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असनाई की आग में बुझ गई एक जिंदगी फोन पर विवाद, खेत में मुलाकात और एक वार ने ले ली जान

सिद्धार्थनगर। त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र में कथित प्रेम प्रसंग से जुड़ा एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां आपसी विवाद ने एक व्यक्ति की जान ले ली। खेत के पास युवक का शव मिलने के बाद शुरू हुई पुलिस जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, उन्होंने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस के अनुसार मामला कथित असनाई, विवाद और गुस्से का परिणाम बताया जा रहा है।

शव मिलने से मचा हड़कंप

जानकारी के अनुसार ग्राम उज्जैनिया निवासी बृजभान चौरसिया 25 जनवरी की शाम घर से निकले थे, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटे। परिजनों द्वारा तलाश के बाद 26 जनवरी की सुबह गांव के पूरब स्थित खेत के पास उनका शव मिला।

शरीर पर गंभीर चोट के निशान थे, जिससे हत्या की आशंका जताई गई। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।

जांच में सामने आया कथित प्रेम प्रसंग

पुलिस की जांच और पूछताछ के दौरान यह तथ्य सामने आया कि मृतक का गांव की ही एक महिला से लगातार संपर्क था।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, दोनों के बीच कथित प्रेम संबंध को लेकर कुछ समय से विवाद और तनाव की स्थिति बनी हुई थी।

घटना वाले दिन भी फोन पर दोनों के बीच कहासुनी होने की बात जांच में सामने आई है।

खेत में हुई मुलाकात, विवाद ने लिया हिंसक रूप

जांच में सामने आया कि घटना की शाम मृतक अपने खेत की ओर गया था। उसी दौरान महिला से उसकी मुलाकात हो गई।

पुलिस के अनुसार, पुराने विवाद और आपसी तनाव के कारण दोनों के बीच तीखी बहस हुई।

बताया जा रहा है कि इसी दौरान महिला ने पास में पड़े सूखे बांस के डंडे से सिर पर वार कर दिया, जिससे मौके पर ही बृजभान की मौत हो गई।

तकनीकी साक्ष्यों से खुली गुत्थी

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में त्रिलोकपुर पुलिस और सर्विलांस टीम ने जांच तेज की।

कॉल डिटेल रिकॉर्ड, स्थानीय पूछताछ और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घटना से जुड़ी कड़ियां सामने आईं।

महिला गिरफ्तार, हत्या में प्रयुक्त डंडा बरामद

पुलिस ने ग्राम उज्जैनिया से एक महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त बांस का डंडा भी बरामद किया गया है।

फिलहाल आरोपी को न्यायालय में पेश कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

कानूनी स्थिति

पुलिस द्वारा मामले में गंभीर आपराधिक धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।

हालांकि, अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर किया जाएगा।

समाज के लिए संदेश

यह घटना इस बात का संकेत है कि कथित प्रेम संबंध, शक, विवाद और भावनात्मक आवेश यदि समय रहते नियंत्रित न किए जाएं, तो वे न केवल रिश्तों को बल्कि जिंदगियों जीको भी खत्म कर सकते हैं।

राज्यसभा में गूंजा स्पेशलिटी राइस का मुद्दा: सांसद बृजलाल ने कालनामक समेत पारंपरिक धानों को अलग वर्ग देने की उठाई मांग

नई दिल्ली। राज्यसभा सांसद बृजलाल ने मंगलवार को सदन में देश के पारंपरिक और विशिष्ट धान की किस्मों के संरक्षण एवं प्रोत्साहन का महत्वपूर्ण मुद्दा उठाते हुए सरकार का ध्यान चावल के वर्गीकरण की ओर आकृष्ट किया। उन्होंने बासमती और नॉन-बासमती के अलावा “स्पेशलिटी राइस” के लिए अलग श्रेणी बनाए जाने का प्रस्ताव सदन के समक्ष रखा।

पारंपरिक धानों को पहचान देने की मांग

सांसद बृजलाल ने अपने वक्तव्य में कहा कि भारत में कई ऐसी पारंपरिक और क्षेत्र विशेष की धान किस्में हैं, जिनकी सुगंध, स्वाद और पोषण मूल्य उन्हें सामान्य चावल से अलग बनाता है। लेकिन वर्तमान में इनका उचित वर्गीकरण और बाजार पहचान न होने के कारण किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पाता।

