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UPSC Result 2025: बांसी राजा रतनसेन इंटर कॉलेज के प्राचार्य के पुत्र पुरु दूबे ने पाई यूपीएससी में सफलता, बने IAS

UPSC Result 2025: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा 2025 का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया है। इस प्रतिष्ठित परीक्षा में उत्तर प्रदेश के अम्बेडकरनगर जिले के महरुआ निवासी पुरु दुबे ने ऑल इंडिया रैंक 86वीं हासिल कर शानदार सफलता प्राप्त की है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे जिले के साथ-साथ सिद्धार्थनगर जनपद में भी खुशी की लहर दौड़ गई है।

रतनसेन इंटर कॉलेज में खुशी का माहौल

पुरु दुबे, रतनसेन इंटर कॉलेज बांसी (सिद्धार्थनगर) के प्राचार्य संजय दुबे के पुत्र हैं। जैसे ही उनके चयन की खबर सामने आई, कॉलेज परिवार में खुशी का माहौल बन गया। शिक्षक, छात्र और क्षेत्र के लोग उन्हें बधाई देने के लिए उत्साहित नजर आए।

तीसरे प्रयास में मिली सफलता

पुरु दुबे की सफलता कड़ी मेहनत और धैर्य का परिणाम है। इससे पहले वह दो बार सिविल सेवा परीक्षा के इंटरव्यू राउंड तक पहुंच चुके थे, लेकिन अंतिम चयन नहीं हो पाया था। हालांकि उन्होंने हार नहीं मानी और तीसरे प्रयास में शानदार सफलता हासिल करते हुए सिविल सेवा में अपना स्थान सुनिश्चित किया।

IIT BHU से की उच्च शिक्षा

पुरु दुबे ने अपनी उच्च शिक्षा के लिए वाराणसी का रुख किया और IIT BHU (काशी हिंदू विश्वविद्यालय) से पढ़ाई पूरी की। पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने सिविल सेवा में जाने का लक्ष्य तय कर लिया था और उसी दिशा में लगातार मेहनत करते रहे।

विधायक राजा जयप्रताप सिंह ने दी बधाई

रतनसेन इंटर कॉलेज के प्रबंधक, पूर्व स्वास्थ्य मंत्री एवं वर्तमान बांसी विधायक राजा जयप्रताप सिंह ने पुरु दुबे को इस शानदार सफलता के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है और इससे युवाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने पुरु दुबे के उज्ज्वल भविष्य की कामना भी की।

युवाओं के लिए बने प्रेरणा स्रोत

पुरु दुबे की सफलता से क्षेत्र के युवाओं में उत्साह बढ़ा है। उनकी मेहनत और संघर्ष यह संदेश देती है कि निरंतर प्रयास और दृढ़ संकल्प से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

होली के बाद यूपी में बड़ा प्रशासनिक एक्शन, 24 घंटों में कई जिलों में सख्त कार्रवाई

लखनऊ | विशेष संवाददाता
उत्तर प्रदेश में होली के बाद कानून-व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। बीते कल और आज के 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में पुलिस और प्रशासन ने संयुक्त रूप से सघन अभियान चलाया। इस दौरान अवैध गतिविधियों पर नजर रखते हुए कई स्थानों पर कार्रवाई की गई और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार त्योहार के बाद किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या अवैध गतिविधि को रोकने के उद्देश्य से यह विशेष अभियान चलाया गया। कई जिलों में पुलिस ने मुख्य बाजारों, चौराहों और हाईवे पर चेकिंग अभियान चलाकर संदिग्ध वाहनों और लोगों की जांच की।
बताया जा रहा है कि पुलिस ने बीते कल रात से लेकर आज दिन भर कई स्थानों पर निगरानी बढ़ाई है और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है।
पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और यदि कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दें। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाली किसी भी गतिविधि पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

लखनऊ में अवैध निर्माण पर बड़ा प्रशासनिक एक्शन, कई जगह चला बुलडोजर

नगर निगम व प्रशासन की संयुक्त टीम ने चलाया अभियान, अतिक्रमण हटाने के दौरान मचा हड़कंप
लखनऊ | संवाददाता
राजधानी लखनऊ में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा अभियान चलाया। नगर निगम और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने शहर के कई इलाकों में कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से बनाए गए ढांचों और अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ स्थानों पर सार्वजनिक जमीन और सड़क किनारे अवैध निर्माण किए जा रहे हैं, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। इन शिकायतों के आधार पर संबंधित विभागों की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की और नियमों के विपरीत पाए गए निर्माणों को हटाने की कार्रवाई शुरू की।
कार्रवाई के दौरान प्रशासन ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर की मदद से कई अवैध ढांचों को हटाया। इस दौरान आसपास के क्षेत्रों में काफी हलचल देखी गई, हालांकि पूरी कार्रवाई प्रशासनिक निगरानी में शांतिपूर्वक संपन्न कराई गई।
अधिकारियों का कहना है कि शहर में अतिक्रमण मुक्त व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी प्रकार का निर्माण करने से पहले संबंधित विभाग से आवश्यक अनुमति अवश्य प्राप्त करें।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि भविष्य में भी कहीं अवैध निर्माण या अतिक्रमण की शिकायत मिलती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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भारत-नेपाल सीमा पर SSB का बड़ा एक्शन, तस्करी का माल किया जब्त

