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मुख्यमंत्री द्वारा शिक्षामित्रों को बढ़े मानदेय का चेक वितरण का सिद्धार्थनगर में लाइव प्रसारण

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गोरखपुर से शिक्षामित्रों के सम्मान एवं बढ़े हुए मानदेय वितरण कार्यक्रम का लाइव प्रसारण सिद्धार्थनगर के लोहिया कला भवन में देखा गया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में हुआ कार्यक्रम

कार्यक्रम में सांसद जगदम्बिका पाल, विधायक जय प्रताप सिंह, श्यामधनी राही, विनय वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्या, जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन और मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह मौजूद रहे।

सभी अतिथियों ने सरस्वती प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

शिक्षामित्रों के मानदेय में ऐतिहासिक वृद्धि

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में बताया कि पहले शिक्षामित्रों को ₹3500 मानदेय मिलता था, जिसे पहले बढ़ाकर ₹10,000 किया गया और अब ₹8000 की बढ़ोतरी के साथ ₹18,000 प्रति माह कर दिया गया है। यह बढ़ा हुआ मानदेय 1 अप्रैल से लागू कर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के करीब 1.43 लाख शिक्षामित्रों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

महिला शिक्षामित्रों को मिलेगी नजदीकी तैनाती

मुख्यमंत्री ने महिला शिक्षामित्रों के लिए राहत की बात करते हुए कहा कि उन्हें उनके घर के नजदीक विद्यालयों में तैनाती देने की दिशा में सरकार काम कर रही है। इससे उनकी कार्यक्षमता और सुविधा दोनों बढ़ेगी।

गुणवत्तापूर्ण और डिजिटल शिक्षा पर जोर

मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से अपील की कि वे सकारात्मक सोच के साथ बच्चों को डिजिटल और तकनीकी शिक्षा दें। उन्होंने कहा कि अभिभावक अपने बच्चों को विश्वास के साथ स्कूल भेजते हैं, इसलिए शिक्षकों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।

स्कूल चलो अभियान’ से ड्रॉपआउट खत्म करने का लक्ष्य

प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘स्कूल चलो अभियान’ के तहत ड्रॉपआउट बच्चों को फिर से शिक्षा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।

विद्यालयों में सुविधाओं का विस्तार

सरकार द्वारा बेसिक शिक्षा के स्कूलों में स्मार्ट क्लास, फर्नीचर, पेयजल, शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही 1.60 करोड़ बच्चों को यूनिफॉर्म, किताबें, जूते-मोजे और बैग दिए जा रहे हैं, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ कम हो।

जनप्रतिनिधियों ने दी शुभकामनाएं

सांसद जगदम्बिका पाल ने कहा कि शिक्षामित्र शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ हैं और उन्हें पूरी निष्ठा से कार्य करना चाहिए।

विधायक जय प्रताप सिंह ने कहा कि शिक्षामित्रों की भूमिका ग्रामीण शिक्षा में बेहद महत्वपूर्ण है।

अन्य विधायकों ने भी इस निर्णय को सराहनीय बताते हुए शिक्षामित्रों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने की अपील की।

प्रतीकात्मक चेक वितरण और सांस्कृतिक कार्यक्रम

कार्यक्रम के दौरान 10 शिक्षामित्रों को बढ़े हुए मानदेय का प्रतीकात्मक चेक वितरित किया गया।

बेसिक शिक्षा विभाग के बच्चों ने सरस्वती वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम को सांस्कृतिक रंग दिया।

अधिकारियों का संदेश

जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने शिक्षकों से समय पर विद्यालय पहुंचने और एआई जैसी नई तकनीकों की जानकारी बच्चों को देने की अपील की। उन्होंने सभी शिक्षामित्रों को बधाई दी।

कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित

इस दौरान सांसद प्रतिनिधि एस.पी. अग्रवाल, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेष कुमार, खंड शिक्षा अधिकारी, शिक्षामित्र एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री द्वारा शिक्षामित्रों को बढ़े मानदेय का चेक वितरण का सिद्धार्थनगर में लाइव प्रसारण

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गोरखपुर से शिक्षामित्रों के सम्मान एवं बढ़े हुए मानदेय वितरण कार्यक्रम का लाइव प्रसारण सिद्धार्थनगर के लोहिया कला भवन में देखा गया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में हुआ कार्यक्रम