उन्होंने कहा कि यदि “स्पेशलिटी राइस” की अलग श्रेणी बनाई जाती है, तो इन धानों की ब्रांडिंग, निर्यात और संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, जिससे किसानों की आय में वृद्धि होगी।

उत्तर प्रदेश का कालनामक प्रमुख

बृजलाल ने विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के बुद्धकालीन प्रसिद्ध “कालनामक” धान का उल्लेख करते हुए कहा कि यह प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर है। इसकी विशिष्ट सुगंध और पौष्टिक गुण इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने सरकार से कालनामक के व्यापक प्रचार-प्रसार और संरक्षण के लिए विशेष नीति बनाने की मांग की।

अन्य राज्यों की विशेष किस्मों का भी उल्लेख

अपने संबोधन में उन्होंने देश के विभिन्न राज्यों की पारंपरिक धान किस्मों का भी जिक्र किया, जिनमें—

बिहार की कतरनी

असम के ब्रह्मपुत्र घाटी की जोहा

पश्चिम बंगाल के विष्णु भोग और गोविंद भोग

गुजरात की सुगंधित किस्म कृष्ण कामोद

उन्होंने कहा कि ये सभी किस्में अपने-अपने क्षेत्रों की पहचान हैं और इन्हें राष्ट्रीय स्तर पर “स्पेशलिटी राइस” के रूप में मान्यता मिलनी चाहिए।

किसानों को मिलेगा लाभ

सांसद ने कहा कि अलग वर्गीकरण से इन किस्मों की गुणवत्ता के अनुसार मूल्य निर्धारण संभव होगा, जिससे छोटे और सीमांत किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही, इन धानों के संरक्षण से जैव विविधता भी सुरक्षित रहेगी और पारंपरिक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा मिलेगा।

सरकार से नीति बनाने का आग्रह

बृजलाल ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि कृषि मंत्रालय, खाद्य एवं निर्यात से जुड़े विभागों के माध्यम से स्पेशलिटी राइस के लिए अलग मानक, ब्रांडिंग और निर्यात नीति तैयार की जाए, ताकि भारत की पारंपरिक धान किस्में वैश्विक बाजार में अपनी अलग पहचान बना सकें।

उन्होंने कहा कि यह पहल “लोकल से ग्लोबल” की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी और देश के लाखों किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में सहायक होगी।

एनएच-730 बाइपास निर्माण से जल निकासी बाधित होने की आशंका, जांच के लिए मौके पर पहुंची टीम

उस्का बाजार (सिद्धार्थनगर): सिद्धार्थनगर-गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 730 के बाइपास निर्माण कार्य के चलते उस्का बाजार नगर पंचायत के सेखुई वार्ड में जल निकासी व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। मुख्य नाले के अवरुद्ध होने की संभावना को लेकर सभासद पूनम त्रिपाठी द्वारा जिलाधिकारी से शिकायत किए जाने के बाद प्रशासन और निर्माण एजेंसी हरकत में आ गई।

जिलाधिकारी के निर्देश पर मंगलवार को अधिकारियों की एक टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान टीम ने सभासद द्वारा जताई गई आशंका को गंभीर मानते हुए समस्या के समाधान के लिए अंडर बाइपास (जल निकासी मार्ग) बनाए जाने का आश्वासन दिया।

सभासद पूनम त्रिपाठी का कहना है कि बाइपास निर्माण के कारण मुख्य जल निकासी नाला बंद होने से बरसात के मौसम में पूरे वार्ड में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जिससे लोगों का जनजीवन प्रभावित होगा।

आवागमन पर भी पड़ सकता है असर

समस्या केवल जल निकासी तक सीमित नहीं है। बाइपास निर्माण के चलते वार्ड के दो प्रमुख रास्ते भी प्रभावित हो रहे हैं, जिससे वार्ड दो हिस्सों में बंटने की स्थिति बन रही है। इससे स्थानीय लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