नेपाल सीमा पर एसएसबी की बड़ी कार्रवाई, लाखों का सामान बरामद



महराजगंज, संवाददाता।
भारत-नेपाल सीमा से लगे जनपद महराजगंज में सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तस्करी के सामान को बरामद किया है। सीमा सुरक्षा बल (SSB) की टीम ने गश्त के दौरान संदिग्ध गतिविधि देखते हुए कार्रवाई की और भारी मात्रा में अवैध रूप से ले जाए जा रहे सामान को कब्जे में ले लिया।
अधिकारियों के अनुसार बरामद सामान की कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। कार्रवाई के दौरान कुछ संदिग्ध लोग मौके से फरार हो गए, जिनकी तलाश की जा रही है।
गश्त के दौरान हुई कार्रवाई
जानकारी के मुताबिक सीमा क्षेत्र में नियमित गश्त के दौरान एसएसबी के जवानों को कुछ लोगों की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। टीम ने जब जांच की तो सीमा पार ले जाए जा रहे विभिन्न सामान बरामद हुए।
सुरक्षा एजेंसियों ने बरामद सामान को कब्जे में लेकर सीमा शुल्क विभाग और संबंधित एजेंसियों को सौंप दिया है।
सीमा क्षेत्र में तस्करी पर सख्ती
महराजगंज जिले की सीमा नेपाल से लगती है, जिसके कारण यहां समय-समय पर तस्करी की घटनाएं सामने आती रही हैं। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियां लगातार संवेदनशील इलाकों में गश्त और निगरानी बढ़ा रही हैं।
अधिकारियों का बयान
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि सीमा क्षेत्र में किसी भी अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मामले में बरामद सामान की जांच की जा रही है और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

गोरखपुर में 28.94 करोड़ से बनेगा प्रदेश का बड़ा गो-आश्रय केंद्र

गोरखपुर, संवाददाता।
गोरखपुर में निराश्रित गोवंश की समस्या के समाधान के लिए नगर निगम द्वारा एक बड़ी योजना पर काम शुरू किया गया है। जानकारी के अनुसार जिले में लगभग 28.94 करोड़ रुपये की लागत से एक विशाल गो-आश्रय केंद्र (कान्हा उपवन) का निर्माण कराया जा रहा है, जिसे क्षेत्र का सबसे बड़ा पशु आश्रय केंद्र बताया जा रहा है।

नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार इस केंद्र में लगभग दो हजार निराश्रित पशुओं को रखने की व्यवस्था होगी। वर्तमान में जिले के विभिन्न गो-आश्रय स्थलों में लगभग 4500 से अधिक पशुओं की देखभाल की जा रही है, जबकि कुल क्षमता करीब पांच हजार तक पहुंचाने की योजना है।

निराश्रित पशुओं की समस्या से राहत की उम्मीद
गोरखपुर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में लंबे समय से सड़कों और खेतों में घूम रहे निराश्रित पशुओं की समस्या सामने आती रही है। किसानों और आम नागरिकों द्वारा कई बार इस मुद्दे को उठाया गया था।
ऐसे में प्रशासन का कहना है कि नया आश्रय केंद्र बनने के बाद बड़ी संख्या में निराश्रित पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखा जा सकेगा, जिससे शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में आवारा पशुओं की समस्या में कमी आने की उम्मीद है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा आश्रय स्थल
बताया जा रहा है कि बनने वाला यह गो-आश्रय केंद्र कई आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा।
पशुओं के लिए अलग-अलग शेड
पशु चिकित्सालय और दवा की व्यवस्था
चारा भंडारण केंद्र
प्रशासनिक भवन
पानी के लिए तालाब और प्राकृतिक वातावरण
इन सुविधाओं का उद्देश्य पशुओं के बेहतर रख-रखाव और देखभाल को सुनिश्चित करना है।

योजना से ग्रामीणों को भी मिलेगा लाभ
सरकार की निराश्रित गोवंश सहभागिता योजना के तहत कुछ पशुओं को जरूरतमंद पशुपालकों को भी सौंपा जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत पशु पालने वाले लोगों को प्रति पशु प्रतिदिन लगभग 50 रुपये की सहायता प्रदान की जाती है।

