फ्रेंड्स टाइम्स
Breaking News
मासूमों की चीखों पर न्याय की मुहर: बांदा कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला

दरिंदगी से दंड तक की पूरी कहानी
बांदा… एक शांत शहर, जहां जिंदगी सामान्य रफ्तार से चलती रही। लेकिन इसी शहर के भीतर एक ऐसा काला सच पल रहा था, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया।
सिंचाई विभाग का एक निलंबित जूनियर इंजीनियर — रामभवन। बाहर से सामान्य जीवन, भीतर घिनौनी साजिश। उसके साथ उसकी पत्नी दुर्गावती। दोनों पर आरोप लगा कि उन्होंने 34 मासूम बच्चों को अपने जाल में फंसाया। भरोसे का रिश्ता बनाया… और फिर उसी भरोसे को तोड़ते हुए उनका यौन शोषण किया।
जांच में सामने आया कि बच्चों के साथ न सिर्फ शारीरिक अत्याचार हुआ, बल्कि उनकी अश्लील तस्वीरें और वीडियो भी तैयार किए गए। ये सामग्री डिजिटल माध्यमों से साझा की गई। हर नई जानकारी ने केस को और भयावह बना दिया।
जांच की परतें खुलती गईं
शुरुआत एक डिजिटल सुराग से हुई। साइबर ट्रेल ने पुलिस को उन उपकरणों तक पहुंचाया, जिनमें आपत्तिजनक सामग्री संग्रहीत थी। ई-मेल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों ने आरोपों को मजबूत किया।
जांच एजेंसियों ने कई जिलों में फैले नेटवर्क की कड़ियां जोड़ीं। एक तीसरे आरोपी का नाम भी सामने आया, जो दिल्ली से जुड़ा बताया गया। उसकी फाइल अदालत ने अलग कर दी है।
अदालत में फैसला
विशेष पॉक्सो अदालत के न्यायाधीश प्रदीप कुमार मिश्रा ने 163 पन्नों के विस्तृत फैसले में इस अपराध को “जघन्यतम” करार दिया।
अदालत ने कहा:
“यह मामला समाज की आत्मा को झकझोर देने वाला है। मासूमों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है।”
कोर्ट ने इसे ‘रेयरेस्ट ऑफ द रेयर’ श्रेणी में रखते हुए दोनों दोषियों को फांसी की सजा सुनाई।
जमानत और फिर जेल
दुर्गावती को पहले हाईकोर्ट से जमानत मिली थी, लेकिन दोष सिद्ध होने के बाद उसे दोबारा गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। सजा सुनाए जाने के बाद दोनों अभियुक्तों को कड़ी सुरक्षा में जेल ले जाया गया।
समाज के लिए संदेश
यह फैसला सिर्फ दो दोषियों की सजा नहीं, बल्कि उन सभी के लिए चेतावनी है जो बच्चों के खिलाफ अपराध करने की सोचते हैं।
बाल सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के दुरुपयोग के इस दौर में अभिभावकों और समाज दोनों को सजग रहने की जरूरत है।

समूहिक विवाह से नाम कटा, समाधान दिवस में गूंजा मामला

सिद्धार्थनगर |
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना को लेकर सिद्धार्थनगर के बांसी तहसील में उस समय हलचल मच गई, जब मिठवल ब्लॉक के ग्राम पंचायत दुभरा से दूल्हा-दुल्हन पक्ष के परिजन समाधान दिवस में पहुंचकर न्याय की गुहार लगाने लगे।
परिजनों का आरोप है कि उनकी पुत्री का नाम लाभार्थी सूची से अचानक काट दिया गया और उसे अपात्र घोषित कर दिया गया। उनका कहना है कि केवल सगाई की रस्म हुई थी, आर्थिक तंगी के कारण विवाह संपन्न नहीं हो पाया था। इसी आधार पर सामूहिक विवाह योजना में आवेदन किया गया था। अंतिम समय में नाम कटने की सूचना से परिवार स्तब्ध रह गया।
मामले को गंभीरता से लेते हुए एडीएम (न्यायिक) ज्ञान प्रकाश ने तत्काल जांच टीम गठित कर एक घंटे में रिपोर्ट तलब कर ली। उन्होंने आश्वस्त किया कि जांच के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
वहीं 22 फरवरी को प्रस्तावित सामूहिक विवाह कार्यक्रम को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है।
कार्यक्रम स्थल रतन सेन डिग्री कॉलेज, बांसी का निरीक्षण जय प्रताप सिंह, शिवशरणप्पा जीएन और डॉ. अभिषेक महाजन ने किया। अधिकारियों ने यातायात, पार्किंग, महिला सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, वीआईपी मार्ग और आपातकालीन निकास व्यवस्था को लेकर जरूरी निर्देश दिए।
बड़ा सवाल
क्या पात्रता जांच में कोई चूक हुई?
या नियमों के तहत लिया गया फैसला सही है?
क्या जांच के बाद परिवार को राहत मिलेगी?
FT News Digital इस पूरे मामले पर संतुलित और तथ्यात्मक नजर बनाए हुए है। हमारा उद्देश्य जनहित में सच्चाई सामने लाना है— बिना किसी पक्षपात के।