कार्यक्रम में सांसद जगदम्बिका पाल, विधायक जय प्रताप सिंह, श्यामधनी राही, विनय वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्या, जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन और मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह मौजूद रहे।

सभी अतिथियों ने सरस्वती प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

शिक्षामित्रों के मानदेय में ऐतिहासिक वृद्धि

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में बताया कि पहले शिक्षामित्रों को ₹3500 मानदेय मिलता था, जिसे पहले बढ़ाकर ₹10,000 किया गया और अब ₹8000 की बढ़ोतरी के साथ ₹18,000 प्रति माह कर दिया गया है। यह बढ़ा हुआ मानदेय 1 अप्रैल से लागू कर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के करीब 1.43 लाख शिक्षामित्रों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

महिला शिक्षामित्रों को मिलेगी नजदीकी तैनाती

मुख्यमंत्री ने महिला शिक्षामित्रों के लिए राहत की बात करते हुए कहा कि उन्हें उनके घर के नजदीक विद्यालयों में तैनाती देने की दिशा में सरकार काम कर रही है। इससे उनकी कार्यक्षमता और सुविधा दोनों बढ़ेगी।

गुणवत्तापूर्ण और डिजिटल शिक्षा पर जोर

मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से अपील की कि वे सकारात्मक सोच के साथ बच्चों को डिजिटल और तकनीकी शिक्षा दें। उन्होंने कहा कि अभिभावक अपने बच्चों को विश्वास के साथ स्कूल भेजते हैं, इसलिए शिक्षकों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।

स्कूल चलो अभियान’ से ड्रॉपआउट खत्म करने का लक्ष्य

प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘स्कूल चलो अभियान’ के तहत ड्रॉपआउट बच्चों को फिर से शिक्षा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।

विद्यालयों में सुविधाओं का विस्तार

सरकार द्वारा बेसिक शिक्षा के स्कूलों में स्मार्ट क्लास, फर्नीचर, पेयजल, शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही 1.60 करोड़ बच्चों को यूनिफॉर्म, किताबें, जूते-मोजे और बैग दिए जा रहे हैं, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ कम हो।

जनप्रतिनिधियों ने दी शुभकामनाएं

सांसद जगदम्बिका पाल ने कहा कि शिक्षामित्र शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ हैं और उन्हें पूरी निष्ठा से कार्य करना चाहिए।

विधायक जय प्रताप सिंह ने कहा कि शिक्षामित्रों की भूमिका ग्रामीण शिक्षा में बेहद महत्वपूर्ण है।

अन्य विधायकों ने भी इस निर्णय को सराहनीय बताते हुए शिक्षामित्रों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने की अपील की।

प्रतीकात्मक चेक वितरण और सांस्कृतिक कार्यक्रम

कार्यक्रम के दौरान 10 शिक्षामित्रों को बढ़े हुए मानदेय का प्रतीकात्मक चेक वितरित किया गया।

बेसिक शिक्षा विभाग के बच्चों ने सरस्वती वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम को सांस्कृतिक रंग दिया।

अधिकारियों का संदेश

जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने शिक्षकों से समय पर विद्यालय पहुंचने और एआई जैसी नई तकनीकों की जानकारी बच्चों को देने की अपील की। उन्होंने सभी शिक्षामित्रों को बधाई दी।

कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित

इस दौरान सांसद प्रतिनिधि एस.पी. अग्रवाल, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेष कुमार, खंड शिक्षा अधिकारी, शिक्षामित्र एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

हेलमेट नहीं तो पेट्रोल नहीं: सिद्धार्थनगर में जिलाधिकारी का सख्त आदेश जारी

सिद्धार्थनगर, 24 अप्रैल 2024। जनपद में पेट्रोल के दुरुपयोग और अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन ने बड़ा और सख्त कदम उठाया है। देर रात पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट और बिना ड्राइविंग लाइसेंस के बार-बार पहुंचकर पेट्रोल लेने और उसकी तस्करी करने की शिकायतों के बाद अब प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है।

हेलमेट नहीं तो ईंधन नहीं” नियम लागू

प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि अब बिना हेलमेट आए किसी भी दोपहिया वाहन चालक को पेट्रोल नहीं दिया जाएगा। सभी पेट्रोल पंप संचालकों को इस नियम का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।

ड्राइविंग लाइसेंस की होगी जांच

पेट्रोल पंपों पर आने वाले वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस की यादृच्छिक जांच भी की जाएगी। इससे बिना लाइसेंस वाहन चलाने वालों और अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।

