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**लॉकअप से फरारी की फिल्मी कोशिश… लेकिन पुलिस का ताबड़तोड़ एक्शन! ₹25-25 हजार के दो इनामी गैंगस्टर 2 घंटे में फिर गिरफ्तार**

उत्तर प्रदेश जनपद सिद्धार्थनगर
सिद्धार्थनगर में अपराध के खिलाफ पुलिस की तेज कार्रवाई का एक बड़ा उदाहरण सामने आया है।
यू0पी0 गैंगस्टर एक्ट में वांछित ₹25-25 हजार के दो इनामी अपराधियों ने थाना लॉकअप से नाटकीय अंदाज़ में फरार होने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की सतर्कता और त्वरित घेराबंदी के चलते सिर्फ दो घंटे के भीतर ही दोनों आरोपियों को दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस के अनुसार 07 मार्च 2026 को जनपदीय एसओजी टीम और थाना शोहरतगढ़ पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में गैंगस्टर एक्ट में वांछित दो इनामी अभियुक्तों को प्लाइवुड तिराहे से गिरफ्तार किया गया था।
गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को थाना शोहरतगढ़ के लॉकअप में रखा गया था।
लेकिन 08 मार्च की सुबह करीब 6:30 बजे दोनों आरोपियों ने पेट दर्द का बहाना बनाकर संतरी से लॉकअप का ताला खुलवाया और अचानक धक्का-मुक्की करते हुए संतरी की रायफल छीनने का प्रयास किया। इसी दौरान मौका पाकर दोनों आरोपी फिल्मी अंदाज़ में फरार हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही पूरे पुलिस महकमे में अलर्ट जारी कर दिया गया।
पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देशन में
अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद और
क्षेत्राधिकारी शोहरतगढ़ मयंक द्विवेदी के नेतृत्व में पुलिस और एसओजी टीम ने पूरे क्षेत्र में सघन घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू कर दिया।
पुलिस की तेज रणनीति और मुस्तैदी के चलते फरार आरोपी ज्यादा देर तक बच नहीं सके और सिर्फ दो घंटे के भीतर चौधरी मैरिज लॉन के पीछे से दोनों को फिर से गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने फरार होने की कोशिश और सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामले में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में नया मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को न्यायालय भेज दिया है।
गिरफ्तार आरोपी
अतुल उर्फ इन्द्र कपूर उर्फ इन्द्रजीत उर्फ साका
निवासी नीबी दोहनी, थाना शोहरतगढ़
 मो0 रकीब उर्फ झीनक
निवासी नीबी दोहनी, थाना शोहरतगढ़
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार इन दोनों आरोपियों के खिलाफ चोरी, आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस समेत कई गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस टीम
इस कार्रवाई में एसओजी प्रभारी निरीक्षक मिथिलेश कुमार राय,
थाना प्रभारी निरीक्षक नवीन कुमार सिंह,
उपनिरीक्षक संतोष कुमार यादव सहित एसओजी और थाना पुलिस की टीम शामिल रही।
निष्कर्ष
सिद्धार्थनगर पुलिस की इस कार्रवाई को अपराध के खिलाफ तेज और प्रभावी ऑपरेशन के तौर पर देखा जा रहा है।
जहां लॉकअप से फरार होने की कोशिश करने वाले गैंगस्टरों को महज दो घंटे में पकड़कर पुलिस ने साफ संदेश दे दिया है कि अपराध कर बच निकलना अब आसान नहीं।