फर्जी डिग्री, जेल और वेतन का खेल? रिटायर्ड शिक्षक पर दोहरी जांच से मचा हड़कंप

सिद्धार्थनगर | विशेष रिपोर्ट |
सिद्धार्थनगर जनपद में शिक्षा विभाग से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें खेसरहा ब्लॉक के कछार क्षेत्र स्थित एक पूर्व माध्यमिक विद्यालय में तैनात रहे सेवानिवृत्त सहायक अध्यापक पर दो बड़े आरोप लगे हैं—पहला, फर्जी बीएड डिग्री व अंकपत्र के आधार पर नौकरी प्राप्त करना; दूसरा, जेल में निरुद्ध रहने के दौरान भी विद्यालय से वेतन लेना।
(कानूनी कारणों से शिक्षक का नाम प्रकाशित नहीं किया जा रहा है।)
🧾 मामला कैसे खुला?
ग्राम झुड़िया बुजुर्ग निवासी एक शिकायतकर्ता द्वारा जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया कि संबंधित शिक्षक के शैक्षिक प्रमाणपत्रों में पहले भी गंभीर अनियमितताएं पाई गई थीं।
बताया जाता है कि डिग्री सत्यापन के दौरान दस्तावेजों पर सवाल खड़े हुए, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और शिक्षक को एक प्रकरण में जेल भी जाना पड़ा था।
अब सवाल यह उठ रहा है कि जिस अवधि में वह जेल में निरुद्ध थे, उस दौरान विद्यालय की उपस्थिति पंजिका और वेतन आहरण कैसे जारी रहा?
वेतन आहरण पर गंभीर प्रश्न
शिकायत में दावा किया गया है कि निरुद्ध अवधि के दौरान भी संबंधित शिक्षक के खाते में वेतन का भुगतान हुआ। यदि जांच में यह तथ्य सही पाया जाता है, तो यह न केवल सेवा नियमों का उल्लंघन होगा बल्कि सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला भी बन सकता है।
प्रशासन ने क्या किया?
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी Shivsharanappa GN ने तत्काल दो सदस्यीय जांच टीम गठित की है।
टीम में संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों को शामिल किया गया है। जांच टीम ने विद्यालय के प्रधानाचार्य से निम्न अभिलेख तलब किए हैं—
नियुक्ति से जुड़े दस्तावेज
बीएड डिग्री व अंकपत्र की प्रमाणित प्रतियां
उपस्थिति पंजिका
वेतन भुगतान रजिस्टर
जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी।
संभावित कार्रवाई क्या हो सकती है?
यदि आरोप प्रमाणित होते हैं, तो—
अवैध रूप से आहरित वेतन की वसूली
फर्जी दस्तावेज पर नौकरी का आपराधिक मामला
विभागीय दंडात्मक कार्रवाई
जैसे कदम उठाए जा सकते हैं।
बड़ा सवाल
क्या वर्षों तक सिस्टम में खामियों का फायदा उठाया गया?
क्या जेल अवधि में वेतन निर्गत होना विभागीय लापरवाही का परिणाम है?
इन तमाम बिंदुओं की जांच अब प्रशासनिक स्तर पर की जा रही है। अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगा।
संक्षेप
खेसरहा ब्लॉक के विद्यालय से जुड़ा मामला
फर्जी बीएड डिग्री का आरोप
पूर्व में जेल निरुद्ध रहने की बात
जेल अवधि में वेतन लेने का दावा
डीएम द्वारा दो सदस्यीय जांच टीम गठित
रिपोर्ट आने के बाद तय होगी कार्रवाई

