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नगर पंचायत अध्यक्ष और ईओ के झगड़े में पिस रही है बढ़नी की जनता

सिद्धार्थनगर। नगर पंचायत बढ़नी में इधर कुछ महीनो से नगर पंचायत अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत बढ़नी के बीच अपने अधिकार और कार्यपणाली को लेकर गुपचुप तरीके से अनवन चल रही है जिसके चलते जनता को नगर पंचायत कार्यालय से ना तो कोई कागज या प्रमाण पत्र उपलब्ध हो पा रहा है और ना ही नगर पंचायत में विकास कार्य गति पकड़ रहा है

नगर पंचायत अध्यक्ष सुनील अग्रहरि की व्यवस्था के बारे में लोगों का कहना है कि ऐसे नगर पंचायत अध्यक्ष हैं जिनकीअधिशासी – अधिकारी से ताल मेल नहीं बैठ पा रहा हे इनकी कार्य प्रणाली पर प्रश्न चिन्ह खड़ा करते हुए यहां के सभासदों ने पहले ही जिलाधिकारी सिद्धार्थ नगर को अपना त्यागपत्र दे दिया था

विगत दिनों बढनी पुलिस चौकी के दो सिपाहियों का सनांतरण तथा एक चौकी इचार्ज का स्थानांतरण की बात भी लोगों के जेहन में बैठीहई है

स्थानीय विधायक से नगर अध्यक्ष का संबंध किसी से छुपा हुआ नहीं है 

इस प्रकार यह देखा जाए तो अध्यक्ष महोदय के व्यवहार और कार्यशैली से यहां के सभासद ‘ गण वेतन नपा ने के कारण कर्मचारी तमाम मूलभूत समस्याओं से ग्रस्त यहांकी जनता के साथ विधायक से जुड़े लोग इनसे संतुष्ट नहीं हैं

एक प्रेस वार्ता में नगर पंचायत अध्यक्ष सुनील अग्रहरि ने नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी पर आरोप लगाते हुए वित्तीय – अनियमितता, विकास कार्यमें बाधा, सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों और आमजन से जुड़े कायीं में लापरवाही जैसे मुद्दे उठाए।अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि ‘हरजी ट्रेडर्स’ फर्म द्वारा कन्हा गौशाला से संबंधित एक टेंडर में लगभग 11.92 लाख रुपये की कथित फर्जी एफडीआर लगाई गई।

उनका कहना है कि बैंक स्तर से इस संबंध में पुष्टि होने के बावजूद अब तक कठोर कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने – कहा कि यदि यह मामला सत्य पाया जाता है तो यह नगर पंचायत की पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन पर गंभीर प्रशनचह है।

अध्यक्ष ने संबंधित अभिलेखों – की जांच कर दोषियों के विरुद्ध – कार्रवाई की मांग की। प्रेसवाती – में अध्यक्ष ने सरकारी भूमि विशेषकर पशुचर और अन्य

सार्वजनिक उपयोग की श्रेणी की जमीन पर अवैध कब्जों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया।

उनका आरोप है कि नगर क्षेत्र में कई स्थानों पर अतिक्रमण की शिकायतें की गई, परंतु प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इससे सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा और नगर की व्यवस्था प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो सार्वजनिक हित को नुकसान पहुंच सकता है।

विकास कार्यों को लेकर भी अध्यक्ष ने प्रशासनिक शिथिलता का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि नगर में चल रहे कई कायीं में अनावश्यक देरी हो रही है और ठेकेदारों की लापरवाही के बावजूद कठोर कार्रवाई नहीं की जा रही।

उनके अनुसार कई बार निर्देश दिए गए, लेकिन उनका अनुपालन नहीं हुआ, जिससे विकास की गति प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि नगर की जनता बेहतर आधारभूत सुविधाओं की अपेक्षा रखती है और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि कार्य समयबद्ध ढंग से पूर्ण हों।अध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने में अनावश्यक देरी की जा रही है तथा सुविधा शुल्क की शिकायतें सामने आ रही है। उन्होंने कहा कि यदि नागरिकों को मूलभूत सेवाओं के लिए बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ें तो यह गंभीर प्रशासनिक विफलता है। कर्मचारियों के संदर्भ में उन्होंने कहा कि उनके विरुद्ध भ्रम फैलाया जा रहा है, जबकि उन्होंने स्पष्ट रूप से अधिकांश कर्मचारियों का वेतन जारी करने की सहमति दी थी। उनका कहना है कि कर्मचारियों को अनावश्यक रूप से गुमराह किया जा रहा है ताकि वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाया जा सके।

अध्यक्ष ने बताया कि इन सभी बिंदुओं की जानकारी पूर्व में ही उच्चाधिकारियों को दी जा चुकी है और लिखित रूप से जांच की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो वह शासन स्तर तक मामले को उठाएंगे। इस संबंध में अधिशासी अधिकारी अजय कुमार ने लगाए गए आरोपों को निराधार बताया। उनका कहना है कि नगर पंचायत के सभी कार्य शासनादेश और नियमानुसार संचालित हो रहे है।

अब देखना यह है कि आरोप-प्रत्यारोप के बीच उच्चाधिकारी क्या रुख अपनाते है और नगर पंचायत बढ़नी बाजार में प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर आगे क्या निणय लिए जाते हैं