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Big Breaking News: यूपी में अब शिक्षामित्र को मिलेंगे 18 हजार तो अनुदेशकों को 17 हजार..योगी सरकार की बड़ी घोषणा

लखनऊ। विधानसभा में बोलते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज एक बड़ी घोषणा कर दी। उन्होंने सदन को बताया कि, अब से शिक्षामित्रों को 18 हजार तो अनुदेशकों को 17000 रुपए का मानदेय मिलेगा।

2 दिन पहले बोले थे मुख्यमंत्री

अभी 2 दिन पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधान परिषद में बोलते हुए कहे थे कि, हम जल्द ही अनुदेशक, शिक्षामित्र का मानदेय बढ़ाएंगे।

अब इसकी पुष्टि उन्होंने खुद विधान सभा को संबोधित करते हुए की है।

भारत-नेपाल सीमा पर 3 लाख रुपये के साथ नेपाली युवक पकड़ा, SSB की बड़ी कार्रवाई

सिद्धार्थनगर/ककरहवा।
भारत-नेपाल सीमा पर अवैध गतिविधियों के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत सशस्त्र सीमा बल (SSB) की 43वीं वाहिनी की सीमा चौकी अलिगढ़वा के जवानों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नेपाल से भारत की ओर आ रहे एक संदिग्ध युवक को 3,00,000 रुपये भारतीय मुद्रा और एक मोटरसाइकिल के साथ पकड़ा है।
 क्या है पूरा मामला?
दिनांक 17 फरवरी 2026 को अलिगढ़वा चेक पोस्ट पर तैनात SSB जवानों ने एक युवक को मोटरसाइकिल से नेपाल से भारत की ओर आते देखा। उसकी गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत होने पर उसे रोककर तलाशी ली गई।
जांच के दौरान युवक के बैग से कुल ₹3,00,000 भारतीय मुद्रा बरामद हुई। बरामद रकम का विवरण इस प्रकार है:
₹500 के 597 नोट = ₹2,98,500
₹200 के 7 नोट = ₹1,400
₹100 का 1 नोट = ₹100
कुल = ₹3,00,000
इसके अलावा एक Yamaha FZ मोटरसाइकिल भी जब्त की गई।
युवक की पहचान
पूछताछ में युवक ने अपना नाम साहिद अली फकीर (19 वर्ष) पुत्र जाकिर अली फकीर, निवासी मायादेवी-3 बर्गदवा, थाना पकड़ी, जिला कपिलवस्तु (नेपाल) बताया।
हालांकि प्रारंभिक पूछताछ में युवक संतोषजनक जवाब नहीं दे सका, जिससे मामला संदिग्ध माना गया।
आगे की कार्रवाई
आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद SSB ने बरामद नकदी, मोटरसाइकिल और युवक को सीमा शुल्क इकाई ककरहवा, जनपद सिद्धार्थनगर के सुपुर्द कर दिया है। आगे की जांच संबंधित विभाग द्वारा की जा रही है।
सीमा पर सख्ती जारी
भारत-नेपाल सीमा पर तस्करी, अवैध मुद्रा, मानव तस्करी, नशीले पदार्थों और वन्यजीव तस्करी की रोकथाम के लिए 43वीं वाहिनी SSB लगातार नाका, पेट्रोलिंग और विशेष अभियान चला रही है।
अधिकारियों के अनुसार, सीमा पर अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

