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टीईटी अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों ने बांधी काली पट्टी

सिद्धार्थनगर। टीईटी (TET) अनिवार्यता के खिलाफ टीएफआई के निर्देश पर उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ, उत्तर प्रदेशीय महिला शिक्षक संघ सहित अन्य संगठन हाथों पर काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य कर रहे हैं।

22 फरवरी को चला ट्विटर अभियान 

22 तारीख को संगठनों के राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देश पर शिक्षक-शिक्षिकाओं ने वृहद ट्विटर अभियान चलाया था। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला उपाध्यक्ष इंद्रसेन सिंह ने बताया कि, राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देश पर टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ सभी अध्यापकों ने 22 को ट्विटर अभियान चलाया था और 23 से लेकर 25 फरवरी तक सभी शिक्षक हाथों पर काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य करेंगे।

26 फरवरी को देंगे ज्ञापन: इंद्रसेन सिंह 

इंद्रसेन सिंह ने बताया कि,”उसके बाद फिर सभी शिक्षक 26 फरवरी को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के कार्यालय पर इकट्ठा होकर प्रदर्शन करेंगें। वहां से पैदल मार्च करते हुए जिलाधिकारी को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौपेंगे। यदि फिर भी टीईटी अनिवार्यता को अध्यादेश लाकर समाप्त नहीं किया गया। तब मार्च के मध्य में आर-पार की लड़ाई का ऐलान करते हुए शिक्षक दिल्ली कूच करेंगे।”

सिद्धार्थनगर: मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में 321 जोड़े विवाह बंधन में बंधे

सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत रविवार को रतन सेन डिग्री कॉलेज परिसर में भव्य सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किया गया। इस आयोजन में 384 पंजीकृत जोड़ों में से 321 जोड़े विवाह बंधन में बंधे। पूरे परिसर में उत्सव और उल्लास का माहौल देखने को मिला, जहां 321 नवदम्पतियों ने एक साथ अपने नए जीवन की शुरुआत की।

अलग-अलग समुदायों के जोड़ों का धार्मिक रीति-रिवाज से विवाह

इस सामूहिक विवाह समारोह में 229 हिंदू, 65 बौद्ध और 27 मुस्लिम समुदाय के जोड़ों का विवाह उनके-अपने धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न कराया गया।

हिंदू जोड़ों का विवाह वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पंडितों द्वारा कराया गया।

मुस्लिम समुदाय के जोड़ों का निकाह मौलाना द्वारा संपन्न हुआ।

बौद्ध समुदाय के जोड़ों का विवाह धर्माचार्यों की उपस्थिति में कराया गया।

इस अवसर पर बांसी, मिठवल, खेसरहा एवं नगरीय क्षेत्र बांसी के लाभार्थी जोड़े शामिल हुए।

जनप्रतिनिधियोंने दीप प्रज्ज्वलन कर किया शुभारंभ

कार्यक्रम का शुभारंभ सांसद जगदंबिका पाल, विधायक बांसी जय प्रताप सिंह, विधायक शोहरतगढ़ विनय वर्मा, जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन एवं पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन ने दीप प्रज्ज्वलन और गणेश पूजन के साथ किया। सभी अतिथियों ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखद दांपत्य जीवन की कामना की।

प्रत्येक वधू को 60 हजार रुपये की आर्थिक सहायता

जिलाधिकारी ने बताया कि प्रत्येक वधू के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से 60 हजार रुपये की धनराशि हस्तांतरित की गई है।

इसके अतिरिक्त—

लगभग 25 हजार रुपये की गृहस्थी सामग्री

15 हजार रुपये बारात स्वागत मद में व्यय

नवविवाहित जोड़ों को साड़ी, सूट का कपड़ा, चांदी की पायल-बिछिया, डिनर सेट, कूकर, ट्रॉली बैग, सीलिंग फैन, प्रेस, बिस्तर, कंबल, गद्दा, सूखे मेवे सहित अन्य आवश्यक घरेलू सामग्री वितरित की गई।

रोजगार व स्वरोजगार से जोड़ने की घोषणा

सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना गरीब परिवारों की बेटियों की शादी को सम्मानजनक ढंग से संपन्न कराने का सशक्त माध्यम बनी है। उन्होंने नवदम्पतियों को रोजगार एवं प्लेसमेंट से जोड़ने तथा इच्छुक युवाओं को ऋण उपलब्ध कराकर स्वरोजगार से जोड़ने की घोषणा भी की।