पुलिया और अंडरपास निर्माण की मांग

सभासद ने जिलाधिकारी से मांग की है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए पुराने नाले पर पुलिया का निर्माण कराया जाए तथा प्रभावित दोनों मार्गों पर अंडरपास बनाए जाएं, ताकि जल निकासी व्यवस्था सुचारु बनी रहे और लोगों की आवाजाही में कोई बाधा न हो।

स्थानीय लोगों में चिंता

स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो बारिश के दौरान हालात गंभीर हो सकते हैं। फिलहाल क्षेत्रवासियों की निगाहें प्रशासन और लोक निर्माण विभाग की आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

नोडल अधिकारी डॉ. जीवन लाल का गौशालाओं पर ताबड़तोड़ औचक निरीक्षण, व्यवस्थाओं की ली जानकारी

उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश के क्रम में पशुपालन विभाग द्वारा संचालित गौशालाओं की वर्तमान स्थिति का आकलन करने के लिए शासन द्वारा नामित गौशाला नोडल अधिकारी एवं अपर निदेशक ग्रेड-2 बस्ती मंडल, बस्ती डॉ. जीवन लाल ने जनपद की विभिन्न गौशालाओं का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत परखी गई और आवश्यक निर्देश भी दिए गए।

गौ आश्रय स्थलों का किया निरीक्षण

नोडल अधिकारी ने अस्थाई गौ आश्रय स्थल रामगढ़, दूल्हा दरम्यानी, पिपरसन, बर्डपुर नंबर-3 तथा महादेव लाला गौशाला का निरीक्षण किया। इस दौरान गौशालाओं से संबंधित कुल 14 महत्वपूर्ण बिंदुओं की विस्तार से समीक्षा की गई।

चारा, पानी और स्वास्थ्य सुविधाओं की जांच

निरीक्षण के दौरान उपलब्ध भूसा-दाना, हरा चारा, पशु आहार, पानी की व्यवस्था, पशुओं के स्वास्थ्य प्रबंधन, केयरटेकरों की संख्या, उनके मानदेय भुगतान, अधिकारियों द्वारा पूर्व निरीक्षण आख्या, पोर्टल पर ऑनलाइन फीडिंग तथा गौशाला भुगतान सहित अन्य व्यवस्थाओं की बारीकी से पड़ताल की गई।

50 से कम गौवंश वाली गौशालाओं को शिफ्ट करने के निर्देश

डॉ. जीवन लाल ने बताया कि शासन की मंशा के अनुसार 50 से कम गौवंश वाले अस्थाई गौ आश्रय स्थलों को बंद कर वहां के पशुओं को निकटतम बृहद गौ आश्रय स्थल पर स्थानांतरित किया जाएगा। इस क्रम में दूल्हा दरम्यानी, पिपरसन और बर्डपुर नंबर-3 में कम संख्या पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों को पत्राचार और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

केयरटेकरों की समस्याएं सुनीं, त्वरित समाधान के निर्देश

निरीक्षण के दौरान नोडल अधिकारी ने केयरटेकरों से बातचीत कर उनकी समस्याएं भी जानीं। साथ ही संबंधित ग्राम सचिव से टेलीफोन पर वार्ता कर समस्याओं के शीघ्र समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

ये अधिकारी रहे मौजूद

नोडल अधिकारी के भ्रमण के दौरान उपमुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी नौगढ़ डॉ. राजबहादुर यादव, पशु चिकित्सा अधिकारी बर्डपुर डॉ. विनोद पांडे, पशुधन प्रसार अधिकारी अरुण कुमार प्रजापति तथा अमित यादव उपस्थित रहे।

सिद्धार्थनगर: अमीन पर हमले के बाद उबाल—दूसरे दिन भी अनिश्चितकालीन धरना जारी, प्रशासन पर बढ़ा दबाव