सीमावर्ती क्षेत्रों में बढ़ी चौकसी

बलरामपुर और नेपाल सीमा से सटे पेट्रोल पंपों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। इन क्षेत्रों में बाहरी ग्राहकों की आवाजाही को देखते हुए अतिरिक्त निगरानी और जरूरत पड़ने पर पुलिस बल की तैनाती भी सुनिश्चित की जाएगी।

पुलिस-प्रशासन रहेगा अलर्ट

सभी क्षेत्राधिकारी (CO) और थाना प्रभारी (SHO/SO) को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित गश्त और निरीक्षण के आदेश दिए गए हैं। साथ ही, प्रशासन, आपूर्ति विभाग और पेट्रोल पंप संचालकों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर कार्रवाई करने पर जोर दिया गया है।

ईंधन की उपलब्धता पर प्रशासन का दावा

प्रशासन ने साफ किया है कि जनपद में पेट्रोल की आपूर्ति पर्याप्त है। इसलिए जरूरी है कि इसका उपयोग केवल वास्तविक जरूरतमंदों तक ही सीमित रहे और किसी भी तरह के दुरुपयोग या तस्करी पर सख्ती से रोक लगाई जाए।

कड़ा संदेश: अब नहीं चलेगी मनमानी

प्रशासन के इस फैसले से साफ संकेत मिल गया है कि अब नियमों की अनदेखी करने वालों पर सख्त कार्रवाई तय है। आम जनता से भी अपील की गई है कि नियमों का पालन करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।

सिद्धार्थनगर सहित पूरे यूपी के विद्यालयों में समय बदला, अब नए समय से खुलेंगे विद्यालय

उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ती गर्मी और लू (हीट वेव) को देखते हुए बड़ा फैसला लिया गया है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देशों के आधार पर बेसिक शिक्षा विभाग ने स्कूलों के समय में बदलाव किया है, ताकि बच्चों को तेज धूप और गर्मी से बचाया जा सके।

सुबह 7.30 बजे खुलेगा स्कूल

अब प्रदेश के सभी परिषदीय (सरकारी) स्कूल सुबह 7:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक चलेंगे।

छात्र-छात्राएं सुबह 7:30 से 12:30 बजे तक स्कूल में रहेंगे

शिक्षक और कर्मचारी 1:30 बजे तक स्कूल में मौजूद रहेंगे

प्रार्थना सभा और योग: 7:30 से 7:40 बजे तक

मध्यावकाश (लंच ब्रेक): 10:00 से 10:15 बजे तक

इस बदलाव का मकसद है कि पढ़ाई का समय सुबह की ठंडी अवधि में पूरा हो सके और बच्चों को लू से बचाया जा सके।

प्राइवेट (मान्यता प्राप्त) स्कूलों को भी इस स्थिति को देखते हुए अपने स्तर पर निर्णय लेने का अधिकार दिया गया है। उनकी प्रबंधन समितियां जरूरत के अनुसार समय तय कर सकती हैं।

शिक्षा निदेशक (बेसिक) ने सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा है। किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।

प्रदेश में तापमान लगातार बढ़ रहा है और दोपहर में लू का प्रकोप तेज हो जाता है। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया गया है।

24 घंटे में चोरी का खुलासा: जोगिया उदयपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, शातिर चोर गिरफ्तार

सिद्धार्थनगर, 16 अप्रैल 2026। जनपद के थाना जोगिया उदयपुर पुलिस ने तेज कार्रवाई करते हुए चोरी की घटनाओं का महज 24 घंटे के भीतर सफल खुलासा कर दिया। पुलिस टीम ने एक शातिर चोर और एक बाल अपचारी को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी का सामान और नकदी बरामद की है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देश पर, अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार एवं क्षेत्राधिकारी बाँसी सुबेन्दू सिंह के नेतृत्व में थानाध्यक्ष अभय सिंह की टीम ने यह सफलता हासिल की। पुलिस ने मुकदमा संख्या 48/2026 धारा 305(A) बीएनएस में वांछित अभियुक्त जितेन्द्र (24 वर्ष), निवासी ग्राम हरैया, थाना जोगिया उदयपुर को एक बाल अपचारी के साथ पकड़ी रोड के पास गिरफ्तार किया।

बरामद हुआ सामान:

