नाबालिग से दुष्कर्म मामले में आरोपी को 10 वर्ष का कठोर कारावास
सिद्धार्थनगर, संवाददाता।
जनपद सिद्धार्थनगर में नाबालिग से दुष्कर्म के बहुचर्चित मामले में न्यायालय ने सख्त रुख अपनाते हुए आरोपी को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अदालत ने दोषी पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
यह फैसला पॉक्सो एक्ट की विशेष अदालत द्वारा सुनाया गया, जिसे पीड़िता और उसके परिवार के लिए न्याय की महत्वपूर्ण जीत माना जा रहा है। अदालत के निर्णय के बाद जिले में यह मामला चर्चा का विषय बन गया है।
2019 में दर्ज हुआ था मामला
जानकारी के अनुसार यह घटना वर्ष 2019 की है। मिश्रौलिया थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म की घटना सामने आने के बाद पीड़िता के परिजनों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। बाद में पुलिस ने साक्ष्य और गवाहों के आधार पर पॉक्सो एक्ट सहित संबंधित धाराओं में आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
लंबी सुनवाई के बाद आया फैसला
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में पीड़िता का बयान दर्ज किया गया। साथ ही कई गवाहों की गवाही और चिकित्सीय रिपोर्ट समेत अन्य साक्ष्यों को भी अदालत में प्रस्तुत किया गया।
सभी तथ्यों और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
अदालत ने दिया सख्त संदेश
न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा कि नाबालिगों के साथ होने वाले अपराध समाज के लिए अत्यंत गंभीर हैं और ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई आवश्यक है, ताकि समाज में कानून का भय बना रहे।
न्याय मिलने पर पीड़ित परिवार को राहत
अदालत के इस फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने राहत की सांस ली है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह फैसला समाज के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है कि अपराध चाहे कितना भी पुराना क्यों न हो, कानून के दायरे से बचना संभव नहीं है।
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