सिद्धार्थनगर में चौंकाने वाला मामला: मामूली बिजली खर्च वाले दर्जी के घर पहुंचा 32 लाख का बिल, परिवार सदमे में
उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जनपद में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर चर्चा में है। नगर क्षेत्र के अनूपनगर में रहने वाले एक गरीब दर्जी के घर अचानक 32 लाख रुपये से अधिक का बिजली बिल पहुंचने से इलाके में हैरानी और चर्चा का माहौल बन गया है।
जानकारी के अनुसार राजेंद्र प्रसाद, जो पेशे से दर्जी हैं और छोटी सी सिलाई की दुकान चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं, उनके घरेलू बिजली कनेक्शन पर 32,69,463 रुपये की देय राशि दर्शाई गई है। इतना बड़ा बिल देखकर वह और उनका परिवार घबरा गया।
राजेंद्र प्रसाद का कहना है कि उनके दो कमरे के मकान में केवल चार बल्ब, दो पंखे और एक फ्रिज ही है। इसके अलावा कोई भारी बिजली उपकरण नहीं है। उन्होंने बताया कि वह हर महीने नियमित रूप से बिजली बिल जमा करते रहे हैं, ऐसे में अचानक लाखों रुपये का बिल आना उनके लिए समझ से परे है।
मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार मीटर रीडिंग की अनियमितता या तकनीकी त्रुटि के कारण बिल में भारी अंतर देखने को मिलता है।
इधर इस मामले में बिजली विभाग के उपखंड अधिकारी योगेश बघेल ने बताया कि उपभोक्ता के यहां नवंबर माह में स्मार्ट मीटर लगाया गया था। प्रारंभिक रीडिंग दर्ज करने में कभी-कभी तकनीकी त्रुटि हो जाती है, जिससे बिल में असामान्य राशि दिखाई देने लगती है।
उन्होंने कहा कि फिलहाल मीटर की रीडिंग की जांच कराई जा रही है और यदि किसी प्रकार की तकनीकी त्रुटि पाई जाती है तो बिल को संशोधित कर दिया जाएगा।
नोट: यह समाचार स्थानीय स्तर पर प्राप्त जानकारी और संबंधित विभागीय अधिकारी के बयान के आधार पर तैयार किया गया है। मामले की जांच जारी है।

