था हो तथा पशुओं के स्वास्थ्य परीक्षण और टीकाकरण को और मजबूत किया जाए। उन्होंने गौशाला को ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने पर जोर दिया।

इस दौरान सोमनाथ मौर्य द्वारा गौशाला के लिए हरा चारा एवं केयरटेकर मानदेय हेतु प्रतिमाह 30 हजार रुपये सहयोग देने की घोषणा की गई। अधिकारियों ने बताया कि गौशाला में पर्याप्त संख्या में गौवंश संरक्षित हैं और उनके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं।

निरीक्षण के दौरान जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने गौवंश को गुड़ और चारा खिलाकर संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी जताई।

स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ एएनएम में नाराजगी, बकाया भुगतान को लेकर प्रदर्शन

सिद्धार्थनगर। जनपद के नौगढ़ स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात एएनएम कर्मियों ने शनिवार को बकाया भुगतान की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। इसके बाद उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए लंबित भुगतान जल्द कराने की मांग उठाई।
एएनएम कर्मियों का कहना है कि बीते कई महीनों से उनके विभिन्न मदों—जैसे एचआरपी, मोबाइल रिचार्ज, टीबी व फाइलेरिया संबंधी कार्यों—का भुगतान लंबित है। उनका आरोप है कि बार-बार अवगत कराने के बावजूद अब तक केवल आश्वासन ही मिला है, जबकि भुगतान की स्थिति जस की तस बनी हुई है।
प्रदर्शन में शामिल कर्मियों ने बताया कि वे नियमित रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करती हैं, लेकिन समय पर मानदेय न मिलना उनके लिए आर्थिक और मानसिक परेशानी का कारण बन रहा है। उन्होंने इसे कार्य के प्रति हतोत्साहन और व्यवस्था की कमजोरी से जोड़कर देखा।
ज्ञापन के माध्यम से एएनएम कर्मियों ने प्रशासन से मांग की है कि लंबित भुगतान को प्राथमिकता के आधार पर जल्द जारी किया जाए। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय में समाधान नहीं हुआ, तो वे आगे की रणनीति अपनाने को बाध्य होंगी।
हालांकि, इस संबंध में संबंधित अधिकारियों की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी है।
महत्वपूर्ण सवाल
जब जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन करने वाले कर्मी ही असंतोष में हों, तो सेवा व्यवस्था की प्रभावशीलता पर असर पड़ना स्वाभाविक है।
(रिपोर्ट: FT News Digital टीम)
“सच और… कुछ नहीं”

फर्जी जमीन सौदे का मामला उजागर, राजस्व निरीक्षक निलंबित

शिकायत के बाद जांच में अनियमितताओं के संकेत, प्रशासन ने की तत्काल कार्रवाई
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सिद्धार्थनगर। जिले में कथित फर्जी जमीन विक्रय के मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए राजस्व निरीक्षक अब्दुल गफ्फार को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई सिविल लाइंस निवासी आरती वर्मा की शिकायत पर कराई गई प्रारंभिक जांच के आधार पर की गई है।
आधिकारिक जांच आख्या में यह संकेत मिला है कि गाटा संख्या 367 से संबंधित भूमि के विक्रय में प्रक्रिया संबंधी गंभीर अनियमितताएं पाई गई हैं। उक्त भूमि के स्वामित्व को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं पाई गई, जिसके चलते तत्कालीन लेखपाल के रूप में कार्यरत रहे संबंधित अधिकारी की भूमिका संदिग्ध मानी गई है।
प्रथम दृष्टया तथ्यों के आधार पर जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन के निर्देश पर निलंबन की कार्रवाई की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कदम प्रारंभिक जांच के निष्कर्षों पर आधारित है और अंतिम निर्णय विस्तृत जांच रिपोर्ट के बाद लिया जाएगा।
निलंबन अवधि के दौरान संबंधित कर्मचारी को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।
मामले की गहन जांच के लिए उपजिलाधिकारी बांसी को जांच अधिकारी नामित किया गया है। उन्हें एक सप्ताह के भीतर आरोप पत्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन का कहना है कि यदि विस्तृत जांच में आरोपों की पुष्टि होती है, तो नियमानुसार आगे की कठोर कार्रवाई की जाएगी।

सिद्धार्थनगर नगरपालिका में मनोनीत सभासदों का शपथ ग्रहण समारोह सम्पन्न

अवैद्यनाथ सभागार में आयोजित कार्यक्रम, जनप्रतिनिधियों ने दी शुभकामनाएं
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सिद्धार्थनगर। नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर में शासन द्वारा मनोनीत सभासदों का शपथ ग्रहण समारोह नगरपालिका के अवैद्यनाथ सभागार में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर पालिका अध्यक्ष गोविंद माधव ने की।

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समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सांसद जगदंबिका पाल उपस्थित रहे। वहीं विशिष्ट अतिथि के तौर पर भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्या एवं जिला प्रभारी हरिचरण कुशवाहा भी मौजूद रहे।


