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विश्व रक्तदाता दिवस पर अनुदेशक संघ का बड़ा संदेश: 20 युवाओं ने किया रक्तदान, पूर्व सांसद विनय कटियार बोले—रक्तदान है मानवता की सर्वोच्च सेवा

अयोध्या। विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर राम कृष्ण सेवा फाउंडेशन एवं अनुदेशक संघ इकाई के संयुक्त तत्वावधान में अचारी सगरा स्थित होटल परमेश्वर पैलेस में वृहद रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। समाजसेवा और मानव कल्याण को समर्पित इस शिविर में 20 युवाओं ने उत्साहपूर्वक रक्तदान कर जरूरतमंदों के जीवन बचाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम ने युवाओं में रक्तदान के प्रति जागरूकता और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया।

अनुदेशक संघ के प्रदेश अध्यक्ष ने किया प्रथम रक्तदान

रक्तदान शिविर का शुभारंभ अनुदेशक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विक्रम सिंह ने प्रथम रक्तदान कर किया। उनके इस प्रेरणादायी कदम से उपस्थित युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने रक्तदान के महत्व को समझते हुए भागीदारी निभाई।

पूर्व सांसद विनय कटियार ने रक्तदान को बताया महादान

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व सांसद विनय कटियार ने रक्तदाताओं को सम्मानित करते हुए कहा कि रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवा है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ व्यक्ति को नियमित रूप से रक्तदान करना चाहिए ताकि जरूरतमंद मरीजों को समय पर जीवनरक्षक रक्त उपलब्ध हो सके।

एक यूनिट रक्त तीन लोगों को दे सकता है नया जीवन

विशिष्ट अतिथि एवं समाजसेवी योगेंद्र वर्मा ने कहा कि रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प नहीं है। एक यूनिट रक्त कम से कम तीन मरीजों के जीवन को बचाने में मददगार साबित हो सकता है। उन्होंने सभी सक्षम नागरिकों से नियमित रक्तदान करने की अपील की।

अनुदेशक संघ पदाधिकारियों ने किया अतिथियों का स्वागत

कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत अनुदेशक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष अमिताभ वर्मा, जिला अध्यक्ष पुनीत यादव, जिला महामंत्री अतुल वर्मा, जिला महासचिव शशांक तिवारी तथा सह संयोजक कुलदीप वर्मा ने बुके, स्मृति चिन्ह और माल्यार्पण कर किया।

गणमान्य नागरिकों की रही गरिमामयी उपस्थिति

इस अवसर पर जिला अध्यक्ष अपना दल (यस) कृष्ण देव वर्मा, पूर्व प्रधान भोलानाथ वर्मा, समाजसेवी राजेश चौबे, गुड्डू वर्मा, अभिषेक वर्मा, रक्षा राम यादव, राम भरोसे वर्मा, लड्डू लाल वर्मा, व्यापारी नेता प्रतीक वैश्य ‘भज्जा’, लोको पायलट संजय यादव, मनीष मौर्य, विजय वर्मा, खुशबू शाही सहित अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे और रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन किया।

20 युवाओं ने रक्तदान कर पेश की मिसाल

शिविर में विक्रम सिंह, पुनीत यादव, संदीप पाल, बुद्ध प्रिय अम्बेश, गौरव यादव, अमित उपाध्याय, राजित राम वर्मा, भानु प्रताप सिंह, अतुल वर्मा, कुलदीप गौतम, दीपक कुमार, अमिताभ वर्मा, पंकज कुमार, अवधेश कुमार, राजेंद्र मौर्य, गौतम गुप्ता, सूरज वर्मा, अभिषेक अग्रवाल एवं आर.जे. प्रजापति सहित 20 युवाओं ने रक्तदान कर समाज के सामने प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया।

रक्तदान जागरूकता बढ़ाना ही संस्था का उद्देश्य

कार्यक्रम के समापन पर ‘ब्लड मैन’ के नाम से चर्चित राम कृष्ण सेवा फाउंडेशन के अध्यक्ष आकाश गुप्ता ने सभी अतिथियों, रक्तदाताओं और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संस्था का मुख्य उद्देश्य समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना और जरूरतमंदों तक समय पर रक्त उपलब्ध कराने की भावना को मजबूत करना है।