विधायक जय प्रताप सिंह और विनय वर्मा ने कहा कि यह योजना बिना भेदभाव सभी वर्गों के लिए वरदान साबित हो रही है।

जिला पंचायत अध्यक्ष शीतल सिंह एवं भाजपा जिलाध्यक्ष कन्हैया पासवान ने भी नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए इसे सरकार की जनकल्याणकारी पहल बताया।

सामूहिक विवाह योजना: गरीब परिवारों के लिए सहारा

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के परिवारों को बेटी की शादी में आर्थिक सहायता प्रदान कर सामाजिक सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना है। सिद्धार्थनगर में आयोजित यह कार्यक्रम सामाजिक समरसता और एकता का उदाहरण बना।

नेपाल में दर्दनाक बस हादसा: त्रिशूली नदी में समाई यात्रियों से भरी बस, 18 की मौत

काठमांडू/पोखरा (नेपाल)।
नेपाल में एक बड़ा सड़क हादसा सामने आया है। नेपाल के पोखरा-काठमांडू मार्ग पर चल रही एक यात्री बस काठमांडू के पास स्थित त्रिशूली नदी में गिर गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस हादसे में कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 27 अन्य यात्री घायल बताए जा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि बस पोखरा से काठमांडू की ओर जा रही थी। दुर्घटना के कारणों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, हालांकि स्थानीय प्रशासन के अनुसार हादसा तीखे मोड़ पर बस के अनियंत्रित होने की वजह से हुआ हो सकता है। राहत और बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर नदी में गिरी बस से यात्रियों को बाहर निकाला।
घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। मृतकों में महिला और पुरुष यात्री शामिल हैं। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार एक विदेशी पर्यटक, जो स्विट्जरलैंड से था, उसके भी हादसे में प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। आधिकारिक पहचान और विस्तृत सूची जारी की जानी बाकी है।
नेपाल पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। दुर्घटना के सटीक कारणों—चालक की लापरवाही, ब्रेक फेल या सड़क की स्थिति—की पड़ताल की जा रही है।
नेपाल के पहाड़ी इलाकों में संकरे और घुमावदार रास्तों के कारण सड़क हादसों की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रहती हैं। प्रशासन ने यात्रियों से सावधानी बरतने और परिवहन कंपनियों से सुरक्षा मानकों का पालन करने की अपील की है।
स्थिति अपडेट:
मृतक: 18 (प्रारंभिक जानकारी)
घायल: 27
राहत-बचाव कार्य: जारी
जांच: प्रारंभ
(नोट: यह रिपोर्ट स्थानीय प्रशासन और प्रारंभिक आधिकारिक सूचनाओं के आधार पर तैयार की गई है। अंतिम आंकड़ों में परिवर्तन संभव है।)

“ट्रेन चोरी मामले में वांछित आरोपी गिरफ्तार, पिछले 4 वर्षों में 8 मुकदमे दर्ज होने का दावा”

प्रयागराज।
जीआरपी प्रयागराज ने ट्रेनों में कथित चोरी की घटनाओं से जुड़े एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार व्यक्ति पर पिछले चार वर्षों में आठ मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस का कहना है कि आरोपी लंबी दूरी की ट्रेनों में यात्रियों के सामान चोरी करने के मामलों में वांछित था। हालांकि इन मामलों में अंतिम निर्णय संबंधित न्यायालय द्वारा किया जाना शेष है।
जीआरपी अधिकारियों के मुताबिक आरोपी को विधिक प्रक्रिया के तहत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है। आगे की कार्रवाई न्यायालय के आदेश के अनुसार की जाएगी।
पुलिस का यह भी कहना है कि ट्रेन यात्राओं के दौरान यात्रियों की लापरवाही कई बार अपराधियों को अवसर प्रदान करती है।
पुलिस की अपील
जीआरपी ने यात्रियों से अपील की है कि:
✔ कीमती सामान सुरक्षित रखें
✔ अटैची को चेन से बांधें
✔ मजबूत लॉक का प्रयोग करें
✔ संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत जीआरपी/आरपीएफ को दें
कानूनी स्थिति स्पष्ट
यह उल्लेखनीय है कि किसी भी आरोपी को दोषी ठहराने का अधिकार केवल न्यायालय को है। गिरफ्तारी का अर्थ दोष सिद्ध होना नहीं है।