बरात की खुशियां मातम में बदलीं: 17 वर्षीय शनि निषाद की दर्दनाक मौत, अज्ञात वाहन बन गया काल

तुलसियापुर/शोहरतगढ़।
थाना क्षेत्र शोहरतगढ़ में शुक्रवार रात एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। बरात में शामिल होने गए 17 वर्षीय किशोर शनि निषाद की अज्ञात चार पहिया वाहन की टक्कर से मौत हो गई। खुशियों के बीच गया मासूम घर लौट नहीं सका।
मिली जानकारी के अनुसार, थाना क्षेत्र के रमवापुर तिवारी निवासी शनि निषाद (17), पुत्र मुकेश निषाद, शुक्रवार रात करीब 10:30 बजे रोमनदेई गांव में एक बरात में शामिल होने गए थे। बरात स्थल के पास सड़क किनारे खड़े शनि को तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि शनि गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े।
स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से उन्हें तुरंत शोहरतगढ़ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत नाजुक देख डॉक्टरों ने जिला मुख्यालय के एक निजी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था — इलाज के दौरान किशोर ने दम तोड़ दिया।
परिवार में टूटा कहर
शनि अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था और दो बहनों का इकलौता भाई। बेटे की मौत की खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया। पूरे गांव में मातम पसरा है।
जांच के घेरे में हादसा
हादसे के बाद अज्ञात वाहन मौके से फरार हो गया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आसपास के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं। सवाल यह है कि आखिर वह वाहन चालक कौन था, जिसने एक परिवार की खुशियां छीन लीं?

22 फरवरी को वोटर महाअभियान: बूथ पर पहुंचे, तुरंत जुड़वाएं अपना नाम

सिद्धार्थनगर। जनपद में 22 फरवरी 2026 को विशेष अभियान दिवस, भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर आयोजित किया जाएगा। इस दिन सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक सभी मतदेय स्थलों पर बूथ लेवल अधिकारी (BLO) मतदाता सूची के साथ उपस्थित रहेंगे। अर्हता तिथि 01 जनवरी 2026 के आधार पर विधानसभा निर्वाचक नामावली का विशेष गहन पुनरीक्षण किया जाएगा।

हर बूथ पर मौजूद रहेंगे बीएलओ

जिला निर्वाचन अधिकारी के निर्देशानुसार जनपद के सभी मतदान केंद्रों पर बीएलओ निर्धारित समय पर उपलब्ध रहेंगे। उनके पास 06 जनवरी 2026 को प्रकाशित आलेख्य मतदाता सूची के साथ-साथ फार्म 6, 6ए, 7 और 8 पर्याप्त संख्या में उपलब्ध रहेंगे, ताकि मौके पर ही आवेदन किया जा सके।

नया नाम जुड़वाना है? ये है आसान तरीका

यदि आपका या आपके परिवार के किसी सदस्य का नाम अभी तक मतदाता सूची में दर्ज नहीं है और 01 जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके हैं, तो फार्म-6 भरकर बीएलओ को जमा करें।

अब प्रक्रिया और भी आसान हो गई 

ऑनलाइन आवेदन के लिए आप ECINET मोबाइल ऐप या आधिकारिक पोर्टल voters.eci.gov.in पर भी आवेदन कर सकते हैं।

नाम, पता या अन्य त्रुटि में सुधार? भरें फार्म-8

यदि मतदाता सूची में आपकी प्रविष्टि में किसी प्रकार की त्रुटि है—जैसे नाम, आयु, पता आदि—तो फार्म-8 के माध्यम से सुधार कराया जा सकता है।

हेल्प डेस्क और जनप्रतिनिधियों का सहयोग

विशेष अभियान दिवस पर प्रत्येक मतदान केंद्र पर हेल्प डेस्क की व्यवस्था की जाएगी, जहां फार्म भरने में सहायता दी जाएगी।

मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों के बीएलए (BLA), ग्राम प्रधान, सभासद और स्वयंसेवकों से भी नियमानुसार सहयोग लिया जाएगा।