पुलिस ने आरोपियों के पास से सरसों तेल, रिफाइंड तेल, चाय पत्ती, सॉस सहित कुल दर्जनों सामान के पैकेट और ₹7130 नगद बरामद किए।

🗣️ पूछताछ में खुलासा:

गिरफ्तार अभियुक्तों ने पूछताछ में बताया कि वे जोगिया क्षेत्र की दुकानों से चोरी कर सामान को सस्ते दामों पर राहगीरों को बेच देते थे और उसी से अपने खर्च चलाते थे। घटना के दिन भी वे चोरी का सामान बेचने जा रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें धर दबोचा।

पुलिस टीम को मिली सराहना:

इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक जानार्दन यादव, हेड कांस्टेबल श्रीनंद यादव, हेड कांस्टेबल हेमंत सिंह और कांस्टेबल राजाराम राजभर की अहम भूमिका रही।

पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी कर उन्हें न्यायालय भेज दिया है। इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लोगों का भरोसा और मजबूत हुआ है।

अंबेडकर जयंती पर सकारपार में निकला भव्य जुलूस

सकारपार (सिद्धार्थनगर)। भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर बांसी तहसील क्षेत्र के सकारपार चौराहे से एक भव्य जुलूस निकाला गया। इस दौरान युवाओं का जोश देखते ही बन रहा था और पूरा क्षेत्र “बाबा साहेब अमर रहें”, “बाबा साहेब जिंदाबाद” जैसे नारों से गूंज उठा।

युवाओं ने संभाली कमान, दिखा उत्साह

जुलूस में बड़ी संख्या में युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। हाथों में झंडे और बैनर लेकर चल रहे युवाओं ने पूरे मार्ग में जोश और उत्साह का प्रदर्शन किया। “जब तक सूरज-चांद रहेगा, बाबा साहेब तेरा नाम रहेगा” जैसे नारों ने माहौल को पूरी तरह प्रेरणादायक बना दिया।

इन मार्गों से होकर गुजरा जुलूस

यह भव्य रैली सकारपार चौराहे से शुरू होकर कोटिया,पेडारी होते हुए कलनाखोर चौराहे तक पहुंची। रास्ते भर स्थानीय लोगों ने भी जुलूस का स्वागत किया और बड़ी संख्या में इसमें शामिल होते गए।

क्षेत्रीय लोगों की रही सक्रिय भागीदारी

इस आयोजन में सिर्फ युवा ही नहीं बल्कि क्षेत्र के वरिष्ठ नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की भी सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। इससे सामाजिक एकता और जागरूकता का मजबूत संदेश गया।

बाबा साहेब के विचारों को किया याद

इस अवसर पर लोगों ने बाबा साहेब के समानता, शिक्षा और अधिकारों के विचारों को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि उनके बताए रास्ते पर चलकर ही समाज में वास्तविक बदलाव संभव है। इस अवसर पर मास्टर राम जतन, रविकांत, एडवोकेट राजेश राव, अशोक कुमार, दिनेश कुमार बौद्ध, ज्वाला प्रसाद, गैस प्रसाद, डॉ विपिन राव, धर्मवीर गौतम, शुभकरन आदि लोग उपस्थित रहें।

अंबेडकर जयंती पर सकारपार से निकला भव्य जुलूस

सकारपार (सिद्धार्थनगर)। भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर बांसी तहसील क्षेत्र के सकारपार चौराहे से एक भव्य जुलूस निकाला गया। इस दौरान युवाओं का जोश देखते ही बन रहा था और पूरा क्षेत्र “बाबा साहेब अमर रहें”, “बाबा साहेब जिंदाबाद” जैसे नारों से गूंज उठा।

युवाओं ने संभाली कमान, दिखा उत्साह

जुलूस में बड़ी संख्या में युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। हाथों में झंडे और बैनर लेकर चल रहे युवाओं ने पूरे मार्ग में जोश और उत्साह का प्रदर्शन किया। “जब तक सूरज-चांद रहेगा, बाबा साहेब तेरा नाम रहेगा” जैसे नारों ने माहौल को पूरी तरह प्रेरणादायक बना दिया।

इन मार्गों से होकर गुजरा जुलूस

यह भव्य रैली सकारपार चौराहे से शुरू होकर कोटिया,पेडारी होते हुए कलनाखोर चौराहे तक पहुंची। रास्ते भर स्थानीय लोगों ने भी जुलूस का स्वागत किया और बड़ी संख्या में इसमें शामिल होते गए।