99 वर्षीय राजेश्वर सिंह लापता, 24 घंटे से अधिक समय बाद भी नहीं मिला सुराग; परिजनों ने जनता से मांगी मदद

महराजगंज के महादेवा गांव से गायब हुए वृद्ध, क्षेत्र में बढ़ी चिंता

महराजगंज। जिले के बृजमनगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत महादेवा गांव से 99 वर्षीय वृद्ध राजेश्वर सिंह के रहस्यमय ढंग से लापता होने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। 29 मई 2026 की दोपहर घर से निकले राजेश्वर सिंह का 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कोई पता नहीं चल सका है। परिजन लगातार उनकी तलाश में जुटे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है।

घर से निकले और फिर अचानक हो गए गायब

परिजनों के अनुसार राजेश्वर सिंह शुक्रवार दोपहर अपने घर से निकले थे। काफी समय तक वापस न लौटने पर परिवार के लोगों ने उनकी खोजबीन शुरू की। पहले गांव और आसपास के क्षेत्रों में तलाश की गई, लेकिन जब कोई जानकारी नहीं मिली तो रिश्तेदारों और परिचितों को भी सूचना दी गई।

गांव के लोगों ने भी अपने स्तर पर खोजबीन की, लेकिन वृद्ध का कोई सुराग नहीं लग सका। इस घटना के बाद पूरे इलाके में चिंता और बेचैनी का माहौल है।

हर संभव जगह तलाश जारी, लेकिन हाथ खाली

राजेश्वर सिंह के भतीजे अंगद सिंह ने बताया कि परिवार लगातार उनकी तलाश कर रहा है। आसपास के गांवों, बाजारों, धार्मिक स्थलों और संभावित स्थानों पर खोजबीन की जा रही है। सोशल मीडिया के माध्यम से भी लोगों से मदद की अपील की जा रही है, लेकिन अब तक कोई सफलता नहीं मिली है।

उन्होंने कहा कि वृद्ध की उम्र अधिक होने के कारण परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।

जनता से मदद की अपील, सूचना देने वालों से संपर्क करने का अनुरोध

परिजनों ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी को राजेश्वर सिंह कहीं दिखाई दें या उनके संबंध में कोई भी जानकारी मिले तो तत्काल निम्न नंबरों पर संपर्क करें—

📞 9451562408

📞 9035477148

📞 9450045959

📞 9651003775

परिवार ने लोगों से इस सूचना को अधिक से अधिक साझा करने की अपील की है ताकि लापता वृद्ध को सुरक्षित खोजा जा सके।

सिद्धार्थनगर में अधिवक्ताओं का पूर्ति विभाग पर हल्लाबोल, गैस सिलेंडर और पेट्रोल व्यवस्था को लेकर जोरदार प्रदर्शन

पेट्रोलियम संकट और गैस एजेंसियों की मनमानी के खिलाफ फूटा गुस्सा

सिद्धार्थनगर। सिविल सिद्धार्थ बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों और अधिवक्ताओं ने मंगलवार को जिला पूर्ति विभाग का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने जिले में व्याप्त पेट्रोलियम पदार्थों की किल्लत, गैस एजेंसियों की मनमानी और पेट्रोल पंपों पर अव्यवस्था के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने मांग उठाई कि बार प्रांगण में ही गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जाए तथा अधिवक्ताओं को पेट्रोल पंपों पर बिना लाइन लगाए पेट्रोल देने की विशेष व्यवस्था की जाए।

“पूर्ति विभाग के संरक्षण में चल रही मनमानी”: अखण्ड प्रताप सिंह

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे बार एसोसिएशन अध्यक्ष अखण्ड प्रताप सिंह ने पूर्ति विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जिले में गैस एजेंसियां और पेट्रोल पंप खुलेआम मनमानी कर रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी मौन बने हुए हैं।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में गैस सिलेंडर की बुकिंग के बाद 45 दिन और शहरी क्षेत्रों में 25 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है, जबकि दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में घरेलू गैस सिलेंडर धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहे हैं।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब आम उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहा, तो दुकानदारों तक प्रतिदिन बड़ी संख्या में सिलेंडर कैसे पहुंच रहे हैं।