सिद्धार्थनगर।
उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में सरकारी कार्यवाही के दौरान राजस्व संग्रह अमीन से कथित मारपीट के मामले ने अब बड़ा रूप ले लिया है। आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज़ राजस्व संग्रह अमीन संघ ने धरने के दूसरे दिन भी अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी रखा है, जिससे प्रशासन पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
कलेक्ट्रेट प्रांगण में चल रहे इस धरने में जनपद भर के राजस्व संग्रह अमीन बड़ी संख्या में शामिल हैं। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि जब तक दोषियों पर कठोर कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।
यह मामला 3 फरवरी 2026 का है, जब तहसील नौगढ़ में तैनात संग्रह अमीन सुभाष चन्द्र नायब तहसीलदार सदर की मौजूदगी में ग्राम रोहूडिला टोला सिंगहा, थाना मोहाना में कुर्की की कार्रवाई करने पहुंचे थे। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक, शाखा मोहाना के बकाया ऋण (लगभग ₹5.05 लाख) की वसूली से जुड़ी थी।
आरोप है कि कुर्की के दौरान गांव के दो लोग मौके पर पहुंचे और सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए अमीन के साथ हाथापाई की। पीड़ित का यह भी आरोप है कि घटना के दौरान आपत्तिजनक व जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया गया। घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला और गरमा गया।
पीड़ित की तहरीर पर मोहाना थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है, लेकिन अब तक गिरफ्तारी न होने से राजस्व कर्मियों में रोष व्याप्त है। धरना स्थल से संघ पदाधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
धरने में संघ के जिलाध्यक्ष राजेश कुमार मिश्र, उपाध्यक्ष शिव सागर गुप्ता, कार्यवाहक जिलामंत्री कौलेश्वर पाण्डेय समेत कई पदाधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें आरोपियों की गिरफ्तारी, शस्त्र लाइसेंस निरस्तीकरण और राजस्व कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने से जुड़ी हैं।
फिलहाल पूरा मामला प्रशासन और पुलिस की परीक्षा बना हुआ है। अब देखना यह होगा कि सरकार और जिला प्रशासन इस बढ़ते असंतोष को कैसे संभालते हैं।

सुहास–नौगढ़ मार्ग पर दर्दनाक हादसा, 22 वर्षीय युवक की मौत

घर की उम्मीद बुझी, पूरे इलाके में पसरा मातम
सिद्धार्थनगर।
जनपद के सुहास–नौगढ़ मार्ग पर ग्राम बनकसीया के पास सोमवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में 22 वर्षीय युवक की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान साहेब आलम पुत्र बदरे आलम, निवासी नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड बुद्ध नगर, थाना सिद्धार्थनगर के रूप में हुई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, साहेब आलम सोमवार की रात लगभग 10 बजे अपने घर से किसी परिचित को बनकसीया छोड़ने गया था। काम पूरा करने के बाद वह बाइक से वापस लौट रहा था। जैसे ही वह कुछ ही दूरी पर पहुँचा, तभी सामने से अचानक एक तेज रफ्तार वाहन आ गया। वाहन को बचाने के प्रयास में साहेब आलम की बाइक अनियंत्रित हो गई और वह दीवार से जा टकराया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि युवक की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुँचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
बताया जा रहा है कि मृतक के पिता सऊदी अरब में रोज़गार के सिलसिले में रहते हैं, ताकि परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर हो सके। साहेब आलम परिवार का सबसे बड़ा बेटा था और घर की ज़िम्मेदारियाँ उसी के कंधों पर थीं। उसके दो छोटे भाई हैं, जिनकी देखरेख भी वही करता था। एक ही झटके में परिवार का सहारा छिन जाने से घर में कोहराम मचा हुआ है।
मंगलवार को युवक का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। जैसे ही शव घर पहुँचा, पूरे मोहल्ले में शोक की लहर दौड़ गई। हर आँख नम थी और हर जुबान पर एक ही सवाल—इतनी कम उम्र में इतनी बड़ी त्रासदी क्यों?
यह हादसा सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की पीड़ा है। तेज रफ्तार और लापरवाही आज भी जानलेवा साबित हो रही है। ज़रूरत है कि सड़क पर चलते वक्त संयम, सतर्कता और ज़िम्मेदारी को प्राथमिकता दी जाए, ताकि किसी और घर का चिराग यूँ न बुझे।

इटवा–बढ़नी मार्ग पर काल बनकर आई रफ्तार

इटवा।
इटवा–बढ़नी मार्ग सोमवार को एक बार फिर खून से लाल हो गया, जब तेज रफ्तार बोलेरो और ई-रिक्शा की आमने-सामने की भीषण टक्कर ने एक गरीब परिवार का इकलौता सहारा छीन लिया। हादसे में ई-रिक्शा चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो महिला यात्री और बोलेरो चालक गंभीर रूप से घायल हो गए।


