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सिद्धार्थनगर में फिल्म के विरोध में उभरा आक्रोश, राज्यपाल के नाम प्रशासन को सौंपा ज्ञापन

सिद्धार्थनगर।
जनपद सिद्धार्थनगर में फिल्म “Yadav Love Story” को लेकर विवाद ने तूल पकड़ लिया है। बुधवार को बड़ी संख्या में यादव समाज के लोग कलेक्ट्रेट परिसर स्थित जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और शांतिपूर्ण ढंग से धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपते हुए फिल्म पर रोक लगाने की मांग की।


धरना स्थल पर मौजूद लोगों का कहना था कि फिल्म की विषयवस्तु समाज विशेष की भावनाओं को आहत कर सकती है और इससे सामाजिक सौहार्द प्रभावित होने की आशंका है। हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में ज्ञापन सौंपकर प्रदर्शन समाप्त किया गया।
ज्ञापन में प्रमुख मांगें
फिल्म “Yadav Love Story” के प्रदर्शन/प्रसारण पर तत्काल रोक।
फिल्म निर्माण से जुड़े जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध विधिक जांच।
भविष्य में सामाजिक समरसता बनाए रखने हेतु प्रशासनिक निगरानी।
बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद
धरना-प्रदर्शन में सुभाष चंद्र यादव, नासिर, सुनील यादव पहलवान, चंद्रमणि यादव, कमलेश यादव, संजीत, चंद्रहास यादव, अनूप कुमार यादव, प्रमोद कुमार, संदीप पटवा, मनीष कुमार, उमेश यादव, ईश्वर यादव, जसवंत, राकेश यादव, धीरज यादव, शिवकुमार, रितेश गुप्ता, कमलेश कुमार, महेश यादव सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
बताया गया कि चकबंदी विभाग के एसओसी ललित मिश्रा को ज्ञापन सौंपा गया, जिसे प्रशासन तक अग्रसारित किया गया है।
प्रशासन की स्थिति
जिला प्रशासन की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। सूत्रों के अनुसार, ज्ञापन प्राप्त कर संबंधित बिंदुओं की विधिक समीक्षा की जा रही है। किसी भी फिल्म पर रोक या आपराधिक कार्रवाई का निर्णय सक्षम प्राधिकारी द्वारा प्रचलित कानूनों के तहत ही लिया जाता है।


यह समाचार धरना-प्रदर्शन और प्रदर्शनकारियों द्वारा दिए गए ज्ञापन के आधार पर प्रकाशित किया जा रहा है। फिल्म के निर्माताओं या संबंधित पक्ष की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई है। प्रतिक्रिया प्राप्त होने पर उसे प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
प्रशासन ने आमजन से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है।

टीईटी अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों ने बांधी काली पट्टी

सिद्धार्थनगर। टीईटी (TET) अनिवार्यता के खिलाफ टीएफआई के निर्देश पर उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ, उत्तर प्रदेशीय महिला शिक्षक संघ सहित अन्य संगठन हाथों पर काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य कर रहे हैं।

22 फरवरी को चला ट्विटर अभियान 

22 तारीख को संगठनों के राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देश पर शिक्षक-शिक्षिकाओं ने वृहद ट्विटर अभियान चलाया था। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला उपाध्यक्ष इंद्रसेन सिंह ने बताया कि, राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देश पर टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ सभी अध्यापकों ने 22 को ट्विटर अभियान चलाया था और 23 से लेकर 25 फरवरी तक सभी शिक्षक हाथों पर काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य करेंगे।

26 फरवरी को देंगे ज्ञापन: इंद्रसेन सिंह 

इंद्रसेन सिंह ने बताया कि,”उसके बाद फिर सभी शिक्षक 26 फरवरी को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के कार्यालय पर इकट्ठा होकर प्रदर्शन करेंगें। वहां से पैदल मार्च करते हुए जिलाधिकारी को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौपेंगे। यदि फिर भी टीईटी अनिवार्यता को अध्यादेश लाकर समाप्त नहीं किया गया। तब मार्च के मध्य में आर-पार की लड़ाई का ऐलान करते हुए शिक्षक दिल्ली कूच करेंगे।”

सिद्धार्थनगर: मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में 321 जोड़े विवाह बंधन में बंधे

सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत रविवार को रतन सेन डिग्री कॉलेज परिसर में भव्य सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किया गया। इस आयोजन में 384 पंजीकृत जोड़ों में से 321 जोड़े विवाह बंधन में बंधे। पूरे परिसर में उत्सव और उल्लास का माहौल देखने को मिला, जहां 321 नवदम्पतियों ने एक साथ अपने नए जीवन की शुरुआत की।

अलग-अलग समुदायों के जोड़ों का धार्मिक रीति-रिवाज से विवाह

इस सामूहिक विवाह समारोह में 229 हिंदू, 65 बौद्ध और 27 मुस्लिम समुदाय के जोड़ों का विवाह उनके-अपने धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न कराया गया।

