फ्रेंड्स टाइम्स
Breaking News
5 करोड़ की लागत से कपिलवस्तु विधानसभा में होंगे विकास कार्य

सिद्धार्थनगर। विधानसभा क्षेत्र कपिलवस्तु के लिए विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। लोक निर्माण विभाग द्वारा क्षेत्र में ₹5 करोड़ 69 लाख 48 हजार की लागत से 5 प्रमुख मार्गों के नव निर्माण कार्यों को स्वीकृति प्रदान की गई है। इस स्वीकृति से क्षेत्रीय जनता में हर्ष का माहौल है।

इस संबंध में जानकारी देते हुए सदर विधायक श्यामधनी राही ने बताया कि जिन मार्गों का निर्माण किया जाएगा उनमें सिकरी लकड़ा संपर्क मार्ग से के०जी० बाँध उत्तर ढाल से छोटे सचिवालय होते हुए वीरेंद्र पाण्डेय के घर तक लकड़ा डीह संपर्क मार्ग, सिकरी लकड़ा से तुरकौलिया संपर्क मार्ग का निर्माण कार्य,

ककरही टड़िया गायघाट से तालभिरौना होते हुए खजूरडाड़ तक संपर्क मार्ग का निर्माण कार्य,

नगर पालिका सिद्धार्थनगर मार्ग से आवासीय परिसर होते हुए राष्ट्रीय मार्ग खंड, लोक निर्माण विभाग, सिद्धार्थनगर के कार्यालय तक मार्ग,

तथा झंगटी से एसएसबी कैंप संपर्क मार्ग के किमी-1 से झंगटी गांव तक मार्ग का निर्माण कार्य शामिल है।

विधायक श्यामधनी राही ने कहा कि इन सड़कों के निर्माण से ग्रामीण एवं किसानों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को आवागमन में सुविधा मिलेगी तथा क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को गति मिलेगी।

उन्होंने इस महत्वपूर्ण स्वीकृति के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति कपिलवस्तु विधानसभा की जनता की ओर से हृदयपूर्वक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में बुनियादी ढांचे का तेजी से विकास हो रहा है और सरकार हर क्षेत्र के संतुलित विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर को नीति आयोग ने किया सम्मानित, चित्रकूट में रहते हुए किए थे उत्कृष्ट कार्य

सिद्धार्थनगर, 01 मार्च 2026। तत्कालीन जिलाधिकारी चित्रकूट श्री शिवशरणप्पा जी एन को आकांक्षी जनपद चित्रकूट के आकांक्षी ब्लॉक रामनगर में जुलाई 2024 से सितंबर 2024 तक संचालित संपूर्णता अभियान के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने हेतु नीति आयोग, भारत सरकार द्वारा प्रशस्ति प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। यह सम्मान जिले में विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, नवाचारपूर्ण पहल और सतत निगरानी के परिणामस्वरूप प्राप्त हुआ।

संपूर्णता अभियान के दौरान स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, कृषि, आधारभूत संरचना तथा वित्तीय समावेशन जैसे प्रमुख क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई। विशेष रूप से टीकाकरण, एनीमिया नियंत्रण, विद्यालयों में नामांकन व उपस्थिति बढ़ाने, स्वयं सहायता समूहों को सशक्त करने तथा किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए गए। प्रशासन द्वारा ग्राम स्तर तक नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित कर योजनाओं की प्रगति का आकलन किया गया और आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की गई।

श्री शिवशरणप्पा जी एन के नेतृत्व में विभागीय समन्वय को सुदृढ़ किया गया, जिससे विभिन्न योजनाओं का लाभ लक्षित वर्ग तक समयबद्ध रूप से पहुंच सका। जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संगठनों तथा स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी भी इस सफलता का महत्वपूर्ण आधार रही। अभियान की अवधि में निर्धारित सूचकांकों पर उल्लेखनीय सुधार दर्ज होने से रामनगर ब्लॉक को आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम के अंतर्गत विशेष पहचान मिली।

यह सम्मान न केवल तत्कालीन जिलाधिकारी के कुशल नेतृत्व का प्रमाण है, बल्कि समस्त जिला प्रशासन, संबंधित विभागों तथा स्थानीय नागरिकों के सामूहिक प्रयासों की भी सराहना है। इस उपलब्धि से अन्य ब्लॉकों को भी प्रेरणा मिलेगी और क्षेत्रीय विकास की गति को और अधिक बल प्राप्त होगा।

मिसाइलों की गूंज के बीच इजरायल में फंसा सिद्धार्थनगर का बेटा, परिवार की सांसें अटकीं