पूर्वजों की धरती से जुड़ने कलानाखोर पहुंचे ऑस्ट्रेलियाई परिवार, भारतीय संस्कृति से हुए प्रभावित

खेसरहा (सिद्धार्थनगर)। खेसरहा विकासखंड के कलनाखोर गांव स्थित राम पियारी देवी सरोजिनी सिंह उ0मा0 विद्यालय में उस समय भावुक और ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला, जब ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर से दो दंपति अपने पूर्वजों की मिट्टी से जुड़ने यहां पहुंचे। विद्यालय के प्रधानाचार्य योगेंद्र सिंह ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया से आए दिनेश चंद्रा, उनकी पत्नी चंद्रा पोन्टी तथा उनके समधी रिचर्ड और समधन देवीना ने गांव की ऐतिहासिक विरासत को नजदीक से देखा और भारतीय संस्कृति के प्रति अपनी गहरी आस्था व्यक्त की।

गिरमिटिया मजदूर से जुड़ी है भावनात्मक कहानी

प्रधानाचार्य ने बताया कि, दिनेश चंद्रा के पूर्वज मूल रूप से कलनाखोर गांव के निवासी थे। ब्रिटिश शासनकाल में वे गिरमिटिया मजदूर के रूप में मजदूरी करने ऑस्ट्रेलिया चले गए थे। विदेश में बसने के बावजूद उन्होंने अपनी जड़ों को कभी नहीं भुलाया।

दिनेश चंद्रा के पूर्वजों ने अपने बच्चों को भारत की ऐतिहासिक विरासत, संस्कृति और सभ्यता के बारे में बताया करते थे। उन्हीं प्रेरणादायक बातों से प्रभावित होकर वे अपनी पत्नी और रिश्तेदारों के साथ पूर्वजों की जन्मभूमि देखने भारत पहुंचे।

भारतीय संस्कृति से हुए प्रभावित 

विद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अतिथियों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति, पारिवारिक परंपराएं और आध्यात्मिकता विश्व में अद्वितीय हैं।

उन्होंने गांव के अतिप्राचीन राम जानकी मंदिर का दर्शन किया और उसके जीर्णोद्धार में सहयोग करने की इच्छा जताई। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए सिर्फ यात्रा नहीं, बल्कि अपनी जड़ों से जुड़ने का अवसर है।

ऐतिहासिक विरासत को संजोने का संदेश

विदेश से आए मेहमानों ने गांव के बुजुर्गों से बातचीत कर अपने पूर्वजों के बारे में जानकारी ली। इस दौरान ग्रामीणों में भी उत्साह और गर्व का माहौल देखा गया।

प्रधानाचार्य योगेंद्र सिंह ने कहा कि, “यह क्षण गांव और विद्यालय के लिए ऐतिहासिक है। इससे नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और विरासत पर गर्व करने की प्रेरणा मिलेगी।”

गांव में बना उत्सव जैसा माहौल

ऑस्ट्रेलिया से आए मेहमानों के स्वागत में ग्रामीणों ने पारंपरिक अंदाज में अभिनंदन किया। लोगों ने इसे गांव के लिए गौरव का विषय बताया।

यह यात्रा न केवल एक परिवार की भावनात्मक वापसी है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि चाहे लोग दुनिया के किसी भी कोने में क्यों न बस जाएं, अपनी मातृभूमि और संस्कृति से जुड़ाव हमेशा बना रहता है।

मासूमों की चीखों पर न्याय की मुहर: बांदा कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला

दरिंदगी से दंड तक की पूरी कहानी
बांदा… एक शांत शहर, जहां जिंदगी सामान्य रफ्तार से चलती रही। लेकिन इसी शहर के भीतर एक ऐसा काला सच पल रहा था, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया।
सिंचाई विभाग का एक निलंबित जूनियर इंजीनियर — रामभवन। बाहर से सामान्य जीवन, भीतर घिनौनी साजिश। उसके साथ उसकी पत्नी दुर्गावती। दोनों पर आरोप लगा कि उन्होंने 34 मासूम बच्चों को अपने जाल में फंसाया। भरोसे का रिश्ता बनाया… और फिर उसी भरोसे को तोड़ते हुए उनका यौन शोषण किया।
जांच में सामने आया कि बच्चों के साथ न सिर्फ शारीरिक अत्याचार हुआ, बल्कि उनकी अश्लील तस्वीरें और वीडियो भी तैयार किए गए। ये सामग्री डिजिटल माध्यमों से साझा की गई। हर नई जानकारी ने केस को और भयावह बना दिया।
जांच की परतें खुलती गईं
शुरुआत एक डिजिटल सुराग से हुई। साइबर ट्रेल ने पुलिस को उन उपकरणों तक पहुंचाया, जिनमें आपत्तिजनक सामग्री संग्रहीत थी। ई-मेल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों ने आरोपों को मजबूत किया।
जांच एजेंसियों ने कई जिलों में फैले नेटवर्क की कड़ियां जोड़ीं। एक तीसरे आरोपी का नाम भी सामने आया, जो दिल्ली से जुड़ा बताया गया। उसकी फाइल अदालत ने अलग कर दी है।
अदालत में फैसला
विशेष पॉक्सो अदालत के न्यायाधीश प्रदीप कुमार मिश्रा ने 163 पन्नों के विस्तृत फैसले में इस अपराध को “जघन्यतम” करार दिया।
अदालत ने कहा:
“यह मामला समाज की आत्मा को झकझोर देने वाला है। मासूमों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है।”
कोर्ट ने इसे ‘रेयरेस्ट ऑफ द रेयर’ श्रेणी में रखते हुए दोनों दोषियों को फांसी की सजा सुनाई।
जमानत और फिर जेल
दुर्गावती को पहले हाईकोर्ट से जमानत मिली थी, लेकिन दोष सिद्ध होने के बाद उसे दोबारा गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। सजा सुनाए जाने के बाद दोनों अभियुक्तों को कड़ी सुरक्षा में जेल ले जाया गया।
समाज के लिए संदेश
यह फैसला सिर्फ दो दोषियों की सजा नहीं, बल्कि उन सभी के लिए चेतावनी है जो बच्चों के खिलाफ अपराध करने की सोचते हैं।
बाल सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के दुरुपयोग के इस दौर में अभिभावकों और समाज दोनों को सजग रहने की जरूरत है।

समूहिक विवाह से नाम कटा, समाधान दिवस में गूंजा मामला

सिद्धार्थनगर |
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना को लेकर सिद्धार्थनगर के बांसी तहसील में उस समय हलचल मच गई, जब मिठवल ब्लॉक के ग्राम पंचायत दुभरा से दूल्हा-दुल्हन पक्ष के परिजन समाधान दिवस में पहुंचकर न्याय की गुहार लगाने लगे।
परिजनों का आरोप है कि उनकी पुत्री का नाम लाभार्थी सूची से अचानक काट दिया गया और उसे अपात्र घोषित कर दिया गया। उनका कहना है कि केवल सगाई की रस्म हुई थी, आर्थिक तंगी के कारण विवाह संपन्न नहीं हो पाया था। इसी आधार पर सामूहिक विवाह योजना में आवेदन किया गया था। अंतिम समय में नाम कटने की सूचना से परिवार स्तब्ध रह गया।
मामले को गंभीरता से लेते हुए एडीएम (न्यायिक) ज्ञान प्रकाश ने तत्काल जांच टीम गठित कर एक घंटे में रिपोर्ट तलब कर ली। उन्होंने आश्वस्त किया कि जांच के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
वहीं 22 फरवरी को प्रस्तावित सामूहिक विवाह कार्यक्रम को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है।
कार्यक्रम स्थल रतन सेन डिग्री कॉलेज, बांसी का निरीक्षण जय प्रताप सिंह, शिवशरणप्पा जीएन और डॉ. अभिषेक महाजन ने किया। अधिकारियों ने यातायात, पार्किंग, महिला सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, वीआईपी मार्ग और आपातकालीन निकास व्यवस्था को लेकर जरूरी निर्देश दिए।
बड़ा सवाल
क्या पात्रता जांच में कोई चूक हुई?
या नियमों के तहत लिया गया फैसला सही है?
क्या जांच के बाद परिवार को राहत मिलेगी?
FT News Digital इस पूरे मामले पर संतुलित और तथ्यात्मक नजर बनाए हुए है। हमारा उद्देश्य जनहित में सच्चाई सामने लाना है— बिना किसी पक्षपात के।