यह दर्दनाक दुर्घटना थाना कठेला क्षेत्र के ग्राम घोपलापुर के पास हुई। मृतक की पहचान 22 वर्षीय दिलशाद पुत्र इसरार, निवासी गुरौवाजोत के रूप में हुई है। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ई-रिक्शा पूरी तरह चकनाचूर हो गया और दिलशाद को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
बताया जा रहा है कि दिलशाद अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। वह परिवार का ई-रिक्शा चलाकर किसी तरह घर का खर्च उठाता था। घर में उसकी छोटी-छोटी बहनें हैं, जिनकी पढ़ाई और परवरिश की पूरी जिम्मेदारी उसी के कंधों पर थी। अचानक हुई इस घटना के बाद परिवार के सामने रोज़ी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
घायलों की हालत नाजुक
हादसे में घायल दोनों महिलाओं और बोलेरो चालक को पुलिस की मदद से नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां चिकित्सकों ने सभी की हालत गंभीर बताई है।
पुलिस जांच में जुटी
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जा रही है, जिसके बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है।
स्थानीय लोगों में आक्रोश
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इटवा–बढ़नी मार्ग पर लगातार हो रहे सड़क हादसे चिंता का विषय बन चुके हैं। लोगों ने प्रशासन से इस मार्ग पर स्पीड कंट्रोल, संकेतक और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को इस तरह उजड़ने से बचाया जा सके।

कंपोजिट विद्यालय विशुनपुर में निकला बेटी बचाओ-बेटी बढ़ाओ जागरूकता अभियान

खेसरहा (सिद्धार्थनगर)। हुमाना पीपल टू पीपल इंडिया के तत्वावधान में कदम शारदा नेट सिद्धार्थनगर द्वारा बेटी बचाओ-बेटी बढ़ाओ अभियान के अंतर्गत जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। यह रैली विकासखंड खेसरहा स्थित कंपोजिट विद्यालय विशुनपुर मुस्तहकम से निकाली गई, जिसमें छात्र-छात्राओं, शिक्षकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।

जागरूकता के नारों से गूंजा क्षेत्र

रैली के दौरान छात्र-छात्राएं हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर गांव व आसपास के क्षेत्रों में भ्रमण करते हुए लोगों को जागरूक करते नजर आए। “बेटी है तो भविष्य है”, “बेटी पढ़ाओ, समाज आगे बढ़ाओ”, “बेटी बचाओ-बेटी” बढ़ाओ जैसे नारों के माध्यम से बालिका शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान का संदेश दिया गया।

बेटियों की शिक्षा और समान अधिकार पर जोर

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि बेटियों को शिक्षित और सशक्त बनाना समाज और देश के समग्र विकास के लिए बेहद आवश्यक है। लिंग भेदभाव को समाप्त कर बेटियों को समान अवसर देना समय की जरूरत है।

प्रधानाध्यापक नीरज मिश्र का संदेश

विद्यालय के प्रधानाध्यापक नीरज मिश्र ने अपने संबोधन में कहा कि “बेटियां समाज की अमूल्य धरोहर हैं। यदि बेटियों को अच्छी शिक्षा और सुरक्षित वातावरण मिले, तो वे हर क्षेत्र में देश और समाज का नाम रोशन कर सकती हैं। हम सभी का दायित्व है कि बेटियों को समान अवसर दें और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए सकारात्मक माहौल तैयार करें।”

शिक्षकों व छात्रों की सक्रिय भागीदारी

इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने विद्यार्थियों को बेटियों के अधिकार, उनके महत्व और समाज में उनकी भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी। रैली में छात्रों ने पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ भाग लेते हुए जन-जागरूकता का संदेश दिया।

इस अवसर पर शिक्षक महेश, निर्मल, सत्यपाल सिंह, अनुराधा व संयोजिका शन्नो पाठक तथा अन्य लोग उपस्थित रहे

सामाजिक सहयोग की अपील

आयोजकों ने क्षेत्रवासियों से अपील की कि वे बेटियों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दें, उनके प्रति सकारात्मक सोच विकसित करें और समाज में उनके सम्मान व सुरक्षा को सुनिश्चित करने में सहयोग करें।