साथ ही, उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और अन्य अधिकारी अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में भ्रमणशील रहकर अभियान की मॉनिटरिंग करेंगे।

प्रशासन की अपील: अपने बूथ पर जरूर जाएं

उप जिला निर्वाचन अधिकारी गौरव श्रीवास्तव ने सभी नागरिकों से अपील की है कि 22 फरवरी 2026 को अपने-अपने बूथ पर पहुंचकर 06 जनवरी 2026 को प्रकाशित मतदाता सूची में अपना और परिवार के सदस्यों का नाम अवश्य जांच लें।

लोकतंत्र की मजबूती आपकी भागीदारी से ही संभव है।

एक सही मतदाता सूची, एक सशक्त लोकतंत्र की नींव है।

गुदराही मोड़ पर कहर: तेज रफ्तार कार की टक्कर से ऑटो खाई में पलटा, 6 घायल — चालक गाड़ी समेत फरार

सोहास–तेतरी मार्ग पर दोपहर 12:30 बजे हादसा; ग्रामीणों ने पानी भरी खाई में उतरकर बचाई जान, सभी घायलों का इलाज जारी

उत्तर प्रदेश के जनपद सिद्धार्थनगर में सोहास–तेतरी मार्ग स्थित ग्राम गुदराही मोड़ शनिवार दोपहर एक बार फिर बड़े सड़क हादसे का गवाह बना। लगभग 12:30 बजे नौगढ़ की ओर जा रही सवारियों से भरी ऑटो को पीछे से आ रही तेज रफ्तार चार पहिया कार ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ऑटो सड़क किनारे पानी से भरी गहरी खाई में पलट गई।

हादसे के बाद अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर मारने वाला चालक अपनी कार समेत मौके से फरार हो गया।
ऑटो में सवार लोग
ऑटो में चालक सहित कुल 6 लोग मौजूद थे—
अफजल खान (35 वर्ष) पुत्र इम्तियाज खान, निवासी ग्राम महरिया, थाना सदर — (ऑटो चालक)
नैनमती पत्नी पारस, ग्राम अमरपुर, थाना उसका बाजार
सुनील कुमार (25 वर्ष) पुत्र रामजस, ग्राम कोलहुआ टोला रजीया, थाना लोटन
त्रिवेणी (35 वर्ष) पुत्र रामसेवक, ग्राम धौरिकुइयां, थाना सदर
सोगरा खातून (40 वर्ष) पत्नी जीशान अहमद, ग्राम धौरिकुइयां ओला बनकसिया, थाना सदर
ग्रामीणों की तत्परता
स्थानीय लोगों ने साहस दिखाते हुए पानी से भरी खाई में उतरकर घायलों को बाहर निकाला। सभी को तत्काल माधव प्रसाद मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार सभी घायल खतरे से बाहर हैं और उपचार जारी है।
हादसों का संवेदनशील बिंदु
स्थानीय निवासियों का कहना है कि गुदराही मोड़ पहले भी कई दुर्घटनाओं का केंद्र रहा है। सड़क किनारे गहरी खाई, चेतावनी संकेतों की कमी और तेज रफ्तार वाहनों के कारण यहां जोखिम बना रहता है। लोगों ने प्रशासन से सुरक्षा रेलिंग, स्पीड ब्रेकर और स्पष्ट संकेतक लगाने की मांग की है।
पुलिस कार्रवाई
पुलिस ने मामला दर्ज कर फरार कार व चालक की तलाश शुरू कर दी है। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