पश्चिम सीवान के गहरे गड्ढे में मिला 80 वर्षीय वृद्ध का शव, गांव में मातम

सिद्धार्थनगर/शोहरतगढ़।
थाना क्षेत्र शोहरतगढ़ अंतर्गत नगर पंचायत शोहरतगढ़ के वार्ड नंबर 7 (सुभाष नगर) स्थित मेढवा गांव में गुरुवार को 80 वर्षीय वृद्ध का शव पश्चिम सीवान के एक पानी भरे गहरे गड्ढे में मिलने से सनसनी फैल गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मेढवा गांव निवासी राममिलन चौधरी (80 वर्ष) पुत्र मोल्हू सुबह खेत की ओर गए थे। काफी देर तक घर वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने खोजबीन शुरू की। तलाश के दौरान उनका शव खेत के पास स्थित गहरे गड्ढे में मिला।
सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा की कार्रवाई की। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
डूबने की आशंका, रिपोर्ट का इंतजार
प्रथम दृष्टया गड्ढे में पानी भरा होने के कारण डूबने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि मृत्यु का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
परिजनों के अनुसार, वृद्ध सामान्य रूप से खेत देखने गए थे, लेकिन यह दर्दनाक हादसा हो गया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है और गांव में सन्नाटा पसरा है।
बड़ा सवाल
ग्रामीण क्षेत्रों में खुले और असुरक्षित गड्ढे लगातार हादसों को न्योता दे रहे हैं। क्या ऐसे स्थानों की सुरक्षा के लिए प्रशासन ठोस कदम उठाएगा?

नेपाल के 75वें प्रजातंत्र दिवस पर भारत की निर्णायक भूमिका का स्मरण

काठमांडू/विशेष रिपोर्ट।
नेपाल आज अपना 75वाँ प्रजातंत्र दिवस अत्यंत गौरव, श्रद्धा और लोकतांत्रिक उत्साह के साथ मना रहा है। फागुन 7, 2007 साल को निरंकुश राणा शासन के अंत और लोकतंत्र की स्थापना की ऐतिहासिक स्मृति में पूरे देश में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है।
इस ऐतिहासिक परिवर्तन में भारत की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण और निर्णायक रही है। 1950-51 में जब नेपाल राणा शासन की बेड़ियों में जकड़ा हुआ था, तब भारत की मध्यस्थता से हुए ‘दिल्ली समझौते’ ने संवैधानिक राजशाही और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की नींव रखी।
जब नेपाल के राजा त्रिभुवन ने राणा शासन के खिलाफ संघर्ष करते हुए नेपाल छोड़ा, तब तत्कालीन भारतीय प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने उन्हें शरण दी। इसके बाद भारत की सक्रिय पहल से हुआ दिल्ली समझौता नेपाल में प्रजातंत्र की स्थापना का आधार बना।
शहीदों के बलिदान को नमन
नेपाल के महान शहीद —
दशरथ चन्द
धर्मभक्त माथेमा
गंगाला श्रेष्ठ
शुक्रराज शास्त्री
ने हँसते-हँसते राष्ट्र के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। उनके त्याग और जनता के जनआन्दोलन ने निरंकुश शासन को समाप्त कर लोकतंत्र की नींव रखी।
राष्ट्रपति की गरिमामयी उपस्थिति में राष्ट्रीय समारोह
आज प्रातः काठमांडू के टुंडिखेल सैनिक मंच पर राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल की उपस्थिति में मुख्य राष्ट्रीय समारोह आयोजित किया जा रहा है।
राष्ट्रपति पौडेल ने अपने संदेश में कहा कि 2007 साल की क्रांति ने मानवाधिकार, नागरिक स्वतंत्रता और जनता की संप्रभुता की आधारशिला रखी। उन्होंने सभी ज्ञात-अज्ञात वीरों को नमन करते हुए स्थायी शांति, सुशासन और विकास की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
भारत-नेपाल संबंध: लोकतंत्र से विकास तक
भारत नेपाल का प्रमुख विकास साझेदार रहा है।
नेपाल का बड़ा विदेशी व्यापार भारत के साथ होता है।
तराई क्षेत्र में सड़क निर्माण, रेल संपर्क और आधारभूत संरचना विकास में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
नेपाली सेना को प्रशिक्षण और सैन्य सहयोग भी भारत-नेपाल संबंधों का अहम स्तंभ है।
1951 में राणा शासन के अंत से लेकर संघीय लोकतांत्रिक गणराज्य की स्थापना तक, भारत ने हर चरण में नेपाल की लोकतांत्रिक यात्रा को मजबूती देने में सहयोग दिया है।
क्यों है यह दिन ऐतिहासिक?
फागुन 7 केवल एक तिथि नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक चेतना, जनसंकल्प और बलिदान की अमर गाथा है।
इसी क्रांति की पृष्ठभूमि में आज का संघीय लोकतांत्रिक गणराज्य और वर्तमान संविधान स्थापित हुआ।
नेपाल का 75वाँ प्रजातंत्र दिवस सिर्फ उत्सव नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों की पुनःप्रतिबद्धता का प्रतीक है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सिद्धार्थनगर द्वारा 78 निःशुल्क मेडिकल कैंपों का होगा आयोजन:राजीव नयन