इससे एक ओर पशुओं की देखभाल सुनिश्चित होती है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण परिवारों को अतिरिक्त आय का अवसर भी मिलता है।
प्रशासन ने दी जानकारी
नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि यह परियोजना पूरी होने के बाद गोरखपुर में निराश्रित पशुओं के प्रबंधन की व्यवस्था और मजबूत होगी तथा शहर की सड़कों पर घूमने वाले पशुओं की संख्या को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।

नाबालिग से दुष्कर्म मामले में आरोपी को 10 वर्ष का कठोर कारावास

सिद्धार्थनगर, संवाददाता।
जनपद सिद्धार्थनगर में नाबालिग से दुष्कर्म के बहुचर्चित मामले में न्यायालय ने सख्त रुख अपनाते हुए आरोपी को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अदालत ने दोषी पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
यह फैसला पॉक्सो एक्ट की विशेष अदालत द्वारा सुनाया गया, जिसे पीड़िता और उसके परिवार के लिए न्याय की महत्वपूर्ण जीत माना जा रहा है। अदालत के निर्णय के बाद जिले में यह मामला चर्चा का विषय बन गया है।
2019 में दर्ज हुआ था मामला
जानकारी के अनुसार यह घटना वर्ष 2019 की है। मिश्रौलिया थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म की घटना सामने आने के बाद पीड़िता के परिजनों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। बाद में पुलिस ने साक्ष्य और गवाहों के आधार पर पॉक्सो एक्ट सहित संबंधित धाराओं में आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
लंबी सुनवाई के बाद आया फैसला
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में पीड़िता का बयान दर्ज किया गया। साथ ही कई गवाहों की गवाही और चिकित्सीय रिपोर्ट समेत अन्य साक्ष्यों को भी अदालत में प्रस्तुत किया गया।
सभी तथ्यों और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
अदालत ने दिया सख्त संदेश
न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा कि नाबालिगों के साथ होने वाले अपराध समाज के लिए अत्यंत गंभीर हैं और ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई आवश्यक है, ताकि समाज में कानून का भय बना रहे।
न्याय मिलने पर पीड़ित परिवार को राहत
अदालत के इस फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने राहत की सांस ली है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह फैसला समाज के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है कि अपराध चाहे कितना भी पुराना क्यों न हो, कानून के दायरे से बचना संभव नहीं है।

होली की खुशियां मातम में बदलीं: मेडिकल छात्र आकाश पांडे की सड़क हादसे में मौत, साथियों ने कैंडल मार्च निकाल दी श्रद्धांजलि

सिद्धार्थनगर में मेडिकल छात्रों ने निकाला कैंडल मार्च, दो मिनट का मौन रखकर दी श्रद्धांजलि — सड़क सुरक्षा को लेकर उठी चिंता

सिद्धार्थनगर/गोरखपुर।
होली जैसे खुशियों के पावन पर्व पर एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे चिकित्सा समुदाय को गहरे शोक में डुबो दिया। 4 मार्च 2026 को बीआरडी मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर के एमबीबीएस 2023 बैच के छात्र आकाश पांडे की एक भीषण सड़क दुर्घटना में असामयिक मृत्यु हो गई। इस हृदयविदारक घटना ने न केवल उनके परिवार बल्कि साथ पढ़ने वाले छात्रों और डॉक्टर समुदाय को भी स्तब्ध कर दिया।
बताया जाता है कि होली के दिन हुए इस हादसे की खबर जैसे ही साथियों और परिचितों तक पहुँची, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। रंग और खुशियों के इस पर्व पर यह दुखद समाचार हर किसी की आंखें नम कर गया।
दिवंगत छात्र आकाश पांडे को श्रद्धांजलि देने के लिए माधव प्रसाद त्रिपाठी चिकित्सा महाविद्यालय, सिद्धार्थनगर के एमबीबीएस छात्र-छात्राओं ने एक भावुक कैंडल मार्च निकालकर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।
कैंडल मार्च के दौरान छात्रों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और पूरे माहौल में गहरा शोक दिखाई दिया। इसके बाद आयोजित शोक सभा में सभी छात्र-छात्राओं और उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोक संतप्त परिवार को इस असहनीय दुख को सहन करने की शक्ति देने की ईश्वर से प्रार्थना की।
इस दौरान छात्रों ने कहा कि आकाश पांडे एक मेधावी और सरल स्वभाव के छात्र थे, जिनकी असामयिक मृत्यु चिकित्सा जगत के लिए अपूरणीय क्षति है।
जागरूकता संदेश (समाचार के अंत में)
यह दुखद घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। तेज रफ्तार, लापरवाही और यातायात नियमों की अनदेखी हर साल कई होनहार युवाओं की जान ले रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि हेलमेट, सीट बेल्ट और ट्रैफिक नियमों का पालन ही ऐसे हादसों को रोकने का सबसे बड़ा उपाय है।
श्रद्धांजलि पंक्ति
“होली के रंग फीके पड़ गए, एक होनहार डॉक्टर बनने का सपना सड़क हादसे ने छीन लिया।”