बंधू आयल पेट्रोल पंप पर भी लगाए आरोप

जिलाध्यक्ष अखण्ड प्रताप सिंह ने बताया कि वह स्वयं बंधू आयल पेट्रोल पंप पहुंचे थे, जहां ऑटो में सीएनजी भरी जा रही थी। जब उन्होंने बड़ी गाड़ियों के लिए ईंधन की उपलब्धता पूछी तो कर्मचारियों ने “प्रेशर नहीं होने” की बात कही, जबकि ऑटो में लगातार फ्यूल दिया जा रहा था।

इस पर अधिवक्ताओं ने पेट्रोल पंप के खिलाफ हुई कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की।

अधिवक्ताओं ने दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी

एसोसिएशन के महामंत्री कृपा शंकर त्रिपाठी ने कहा कि यदि जल्द व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो अधिवक्ता बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं को न्यायिक कार्यों के लिए लगातार दौड़भाग करनी पड़ती है, ऐसे में पेट्रोल और गैस की समस्या से उनका कार्य प्रभावित हो रहा है।

बड़ी संख्या में शामिल हुए अधिवक्ता

घेराव और प्रदर्शन में अनिल विश्वकर्मा, विकास शुक्ला, प्रमोद कुमार सिंह, मनीष यादव, राकेश कुमार सिंह, रामकुमार यादव, उमेश प्रताप सिंह, रियाज अहमद, मिथिलेश मिश्रा, संतोष मिश्रा और श्रीकृष्ण मिश्रा समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान माहौल काफी उग्र दिखाई दिया।

स्वर्गीय जगन्नाथ सिंह की पुण्यतिथि पर सम्मान समारोह, मेधावी छात्र-छात्राओं को किया गया पुरस्कृत

शिक्षा और संस्कार के संगम बना विद्यालय परिसर

कुशीनगर। जनपद के टिकर अहिरौली बाजार स्थित गंगा सिंह कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय संबद्ध प्राथमिक विद्यालय में संस्थापक प्रबंधक एवं सेवानिवृत्त सहायक विकास अधिकारी स्वर्गीय श्री जगन्नाथ सिंह की पांचवीं पुण्यतिथि श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में छात्र-छात्राओं के लिए पुरस्कार वितरण एवं सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में विद्यालय परिवार, अभिभावकों, छात्र-छात्राओं एवं क्षेत्रीय गणमान्य लोगों की उपस्थिति ने आयोजन को गरिमामयी बना दिया।

मेधावी छात्र-छात्राओं को किया गया सम्मानित

समारोह के मुख्य अतिथि विवेक कुमार सिंह, प्रबंधक नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटर कॉलेज टिकर तथा विशिष्ट अतिथि प्रमोद कुमार सिंह, उप निरीक्षक उत्तर प्रदेश पुलिस थाना अहिरौली बाजार रहे। अतिथियों ने कक्षा में प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरस्कार एवं प्रशस्ति देकर सम्मानित किया।

अतिथियों ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि शिक्षा ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है और निरंतर मेहनत करने वाले छात्र भविष्य में समाज और देश का नाम रोशन करते हैं।

संस्थापक प्रबंधक को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि

कार्यक्रम की शुरुआत स्वर्गीय श्री जगन्नाथ Singh के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। उपस्थित लोगों ने उनके शिक्षा क्षेत्र में दिए गए योगदान को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री अजय कुमार सिंह ने मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया और विद्यालय के विकास में उनके सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

विद्यालय बच्चों को आगे बढ़ाने का माध्यम बनेगा: गौतम भारद्वाज

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ अध्यापक गौतम भारद्वाज ने कहा कि स्वर्गीय श्री जगन्नाथ सिंह के सपनों और संकल्पों को पूरा करना विद्यालय परिवार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि विद्यालय सदैव विद्यार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने का कार्य करता रहेगा और बच्चों को उनके आदर्शों एवं विचारों से प्रेरित किया जाता रहेगा।

उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में प्रतिस्पर्धा की भावना के साथ संस्कार और प्रेरणा भी पैदा करते हैं।

पुलिस प्रशासन और अभिभावकों की रही मौजूदगी

कार्यक्रम में विद्यालय के समस्त शिक्षक, अभिभावक, छात्र-छात्राएं तथा अहिरौली बाजार थाने की पुलिस टीम भी मौजूद रही। पूरे आयोजन का माहौल श्रद्धा, सम्मान और उत्साह से भरा रहा।

मुख्यमंत्री योगी के हाथों सम्मानित हुए गोरखपुर के अनुदेशक देवेंद्र लाल

लखनऊ के लोक भवन में आयोजित हुआ भव्य सम्मान समारोह

गोरखपुर। लखनऊ स्थित लोक भवन में आयोजित अंशकालिक अनुदेशक सम्मान समारोह में गोरखपुर के अनुदेशक देवेंद्र लाल को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, शिक्षामंत्री संदीप सिंह हाथों सम्मानित किया गया। समारोह के दौरान प्रदेश भर से आए अनुदेशकों के बीच उत्साह का माहौल देखने को मिला। मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित होने के बाद देवेंद्र लाल ने सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे अनुदेशकों के सम्मान और संघर्ष की बड़ी जीत बताया।

17 हजार मानदेय से मिली राहत

सम्मान समारोह के बाद देवेंद्र लाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अनुदेशकों का मानदेय 17 हजार रुपये किया जाना सराहनीय कदम है। उन्होंने कहा कि पहले 7 हजार रुपये मानदेय में परिवार चलाना बेहद मुश्किल होता था, लेकिन अब 8 हजार रुपये की बढ़ोतरी से अनुदेशकों को बड़ी राहत मिली है।

उन्होंने कहा,“पहले सीमित मानदेय में घर का खर्च चलाना काफी कठिन था। सरकार ने हमारी समस्याओं को समझा और मानदेय बढ़ाकर हमें सम्मान देने का काम किया है। इससे प्रदेश के हजारों अनुदेशकों में नई ऊर्जा आई है।”

नियमितीकरण की भी जताई उम्मीद

देवेंद्र लाल ने मुख्यमंत्री से उम्मीद जताते हुए कहा कि प्रदेश सरकार भविष्य में अनुदेशकों को नियमित करने की दिशा में भी सकारात्मक निर्णय लेगी। उन्होंने कहा कि अनुदेशक लंबे समय से शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में योगदान दे रहे हैं और सरकार को उनकी सेवाओं का स्थायी समाधान करना चाहिए।

उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा,

“हमें पूरा भरोसा है कि मुख्यमंत्री जी जल्द ही हमें हमारे ही पद पर नियमित करने का कार्य भी करेंगे।”

शिक्षा विभाग और संगठन पदाधिकारियों का जताया आभार

देवेंद्र लाल ने इस अवसर पर बेसिक शिक्षा विभाग और संगठन के पदाधिकारियों के प्रति भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने गोरखपुर के एडी बेसिक शिक्षा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, प्रदेश अध्यक्ष विक्रम सिंह, प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा तथा महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी का विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया।

अनुदेशकों में दिखा उत्साह का माहौल

लोक भवन में आयोजित इस सम्मान समारोह को लेकर प्रदेश भर के अनुदेशकों में खासा उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम में सरकार की ओर से शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने वाले अनुदेशकों को सम्मानित कर उनका मनोबल बढ़ाने का प्रयास किया गया। समारोह के बाद कई अनुदेशकों ने इसे ऐतिहासिक पहल बताते हुए मुख्यमंत्री का आभार जताया।