सिद्धार्थनगर।भारत नेपाल सीमा पर जनपद सिद्धार्थनगर में एनोवो द्वारा आयोजित गुरु गोरक्षनाथ स्वास्थ शिविर यात्रा का 78 मेडिकल कैंपों का आयोजन होगा मेडिकल कैंप में 20,21,22 फरवरी तीन दिनों का आयोजन है उस आयोजन में कई अन्य मेडिकल कॉलेजो से लगभग 200 से अधिक डॉक्टर इस शिविर को सफल बनाने में सिद्धार्थनगर पहुंचेंगे भारत नेपाल सीमा पर ऐसे 4 ब्लॉकों के कुल 78 गांव निश्चित किए है कहा जहां मरीजों का निःशुल्क परामर्श किया जाएगा।यह कार्यक्रम पूर्ण रूप से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ व उसके ऐसे कुछ जन संगठन जैसे नेशनल मेडिकल,सीमा जागरण मंच,विद्या भारती, विश्व हिंदू परिषद व भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता गांव गांव इसकी तैयारियां जोरो पर कर रहे हैं हर गांव में इसकी समिति बनाई गई है लगभग हर गांव में 9 से 3 बजे तक मेडिकल कैंपों का आयोजन किया जाएगा इसके निम्मित आज जिले में एक बड़े बैठक की आयोजन हुई जिसको संबोधित करते हुए *विभाग प्रचारक राजीव नयन ने कहा कि* सेवा ही परमो धर्मः ऐसे डॉक्टर जिनका बड़े बड़े मेडिकल संस्थानों में समय मिलना मुश्किल होता है ऐसे डॉक्टरों के समूह को भारत नेपाल सीमा पर सेवा देने के लिए बुलाना निश्चित रूप से संगठन की एक महत्वपूर्ण योजना है और ऐसे हमने शताब्दी वर्ष में ये संकल्प लिया है कि सब कोई सुखी हो हर कोई निरोगी हो इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने लगातार छठवीं बार यह मेडिकल कैंप आयोजित किया जा रहा है।

इस मेडिकल कैंप को सफल बनाने के लिए चारों ब्लॉक के 78 गांव से लगभग कुल 400 सभी संगठनों के कार्यकर्ता अपना योगदान दे रहे है।

इस अभियान को सफल बनाने के लिए लोटन बढ़नी खंड से जिला संघ चालक गोकुल गोयल,जिला प्रचारक विशाल,जिला कार्यवाह शिवेंद्र सिंह,प्रधानाचार्य संतोष सिंह,खंड कार्यवाह पंकज श्रीवास्तव, बर्डपुर खंड से अजीत अग्रहरि,जिला मंत्री भाजपा अजय उपाध्याय,जिला महामंत्री विपिन सिंह,अविनाश जायसवाल,लोटन से सह जिला कार्यवाह मनोज शर्मा,प्रधानाचार्य कृष्ण मोहन,मनोज कुमार,अभिषेक,दिनेश कुमार व जैसे तमाम कार्यकर्ता व जिला समन्वय के लिए महादेव जी,मदन मोहन व शंभू प्रसाद आदि ऐसे लोगों को लगाया गया है।

यह पूरा कार्यक्रम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक राजीव नयन के देख रेख में संपन्न होगा।

गोरखपुर में मोतियाबिंद ऑपरेशन बना त्रासदी 30 मरीजों में 18 को गंभीर संक्रमण, 9 की आंखें निकालनी पड़ीं; अस्पताल सील, मजिस्ट्रियल जांच शुरू