इस अवसर पर मनोनीत सभासदों — पूनम मित्तल, राजेश जायसवाल, बबलू श्रीवास्तव, भानू सिसोदिया तथा महेश प्रसाद — को उपजिलाधिकारी सदर कल्याण सिंह मौर्य ने पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि ने नव-नियुक्त सभासदों को शुभकामनाएं देते हुए उन्हें अपने दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी एवं जिम्मेदारी के साथ करने का आह्वान किया। उन्होंने विभिन्न विकास कार्यों और जनहित से जुड़ी योजनाओं का भी उल्लेख किया।
जिलाध्यक्ष दीपक मौर्या ने सभी सभासदों का स्वागत करते हुए नगर के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। वहीं जिला प्रभारी हरिचरण कुशवाहा ने भी नव-नियुक्त सभासदों को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।
समारोह में विभिन्न जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

सिद्धार्थनगर में संदिग्ध मौत: विवाहिता की हत्या का आरोप, तीन मासूम बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल

ससुराल पक्ष पर हत्या कर शव लटकाने का आरोप, पिता की तहरीर पर मामला दर्ज

सिद्धार्थनगर। जनपद के खेसरहा थाना क्षेत्र के मदुवापुर गांव में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है, जिसे लेकर मायके पक्ष ने हत्या का गंभीर आरोप लगाया है। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है।
मिली जानकारी के अनुसार, जोगिया उदयपुर थाना क्षेत्र के पारानाकार गांव निवासी अजय प्रसाद ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया है कि उनकी बेटी प्रीती की हत्या उसके ससुराल पक्ष ने कर दी। घटना दिनांक 2 अप्रैल 2026 की शाम करीब 6 बजे की बताई जा रही है।
तहरीर के अनुसार, आरोपी शिवदयाल पुत्र बेचन ने स्वयं फोन कर सूचना दी कि उसने प्रीती को जान से मार दिया है। सूचना मिलते ही परिजन व ग्रामीण तत्काल मदुवापुर पहुंचे, जहां घटनास्थल पर हालात संदिग्ध पाए गए।
परिजनों का आरोप है कि हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को फंदे से लटकाया गया था और बाद में उसे नीचे उतार दिया गया। मौके पर पहुंचे लोगों ने मृतका के शरीर व गले पर चोट और काले निशान देखे, जिससे हत्या की आशंका और गहरा गई।
मायके पक्ष का यह भी कहना है कि मृतका को ससुराल में पहले से प्रताड़ित किया जा रहा था और उसने कई बार अपनी जान को खतरा होने की आशंका जताई थी। बावजूद इसके, परिवार द्वारा समझा-बुझाकर मामला शांत कराया जाता रहा।
इस दर्दनाक घटना में सबसे दुखद पहलू यह है कि मृतका अपने पीछे तीन मासूम बच्चों को छोड़ गई है—अंशिका (7 वर्ष), अंश कुमार (4 वर्ष) और आकांक्षा (15 माह), जिनका रो-रोकर बुरा हाल है।
फिलहाल पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

बांसी विधानसभा के बेदौली-खोजीपुर-खरचौला सड़क की हालत खराब,वर्षों से मरम्मत न होने पर ग्रामीणों में आक्रोश

सिद्धार्थनगर। जनपद के बांसी विधानसभा क्षेत्र में बेदौली से होकर खोजीपुर और खरचौला तक जाने वाला मार्ग इन दिनों बदहाली का शिकार बना हुआ है। सड़क की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मार्ग लंबे समय से जर्जर हालत में है, लेकिन अब तक इसकी मरम्मत या निर्माण को लेकर कोई ठोस पहल नहीं की गई है।

दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है 

ग्रामीणों के अनुसार, इस सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं, जिससे आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। बरसात के मौसम में स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जब सड़क पूरी तरह कीचड़ और पानी से भर जाती है। ऐसे में पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है, जबकि बाइक और चारपहिया वाहन चालकों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

जनप्रतिनिधियों से की गई शिकायत 

नीरज मिश्र व स्थानीय निवासियों ने बताया कि उन्होंने कई बार जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागीय अधिकारियों से सड़क की मरम्मत की मांग की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का आरोप है कि हर बार आश्वासन तो मिलता है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं दिखता।

आम जनता भुगत रही है खामियाजा 

ग्रामीणों का यह भी कहना है कि यह मार्ग डुमरियागंज और बांसी विधानसभा की सीमा पर स्थित होने के कारण उपेक्षा का शिकार हो रहा है। दोनों क्षेत्रों के बीच आने के कारण जिम्मेदारी तय नहीं हो पा रही, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है और लोगों को 2 किलोमीटर चक्कर लगाकर अशोगवा के रास्ते गांव जाना पड़ रहा है।

प्रशासन जल्द ले सुधि 

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द इस सड़क का निर्माण या मरम्मत कराया जाए, ताकि आवागमन सुगम हो सके और दुर्घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

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