हिंदू जोड़ों का विवाह वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पंडितों द्वारा कराया गया।

मुस्लिम समुदाय के जोड़ों का निकाह मौलाना द्वारा संपन्न हुआ।

बौद्ध समुदाय के जोड़ों का विवाह धर्माचार्यों की उपस्थिति में कराया गया।

इस अवसर पर बांसी, मिठवल, खेसरहा एवं नगरीय क्षेत्र बांसी के लाभार्थी जोड़े शामिल हुए।

जनप्रतिनिधियोंने दीप प्रज्ज्वलन कर किया शुभारंभ

कार्यक्रम का शुभारंभ सांसद जगदंबिका पाल, विधायक बांसी जय प्रताप सिंह, विधायक शोहरतगढ़ विनय वर्मा, जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन एवं पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन ने दीप प्रज्ज्वलन और गणेश पूजन के साथ किया। सभी अतिथियों ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखद दांपत्य जीवन की कामना की।

प्रत्येक वधू को 60 हजार रुपये की आर्थिक सहायता

जिलाधिकारी ने बताया कि प्रत्येक वधू के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से 60 हजार रुपये की धनराशि हस्तांतरित की गई है।

इसके अतिरिक्त—

लगभग 25 हजार रुपये की गृहस्थी सामग्री

15 हजार रुपये बारात स्वागत मद में व्यय

नवविवाहित जोड़ों को साड़ी, सूट का कपड़ा, चांदी की पायल-बिछिया, डिनर सेट, कूकर, ट्रॉली बैग, सीलिंग फैन, प्रेस, बिस्तर, कंबल, गद्दा, सूखे मेवे सहित अन्य आवश्यक घरेलू सामग्री वितरित की गई।

रोजगार व स्वरोजगार से जोड़ने की घोषणा

सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना गरीब परिवारों की बेटियों की शादी को सम्मानजनक ढंग से संपन्न कराने का सशक्त माध्यम बनी है। उन्होंने नवदम्पतियों को रोजगार एवं प्लेसमेंट से जोड़ने तथा इच्छुक युवाओं को ऋण उपलब्ध कराकर स्वरोजगार से जोड़ने की घोषणा भी की।

विधायक जय प्रताप सिंह और विनय वर्मा ने कहा कि यह योजना बिना भेदभाव सभी वर्गों के लिए वरदान साबित हो रही है।

जिला पंचायत अध्यक्ष शीतल सिंह एवं भाजपा जिलाध्यक्ष कन्हैया पासवान ने भी नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए इसे सरकार की जनकल्याणकारी पहल बताया।

सामूहिक विवाह योजना: गरीब परिवारों के लिए सहारा

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के परिवारों को बेटी की शादी में आर्थिक सहायता प्रदान कर सामाजिक सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना है। सिद्धार्थनगर में आयोजित यह कार्यक्रम सामाजिक समरसता और एकता का उदाहरण बना।

नेपाल में दर्दनाक बस हादसा: त्रिशूली नदी में समाई यात्रियों से भरी बस, 18 की मौत

काठमांडू/पोखरा (नेपाल)।
नेपाल में एक बड़ा सड़क हादसा सामने आया है। नेपाल के पोखरा-काठमांडू मार्ग पर चल रही एक यात्री बस काठमांडू के पास स्थित त्रिशूली नदी में गिर गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस हादसे में कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 27 अन्य यात्री घायल बताए जा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि बस पोखरा से काठमांडू की ओर जा रही थी। दुर्घटना के कारणों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, हालांकि स्थानीय प्रशासन के अनुसार हादसा तीखे मोड़ पर बस के अनियंत्रित होने की वजह से हुआ हो सकता है। राहत और बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर नदी में गिरी बस से यात्रियों को बाहर निकाला।
घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। मृतकों में महिला और पुरुष यात्री शामिल हैं। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार एक विदेशी पर्यटक, जो स्विट्जरलैंड से था, उसके भी हादसे में प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। आधिकारिक पहचान और विस्तृत सूची जारी की जानी बाकी है।
नेपाल पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। दुर्घटना के सटीक कारणों—चालक की लापरवाही, ब्रेक फेल या सड़क की स्थिति—की पड़ताल की जा रही है।
नेपाल के पहाड़ी इलाकों में संकरे और घुमावदार रास्तों के कारण सड़क हादसों की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रहती हैं। प्रशासन ने यात्रियों से सावधानी बरतने और परिवहन कंपनियों से सुरक्षा मानकों का पालन करने की अपील की है।
स्थिति अपडेट:
मृतक: 18 (प्रारंभिक जानकारी)
घायल: 27
राहत-बचाव कार्य: जारी
जांच: प्रारंभ
(नोट: यह रिपोर्ट स्थानीय प्रशासन और प्रारंभिक आधिकारिक सूचनाओं के आधार पर तैयार की गई है। अंतिम आंकड़ों में परिवर्तन संभव है।)