गोरखपुर/सिकरीगंज | रिपोर्ट: धनेश कुमार
गोरखपुर के सिकरीगंज स्थित न्यू राजेश हाइटेक हॉस्पिटल में आयोजित आई कैंप के बाद बड़ा स्वास्थ्य संकट सामने आया है। 1 फरवरी को लगाए गए कैंप में 30 मरीजों का मोतियाबिंद ऑपरेशन किया गया था। आरोप है कि ऑपरेशन के 24 घंटे के भीतर ही कई मरीजों की आंखों में तेज दर्द, सूजन, खून और मवाद की शिकायत शुरू हो गई।
स्वास्थ्य विभाग की प्रारंभिक जांच और कल्चर रिपोर्ट में संक्रमण की पुष्टि हुई है। जानकारी के अनुसार 18 मरीजों में गंभीर इंफेक्शन पाया गया, जबकि 9 मरीजों की हालत इतनी बिगड़ गई कि उन्हें आंख निकालनी पड़ी। कई मरीजों का इलाज लखनऊ, वाराणसी और दिल्ली के सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों में जारी है।
पीड़ित परिवारों का दर्द
इन्दारी निवासी संजय सिंह ने बताया कि उनके पिता का ऑपरेशन इसी अस्पताल में हुआ था। ऑपरेशन के बाद आंख से लगातार खून बहने लगा। पहले वाराणसी और फिर दिल्ली ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने स्थिति गंभीर बताते हुए आंख निकालने की सलाह दी।
एक अन्य पीड़िता की बहू रेखा ने बताया कि ऑपरेशन के बाद आंख में असहनीय दर्द और मवाद की समस्या शुरू हो गई। अब दवाइयों के सहारे इलाज चल रहा है।
प्रशासनिक कार्रवाई
मामला सामने आते ही गोरखपुर के जिलाधिकारी दीपक मीणा ने अस्पताल को सील करने और मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी विधिक कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ी तो रजिस्ट्रेशन भी निरस्त किया जाएगा।
वहीं सीएमओ डॉ राजेश झा ने बताया कि 4 फरवरी को जानकारी मिलने के बाद जिला स्तरीय जांच कमेटी गठित की गई। बीआरडी मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी टीम द्वारा भी जांच की गई है। प्रथम दृष्टया मामला संक्रमण का प्रतीत होता है। एहतियातन अस्पताल के नेत्र विभाग को सील कर दिया गया है।
सियासी प्रतिक्रिया
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि गोरखपुर में लोगों की आंखों की रोशनी चली गई और जिम्मेदार लोग मौन हैं।
बड़े सवाल
क्या ऑपरेशन थिएटर में संक्रमण नियंत्रण के मानकों का पालन नहीं हुआ?
क्या उपकरण या दवाएं संक्रमित थीं?
क्या आई कैंप की निगरानी में चूक हुई?
यह घटना प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। फिलहाल जांच जारी है और पीड़ित परिवार न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
FT News Digital
अपडेट के लिए जुड़े रहें — friendtimes.in

सिद्धार्थनगर में ट्रैफिक का बड़ा अभियान: 42 वाहनों का चालान, ₹55,500 वसूले गए

जनपद सिद्धार्थनगर में यातायात नियमों की अनदेखी करने वालों पर पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के आदेश पर विशेष अभियान चलाते हुए यातायात पुलिस ने शहर के प्रमुख चौराहों और कस्बों में व्यापक चेकिंग अभियान चलाया।
अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद के निर्देशन और क्षेत्राधिकारी यातायात सुजीत राय के पर्यवेक्षण में प्रभारी यातायात अमरेश कुमार अपनी टीम के साथ साड़ी तिराहा, पावर हाउस तिराहा, सिद्धार्थ तिराहा, पेट्रोल पम्प तिराहा और कस्बा बांसी सहित विभिन्न स्थानों पर सक्रिय रहे।
🔊 पीए सिस्टम के माध्यम से आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया गया।
शराब पीकर वाहन चलाने वालों की विशेष जांच की गई।
बिना हेलमेट, तीन सवारी, सीट बेल्ट न लगाने और गलत दिशा में वाहन चलाने वालों पर सख्ती दिखाई गई।
सड़क किनारे अवैध रूप से खड़े बड़े वाहनों को हटवाकर एमवी एक्ट के तहत चालान किया गया।
रात्रि दुर्घटनाओं से बचाव हेतु वाहनों पर रिफ्लेक्टिव टेप भी लगाए गए।
अभियान का परिणाम:
शराब पीकर वाहन चलाने की चेकिंग में 10 वाहन चेक
 01 वाहन का चालान (शराब पीकर वाहन चलाना)
 कुल 42 वाहनों का चालान
 ₹55,500 शमन शुल्क की वसूली
यातायात पुलिस ने सभी वाहन चालकों को हर परिस्थिति में नियमों का पालन करने की सख्त हिदायत दी, ताकि सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में भारी कमी लाई जा सके।
FT News Digital अपील करता है:
सुरक्षित रहें, नियमों का पालन करें — क्योंकि घर पर कोई आपका इंतज़ार कर रहा है।