मुख्यमंत्री योगी के हाथों सम्मानित हुए गोरखपुर के अनुदेशक देवेंद्र लाल

लखनऊ के लोक भवन में आयोजित हुआ भव्य सम्मान समारोह

गोरखपुर। लखनऊ स्थित लोकभवन में आयोजित अंशकालिक अनुदेशक सम्मान समारोह में गोरखपुर के अनुदेशक देवेंद्र लाल को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों सम्मानित किया गया। समारोह के दौरान प्रदेश भर से आए अनुदेशकों के बीच उत्साह का माहौल देखने को मिला। मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित होने के बाद देवेंद्र लाल ने सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे अनुदेशकों के सम्मान और संघर्ष की बड़ी जीत बताया।

“17 हजार मानदेय से मिली राहत”

सम्मान समारोह के बाद देवेंद्र लाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अनुदेशकों का मानदेय 17 हजार रुपये किया जाना सराहनीय कदम है। उन्होंने कहा कि पहले 7 हजार रुपये मानदेय में परिवार चलाना बेहद मुश्किल होता था, लेकिन अब 8 हजार रुपये की बढ़ोतरी से अनुदेशकों को बड़ी राहत मिली है।

उन्होंने कहा,“पहले सीमित मानदेय में घर का खर्च चलाना काफी कठिन था। सरकार ने हमारी समस्याओं को समझा और मानदेय बढ़ाकर हमें सम्मान देने का काम किया है। इससे प्रदेश के हजारों अनुदेशकों में नई ऊर्जा आई है।”

नियमितीकरण की भी जताई उम्मीद

देवेंद्र लाल ने मुख्यमंत्री से उम्मीद जताते हुए कहा कि प्रदेश सरकार भविष्य में अनुदेशकों को नियमित करने की दिशा में भी सकारात्मक निर्णय लेगी। उन्होंने कहा कि अनुदेशक लंबे समय से शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में योगदान दे रहे हैं और सरकार को उनकी सेवाओं का स्थायी समाधान करना चाहिए।

उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा,

“हमें पूरा भरोसा है कि मुख्यमंत्री जी जल्द ही हमें हमारे ही पद पर नियमित करने का कार्य भी करेंगे।”

शिक्षा विभाग और संगठन पदाधिकारियों का जताया आभार

देवेंद्र लाल ने इस अवसर पर बेसिक शिक्षा विभाग और संगठन के पदाधिकारियों के प्रति भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने गोरखपुर के एडी बेसिक शिक्षा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, प्रदेश अध्यक्ष विक्रम सिंह, प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा पार्थसारथी सेन शर्मा तथा महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी का विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया।

अनुदेशकों में दिखा उत्साह का माहौल

लोक भवन में आयोजित इस सम्मान समारोह को लेकर प्रदेश भर के अनुदेशकों में खासा उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम में सरकार की ओर से शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने वाले अनुदेशकों को सम्मानित कर उनका मनोबल बढ़ाने का प्रयास किया गया। समारोह के बाद कई अनुदेशकों ने इसे ऐतिहासिक पहल बताते हुए मुख्यमंत्री का आभार जताया।

यूपी पंचायत चुनाव अब नहीं दूर, ‘ओबीसी’ आयोग की बाधा दूर, योगी कैबिनेट से गठन को मंजूरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरी पंचायत चुनाव का इंतजार कर रहे करोड़ों ग्रामीणों और राजनीतिक दलों के लिए सोमवार का दिन बड़ी खुशखबरी लेकर आया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में उनके सरकारी आवास पर हुई कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में कुल 12 प्रस्तावों पर मोहर लगा दी गई है। इस बैठक का सबसे बड़ा फैसला पंचायत चुनाव में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी ) के आरक्षण को लेकर रहा। इसने चुनाव के रास्ते की सबसे बड़ी कानूनी अड़चन को दूर कर दिया है।

समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन को हरी झंडी

उत्तर प्रदेश में ग्राम पंचायतों, ब्लॉक और जिला पंचायतों के निर्वाचन को लेकर पिछले काफी समय से बनी उहापोह की स्थिति आखिरकार समाप्त हो गई है। योगी कैबिनेट ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में (ओबीसी) आरक्षण का सटीक स्वरूप और आनुपातिक आबादी तय करने के लिए ‘समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग’ (डायरेक्टेड ओबीसी कमिशन) के गठन को मंजूरी दे दी है। अब इस आयोग की विस्तृत सर्वे रिपोर्ट के आधार पर ही सीटों के आरक्षण का रोटेशन तय किया जाएगा, जिससे सुप्रीम कोर्ट के ‘ट्रिपल टेस्ट’ फार्मूले की वैधानिक बाध्यता पूरी हो जाएगी। योगी कैबिनेट के फैसले के अनुसार पांच सदस्यीय आयोग का अध्यक्ष हाई कोर्ट के रिटायर्ड न्यायाधीश होंगे। अन्य सदस्य पिछड़ा वर्ग की जानकारी रखने वाले लोग ही होंगे। इनका कार्यकाल 6 महीने होगा।

सिद्धार्थनगर में विकास और सड़क सुरक्षा पर डीएम सख्त, मॉडल स्कूल निर्माण कार्य का किया निरीक्षण

सिद्धार्थनगर, 12 मई 2026। शिवशरणप्पा जीएन ने मंगलवार को मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय, उसका बाजार के निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मुख्य भवन, प्रधानाचार्य आवास, स्टाफ आवास, वालवाटिका, डोरमेट्री और मेस सहित विभिन्न निर्माणाधीन भवनों का जायजा लिया।

जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण कार्य निर्धारित गुणवत्ता और मानकों के अनुरूप समयबद्ध तरीके से पूर्ण कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इसके बाद कलेक्ट्रेट सभागार में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित हुई, जिसकी अध्यक्षता जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने की। बैठक में डा. अभिषेक महाजन भी मौजूद रहे।

बैठक में जिलाधिकारी ने स्कूल वाहनों की फिटनेस जांच कराने, बिना पंजीकरण और बिना फिटनेस वाले वाहनों के संचालन पर रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने बिना परमिट चल रहे वाहनों पर कड़ी कार्रवाई करने और ओवरलोडिंग व ओवरस्पीड वाहनों का नियमित चालान करने के निर्देश एआरटीओ को दिए।

जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर वहां साइन बोर्ड, गति सीमा बोर्ड तथा संकेतक बोर्डों की साफ-सफाई सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। साथ ही सभी वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगाने और हाईवे किनारे स्थित विद्यालयों में यातायात जागरूकता अभियान चलाने को कहा।

उन्होंने लोगों से दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने, तीन सवारी न बैठाने और चारपहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट का प्रयोग अनिवार्य रूप से करने की अपील की। पेट्रोल पंपों पर “नो हेलमेट, नो पेट्रोल” अभियान को सख्ती से लागू कराने तथा रोडवेज चालकों का नियमित नेत्र एवं स्वास्थ्य परीक्षण कराने के भी निर्देश दिए।

बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. रजत कुमार चौरसिया, अपर जिलाधिकारी गौरव श्रीवास्तव, पीडी नागेंद्र मोहन राम त्रिपाठी, अधिशासी अभियंता कमल किशोर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

सिद्धार्थनगर में धूमधाम से मनी महाराणा प्रताप जयंती

सिद्धार्थनगर। वीरता, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक मेवाड़ के महान योद्धा वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती शनिवार को सिद्धार्थनगर मुख्यालय स्थित अम्बेडकर सभागार में भव्य और ऐतिहासिक अंदाज में मनाई गई। कार्यक्रम में सर्व समाज के लोगों की भारी भीड़ उमड़ी और पूरा सभागार “जय महाराणा”, “जय श्रीराम” और “भारत माता की जय” के नारों से देर तक गूंजता रहा।

कार्यक्रम की शुरुआत महाराणा प्रताप की तस्वीर पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। उपस्थित लोगों ने महाराणा प्रताप के अदम्य साहस, त्याग और मातृभूमि के प्रति समर्पण को याद करते हुए उन्हें भारतीय इतिहास का सबसे स्वाभिमानी योद्धा बताया।