क्षेत्रीय लोगों की रही सक्रिय भागीदारी

इस आयोजन में सिर्फ युवा ही नहीं बल्कि क्षेत्र के वरिष्ठ नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की भी सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। इससे सामाजिक एकता और जागरूकता का मजबूत संदेश गया।

बाबा साहेब के विचारों को किया याद

इस अवसर पर लोगों ने बाबा साहेब के समानता, शिक्षा और अधिकारों के विचारों को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि उनके बताए रास्ते पर चलकर ही समाज में वास्तविक बदलाव संभव है। इस अवसर पर मास्टर राम जतन, रविकांत, एडवोकेट राजेश राव, अशोक कुमार, दिनेश कुमार बौद्ध, ज्वाला प्रसाद, गैस प्रसाद, डॉ विपिन राव, धर्मवीर गौतम, शुभकरन आदि लोग उपस्थित रहें।

सिद्धार्थनगर में स्वास्थ्य सेवाओं पर सख्त नजर: डीएम ने मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी का किया औचक निरीक्षण, कन्या जन्मोत्सव में 15 माताओं का सम्मान

सिद्धार्थनगर। जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से जिलाधिकारी ने माधव प्रसाद त्रिपाठी चिकित्सा महाविद्यालय की इमरजेंसी का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO), मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) सहित वरिष्ठ डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे।

डीएम ने इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीजों से सीधे संवाद कर उन्हें मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। साथ ही साफ-सफाई, दवा उपलब्धता, उपचार प्रक्रिया और चिकित्सकीय सेवाओं का गहन निरीक्षण किया।

🏥 जीवनरक्षक उपकरण और ऑक्सीजन व्यवस्था की समीक्षा

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने इमरजेंसी में उपलब्ध जीवनरक्षक उपकरण, ऑक्सीजन सप्लाई, दवाओं के स्टॉक और मरीजों के रजिस्ट्रेशन सिस्टम की समीक्षा की।

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि आपातकालीन सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और मरीजों को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण इलाज हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।साफ-सफाई और सूचना व्यवस्था पर विशेष जोर

डीएम ने अस्पताल परिसर में साफ-सफाई को और बेहतर बनाने, मरीजों व तीमारदारों को जरूरी जानकारी उपलब्ध कराने और गंभीर मरीजों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

अधिकारियों ने अस्पताल की मौजूदा व्यवस्थाओं और सुधार कार्यों की जानकारी भी जिलाधिकारी को दी।

कन्या जन्मोत्सव: बेटियों के जन्म पर खुशियों का जश्न

इसी दौरान मेडिकल कॉलेज के एमसीएच विंग स्थित लेबर वार्ड में कन्या जन्मोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। नवजात बालिकाओं के जन्म पर केक काटकर खुशियां मनाई गईं, जिससे पूरे वार्ड में उत्सव का माहौल रहा।

15 प्रसूताओं को किया गया सम्मानित

कार्यक्रम में जिलाधिकारी, सीएमओ, प्राचार्य, सीएमएस, बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. नम्रता सहित चिकित्सा स्टाफ मौजूद रहा।

इस अवसर पर शहजादी, अंजू, किरन, चंद्रकला, अनीता, संध्या, निर्मला, सुंदरी समेत 15 प्रसूताओं को सम्मानित कर उपहार वितरित किए गए।

बेटियां हैं समाज की शक्ति: जिलाधिकारी

जिलाधिकारी ने कहा कि बेटियां परिवार और समाज की शक्ति हैं। उनके जन्म को उत्सव के रूप में मनाना सकारात्मक सोच और सामाजिक बदलाव का प्रतीक है।

उन्होंने माताओं को “घर में लक्ष्मी के आगमन” की शुभकामनाएं देते हुए सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की।

स्वास्थ्य और योजनाओं की दी गई जानकारी

कार्यक्रम में सुकन्या समृद्धि योजना, नवजात शिशुओं के टीकाकरण, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और स्तनपान के महत्व पर विस्तृत जानकारी दी गई।

डॉ. नम्रता ने कंगारू मदर केयर (KMC) और नवजात देखभाल के जरूरी उपायों पर भी जागरूक किया।

सकारात्मक संदेश के साथ कार्यक्रम संपन्न

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बालिका जन्म के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना, लिंग समानता को बढ़ावा देना और मातृ-शिशु स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाना रहा।