14 माह बाद रानी कसौधन हत्याकांड का खुलासा, मुख्य आरोपी गिरफ्तार

राजनीतिक साज़िश का भी पर्दाफाश, पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद
सिद्धार्थनगर / शोहरतगढ़
करीब 14 महीने पहले हुई 16 वर्षीय रानी कसौधन की सनसनीखेज हत्या के मामले में थाना शोहरतगढ़ पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी आशीष उर्फ राम आशीष निवासी मसिना को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया है।
पुलिस ने आरोपी को हत्या, अपहरण और साक्ष्य मिटाने जैसी गंभीर धाराओं में गिरफ्तार किया है। इस गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है, वहीं पीड़ित परिवार को अब न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।
थाना प्रभारी नवीन कुमार सिंह ने बताया कि मामले में गहन जांच, साक्ष्य संकलन और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आरोपी की गिरफ्तारी की गई है और उसे न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया गया है।
क्या था पूरा मामला?
बताया जाता है कि 28 नवंबर 2024 की रात शोहरतगढ़ कस्बे के एक वार्ड की निवासी 16 वर्षीय रानी कसौधन एक विवाह समारोह में शामिल होने गई थी, लेकिन देर रात तक घर वापस नहीं लौटी।
1 दिसंबर 2024 को उसका शव वार्ड नंबर 7, मोहल्ला सुभाष नगर स्थित NH-730 शोहरतगढ़-बाणगंगा रोड पर अग्रवाल पेट्रोल पंप के सामने झाड़ियों में मिला था। शव पर चोट और सूजन के निशान पाए गए थे, जिससे हत्या की आशंका प्रबल हुई थी।
घटना के बाद परिजनों ने काफी प्रयास किया, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। बाद में पीड़िता की मां शीला ने न्यायालय का सहारा लिया। कोर्ट के आदेश पर 26 जनवरी को थाना शोहरतगढ़ में प्राथमिकी दर्ज की गई और पुलिस ने जांच शुरू की।
साज़िश का भी खुलासा
जांच के दौरान यह भी स्पष्ट हुआ कि इस मामले में नगर पंचायत शोहरतगढ़ की अध्यक्ष उमा अग्रवाल के प्रतिनिधि रवि अग्रवाल को फंसाने की कथित साज़िश रची गई थी। कुछ लोगों द्वारा न्यायालय के माध्यम से उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराने का प्रयास किया गया था।
पुलिस जांच में यह आरोप निराधार पाए गए। इस खुलासे के बाद यह साफ हो गया कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के तहत छवि खराब करने की कोशिश की गई थी, जो अब निष्फल साबित हुई।
परिवार को न्याय की आस
14 माह तक चली कानूनी प्रक्रिया और जांच के बाद आरोपी की गिरफ्तारी से पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद जगी है। क्षेत्र में इस कार्रवाई को लेकर संतोष भी देखा जा रहा है।
पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।