फर्जी डिग्री, जेल और वेतन का खेल? रिटायर्ड शिक्षक पर दोहरी जांच से मचा हड़कंप

सिद्धार्थनगर | विशेष रिपोर्ट |
सिद्धार्थनगर जनपद में शिक्षा विभाग से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें खेसरहा ब्लॉक के कछार क्षेत्र स्थित एक पूर्व माध्यमिक विद्यालय में तैनात रहे सेवानिवृत्त सहायक अध्यापक पर दो बड़े आरोप लगे हैं—पहला, फर्जी बीएड डिग्री व अंकपत्र के आधार पर नौकरी प्राप्त करना; दूसरा, जेल में निरुद्ध रहने के दौरान भी विद्यालय से वेतन लेना।
(कानूनी कारणों से शिक्षक का नाम प्रकाशित नहीं किया जा रहा है।)
🧾 मामला कैसे खुला?
ग्राम झुड़िया बुजुर्ग निवासी एक शिकायतकर्ता द्वारा जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया कि संबंधित शिक्षक के शैक्षिक प्रमाणपत्रों में पहले भी गंभीर अनियमितताएं पाई गई थीं।
बताया जाता है कि डिग्री सत्यापन के दौरान दस्तावेजों पर सवाल खड़े हुए, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और शिक्षक को एक प्रकरण में जेल भी जाना पड़ा था।
अब सवाल यह उठ रहा है कि जिस अवधि में वह जेल में निरुद्ध थे, उस दौरान विद्यालय की उपस्थिति पंजिका और वेतन आहरण कैसे जारी रहा?
वेतन आहरण पर गंभीर प्रश्न
शिकायत में दावा किया गया है कि निरुद्ध अवधि के दौरान भी संबंधित शिक्षक के खाते में वेतन का भुगतान हुआ। यदि जांच में यह तथ्य सही पाया जाता है, तो यह न केवल सेवा नियमों का उल्लंघन होगा बल्कि सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला भी बन सकता है।
प्रशासन ने क्या किया?
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी Shivsharanappa GN ने तत्काल दो सदस्यीय जांच टीम गठित की है।
टीम में संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों को शामिल किया गया है। जांच टीम ने विद्यालय के प्रधानाचार्य से निम्न अभिलेख तलब किए हैं—
नियुक्ति से जुड़े दस्तावेज
बीएड डिग्री व अंकपत्र की प्रमाणित प्रतियां
उपस्थिति पंजिका
वेतन भुगतान रजिस्टर
जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी।
संभावित कार्रवाई क्या हो सकती है?
यदि आरोप प्रमाणित होते हैं, तो—
अवैध रूप से आहरित वेतन की वसूली
फर्जी दस्तावेज पर नौकरी का आपराधिक मामला
विभागीय दंडात्मक कार्रवाई
जैसे कदम उठाए जा सकते हैं।
बड़ा सवाल
क्या वर्षों तक सिस्टम में खामियों का फायदा उठाया गया?
क्या जेल अवधि में वेतन निर्गत होना विभागीय लापरवाही का परिणाम है?
इन तमाम बिंदुओं की जांच अब प्रशासनिक स्तर पर की जा रही है। अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगा।
संक्षेप
खेसरहा ब्लॉक के विद्यालय से जुड़ा मामला
फर्जी बीएड डिग्री का आरोप
पूर्व में जेल निरुद्ध रहने की बात
जेल अवधि में वेतन लेने का दावा
डीएम द्वारा दो सदस्यीय जांच टीम गठित
रिपोर्ट आने के बाद तय होगी कार्रवाई

बरात की खुशियां मातम में बदलीं: 17 वर्षीय शनि निषाद की दर्दनाक मौत, अज्ञात वाहन बन गया काल