पहले ही प्रयास में बड़ी सफलता: सिद्धार्थनगर के श्रेयांश चौबे बने सेंट्रल एक्साइज इंस्पेक्टर

सिद्धार्थनगर। जनपद के तेतरी बाजार क्षेत्र अंतर्गत बसडिलिया निवासी श्रेयांश चौबे ने SSC CGL परीक्षा के घोषित परिणाम में सेंट्रल एक्साइज इंस्पेक्टर पद पर चयनित होकर जिले का नाम रोशन किया है। खास बात यह है कि श्रेयांश ने यह सफलता अपने पहले ही प्रयास में हासिल की, जो उनकी कड़ी मेहनत और लगन का परिणाम है।

शुरुआत से ही रहे मेधावी छात्र

श्रेयांश चौबे शुरू से ही पढ़ाई में बेहद मेधावी रहे हैं। उन्होंने अपनी हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की पढ़ाई रेयान इंटरनेशनल स्कूल, शाहजहांपुर से पूरी की। इसके बाद उन्होंने बीटेक की डिग्री केएनआईटी सुल्तानपुर से हासिल की। उच्च शिक्षा के दौरान ही उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दी थी, जिसका परिणाम आज सबके सामने है।

पहले प्रयास में ही रचा इतिहास

SSC CGL जैसी कठिन परीक्षा में पहले ही प्रयास में सफलता हासिल करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। श्रेयांश की इस सफलता ने क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का कार्य किया है। उनकी मेहनत, अनुशासन और समर्पण ने यह साबित कर दिया कि सही दिशा में प्रयास करने से सफलता निश्चित है।

परिवार में खुशी का माहौल

इस उपलब्धि से श्रेयांश के परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई है। उनके पिता धर्मेंद्र कुमार चौबे, माता पूनम चौबे, बाबा बाबू राम चौबे, नाना विश्वंभर नाथ उपाध्याय और नानी आरती देवी सहित परिवार के अन्य सदस्यों बृजेश उपाध्याय, पवन चौबे और इंद्रेश उपाध्याय ने गर्व व्यक्त करते हुए उनकी सफलता पर हर्ष जताया है।

युवाओं के लिए बने प्रेरणा स्रोत

श्रेयांश चौबे की यह सफलता सिद्धार्थनगर सहित पूरे क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। यह संदेश देती है कि कठिन परिश्रम, सही मार्गदर्शन और आत्मविश्वास के बल पर कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

श्रेयांश चौबे की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे जिले के लिए गौरव की बात है। उनकी यह सफलता आने वाली पीढ़ी को आगे बढ़ने और अपने सपनों को साकार करने की प्रेरणा देगी।

मिठवल के चरथरी विद्यालय में गूंजा सम्मान का स्वर, सेवानिवृत्त शिक्षक वरुणेंद्र राय को दी गई भावभीनी विदाई

सिद्धार्थनगर। मिठवल विकास खंड अंतर्गत पूर्व माध्यमिक विद्यालय चरथरी में आज एक गरिमामय एवं भावनात्मक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्राथमिक विद्यालय हसवापार के सेवानिवृत्त शिक्षक वरुणेंद्र राय को उनके दीर्घकालीन शैक्षिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

शिक्षकों ने जताया गर्व और सम्मान

इस अवसर पर शिक्षक संघ अध्यक्ष रमेश मिश्रा ने कहा कि वरुणेंद्र राय का पूरा जीवन शिक्षा और संस्कारों को समर्पित रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों को न केवल पढ़ाया, बल्कि उन्हें एक बेहतर नागरिक बनने की दिशा भी दिखाई।

प्रधानाचार्य धर्मेंद्र कुमार मिश्र ने कहा कि ऐसे शिक्षक शिक्षा जगत की रीढ़ होते हैं, जिनकी कार्यशैली और समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनते हैं।

अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह देकर किया सम्मानित

समारोह के दौरान अतुल दुबे, राजीव कुमार, रविकांत सहित अन्य शिक्षकों ने वरुणेंद्र राय को अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका सम्मान किया। इस दौरान विद्यालय का वातावरण भावुक हो उठा और सभी ने उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।

सेवानिवृत्त शिक्षक का भावुक संबोधन

अपने संबोधन में वरुणेंद्र राय ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा सेवा उनके जीवन की सबसे बड़ी पूंजी रही है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों का प्यार और सहयोग उन्हें हमेशा याद रहेगा।

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