अवैध हथियार की नुमाइश बनी मौत की वजह, गोरखपुर में दोस्ती का दर्दनाक अंत

गोरखपुर | थाना: चिलुआताल
गोरखपुर के चिलुआताल क्षेत्र में दोस्तों के बीच बैठकी उस समय मातम में बदल गई, जब अवैध पिस्टल का प्रदर्शन एक युवक की जान ले बैठा। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
घटना में इस्तेमाल की गई 32 बोर पिस्टल, आठ जिंदा कारतूस, तीन मोटरसाइकिल और एक अर्टिगा कार बरामद की गई है।
क्या हुआ था उस रात?
पुलिस के अनुसार मृतक अरुण अपने करीबी दोस्तों के साथ बैठा था। बातचीत के दौरान विशाल सिंह ने अपने पास मौजूद अवैध पिस्टल निकालकर दोस्तों को दिखाना शुरू किया।
बताया जा रहा है कि सभी युवक पिस्टल को घेरे में खड़े होकर देख रहे थे। इसी दौरान अचानक ट्रिगर दब गया और गोली सीधे अरुण को जा लगी।
गोली लगते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घायल युवक को बचाने की कोशिश की गई, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर टीम गठित की गई।
तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर सभी सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने बताया कि इस मामले में बीएनएस की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है और आर्म्स एक्ट की धाराएं भी जोड़ी गई हैं।
प्रेस वार्ता में खुलासा
मामले का खुलासा पुलिस लाइन स्थित सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में किया गया।
इस दौरान ज्ञानेंद्र (पुलिस अधीक्षक उत्तरी),
दिनेश कुमार पुरी (पुलिस अधीक्षक दक्षिणी)
और अनुराग सिंह (क्षेत्राधिकारी कैंपियरगंज) मौजूद रहे।
अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि अवैध हथियार रखना और उसका प्रदर्शन करना गंभीर अपराध है।
कानूनी स्थिति
हत्या से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज
आर्म्स एक्ट की धाराएं जोड़ी गईं
सभी आरोपी न्यायालय में पेश किए जा रहे हैं
आपराधिक इतिहास की जांच जारी
युवाओं के लिए चेतावनी
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि
“एक पल की लापरवाही ने एक युवक की जान ले ली और कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया।”
यह घटना युवाओं के लिए सबक है कि अवैध हथियारों का शौक जानलेवा साबित हो सकता है।

नाले में गिरा हिरण का शावक, ग्रामीणों और प्रशासन की तत्परता से बची जान

सिद्धार्थनगर। नगर पालिका परिषद सिद्धार्थ नगर अंतर्गत साड़ी गांव के वीर सावरकर नगर मोहल्ले में आज एक मार्मिक दृश्य देखने को मिला। जंगलों की अंधाधुंध कटाई और प्राकृतिक आवास के खत्म होने का असर अब आबादी वाले क्षेत्रों में साफ दिखने लगा है। इसी कड़ी में एक हिरण का शावक नाले में गिरा हुआ ग्रामीणों को दिखाई दिया, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया।

जंगलों की कटाई से बढ़ रहा वन्यजीवों का संकट

पेड़ों की कटाई और जंगलों के समाप्त होने से वन्य जीव अब सुरक्षित ठिकानों की तलाश में रिहायशी इलाकों की ओर रुख कर रहे हैं। छायादार वृक्षों और प्राकृतिक आवास के अभाव में वन्यजीवों का शहरों की ओर आना एक गंभीर संकेत है।

ग्रामीणों ने दिखाई सजगता, तुरंत पहुंचा प्रशासन

नाले में गिरे हिरण के बच्चे को देखते ही ग्रामीणों ने तत्काल सफाई नायक दुर्गेश और सभासद इमरान को सूचना दी। सूचना मिलते ही दोनों मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों की मदद से हिरण के शावक को सुरक्षित बाहर निकाला।

पशुपालन विभाग की टीम ने किया उपचार

सूचना पाकर पशुपालन विभाग की ओर से पशुधन प्रसार अधिकारी अरुण कुमार प्रजापति अपनी टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने हिरण के बच्चे का प्राथमिक उपचार किया और उसकी स्थिति को स्थिर किया।

धेन्सा पौधशाला में रखा जाएगा सुरक्षित

वन विभाग के कर्मचारियों ने बताया कि हिरण के शावक को धेन्सा पौधशाला ले जाकर सुरक्षित रखा जाएगा, जहां उसकी देखभाल की जाएगी।

सामूहिक प्रयास से बची वन्यजीव की जान

सभासद इमरान, ग्रामीणों और पशुपालन विभाग की सक्रियता के कारण हिरण के शावक की जान बचाई जा सकी। यह घटना जहां एक ओर पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता को उजागर करती है, वहीं दूसरी ओर मानवीय संवेदनशीलता की मिसाल भी पेश करती है।

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