तुलसियापुर/शोहरतगढ़।
थाना क्षेत्र शोहरतगढ़ में शुक्रवार रात एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। बरात में शामिल होने गए 17 वर्षीय किशोर शनि निषाद की अज्ञात चार पहिया वाहन की टक्कर से मौत हो गई। खुशियों के बीच गया मासूम घर लौट नहीं सका।
मिली जानकारी के अनुसार, थाना क्षेत्र के रमवापुर तिवारी निवासी शनि निषाद (17), पुत्र मुकेश निषाद, शुक्रवार रात करीब 10:30 बजे रोमनदेई गांव में एक बरात में शामिल होने गए थे। बरात स्थल के पास सड़क किनारे खड़े शनि को तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि शनि गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े।
स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से उन्हें तुरंत शोहरतगढ़ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत नाजुक देख डॉक्टरों ने जिला मुख्यालय के एक निजी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था — इलाज के दौरान किशोर ने दम तोड़ दिया।
परिवार में टूटा कहर
शनि अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था और दो बहनों का इकलौता भाई। बेटे की मौत की खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया। पूरे गांव में मातम पसरा है।
जांच के घेरे में हादसा
हादसे के बाद अज्ञात वाहन मौके से फरार हो गया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आसपास के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं। सवाल यह है कि आखिर वह वाहन चालक कौन था, जिसने एक परिवार की खुशियां छीन लीं?

22 फरवरी को वोटर महाअभियान: बूथ पर पहुंचे, तुरंत जुड़वाएं अपना नाम

सिद्धार्थनगर। जनपद में 22 फरवरी 2026 को विशेष अभियान दिवस, भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर आयोजित किया जाएगा। इस दिन सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक सभी मतदेय स्थलों पर बूथ लेवल अधिकारी (BLO) मतदाता सूची के साथ उपस्थित रहेंगे। अर्हता तिथि 01 जनवरी 2026 के आधार पर विधानसभा निर्वाचक नामावली का विशेष गहन पुनरीक्षण किया जाएगा।

हर बूथ पर मौजूद रहेंगे बीएलओ

जिला निर्वाचन अधिकारी के निर्देशानुसार जनपद के सभी मतदान केंद्रों पर बीएलओ निर्धारित समय पर उपलब्ध रहेंगे। उनके पास 06 जनवरी 2026 को प्रकाशित आलेख्य मतदाता सूची के साथ-साथ फार्म 6, 6ए, 7 और 8 पर्याप्त संख्या में उपलब्ध रहेंगे, ताकि मौके पर ही आवेदन किया जा सके।

नया नाम जुड़वाना है? ये है आसान तरीका

यदि आपका या आपके परिवार के किसी सदस्य का नाम अभी तक मतदाता सूची में दर्ज नहीं है और 01 जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके हैं, तो फार्म-6 भरकर बीएलओ को जमा करें।

अब प्रक्रिया और भी आसान हो गई 

ऑनलाइन आवेदन के लिए आप ECINET मोबाइल ऐप या आधिकारिक पोर्टल voters.eci.gov.in पर भी आवेदन कर सकते हैं।

नाम, पता या अन्य त्रुटि में सुधार? भरें फार्म-8

यदि मतदाता सूची में आपकी प्रविष्टि में किसी प्रकार की त्रुटि है—जैसे नाम, आयु, पता आदि—तो फार्म-8 के माध्यम से सुधार कराया जा सकता है।

हेल्प डेस्क और जनप्रतिनिधियों का सहयोग

विशेष अभियान दिवस पर प्रत्येक मतदान केंद्र पर हेल्प डेस्क की व्यवस्था की जाएगी, जहां फार्म भरने में सहायता दी जाएगी।

मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों के बीएलए (BLA), ग्राम प्रधान, सभासद और स्वयंसेवकों से भी नियमानुसार सहयोग लिया जाएगा।

साथ ही, उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और अन्य अधिकारी अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में भ्रमणशील रहकर अभियान की मॉनिटरिंग करेंगे।

प्रशासन की अपील: अपने बूथ पर जरूर जाएं

उप जिला निर्वाचन अधिकारी गौरव श्रीवास्तव ने सभी नागरिकों से अपील की है कि 22 फरवरी 2026 को अपने-अपने बूथ पर पहुंचकर 06 जनवरी 2026 को प्रकाशित मतदाता सूची में अपना और परिवार के सदस्यों का नाम अवश्य जांच लें।

लोकतंत्र की मजबूती आपकी भागीदारी से ही संभव है।

एक सही मतदाता सूची, एक सशक्त लोकतंत्र की नींव है।

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