हल्दीघाटी को पांचवां धाम मानना चाहिए

बार एसोसिएशन अध्यक्ष एडवोकेट अखंड प्रताप सिंह और शिवनाथ चौधरी ने हल्दीघाटी के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हर भारतीय को चार धाम के साथ हल्दीघाटी भी अवश्य जाना चाहिए। वक्ताओं ने कहा कि हल्दीघाटी केवल एक युद्धस्थल नहीं बल्कि भारतीय स्वाभिमान की पवित्र भूमि है।

उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप का 81 किलो का भाला, उनका युद्ध कौशल और मातृभूमि के लिए समर्पण आज भी लोगों को रोमांचित कर देता है। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में समाज को महाराणा प्रताप के आदर्शों पर चलने की सबसे अधिक आवश्यकता है।

जिला मुख्यालय पर स्थापित होगी भव्य प्रतिमा:जिला पंचायत अध्यक्ष (प्रo)

पूरा हाल उसे समयत तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा जब जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि उपेंद्र प्रताप सिंह ने घोषणा की, जल्द ही जिला मुख्यालय पर महाराणा प्रताप की भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी और महाराणा प्रताप छात्रावास का भी निर्माण किया जाएगा।

महाराणा प्रताप राष्ट्र गौरव और हिंदू स्वाभिमान के प्रतीक

रामकृष्ण पाण्डेय ने कहा कि महाराणा प्रताप केवल एक राजा नहीं बल्कि राष्ट्र गौरव और हिंदू स्वाभिमान के अमर प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि “जिस योद्धा ने जंगलों में घास की रोटी खाकर जीवन गुजार लिया लेकिन मुगल बादशाह अकबर की अधीनता स्वीकार नहीं की, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का सबसे बड़ा स्रोत है।”

प्राचार्य प्रो. अरविंद सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि आज के समय में युवाओं को महाराणा प्रताप के जीवन चरित्र को पढ़ने और समझने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि “देश और धर्म की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाला योद्धा कभी इतिहास से मिट नहीं सकता। महाराणा प्रताप भारत की आत्मा हैं।”

सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में मनाई गई जयंती

कार्यक्रम में राजकुमार सिंह उर्फ राजू शाही, कुँवर आनंद सिंह, सौरभ पाल सिंह, दिवाकर विक्रम सिंह, पूर्व विधायक अनिल सिंह, माधव सिंह, उपेंद्र प्रताप सिंह, पूर्व ब्लॉक प्रमुख राजू सिंह, फते बहादुर सिंह, कृष्णपाल सिंह, विक्रांत सिंह विक्कू, अमर नाथ सिंह, कैलाश नाथ दुबे, प्रदीप वर्मा, दिलीप सिंह, शत्रुजीत सिंह, योगेंद्र सिंह, मुरारी सिंह सहित दो सौ से अधिक लोग मौजूद रहे।

क्षत्रिय महासभा के जिलाध्यक्ष भूपनारायण सिंह उर्फ राजन सिंह की अध्यक्षता तथा महामंत्री हरेंद्र बहादुर सिंह के संचालन में आयोजित कार्यक्रम में विकास सिंह हाड़ा, राजवंत सिंह, केपी सिंह, ओपी सिंह, कौशलेन्द्र त्रिपाठी, करण सिंह, कृपा शंकर त्रिपाठी, हरिशंकर सिंह, अष्टभुजा सिंह श्रीनेत, शिवम सिंह, विपलव दुबे, विनय शर्मा और बीरेंद्र सिंह सहित दर्जनों वक्ताओं ने महाराणा प्रताप के जीवन पर अपने विचार रखे।

युवाओं से की गई राष्ट्रभक्ति और स्वाभिमान अपनाने की अपील

वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि आज की युवा पीढ़ी को मोबाइल और आधुनिकता की चकाचौंध से निकलकर इतिहास के महानायकों से प्रेरणा लेने की जरूरत है। महाराणा प्रताप का जीवन त्याग, संघर्ष और राष्ट्रप्रेम का जीवंत उदाहरण है।