मशहूर समाजसेवी मास्टर सत्तार अहमद का हुआ निधन

बागपत,उत्तर प्रदेश। देश के अनमोल रत्नों में शुमार सुप्रसिद्ध समाजसेवी, मशहूर शायर, महान शिक्षक, समाज सुधारक, प्रखर देशभक्ति की भावना रखने वाले महान देशभक्त जनपद बागपत के बसौद गांव के निवासी मास्टर सत्तार अहमद के इंतकाल से जनपद बागपत में शौक की लहर दौड़ गयी। अस्पताल से जैसे ही मास्टर सत्तार अहमद का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, हजारों शुभचिंतको की भीड़ उनको श्रद्धांजली अर्पित करने के लिए उमड़ पड़ी। भले ही माहौल गमगीन जरूर था लेकिन गांव के लोगों की आंखों में अपने सपूत के द्वारा किये गये नेक कार्यो के लिए गर्व साफ झलक रहा था। बसौद गांव में हजारों लोगों की उपस्थित में उनके शरीर को सुपुर्द-ए-खाक किया गया और लोगों ने दुआ पढ़ी। इस अवसर पर उपस्थित महामहिम राष्ट्रपति जी व उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सम्मानित वरिष्ठ पत्रकार विपुल जैन ने बताया कि आज देश ने अपना एक महान लाल खो दिया है। मास्टर सत्तार अहमद सही अर्थों में एक सच्चे देशभक्त थे। मास्टर सत्तार अहमद जब तक रहे उन्होने राष्ट्र की एकता व अखंड़ता के लिए कार्य किया। वे वीरता, साहस की प्रतिमूर्ति होने के साथ-साथ देशभक्ति की अलख जगाने वाले भारत के उन महान पुरुषों में एक थे जिन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन अपने देश की सेवा में समर्पित कर दिया। विपुल जैन ने बताया कि उनका पूरा जीवन त्याग, मेहनत और सच्चाई की मिसाल रहा। वे शान्तिप्रिय थे और सादा जीवन उच्च विचार में विश्वास रखते थे। उनकी हर सांस में हिन्दुस्तान बसा था। बताया कि मास्टर सत्तार अहमद जैसा महान व्यक्तित्व युगों-युगों में एक बार जन्म लेता है। विपुल जैन ने कहा कि मैं उस महामानव को नमन करता हूॅ जिसने जीवन से ऊपर राष्ट्र को रखा, जिसकी हर सांस में हिंदुस्तान बसा था। मास्टर सत्तार अहमद भले ही सशरीर हमारे बीच ना हो लेकिन वे यादों, प्यार व उनके द्वारा किये गये अच्छे कार्यो के माध्यम से हमारे हृदय, हमारी प्रार्थनाओं और मास्टर जी के द्वारा प्रदान की गयी सुखद स्मृतियों में हमेशा जीवित रहेंगे और हमेशा हमारे बीच बने रहेंगे। उनका प्यार हमें जीवन भर मार्गदर्शन और सुरक्षा प्रदान करता रहेगा।

सिद्धार्थनगर के बांसी तहसील के सामने काका बेकर्स में चोरी, 17 हजार नगद और CCTV DVR ले उड़े चोर

बांसी, सिद्धार्थनगर। बांसी तहसील के ठीक सामने और बांसी कोतवाली से चंद कदमों की दूरी पर स्थित काका बेकर्स में बीती रात अज्ञात चोरों ने बड़ी वारदात को अंजाम दे दिया। संवेदनशील इलाके में स्थित दुकान का पीछे का शटर तोड़कर चोर अंदर घुसे और नगदी समेत सीसीटीवी का डीवीआर लेकर फरार हो गए।

पीछे का शटर तोड़कर दुकान में घुसे चोर

दुकान मालिक के अनुसार, “चोरों ने दुकान के पिछले हिस्से का शटर तोड़ा और देर रात अंदर प्रवेश किया। दुकान के भीतर रखे लगभग 17 हजार रुपये नगद और सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर अपने साथ ले गए, ताकि उनकी पहचान न हो सके।”

सुबह जब दुकान मालिक मौके पर पहुंचे तो शटर टूटा देख उनके होश उड़ गए। घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई।

दुकान मालिक ने जताई नाराजगी

दुकान मालिक राहुल सिंह ने घटना पर नाराजगी जताते हुए कहाकि—

यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमारी दुकान इतने संवेदनशील स्थान पर है। सामने तहसील है और थोड़ी दूरी पर कोतवाली, इसके बावजूद चोरी हो गई। चोर 17 हजार रुपये कैश और सीसीटीवी का डीवीआर उठा ले गए। हमने कोतवाली में तहरीर दे दी है। कोतवाल साहब मौके पर आए थे और घटनास्थल का मुआयना किया है।”

 सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

तहसील और कोतवाली के बेहद करीब स्थित दुकान में हुई इस चोरी की घटना ने स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आम लोगों में भी इस घटना को लेकर चिंता का माहौल है।

पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी है। आसपास लगे अन्य सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। अब देखना होगा कि पुलिस कब तक आरोपियों को पकड़ने में सफल होती है।