उत्तर प्रदेश, सिद्धार्थनगर।
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और लगातार हो रहे मिसाइल हमलों के बीच Israel में उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले का एक युवक फंसा हुआ है। युवक की सुरक्षा को लेकर उसके परिवार में गहरी चिंता और दहशत का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, नौगढ़ तहसील व लोटन थाना क्षेत्र के खीरी डीहा गांव निवासी शिवा सिंह वर्तमान में इजरायल में मौजूद हैं। वहां हालात युद्ध जैसे बने हुए हैं। इजरायल और Iran के बीच बढ़ते तनाव के कारण कई स्थानों पर सायरन बज रहे हैं और सुरक्षा अलर्ट जारी है।
बताया जाता है कि शिवा सिंह ने सोशल मीडिया के माध्यम से कुछ वीडियो साझा किए हैं, जिनमें उन्होंने बताया कि वह और उनके साथ मौजूद अन्य भारतीय नागरिक फिलहाल सुरक्षित हैं। हालांकि क्षेत्र में लगातार हो रहे हमलों के कारण स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
FT NEWS DIGITAL की टीम ने जब खीरी डीहा गांव पहुंचकर परिवार से बातचीत की, तो परिजनों की चिंता साफ झलक रही थी। युवक की मां ने भावुक होते हुए कहा कि वह अपने बेटे की सलामती के लिए लगातार ईश्वर से प्रार्थना कर रही हैं। भाई ने बताया कि परिवार हर दिन फोन के माध्यम से हालचाल ले रहा है, लेकिन समाचार चैनलों पर दिख रही तस्वीरें मन में भय पैदा कर रही हैं।
परिजनों ने भारत सरकार से अपील की है कि इजरायल में मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित वापसी की व्यवस्था की जाए।
युद्ध भले ही हजारों किलोमीटर दूर हो, लेकिन उसकी चिंता सिद्धार्थनगर के इस छोटे से गांव तक महसूस की जा रही है। पूरे गांव की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि उनका बेटा सुरक्षित घर लौट आए।
FT NEWS DIGITAL इस मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है।

दहेज की दहलीज़ पर बुझी ज़िंदगी: दो माह के मासूम से छिना मां का साया, गोल्हौरा में पंचायत सहायक की संदिग्ध मौत

Dowry Death Shock in Golhaura
सिद्धार्थनगर।
जनपद सिद्धार्थनगर के गोल्हौरा थाना क्षेत्र अंतर्गत जोगीकुंड गांव में शनिवार को उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक विवाहिता का शव कमरे के पंखे से लटका मिला। मृतका की पहचान चंद्रकला यादव के रूप में हुई है, जो पंचायत सहायक के पद पर कार्यरत थीं। इस हृदय विदारक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।
परिवार की ओर से दी गई तहरीर में गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मृतका के पिता बजरंगी यादव, निवासी सौरहवा ग्रांट, ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2020 में उन्होंने अपनी पुत्री का विवाह अजय यादव, निवासी कोटखास जोगीकुंड, के साथ किया था। शुरुआती समय सामान्य रहा, लेकिन कुछ वर्षों बाद कथित रूप से अतिरिक्त धन की मांग को लेकर ससुराल पक्ष द्वारा प्रताड़ना शुरू कर दी गई।
तहरीर में आरोप है कि घटना के दिन चंद्रकला की गला दबाकर हत्या की गई और बाद में उसे आत्महत्या का रूप देने के लिए पंखे से लटका दिया गया। पिता ने सास, पति और अन्य परिजनों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 85 व 80 तथा दहेज प्रतिषेध अधिनियम, 1961 की धारा 3 व 4 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। क्षेत्राधिकारी इटवा, थाना पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य संकलित किए। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
सबसे मार्मिक पहलू…
चंद्रकला यादव पंचायत सहायक के रूप में चौराहा ग्रांट में तैनात थीं। वे शिक्षित, आत्मनिर्भर और अपने परिवार की जिम्मेदार बेटी थीं। लेकिन अब उनके पीछे रह गया है दो माह का मासूम बच्चा — जिसने अभी दुनिया को देखना शुरू ही किया था कि उसकी मां का साया उठ गया।
यह घटना सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि समाज के सामने एक कड़वा सवाल भी है — क्या दहेज की मानसिकता आज भी बेटियों की जान ले रही है? क्या कानून की सख्ती के बावजूद लालच का अंत नहीं हो पा रहा?
जांच जारी, न्याय की प्रतीक्षा
पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच पूरी होना आवश्यक है।
समाज के नाम संदेश:
दहेज लेना और देना दोनों अपराध हैं। एक शिक्षित और कामकाजी महिला की संदिग्ध मौत यह संकेत देती है कि सामाजिक जागरूकता और कानूनी सख्ती दोनों को और मजबूत करने की जरूरत है।
FT NEWS DIGITAL इस मामले की हर अपडेट आप तक पहुंचाता रहेगा।