कार्यक्रम के अंत में सभी लोगों ने महाराणा प्रताप की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और “जय महाराणा” के उद्घोष के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

मुख्यमंत्री द्वारा शिक्षामित्रों को बढ़े मानदेय का चेक वितरण का सिद्धार्थनगर में लाइव प्रसारण

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गोरखपुर से शिक्षामित्रों के सम्मान एवं बढ़े हुए मानदेय वितरण कार्यक्रम का लाइव प्रसारण सिद्धार्थनगर के लोहिया कला भवन में देखा गया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में हुआ कार्यक्रम

कार्यक्रम में सांसद जगदम्बिका पाल, विधायक जय प्रताप सिंह, श्यामधनी राही, विनय वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्या, जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन और मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह मौजूद रहे।

सभी अतिथियों ने सरस्वती प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

शिक्षामित्रों के मानदेय में ऐतिहासिक वृद्धि

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में बताया कि पहले शिक्षामित्रों को ₹3500 मानदेय मिलता था, जिसे पहले बढ़ाकर ₹10,000 किया गया और अब ₹8000 की बढ़ोतरी के साथ ₹18,000 प्रति माह कर दिया गया है। यह बढ़ा हुआ मानदेय 1 अप्रैल से लागू कर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के करीब 1.43 लाख शिक्षामित्रों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

महिला शिक्षामित्रों को मिलेगी नजदीकी तैनाती

मुख्यमंत्री ने महिला शिक्षामित्रों के लिए राहत की बात करते हुए कहा कि उन्हें उनके घर के नजदीक विद्यालयों में तैनाती देने की दिशा में सरकार काम कर रही है। इससे उनकी कार्यक्षमता और सुविधा दोनों बढ़ेगी।

गुणवत्तापूर्ण और डिजिटल शिक्षा पर जोर

मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से अपील की कि वे सकारात्मक सोच के साथ बच्चों को डिजिटल और तकनीकी शिक्षा दें। उन्होंने कहा कि अभिभावक अपने बच्चों को विश्वास के साथ स्कूल भेजते हैं, इसलिए शिक्षकों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।

स्कूल चलो अभियान’ से ड्रॉपआउट खत्म करने का लक्ष्य

प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘स्कूल चलो अभियान’ के तहत ड्रॉपआउट बच्चों को फिर से शिक्षा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।

विद्यालयों में सुविधाओं का विस्तार

सरकार द्वारा बेसिक शिक्षा के स्कूलों में स्मार्ट क्लास, फर्नीचर, पेयजल, शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही 1.60 करोड़ बच्चों को यूनिफॉर्म, किताबें, जूते-मोजे और बैग दिए जा रहे हैं, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ कम हो।

जनप्रतिनिधियों ने दी शुभकामनाएं

सांसद जगदम्बिका पाल ने कहा कि शिक्षामित्र शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ हैं और उन्हें पूरी निष्ठा से कार्य करना चाहिए।

विधायक जय प्रताप सिंह ने कहा कि शिक्षामित्रों की भूमिका ग्रामीण शिक्षा में बेहद महत्वपूर्ण है।

अन्य विधायकों ने भी इस निर्णय को सराहनीय बताते हुए शिक्षामित्रों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने की अपील की।

प्रतीकात्मक चेक वितरण और सांस्कृतिक कार्यक्रम

कार्यक्रम के दौरान 10 शिक्षामित्रों को बढ़े हुए मानदेय का प्रतीकात्मक चेक वितरित किया गया।

बेसिक शिक्षा विभाग के बच्चों ने सरस्वती वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम को सांस्कृतिक रंग दिया।

अधिकारियों का संदेश

जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने शिक्षकों से समय पर विद्यालय पहुंचने और एआई जैसी नई तकनीकों की जानकारी बच्चों को देने की अपील की। उन्होंने सभी शिक्षामित्रों को बधाई दी।

कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित

इस दौरान सांसद प्रतिनिधि एस.पी. अग्रवाल, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेष कुमार, खंड शिक्षा अधिकारी, शिक्षामित्र एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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