क्षेत्र में दहशत का माहौल

इस घटना के बाद क्षेत्र के व्यापारियों में भी डर का माहौल है। व्यापारियों का कहना है कि यदि तहसील और कोतवाली के सामने स्थित दुकान सुरक्षित नहीं है तो बाकी दुकानों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी।

बहन के घर से लौट रहे भाई की सड़क पर मौत — मायके से लौट रही महिला भी घायल

बैजनाथपुर मोड़ पर मैजिक-टेम्पो की भीषण आमने-सामने भिड़ंत, एक की मौत, दो गंभीर

सिद्धार्थनगर | बर्डपुर-नौगढ़ मार्गगुरुवार शाम सिद्धार्थनगर के बैजनाथपुर मोड़ पर ऐसा मंजर दिखा, जिसने हर देखने वाले का दिल दहला दिया। मैजिक और टेम्पो की आमने-सामने जोरदार टक्कर में एक परिवार का सहारा छिन गया, जबकि दो अन्य लोग जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार टेम्पो नौगढ़ से बर्डपुर की ओर जा रहा था। राष्ट्रीय राजमार्ग पर बने गड्ढे से बचने के प्रयास में चालक ने वाहन मोड़ा, तभी सामने से आ रही मैजिक से उसकी सीधी टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और यात्रियों में चीख-पुकार मच गई।
हादसे में कोड़रा ग्रांट (टोला करमहवा) निवासी 63 वर्षीय अब्दुल मन्नान पुत्र सैफुल्लाह की मौके पर ही मौत हो गई। बताया गया कि वह मोहाना के पास बानपुर स्थित अपनी बहन के घर से लौट रहे थे। परिवार को जैसे ही हादसे की खबर मिली, घर में मातम पसर गया।
इस हादसे का एक और मार्मिक पहलू यह रहा कि घायल हुई पूर्णिमा पांडेय पत्नी ऋषिराज अपने मायके से लौट रही थीं। उनके साथ मोहम्मद इसरार भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इसरार का हाथ टूट गया है और सिर में गंभीर चोट आई है। दोनों घायलों को तत्काल माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है।
सूचना मिलते ही पुरानी नौगढ़ चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू कराया। कुछ समय तक मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा, जिसे बाद में सामान्य कर दिया गया।
यह समाचार स्थानीय पुलिस, प्रत्यक्षदर्शियों एवं उपलब्ध प्रारंभिक जानकारी पर आधारित है। जांच के बाद तथ्यों में परिवर्तन संभव है। हमारा उद्देश्य केवल जनहित में सूचना देना है।

15 दिन से लापता बुजुर्ग का कंकाल नहर किनारे मिला, इलाके में सनसनी

सिद्धार्थनगर।
जनपद के त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र में उस समय सनसनी फैल गई जब चीताही नहर के किनारे एक लगभग 60 वर्षीय व्यक्ति का कंकाल बरामद हुआ। सुबह की शांत फिजा अचानक दहशत में बदल गई। आसपास के ग्रामीणों ने जब कंकाल देखा तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।
सूचना मिलते ही उत्तर प्रदेश पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और इलाके को सील कर जांच शुरू कर दी।
 5 फरवरी से था लापता…
मृतक की पहचान धनोरी निवासी जवाहिर गौतम के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक वह 5 फरवरी को भड़रिया गांव में बैंड-बाजा बजाने गए थे। उसके बाद से उनका कोई पता नहीं चला।
परिवार ने रिश्तेदारों, परिचितों और आसपास के गांवों में खोजबीन की…
लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
और अब…
चीताही नहर किनारे मिला यह कंकाल कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
 हादसा या साजिश?
क्या यह महज एक हादसा है?
या फिर इसके पीछे कोई गहरी साजिश छिपी है?
स्थानीय लोग तरह-तरह की आशंकाएं जता रहे हैं। घटना की खबर फैलते ही गांव में सन्नाटा और परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
 पुलिस हर एंगल से जांच में जुटी
पुलिस ने कंकाल को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फोरेंसिक जांच और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
लेकिन फिलहाल…
सिद्धार्थनगर में इस कंकाल की गुत्थी ने लोगों की नींद उड़ा दी है।

error: कोई भी कंटेंट कॉपी न करें, नहीं तो आप पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।